Essay on Internet in Hindi, हिंदी में इंटरनेट पर निबंध

Essay on Internet in Hindi Language | इंटरनेट पर निबंध कक्षा 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 and 12.

Essay on Internet in Hindi – इंटरनेट पर निबंध – इस लेख में हम आपको इंटरनेट के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देने का प्रयास करेंगे। आज के आधुनिक युग में अधिकतर काम इंटरनेट के माध्यम से करना बहुत ही आसान व् सुविधाजनक हो गया है। अतः इंटरनेट के बारे में सभी को सम्पूर्ण जानकारी होनी चाहिए। इंटरनेट की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए हमने इस निबंध में अधिक-से-अधिक जानकारियों को जुटाने का प्रयास किया है। आशा करते हैं कि हमारे द्वारा दी गई जानकारी आपके लिए सहायक सिद्ध होगी।

 

  1. सामग्री – (Content)
  2. प्रस्तावना
  3. इंटरनेट का अर्थ
  4. इंटरनेट का इतिहास एवं आविष्कार
  5. इंटरनेट से सम्बद्धत्ता के स्तर
  6. इंटरनेट का महत्त्व
  7. इंटरनेट का उपयोग
  8. इंटरनेट के लाभ
  9. इंटरनेट की हानियाँ
  10. उपसंहार

 

प्रस्तावना
‘इंटरनेट’ शब्द को आज सभी लोग जानते हैं। बच्चे हों या बड़े सभी लोग इसका प्रयोग करना अच्छी तरह से जानते हैं। अगर सही अर्थों में देखा जाए तो आज इंटरनेट हम सभी के लिए जीने की वजह बन चुका है। इंटरनेट ने आज हमारी बहुत सी मुश्किलों को आसान कर दिया है जिसकी वजह से हमें हर काम बहुत आसान लगता है।
100 साल पहले किसी ने भी यह नहीं सोचा होगा कि इंसान खुद ही किसी ऐसी चीज़ की रचना कर देगा, जिससे दुनिया की तमाम सारी जानकारी एक ही स्थान पर बहुत ही आसानी से मिल जाएगी और दुनिया के लगभग सभी देश आपस में जुड़े होंगे।.
इंटरनेट हमारे आज के जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण हो गया है। आज के समय में इंटरनेट दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे लोकप्रिय नेटवर्क बन चुका है। इंटरनेट को आधुनिक और उच्च तकनीकी विज्ञान का आविष्कार भी माना जाता है। दुनिया भर के सभी नेटवर्क इंटरनेट से जुड़े हुए हैं इस तरह से हम इसे नेटवर्कों का नेटवर्क भी कह सकते हैं।

 

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इंटरनेट का अर्थ

इंटरनेट आई. टी. के क्षेत्र में क्रांति लाने वाला विश्व का सबसे बलशाली और सबसे बड़ा नेटवर्क है। इसे संक्षिप्त में नेट भी कहा जाता है क्योंकि इंटरनेट एक दूसरे से जुड़े बहुत सारे कम्प्यूटरों का जाल है जो कि उपग्रहों, केवल तंतु प्रणालियों, एल.ए.एन, और वी.ए.एन प्रणालियों तथा टेलीफोनों के जरिए सम्पूर्ण विश्व के करोड़ों कम्प्यूटर्स एवं उपनेटवर्क्स को आपस में जोड़ता है।
दूसरे शब्दों में कहे तो संसाधनों को साँझा करने अथवा सूचनाओं का आदान प्रदान करने के लिए टी.सी.पी/आई.पी प्रोटोकॉल के द्वारा दो अथवा कई कम्प्यूटर्स को एक साथ जोड़कर अंत:सम्बन्ध स्थापित करने की प्रक्रिया को इंटरनेट कहते हैं तथा इनके बीच की साँझा करने की प्रकिया को कंप्यूटर नेटवर्क्स कहते है। कंप्यूटर नेटवर्क्स के अनेकों रूप हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख है एल.ए.एन, इंटरनेट एवं इंट्रानेट।

 

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इंटरनेट का इतिहास एवं आविष्कार

पहले के समय में जब लोगों के पास इंटरनेट की सुविधा नही थी, तो उन्हें कई प्रकार के सामान्य कार्यों के लिये भी कई घंटों तक लाइनों में लगे रहना पड़ता था जैसे रेलवे का टिकट लेने, बिजली का बिल जमा करने तथा आवेदन पत्र जमा करने जैसे कार्यों के लिए काफी दिकक्तों का सामना करना पड़ता था। लेकिन आधुनिक समय में लोग बस एक क्लिक से टिकट की बुकिंग कर सकते हैं, साथ ही एक सॉफ्ट कॉपी अपने मोबाईल फोन में भी रख सकते हैं।
इंटरनेट अपने आप में कोई अविष्कार नहीं है। इंटरनेट टेलीफोन, कंप्यूटर व दूसरी तकनीक को इस्तेमाल करके बनाया गया एक ऐसा जाल है जिसमें सूचना व तकनीक का साँझा  उपयोग किया गया है।
1969 में टिम बर्नर्स ली ने इंटरनेट का आविष्कार किया। इसे सबसे पहले सन् 1969 में अमेरिका के प्रतिरक्षा विभाग द्वारा एडवांस रिसर्च प्रोजेक्ट एजेंसी नेटवर्क के गुप्त आंकड़ों और सूचनाओं को दूर दराज़ के विभिन्न राज्यों तक भेजने व प्राप्त करने में लाया गया था। हमारे भारत देश में इंटरनेट 1980 के दशक में आया था।
इंटरनेट के सुगम इस्तेमाल को एप्पल नाम की कंपनी ने सन् 1984 में कंप्यूटर में फाइल फोल्डर और ग्राफिक्स का इस्तेमाल किया जिसके कारण आज इंटरनेट चलाना बहुत आसान है अगर एप्पल कंपनी नहीं होती तो आज भी हमें कोडिंग करके ही इंटरनेट का इस्तेमाल करना पड़ता।
कंप्यूटर का विकास होने के बाद उनमें जमा आंकड़ों और सूचनाओं के आदान-प्रदान की आवश्यकता अनुभव की गयी और इसी अनुभव ने विभिन्न विश्वविद्यालयों, सरकार द्वार प्रायोजित कंप्यूटर नेटवर्क तथा शोध व शिक्षा के लिए इंटरनेट का विकास किया गया। धीरे-धीरे इंटरनेट के विकास के साथ इसके फायदे और महत्त्व हर क्षेत्र में दिखाई देने लगे और यह तकनीक पूरी दुनिया में इंटरनेट क्रांति के रूप में फैल गया।
इंटरनेट की दुनिया में, यह कोई ज़रुरी नहीं है कि कोई व्यक्ति अपने व्यापारिक या निजी मुलाकात के लिए घंटों यात्रा करके किसी स्थान पर जाए। आज के समय में हम वीडियों कॉन्फ्रेंस, कॉलिंग, स्काईप या दूसरे तरीकों से अपनी जगह पर रह कर ही किसी भी व्यापारिक या निजी बैठक का हिस्सा बन सकते हैं।
इंटरनेट के प्रारंभिक चरण में इसकी स्पीड के.बी.पी.एस में होती थी, फिर धीरे-धीरे एम.बी.पी.एस और अब जी.बी.पी.एस में इसकी स्पीड होती है, जो की बहुत तेज़ी से सूचनाओं का आदान-प्रदान करने में काम करती है।

 

इंटरनेट से सम्बद्धत्ता के स्तर

इंटरनेट को देखने और उससे सूचना एकत्रित करने के कार्य को सर्फिंग (Surfing) कहते है। वैसे तो सर्फिंग करने का तरीका कठिन नहीं है परन्तु सूचनाएँ इंटरनेट पर प्रविष्ट करने के लिए सॉफ्टवेयर बनाने की आवश्यकता होती है, लेकिन सॉफ्टवेयर बनाना काफी कठिन कार्य है।
इंटरनेट की अपनी एक दुनिया है और इस दुनिया से सम्बद्धता (Connectivity) करने के तीन स्तर होते हैं।
प्रथम स्तर पर उपभोक्ता केवल इंटरनेट पर सूचनाएँ या जानकारी देख सकता है।
द्वितीय स्तर पर उपभोक्ता इंटरनेट का एक आंशिक भाग बन जाता है और सूचनायें एकत्रित करने के अलावा वह अपनी वेबसाइट भी बना सकता है।
तृतीय स्तर पर उपभोक्ता स्वयं इंटरनेट प्रणाली का मुख्य हिस्सा बन जाता है।

 

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इंटरनेट का महत्त्व

(i) मेट्रो, रेलवे, व्यापारिक उद्योग, दुकान, स्कूल, कॉलेज, शिक्षण संस्थान, एनजीओ, विश्वविद्यालय, कार्यालय (सरकारी तथा गैर-सरकारी) में हर डाटा को कंप्यूटरीकृत करके बड़े स्तर पर कागज़ और कागज़ी कार्यों से बचा जा सकता है, ऐसा करने से कार्यों में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
(ii) इंटरनेट मनुष्य को विज्ञान द्वारा दिया गया एक सर्वश्रेष्ठ उपहार है। इंटरनेट अनंत संभावनाओं का साधन है। इंटरनेट के माध्यम से हम कोई भी सूचना, चित्र, वीडियो आदि दुनिया के किसी भी कोने से किसी भी कोने तक पल भर में भेज सकते हैं। इंटरनेट के माध्यम से हम ई-मेल भेज सकते हैं और प्राप्त भी कर सकते हैं।
(iii) यह संदेश भेजने का और प्राप्त करने का सबसे सरल और सस्ता साधन है। इंटरनेट के माध्यम से हम दुनिया के किसी भी कोने में बैठे हुए अपने दोस्त अथवा संबंधियों से बात कर सकते हैं। इसे इंटरनेट चैटिंग कहते हैं जिसकी वजह से फेसबुक और वाट्सएप बहुत अधिक प्रसिद्ध हो रहे हैं।
(iv) इंटरनेट के माध्यम से हम अपने विचारों और वस्तुओं का पूरी दुनिया में प्रचार कर सकते हैं। यह विज्ञापन का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम है।
(v) इंटरनेट के माध्यम से हम व्यापार भी कर सकते हैं और अपनी वस्तुओं और सेवाओं का क्रय-विक्रय भी कर सकते हैं। इसका सबसे बड़ा साधन वेबसाईट है।
(vi) इंटरनेट के माध्यम से हम नौकरी अथवा रोज़गार पाने के लिए अपना बायोडाटा भी इंटरनेट पर डाल सकते हैं।
(vii) वास्तव में इंटरनेट एक सार्वजनिक सुविधा है और कोई भी इसका उपयोग कर सकता है। आज मानव की सफलता के पीछे इंटरनेट का बहुत बड़ा योगदान है।
(viii) इसके माध्यम से एक जगह से पूरे विश्व के बारे में समय-समय पर खबर जाना जा सकता है। ढ़ेर सारी जानकारियों को जमा करने में ये बहुत दक्ष और प्रभावकारी है चाहे वो किसी भी विषय से संदर्भित हो चंद सेकेंड में ही उपलब्ध हो जाएगा।
(ix) ये शिक्षा, यात्रा, और व्यापार में बहुत उपयोगी है। इसके द्वारा ऑनलाइन पब्लिक लाइब्रेरी, टेक्स्टबुक, तथा संबद्ध विषयों तक पहुँच आसान हुई है।

 

इंटरनेट का उपयोग

(i) इंटरनेट की सफलता की वजह इसकी विशेषता और उपयोगिता है। इसकी सुगमता और उपयोगिता की वजह से, ये हर जगह इस्तेमाल होता है जैसे- कार्यस्थल, स्कूल, कॉलेज, बैंक, शिक्षण संस्थान, प्रशिक्षण केन्द्रों पर, दुकान, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, रेस्टोरेंट, मॉल इत्यादि।
(ii) प्रत्येक घर पर हर एक सदस्यों के द्वारा अलग-अलग उद्देश्यों के लिये। जैसे ही हम अपने इंटरनेट सेवा प्रदाता को इसके कनेक्शन के लिये पैसे देते है उसी समय से हम इसका प्रयोग दुनिया के किसी भी कोने से एक हफ्ते या उससे ज्यादा समय के लिए कर सकते हैं। ये हमारे इंटरनेट प्लान पर निर्भर करता है।
(iii) आज के अत्याधुनिक वैज्ञानिक युग में कंप्यूटर हमारे जीवन का मुख्य भाग बन गया है। इसके अभाव में आज हम अपने जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते। आज हम अपने रूम या ऑफिस में बैठे-बैठे देश-विदेश-जहाँ भी चाहें इंटरनेट द्वारा अपना संदेश भेज सकते हैं।
(iv) वर्तमान में दुनिया का ऐसा कोई भी क्षेत्र नहीं है जहां पर इंटरनेट का उपयोग नहीं किया जा रहा हो। इंटरनेट सूचनाओं का भंडार है इसलिए यहां पर आपको हर प्रकार की सूचना जैसे – अंतरिक्ष, मौसम, तकनीक, दवाई, रोज़गार, शिक्षा, व्यवसाय, पत्रिका, अखबार, समाचार, साहित्य, खेल, तत्कालीन घटनाएँ, राजनीति इत्यादि अनेक प्रकार के विषयों के बारे में जानकारी उपलब्ध हो जाती है।
(v) इंटरनेट का उपयोग हम ईमेल भेजने, वीडियो, चैटिंग, नेट सर्फिंग, बिल जमा कराने, टिकट बुक कराने, शॉपिंग करने के लिए, सूचनाएं बेचने और प्रदान करने के लिए, नौकरी खोजने और प्रदान करने के लिए, विज्ञापन करने के लिए, सीधे अपने ग्राहकों तक पहुंचने के लिए, मनोरंजन इत्यादि सभी कार्य करने के लिए करते है।
(vi) वर्तमान में तो बच्चों की शिक्षा और उनके खेलने के लिए गेम्स भी इंटरनेट पर उपलब्ध है।
(vii) विज्ञान के क्षेत्र में भी इंटरनेट ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इंटरनेट की सहायता से वैज्ञानिक एक दूसरे से जुड़कर नए नए आविष्कारों को अंजाम दे पाए है और अंतरिक्ष में घटने वाली घटनाओं की सूचना भी इंटरनेट के माध्यम से सभी को प्रदान की हैं।
(viii) इसके कारण शिक्षा के क्षेत्र में तो बहुत अधिक बदलाव आया है क्योंकि पिछड़े हुए क्षेत्रों में इंटरनेट की उपलब्धता के कारण वहां के विद्यार्थियों को उत्तम शिक्षा मिल रही है, जिससे रोज़गार में वृद्धि हो रही है और देश की तरक्की भी तेजी से हो रही है।
(ix) इसका अथाह ज्ञान, सूचना, जानकारी इसके संचालन के उपयोग को और अधिक बढ़ा देता है। इसकी इसी विशेषता के कारण उपयोगकर्ताओं की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।

 

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इंटरनेट के लाभ

(i) इंटरनेट की सहायता से हम किसी भी प्रकार की जानकारी और किसी भी सवाल का हल कुछ ही पलों में प्राप्त कर सकते हैं।
(ii) इंटरनेट के माध्यम से दुनिया के किसी भी कोने में बैठे किसी भी व्यक्ति से बिना शुल्क के घंटों तक बातें कर सकते हैं।
(iii) इंटरनेट एक वर्ल्ड वाइड वेब है, जिसकी सहायता से हम दुनिया के किसी भी कोने में अपनी मेल या जरूरी दस्तावेजों को पलक झपकते ही भेज सकते हैं और प्राप्त कर सकते हैं।
(iv) इंटरनेट मनोरंजन का एक बहुत अच्छा माध्यम है। इंटरनेट के माध्यम से संगीत, गेम्स, फिल्म आदि को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के डाऊनलोड कर सकते हैं और अपनी बोरियत को दूर कर सकते हैं।
(v) इंटरनेट की सहायता से बिजली, पानी और टेलीफोन के बिल का भुगतान घर पर बैठे बिना किसी परेशानी के और बिना लंबी लाईनों में खड़े हुए किया जा सकता है। इंटरनेट से हमें घर बैठे रेलवे टिकेट बुकिंग, होटल रिसर्वेशन, ऑनलाइन शौपिंग, ऑनलाइन पढाई, ऑनलाइन बैंकिंग, नौकरी, खोज आदि सुविधाएँ मिल जाती हैं।
(vi) इंटरनेट के माध्यम से होने वाले वित्तीय एवं वाणिज्यिक प्रयोगों ने बाजार की अभिधाराणाओं को एक नई रूप रेखा प्रदान की है।
(vii) सोशल नेवर्किंग साइट्स के माध्यम से हम नए-नए दोस्त बना सकते हैं जिससे हमें बहुत कुछ नया सीखने को मिलता है।
(viii) सोशल नेवर्किंग साइट्स के माध्यम से हम किसी भी खबर को एक ही पल में एक ही शेयर से बहुत सारे लोगों तक पहुंचा सकते हैं।
(ix) जो लोग किसी समस्या की वजह से रेगुलर क्लास लगाकर नहीं पढ़ सकते उनके लिए इंटरनेट क्रांतिकारी बदलाव लाया है। आज के समय में ऑनलाइन क्लासेस के माध्यम से कोई भी व्यक्ति घर पर ही पढकर परीक्षा दे सकता है।
(x) सुयोग्य वर-वधु की तलाश को भी इंटरनेट ने आसान कर दिया है। इंटरनेट पर ऐसी बहुत सी मैट्रीमोनी साइट्स है जिन पर आप अपनी पसंद के जीवन-साथी की तलाश कर सकते हैं।
(xi) जो लोग पार्ट टाइम जॉब करके पैसा कमाना चाहते हैं उनके लिए भी इंटरनेट एक वरदान के समान है। आज के समय में बहुत सारी ऑनलाइन जॉब्स उपलब्ध हैं जिससे घर बैठे ही पैसा कमाया जा सकता है।
(xii) कुकिंग सीखने के लिए भी अब कोई कुकिंग क्लासेज में पैसा बर्बाद करने की जरूरत नहीं है। आपको जो भी सीखना हो वो आप यू-ट्यूब पर लाइव देखकर सीख सकते हैं।
(xiii) इंटरनेट सेवा के माध्यम से अब ई कॉमर्स और ई बाजार कर बढ़ते चलन ने सेवा प्रदाताओं और उपभोक्ताओं के बीच की दूरी को मिटा दिया है।
(xiv) इंटरनेट एक-दूसरे से जोड़ने में मदद करता है। आज के समय में इंटरनेट पर ऐसे बहुत से माध्यम मौजूद हैं जिनकी सहायता से हम एक-दूसरे से जुड़े रह सकते हैं। इससे हमें किसी के दूर होने का अहसास नहीं होता है।
(xv) इंटरनेट हमारी पढाई में भी बहुत मदद करता है। आज के समय में बाजार में किताबें बहुत ही महंगी आती हैं और प्रत्येक व्यक्ति उन्हें खरीद नहीं सकता है। आप उन्हें इंटरनेट की सहायता से पढ़ सकते हैं और डाऊनलोड भी कर सकते हैं।

 

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इंटरनेट की हानियाँ

इंटरनेट का उपयोग लेना लाभप्रद है लेकिन इसका अत्यधिक उपयोग करना नुकसानदायक भी हो सकता है। क्योंकि जहाँ लाभ होता है वहाँ हानि भी छुपी होती है। लाभ और हानि एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।

(i) इंटरनेट पर सुविधा की वजह से व्यक्तिगत जानकारी की चोरी बढ़ गई है, जैसे- क्रेडिट कार्ड नंबर, बैंक कार्ड नंबर आदि।
(ii) आज के समय में इंटरनेट का प्रयोग जासूसों के द्वारा देश की सुरक्षा व्यवस्था को भेदने के लिए किया जाने लगा है जो कि सुरक्षा दृष्टि से खतरनाक है। आज के समय में गोपनीय दस्तावेजों की चोरी भी होने लगी है।
(iii) गोपनीय दस्तावेजों की चोरी के लिए स्पामिंग का इस्तेमाल किया जाता है। यह एक अवांछनीय ई-मेल होती है जिसके माध्यम से गोपनीय दस्तावेजों की चोरी की जाती है।
(iv) इंटरनेट से रेलवे टिकेट बुकिंग, होटल रिसर्वेशन, ऑनलाइन शॉपिंग, ऑनलाइन बैंकिंग, नौकरी की खोज आदि सुविधाएँ घर बैठे ही मिल जाती हैं लेकिन इससे पर्सनल जानकारी जैसे आपका नाम, पता और फोन नंबर का गलत उपयोग होने का खतरा भी बना रहता है।
(v) इंटरनेट के बढ़ते उपयोग की वजह से कैंसर की बीमारी होने लगी है। इंटरनेट के चलन की वजह से कुछ असामाजिक तत्व दूसरों के कंप्यूटर की कार्य प्रणाली को नुकसान पहुँचाने के लिए वायरस भी भेजते है।
(vi) जो व्यक्ति एक बार इंटरनेट का प्रयोग कर लेता है, उसे इसकी आदत हो जाती है और फिर उसका एक दिन भी इंटरनेट के बिना गुजारना मुश्किल हो जाता है।
(vii) इंटरनेट पर पोरोनोग्रफी साईट पर अत्यधिक मात्रा में अश्लील सामग्री विद्यमान है। जिसका बुरा प्रभाव सबसे अधिक बच्चों पर और युवा पीढ़ी पर पड़ा है।
(viii) पोरोनोग्रफी साइट्स को देखकर लोग गलत रास्ते की ओर बढ़ रहे हैं और अपराध की तरफ अग्रसर हो रहे हैं। इस प्रकार की अश्लील सामग्री इंटरनेट पर डालने वाले लोग बहुत अच्छी आमदनी कमा रहे हैं। यह हमारे समाज के लिए जहर की तरह है जिसके खतरनाक परिणामों को हम हर रोज़ देखते हैं। इसलिए इस प्रकार की सामग्री इंटरनेट पर डालने से रोकने के लिए सख्त नियम बनाने चाहिए।
(ix) इंटरनेट की वजह से सोशल साइट्स का चलन बढ़ गया है। अब लोग परिवार में बैठकर बातें करने की जगह पर अकेले रहना पसंद करते हैं। क्योंकि सोशल साइट्स पर ही उनकी एक अलग दुनिया बन गई है जिससे परिवार बिखरने लगे हैं।
(x) इंटरनेट पर तरह तरह की जानकारियां उपलब्ध रहती है जो कि अगर बच्चे देख, सुन और पढ़ ले तो उनके लिए हानिकारक हो सकती है।
(xi) आजकल प्रत्येक व्यक्ति के पर्सनल और प्रोफेशनल दस्तावेज़ इंटरनेट पर सेव रहते है, इसलिए इनके चोरी होने का खतरा भी बना रहता है क्योंकि इंटरनेट पर कई प्रकार की गलतियाँ होती रहती है जिससे या तो पासवर्ड लीक हो जाता है या फिर कंप्यूटर विशेषक द्वारा आपका कंप्यूटर हैक करके जानकारी दे दी जाती है, जिससे आपका भविष्य खराब हो सकता है।
(xii) इंटरनेट के अत्यधिक इस्तेमाल के कारण शारीरिक और मानसिक दुष्प्रभाव भी होने लगते है इसलिए हमेशा इंटरनेट को जरूरत के समय ही इस्तेमाल करना चाहिए।
(xiii) वर्तमान में ज्यादातर बच्चे और युवा लोग इंटरनेट पर ही समय व्यतीत करते हैं। आप अपने आसपास नजर घुमा कर देखिए बस स्टैंड पर दुकान पर घर पर खेल के मैदान में सभी जगह लोग मोबाइलों में इंटरनेट चलाते दिख जाएँगे। इससे उनका जरूरी कार्य रुक जाता है और समय का दुरुपयोग होता है।
(xiv) इंटरनेट का अत्यधिक इस्तेमाल करने से बच्चों में चिड़चिड़ापन होने लग जाता है क्योंकि इंटरनेट पर कई हिंसक गेम, वीडियो इत्यादि सामग्री उपलब्ध है जोकि चिड़चिड़ापन को बढ़ावा देती है।
(xv) इंटरनेट के माध्यम से कई गैर-कानूनी विधियां की जाती हैं जैसे गैर कानूनी माल की सप्लाई के लिए जानकारी देना, आतंकवादी गतिविधियों बढ़ाने के लिए आतंकवादी इंटरनेट का इस्तेमाल ही करते है और भी अनेक कार्य है जो कि गैर-कानूनी है और इंटरनेट पर छुपा कर किए जाते है।

 

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उपसंहार

इंटरनेट आज की दुनिया में हर किसी के जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इंटरनेट जानकारियों का समूह है जो दुनिया के सभी कंप्यूटरों से जानकारी प्राप्त करके हमें सर्च इंजन और अन्य वेबसाइटों की सहायता से सूचनाएँ प्रदान करता है। आजकल सरकारी, गैर-सरकारी कार्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों, हॉस्पिटलों, बैंक, छोटे से लेकर बड़े व्यापार में इंटरनेट का प्रयोग किया जाता है।
इंटरनेट के कारण दुनिया के प्रत्येक व्यक्ति को इससे लाभ पहुंचा है, लेकिन आज भी हमारे देश के कई ऐसे स्थान हैं जहाँ पर इंटरनेट पहुँच नहीं पाया है इसलिए प्रत्येक व्यक्ति तक इंटरनेट पहुँचना चाहिए। इंटरनेट का उपयोग मात्र मनोरंजन के लिए करना सही नहीं है क्योंकि इंटरनेट से हम कई प्रकार के ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं और विश्व को एक नए स्तर पर ले जा सकते हैं।
इंटरनेट का उपयोग राष्ट्र के विकास के लिए करना चाहिए ना कि इसे बेकार की चीजों में उपयोग करके अपने समय को बर्बाद करना चाहिए। इंटरनेट विज्ञान का सबसे महत्वपूर्ण आविष्कार है। इस के आविष्कार के बाद विज्ञान को जैसे पंख ही लग गए है। इससे दुनिया के हर क्षेत्र में विस्तार हुआ है इंटरनेट का उपयोग अगर सही काम के लिए किया जाए तो यह बहुत ही अच्छा है।
लेकिन इसका दुरुपयोग किया जाए तो इसके बहुत गंभीर परिणाम हो सकते है इसलिए इंटरनेट को हमेशा सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करना चाहिए। इंटरनेट की सहायता से हम लोग विश्व की किसी प्रकार की भी जानकारी मात्र चंद सेकेंडों में प्राप्त कर सकते हैं। वास्तव में इंटरनेट ने मानव इतिहास में एक क्रांतिकारी परिवर्तन लाने का कार्य किया है

 

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