भारत के प्रमुख त्योहार पर निबंध
 

Hindi Essay Writing – भारत के प्रमुख त्योहार Major Festivals of India 

 
भारत के प्रमुख त्योहार पर निबंध  –त्योहार कितने प्रकार के होते हैं? भारत का सबसे लोकप्रिय त्यौहार कौन सा है के बारे में जानेगे |


 

भारत त्योहारों का देश है। यहां हर वर्ष, हर माह, हर राज्य में तिथि अनुसार कई तरह के त्यौहार मनाए जाते हैं। भारत में मनाए जाने वाले हर त्योहार के पीछे कोई ना कोई ऐतिहासिक कहानी होती है। जिसमें झलक होती है हमारे देश की सांस्कृतिक विरासत की। जो पीढ़ियों से हमारे देश में मनाए जा रहे हैं । हर त्यौहार की अपनी एक खासियत है और एक धार्मिक महत्व। हमारे देश में विभिन्न धर्मों और जातियों के लोग रहते हैं और उनके विविध कर्म संस्कार होते हैं। वह अपने कर्म और संस्कारों को समय-समय पर विशेष रूप से प्रकट करते रहते हैं, इन रूपों को हम आए दिन बड़े आयोजनों के रूप में देखा करते हैं। इस प्रकार हर धर्म में, कोई ना कोई उत्सव मनाए जाने की परंपरा है। जिन्हें हम बरसों से मनाते आ रहे हैं क्योंकि ये त्यौहार, हमारे देश की संस्कृति, रीति-रिवाज और परंपराओं के प्रतीक हैं। विश्व में सबसे ज्यादा त्यौहार हमारे देश में ही मनाया जाते हैं। 

 

 

त्यौहार 

 

त्यौहार का शाब्दिक अर्थ है प्रति वर्ष किसी निश्चित तिथि को मनाया जाने वाला कोई धार्मिक या सांस्कृतिक उत्सव। भारत में कई प्रकार के विभिन्न धर्मों के त्योहार मनाए जाते हैं जिन्हें हम तीन भागों में बांट सकते हैं –

  • धार्मिक त्योहार 
  • राष्ट्रीय त्योहार
  • मौसमी त्यौहार 

 

धार्मिक त्यौहार

 

धार्मिक त्योहारों के अंतर्गत किसी विशेष धर्म के त्योहार आते हैं। जिनमें देवी-देवताओं या किसी पौराणिक कहानी के मान्यता अनुसार ये त्यौहार मनाया जाते हैं। जैसे – दीपावली, होली, रक्षाबंधन, दशहरा, बसंत पंचमी, बुद्ध पूर्णिमा क्रिसमस, ईद आदि।

 

दीपावली  

 

  • दीपावली यानी दीपो का त्यौहार। यह भारत में मनाए जाने वाले प्रमुख त्यौहार में सबसे बड़ा त्यौहार है। इसे मनाए जाने के पीछे एक पौराणिक कहानी है। हिंदू धर्म के सबसे प्रमुख ग्रंथ रामायण के अनुसार इस दिन भगवान श्रीराम, चौदह वर्ष का वनवास पूरा करके अपने भाई लक्ष्मण और पत्नी सीता के साथ, भक्त हनुमान को लेकर सकुशल अयोध्या वापस लौटे थे।
  • माना जाता है कि राम जी के अयोध्या लौटने की खुशी में अयोध्यावासियों ने पूरी नगरी को साफ सुथरा कर फूलों से सजाया था और घी के दीपक जलाए थे।
  • हिंदू कैलेंडर अनुसार दीपावली, हर वर्ष कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मनाई जाती है।
  • यह कुल पांच दिनों का त्यौहार होता है जिसमे पहले दिन धनतेरस, दूसरे दिन नरक चतुर्दशी, तीसरा मुख्य दीपावली का दिन, चौथे दिन गोवर्धन पूजा ,और पांचवे दिन भाई दूज मानते है।
  • इसकी तैयारियां 10 दिन पहले से शुरू हो जाती है। लोग अपने घरों की रंगाई, पुताई और सफाई करने लगते है। माताएं, बहनें विभिन्न तरह के पकवान, मिष्ठान बनाती है और बच्चे पटाखे फोड़ते है। दिवाली की रात को मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है और घर के बाहर दीपक जलाए जाते है।
  • इस प्रकार दीपावली का यह त्यौहार हमें संदेश देता है कि आपस में प्रेम के साथ रहे, भाईचारे की भावना से मिलजुलकर कार्य करें और हमेशा सत्य का साथ दे क्योंकि अंत में विजय सत्य की ही होती है।  

 

होली  

  • रंगों का त्योहार होली भारत का दूसरा सबसे बड़ा त्यौहार है। पौराणिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु ने अपने भक्त प्रहलाद की रक्षा के लिए, राक्षसनी होलिका का दहन किया था। 
  • दरअसल होलीका को एक वरदान प्राप्त था कि अग्नि उसे जला नहीं सकती। और इसी का गलत फायदा उठा कर वह भगवान विष्णु के परम भक्त प्रहलाद की हत्या के लिए, उन्हें गोद में लेकर अग्निकुंड में बैठ गई किंतु जब भगवान विष्णु के भक्त पर आन पड़ी तो होलिका का यह वरदान विफल हो गया और विष्णु भक्त प्रहलाद अग्नि की लपटों से बच गए जबकि होलिका उसमें दहन हो गई। 
  •  इसी वजह से प्रतिवर्ष बुराई पर अच्छाई की विजय के उपलक्ष्य में होली का यह त्यौहार मनाया जाता है।
  • हिंदू कैलेंडर अनुसार होली फाल्गुन माह की पूर्णिमा को मनाई जाती है। 
  • होली के 1 दिन पहले रात्रि के समय लोग, लकड़ियों को एकत्रित कर होलिका दहन करते हैं । उसकी पूजा करते हैं और सुबह रंग गुलाल खेलते हैं घरों में कई तरह के मिष्ठान विशेष रूप से गुजिया बनाये जाते है और बच्चे दिनभर रंगों की धूम मचाते हैं।

 

दशहरा  

  • यह भी भारत के प्रमुख बड़े त्योहारों में से एक है। हिंदू पौराणिक ग्रंथ रामायण के अनुसार इसी दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया था और सीता माता को उसकी कैद से आजाद कराया था। 
  • हिंदू कैलेंडर के अनुसार दशहरा अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी को बनाया जाता है।
  • इस दौरान जगह-जगह मेले का आयोजन होता है मैदानों में रावण के पुतले जलाए जाते हैं। कई जगह रामलीला का मंचन किया जाता है जिसमें पहले दिन मेघनाथ, दूसरे दिन रावण के भाई कुंभकरण, अंतिम विजयादशमी के दिन रावण के पुतले का दहन किया जाता है।
  • यह त्यौहार हमें संदेश देता है कि बुराई चाहे कितने भी ताकतवर क्यों ना हो | अच्छाई के सामने टिक नहीं सकती | रावण बहुत शक्तिशाली, बुद्धिमान था, उसकी नाभि में अमृत भी था फिर भी उसके अभिमान की वजह से उसका अंत हुआ। 
  • दशहरे को बुराई पर अच्छाई की विजय के सबसे बड़े त्यौहार के रूप में मनाया जाता है इसीलिए दशहरे को विजयादशमी भी कहते हैं।

 

रक्षाबंधन

 

  • श्रावण माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। यह भाई बहनों का त्यौहार है। 
  • इस दिन बहनें, अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है और बदले में भाई जीवन भर उनकी रक्षा करने का वचन देते हैं। इस दिन बहनें मिष्ठान बनाकर भाईयों को खिलाती हैं। 
  • भाई, अपनी बहनों के लिए तोहफे या पैसे उपहार में देते हैं। कई लड़कियां अपने पिता को या पेड़ को राखी बांधती है। तो कुछ किसी को अपना गुरु भाई बना लेती हैं। 
  • कुछ वर्षों से एक नया प्रचलन सामने आया है, महिलाएं भारतीय सेना के सैनिकों को राखी बनाकर कुरियर करती है जिससे कि सैनिकों का मनोबल बढ़े और वे दुगुने उत्साह के साथ देश की रक्षा के लिए तत्पर रहे |

 

क्रिसमस 

 

  • यह ईसाई धर्म का प्रमुख त्यौहार है। ईसाई धर्म के मसीहा के जन्मदिवस को क्रिसमस के रूप में मनाया जाता है। जीजस को ही मसीहा कहा जाता हैं |
  • जीजस की माँ का नाम मेरी और पिता का नाम जोसेफ था। इनके जन्म के समय गॉड ने इनके माता-पिता को इनके दिव्य होने का संदेशा एक परी के जरिये भिजवाया था और बहुत से ज्ञानी महात्मा लोगो को भी इस बात का पता था, कि ईश्वर का अंश जन्म लेने वाला हैं।
  • जीजस के जन्म के समय इनके माता-पिता एक जंगली इलाके में फंस गये थे, वही कई जानवरों के बीच जीजस का जन्म हुआ था, जिसे देखने कई महान लोग आये थे ।
  • कहा जाता हैं वही दिन क्रिसमस था।
  • इसके अलावा यह भी कहा जाता है कि जब जीजस का जन्म हुआ, तब ख़ुशी व्यक्त करने के लिए सभी देवताओं ने सदाबहार वृक्ष को सजाया तब ही से इस वृक्ष को क्रिसमस ट्री का प्रतीक समझा जाने लगा और यह परंपरा प्रचलित हो गई। 
  • इसीलिए इस दिन लोग घर में क्रिसमस ट्री सजाते हैं, तरह-तरह की मिठाइयां बनाते हैं। बच्चों को सैंटा क्लॉज, तोहफे देते हैं और गिरिजाघर में जाकर लोग जीजस से प्रार्थना करते हैं।

 

ईद 

  • रमज़ान का महिना इस्लामिक कैलेंडर का नवां और सबसे पवित्र महीना माना गया हैं | इस दौरान मुसलमान भाई अल्लाह की इबादत करते हैं और रोजे रखते हैं | इस दौरान लोग कुछ भी खाते पीते नहीं हैं | 
  • दसवें महीने शव्वाल की पहली चाँद वाली रात ईद की रात होती है | इस चाँद को देखे जाने के बाद ईद-उल-फितर का ऐलान किया जाता हैं |
  • पहली ईद उल फितर पैगम्बर मुहम्मद ने सन 624 ईसवी में जंग-ए-बदर के बाद मनाया थी| पैगम्बर हजरत मुहम्मद ने बद्र के युद्ध में विजय प्राप्त की थी उनके विजयी होने की ख़ुशी में यह त्यौहार मनाया जाता हैं |
  • ईद के दिन मस्जिदों में सुबह की नमाज अदा करने से पहले हर मुसलमान का फर्ज होता हैं कि वो दान या जकात दे |     
  • इस विशेष रूप से मीठी सेवई बनाई और खायी जाती हैं |

 

 

  • कृष्ण जन्माष्टमी : पूरा भारत वर्ष में भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव को बड़े धूमधाम के साथ मनाया जाता है | श्री कृष्ण को माखन बहुत प्रिय था और बचपन में उन्होंने बहुत सी बाल लीलाएं की थी और इसी के उपलक्ष्य में जन्माष्टमी मनाई जाती है। श्री कृष्ण के जन्मोत्सव पर मटकी में माखन-मिश्री रखकर हांडी फोड़ने का आयोजन किया जाता है । इसमें एक खाली मैदान में ऊंचाई पर मटकी बांधी जाती है और युवा, बच्चे मिलकर पिरामिड बनाकर उस मटकी को तोड़ने की कोशिश करते हैं और नाच गाकर आनंद मनाते हैं। 

 

  • इनके अतिरिक्त भारत में कई सारे त्यौहार मनाया जाते हैं जैसे जनवरी में मकर संक्रांति का त्यौहार मनाया जाता है । हिंदू कैलेंडर के अनुसार यह त्यौहार पौष शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को मनाया जाता हैं। इस दिन तिल गुड़ के लड्डू बनाए जाते हैं और पतंग उड़ाने का भी रिवाज है। गुजरात में बड़े स्तर पर पतंग उड़ाने का आयोजन किया जाता है, जिसमें तरह-तरह की पतंगे आकार में बड़ी छोटी रंग बिरंगी पतंगे उड़ाई जाती है। 

 

  • माघ माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी को वसंत पंचमी का त्यौहार मनाया जाता है। बंगाल में इसे सरस्वती पूजन के नाम से भी जाना जाता हैं। 

 

  • श्री राम के जन्म उत्सव को रामनवमी के रूप में मनाया जाता है। राम नवमी चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी को मानते है। 

 

  • सिखों के प्रमुख गुरु, गुरुनानक देव के जन्मदिवस को गुरु नानक जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस दिन जगह जगह पर लंगर का आयोजन होता है। गुरुद्वारों में गुरुवाणी होती है। गुरुनानक जयंती कार्तिक माह की पूर्णिमा को मानते है । 

 

  • पारसियों का प्रमुख त्यौहार नवरोज मनाया जाता है । पारसियों में अग्नि पूजा का विधान है। पारंपरिक भोजन  बनाकर यह त्यौहार मनाया जाता है।

 

  • इसके अतिरिक्त गुजरात में नवरात्रि का उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाता है | पूरे 9 दिन दुर्गा माता के नौ रूपों की पूजा की जाती है और हर रात्रि गरबा आयोजन होता है।

 

  • बंगाल में भी की दुर्गा पूजा का अपना महत्व है। बंगाल में अष्टमी के दिन मां दुर्गा की भव्य आरती होती हैं, जिसमें महिलाएं धुनुची नृत्य करती हैं और आखिरी दिन एक-दूसरे को सिंदूर लगाती है , इस परंपरा को सिंदूर खेला कहते हैं। 

 

राष्ट्रीय त्योहार

 

राष्ट्रीय त्योहारों के अंतर्गत ऐसे विशेष दिन शामिल होते हैं जिनका गौरवशाली इतिहास होता है और देश के नागरिक होने के नाते सभी धर्म के लोग इन राष्ट्रीय पर्व को मनाते हैं । 

जैसे 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस, 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस, 5 सितंबर को शिक्षक दिवस, 14 नवंबर को बाल दिवस, 2 अक्टूबर को अहिंसा दिवस या गांधी जयंती, 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस आदि। 

 

  • स्वतंत्रता दिवस : 15 अगस्त सन 1947 की अर्धरात्रि को हमारा देश भारत, अंग्रेजो की गुलामी से आजाद हुआ था इसी के उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता हैं | जगह-जगह देश भक्ति गीत गाए जाते हैं और झंडा फहराया जाता है ताकि लोगों में देशभक्ति की भावना जागृत रहे।

 

  • गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 1950 को हमारा संविधान लागू हुआ था। संविधान अर्थात नियमों और कानूनों का संकलित लेख। किसी भी देश को चलाने के लिए कुछ नियम और कानूनों की आवश्यकता होती है ताकि समाज में न्याय व्यवस्था को बनाए रखा जा सके। इसी उद्देश्य से हमारे देश के बुद्धिजीवियों ने संविधान तैयार किया था | इस दिन प्रतिवर्ष नई दिल्ली में इंडिया गेट पर बीटिंग द रिट्रीट परेड का आयोजन होता है। तीनों सेना के जवान शौर्य प्रदर्शन करते हैं । 

 

इस प्रकार इन राष्ट्रीय त्योहारों को मनाने का एकमात्र उद्देश्य यही है कि हमारी आने वाली पीढ़ी इतिहास के वीर क्रांतिकारियों, महापुरुषों को याद रखें, उनसे सीख ले और उनमें देशभक्ति की भावना का विकास हो।

 

मौसमी त्यौहार

 

भारत एक कृषि प्रधान देश है । यहां की 70% से अधिक जनसंख्या खेती पर निर्भर है और इसी वजह से यहां के किसान धरती को अन्न की देवी, माता मानते हैं और हर मौसम में नई फसल आने पर उत्सव मनाते हैं | जैसे पंजाब में लोहड़ी, दक्षिण भारत में पोंगल, असम में बिहू।

 

  • लोहड़ी मकर संक्रांति की पूर्व संध्या पर पंजाब में लोहड़ी का त्योहार मनाया जाता है, यह पौष माह के अंतिम दिन मनाते है। इस उत्सव के दौरान रात में लकड़ियों का ढेर इकट्ठा कर उसे जलाया जाता है और पूजा की जाती है। महिलाओं और पुरुषों का समूह मिलकर गिद्दा और भांगड़ा करते हैं। यह त्यौहार कृषि की अच्छी उपज के लिए ईश्वर को धन्यवाद देने हेतु मनाया जाता है।

 

  • पोंगल पोंगल तमिलनाडु के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस दौरान लोग चावल दूध और गुड़ की खीर बनाते हैं जिसे पोंगल कहते हैं । भगवान को इसका भोग लगाया जाता है । गाय और बैलों की पूजा की जाती है। इसी दिन तमिल नववर्ष की शुरुआत भी होती है।

 

  • ओणम केरल में खेतों में नई फसल की उपज के उत्सव के रूप में ओणम का पर्व मनाया जाता है। इस दौरान लोग घर के बाहर फूलों की रंगोली बनाते हैं और पारंपरिक नृत्य करते हैं।
  • बिहू – असम का सर्वाधिक लोकप्रिय त्यौहार है | बिहू, असम के कृषक समुदाय द्वारा मनाया जाता है।

 

 

 

पूर्वोत्तर  भारत‌ के त्यौहार

 

भारत का पूर्वी क्षेत्र असम ,अरुणाचल प्रदेश , मेघालय, मणिपुर, त्रिपुरा, नागालैंड, मेघालय को सात बहनों के रूप में जाना जाता है। इन क्षेत्रों में जनसंख्या बहुत कम है किंतु बहुत सी जनजातियां निवास करती हैं और अपनी मान्यता अनुसार हर वर्ष कई त्यौहार मनाते हैं, जो इस प्रकार है-

  • लोसर –  तिब्बत और हिमालय क्षेत्र में रहने वाले बौद्ध लोसर पर्व को नव वर्ष के शुभारंभ के रूप में मनाते हैं । यह लोसर पर्व लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में मनाया जाता है।
  • हार्नबिल उत्सव – इसका आयोजन नागालैंड के स्थापना दिवस 1 दिसंबर को किया जाता है। पूरे सप्ताह तक नागालैंड की जनजातीय संस्कृति की रंगारंग प्रस्तुतियां पेश की जाती है।
  • लोसांग – यह पर्व सिक्किम में निवास करने वाली भूटिया और लेप्चा जनजातियों द्वारा दिसंबर माह में सिक्किम में नव वर्ष के उपलक्ष्य में मनाया जाता है । यह पर्व अच्छी कृषि उपज के लिए प्रकृति का आभार व्यक्त करने के लिए भी मनाया जाता है ।

 

 

 

उपसंहार 

 

भारत विविधताओं से भरा देश है | यहां जितने धर्म है उतने ही त्यौहार और यहां हर त्यौहार की अपनी एक खासियत है, विशेषता है | और यही विशेषता भारत को विश्व में एक अलग पहचान दिलाती हैं | यहां हर व्यक्ति दूसरे धर्म के त्यौहार को भी उत्साह के साथ मनाता हैं |