NCERT Solutions for Class 8 Hindi Vasant Bhag 3 दीवानों की हस्ती Important Question Answers Lesson 4

Class 8 Hindi Deewano ki Hasti Question Answers – Looking for Deewano ki Hasti question answers for CBSE Class 8 Hindi Vasant Bhag 3 Book Chapter 4? Look no further! Our comprehensive compilation of important questions will help you brush up on your subject knowledge.

सीबीएसई कक्षा 8 हिंदी वसंत भाग 3 पुस्तक पाठ 4 के लिए दीवानों की हस्ती प्रश्न उत्तर खोज रहे हैं? आगे कोई तलाश नहीं करें! महत्वपूर्ण प्रश्नों का हमारा व्यापक संकलन आपको अपने विषय ज्ञान को बढ़ाने में मदद करेगा। कक्षा 8 के हिंदी प्रश्न उत्तर का अभ्यास करने से परीक्षा में आपके प्रदर्शन में काफी सुधार हो सकता है। हमारे समाधान इस बारे में एक स्पष्ट विचार प्रदान करते हैं कि उत्तरों को प्रभावी ढंग से कैसे लिखा जाए। हमारे दीवानों की हस्ती प्रश्न उत्तरों को अभी एक्सप्लोर करें उच्च अंक प्राप्त करने के अवसरों में सुधार करें।

 The questions listed below are based on the latest CBSE exam pattern, wherein we have given NCERT solutions to the chapter’s extract based questions, multiple choice questions, short answer questions, and long answer questions

 Also, practicing with different kinds of questions can help students learn new ways to solve problems that they may not have seen before. This can ultimately lead to a deeper understanding of the subject matter and better performance on exams. 

 

Class 8 Hindi दीवानों की हस्ती Question Answers Lesson 4 – सार-आधारित प्रश्न (Extract Based Questions)

सारआधारित प्रश्न बहुविकल्पीय किस्म के होते हैं, और छात्रों को पैसेज को ध्यान से पढ़कर प्रत्येक प्रश्न के लिए सही विकल्प का चयन करना चाहिए। (Extract-based questions are of the multiple-choice variety, and students must select the correct option for each question by carefully reading the passage.)

1)
हम दीवानों की क्या हस्ती,
हैं आज यहाँ, कल वहाँ चले,
मस्ती का आलम साथ चला,
हम धूल उड़ाते जहाँ चले।
आए बन कर उल्लास अभी,
आँसू बन कर बह चले अभी,
सब कहते ही रह गए, अरे,
तुम कैसे आए, कहाँ चले?

प्रश्न 1. ‘दीवानों’ किस प्रकार के व्यक्तियों को कहा गया-
(क) अवारा व्यक्तियों को
(ख) मनमौजी व्यक्तियों को
(ग) सनकी व्यक्तियों को
(घ) सुन्दर व्यक्तियों को
उतर :- (ख) मनमौजी व्यक्तियों को

प्रश्न 2. धूल उड़ाकर चलने का अर्थ होगा?
(क) निश्चित होकर चलना
(ख) हाथों से धूल उड़ाना
(ग) मुंह से धूल उड़ाना
(घ) मस्ती में डूबकर चलना
उतर :- (घ) मस्ती में डूबकर चलना

प्रश्न 3. दीवानों का हृदय कैसा होता है?
(क) भावुक
(ख) संवेदनशील
(ग) कठोर
(घ) संवेदनशील व भावुक
उतर :- (घ) संवेदनशील व भावुक

प्रश्न 4. दीवानों के जाने पर लोग दुखी क्यों होते है?
(क) वो थोड़े समय में ही सबसे आत्मीयता बना लेते हैं।
(ख) क्योंकि वो दूसरों को पीड़ा देते है
(ग) क्योंकि लोग उनसे दुखी थे
(घ) लोग उनके स्वार्थ से दुखी थे
उतर :- (क) वो थोड़े समय में ही सबसे आत्मीयता बना लेते हैं।

2)
किस ओर चले? यह मत पूछो,
चलना है, बस इसलिए चले,
जग से उसका कुछ लिए चले,
जग को अपना कुछ दिए चले,
दो बात कही, दो बात सुनी।
कुछ हँसे और फिर कुछ रोए।
छककर सुख-दुख के घूँटों को
हम एक भाव से पिए चले।

प्रश्न 1. उपर्युक्त गद्यांश के पाठ का नाम और लेखक का नाम लिखिए।
(क) गद्यांश के पाठ का नाम- ध्वनि, लेखक- सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’।
(ख) गद्यांश के पाठ का नाम- बस की यात्रा , लेखक का नाम- हरिशंकर परसाई।
(ग) गद्यांश के पाठ का नाम- भगवान के डाकिए, लेखक- रामधारी सिंह दिनकर।
(घ) गद्यांश के पाठ का नाम- दीवानों की हस्ती, लेखक- भगवतीचरण वर्मा ।
उतर :- (घ) गद्यांश के पाठ का नाम- दीवानों की हस्ती, लेखक- भगवतीचरण वर्मा ।

प्रश्न 2. मनमौजी व्यक्ति किस ओर चलता है ?
(क) जहाँ उसका मन होता है वहाँ
(ख) उतर की ओर
(ग) पूरब की ओर
(घ) जिधर सभी लोग गए हों
उतर :- (क) जहाँ उसका मन होता है वहाँ

प्रश्न 3. मनमौजी व्यक्ति संसार को क्या देता है ?
(क) सुख
(ख) धन
(ग) दुःख
(घ) खुशी
उतर :- (घ) खुशी

प्रश्न 4. मनमौजी व्यक्ति कब रोता है ?
(क) जब उसका दिल दुखता है
(ख) जब स्वयं दुखी होता है
(ग) जब कोई उसे कुछ कड़वी बात बोलता है
(घ) जब दूसरों को दुखी देखता है
उतर :- (घ) जब दूसरों को दुखी देखता है

प्रश्न 5. ‘छककर सुख-दुःख पीने’ का क्या अर्थ है ?
(क) दुख में दुखी होना
(ख) सुख के दिनों में प्रसन्न होना
(ग) सदा सुख के बारे में सोचते रहना
(घ) सुख-दुःख दोनों स्थितियों में एक जैसा रहना
उतर :- (घ) सुख-दुःख दोनों स्थितियों में एक जैसा रहना

3)
हम भिखमंगों की दुनिया में,
स्वच्छंद लुटाकर प्यार चले,
हम एक निसानी – सी उर पर,
ले असफलता का भार चले।
अब अपना और पराया क्या?
आबाद रहें रुकने वाले!
हम स्वयं बँधे थे और स्वयं
हम अपने बँधन तोड़ चले।

प्रश्न 1. भिखमंगों की दुनिया किस प्रकार की है ?
(क) भिखमंगे अजीब होते हैं
(ख) भिखमंगे बहुत विचित्र होते हैं
(ग) भिखमंगे दया नहीं करते
(घ) भिखमंगे लेना जानते हैं, देना नहीं
उतर :- (घ) भिखमंगे लेना जानते हैं, देना नहीं

प्रश्न 2. प्यार को क्या कहा है ?
(क) उन्नति में रुकावट
(ख) बंधन से मुक्ति
(ग) अनियंत्रित साया
(घ) स्वच्छंद
उतर :- (घ) स्वच्छंद

प्रश्न 3. ‘आबाद’ शब्द का क्या अर्थ है?
(क) प्यार
(ख) बसना
(ग) मुराद
(घ) भाग्य
उतर :- (ख) बसना

प्रश्न 4. रुकने वाले कौन हैं?
(क) जो दयालु व्यक्ति नहीं हैं
(ख) जो भिखमंगे होते हैं
(ग) जो सांसारिकता में फँसे पड़े हैं
(घ) जो दूसरों का कहना नहीं मानते हैं
उतर :- (ग) जो सांसारिकता में फँसे पड़े हैं

Class 8 Hindi Vasant Lesson 4 दीवानों की हस्ती बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions)

बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) एक प्रकार का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन है जिसमें एक व्यक्ति को उपलब्ध विकल्पों की सूची में से एक या अधिक सही उत्तर चुनने के लिए कहा जाता है। एक एमसीक्यू कई संभावित उत्तरों के साथ एक प्रश्न प्रस्तुत करता है।

 

प्रश्न 1. ‘दीवानों की हस्ती’ कविता के कवि का नाम बताइए।
(क) भगवतीचरण वर्मा
(ख) रामधारी सिंह ‘दिनकर’
(ग) रामदरश मिश्र
(घ) सूर्यकांत त्रिपाठी निराला
उत्तर- (क) भगवतीचरण वर्मा

प्रश्न 2. दीवानों के साथ-साथ क्या चलता है?
(क) धन
(ख) दर्द
(ग) मस्ती का आलम
(घ) स्वार्थ
उत्तर- (ग) मस्ती का आलम

प्रश्न 3. दीवाने क्या उड़ाते चलते हैं?
(क) हवाई जहाज
(ख) धूल
(ग) पतंग
(घ) तिरंगा
उत्तर- (ख) धूल

प्रश्न 4. दीवाने क्या बनकर आते हैं?
(क) हताश
(ख) रस
(ग) उल्लास
(घ) राग
उत्तर- (ग) उल्लास

प्रश्न 5. ‘आलम’ शब्द का क्या अर्थ है?
(क) दुनिया
(ख) जमाना
(ग) नगर
(घ) शहर
उत्तर- (क) दुनिया

प्रश्न 6. दीवाने संसार को क्या लुटाते हैं?
(क) धन
(ख) ज्ञान
(ग) प्यार
(घ) ममता
उत्तर- (ग) प्यार

प्रश्न 7. ‘स्वच्छंद’ शब्द का क्या अर्थ है?
(क) गौरव
(ख) स्वतंत्र
(ग) बड़ा
(घ) अपना छंद
उत्तर- (ख) स्वतंत्र

प्रश्न 8. दीवाने अपने हृदय पर कैसी निशानी ले जाते हैं?
(क) प्रसन्नता
(ख) निराशा
(ग) असफलता
(घ) सफलता
उत्तर- (ग) असफलता

प्रश्न 9. ‘छककर’ शब्द का क्या अर्थ है?
(क) तृप्त होकर
(ख) मग्न होकर
(ग) लेकर
(घ) सोकर
उत्तर- (क) तृप्त होकर

प्रश्न 10. कवि ने रुकने वाले किसे कहा है?
(क) जो चलते नहीं
(ख) जो एक स्थान पर खड़े हैं
(ग) ठहरे हुए
(घ) देशवासियों को
उत्तर- (घ) देशवासियों को

प्रश्न 11. दीवानों को किसने बाँधा था?
(क) संबंधियों ने
(ख) स्वयं ने
(ग) अंग्रेजों ने
(घ) पड़ोसियों ने
उत्तर- (ख) स्वयं ने

प्रश्न 12. वे किस रूप में बह चलते हैं?
(क) रक्त
(ख) अमृत
(ग) गीत
(घ) आँसू
उत्तर- (घ) आँसू

प्रश्न 13. ‘उर’ शब्द का क्या अर्थ है?
(क) कैद
(ख) ह्रदय
(ग) चलना
(घ) घूमना
उत्तर- (ख) ह्रदय

प्रश्न 14. दीवानों का हृदय कैसा होता है?
(क) नरम
(ख) संवेदनशील
(ग) भावुक
(घ) संवेदनशील व भावुक
उतर :- (घ) संवेदनशील व भावुक

प्रश्न 15. दीवानों के जाने पर लोग दुखी क्यों होते है?
(क) वो थोड़े समय में ही सबसे आत्मीयता बना लेते हैं।
(ख) क्योंकि वो दूसरों को दुख देते है
(ग) क्योंकि लोग उनसे सुखी थे
(घ) लोग उनके स्वार्थ से दुखी थे
उतर :- (क) वो थोड़े समय में ही सबसे आत्मीयता बना लेते हैं।

Class 8 Hindi दीवानों की हस्ती प्रश्न और उत्तर Questions Answers

 

कविता से

प्रश्न 1. कवि ने अपने आने को ‘उल्लास’ और जाने को ‘आँसू बन कर बह जाना’ क्यों कहा है?
उत्तर – कवि खुद के आने को उल्लास इसलिए कहते हैं क्योंकि वे जहाँ भी जाते हैं खुशियाँ फैलाते हैं तथा अपने जाने को आंसू बनकर बह जाना इसलिए कहते हैं क्योंकि इतनी खुशियों के बाद जब वो जाते हैं तो उनकी याद में लोगों को आँसू आने लगते हैं।

प्रश्न 2. भिखमंगों की दुनिया में बेरोक प्यार लुटाने वाला कवि ऐसा क्यों कहता है कि वह अपने हृदय पर असफलता का एक निशान भार की तरह लेकर जा रहा है? क्या वह निराश है या प्रसन्न है?
उत्तर – कवि प्रेम की दौलत संसार में लुटाता है। इतना प्रेम होने पर भी वह अपने को असफल इसलिए कहता है क्योंकि वह कभी सांसारिक व्यक्ति नहीं बन पाया। यही असफलता उसके हृदय में एक निशाँ की तरह चुभती है। किन्तु वो निराश नहीं है वह प्रसन्न है क्योंकि यह रास्ता उसने खुद चुना है और वह इसके लिए किसी को दोषी भी नहीं ठहराता है।

प्रश्न 3. कविता में ऐसी कौन-सी बात है जो आपको सबसे अच्छी लगी?
उत्तर – इस कविता में कवि को अपने ढंग से अपना जीवन जीना तथा चारों ओर प्यार और खुशियाँ बाँटना सबसे अच्छा लगा। कवि अपने जीवन की असफलता के लिए किसी अन्य को दोषी नहीं ठहराता यह भी अच्छा लगा।

कविता से आगे

प्रश्न 1. जीवन में मस्ती होनी चाहिए, लेकिन कब मस्ती हानिकारक हो सकती है? सहपाठियों के बीच चर्चा कीजिए।
उतर:- जीवन में मस्ती होनी चाहिए लेकिन मस्ती हानिकारक नहीं होनी चाहिए । जैसे – सबको अपनी सारी चिंता-तनाव छोड़कर मस्ती भरा जीवन जीना चाहिए परंतु हमारे द्वारा की गई मस्ती से किसी का नुकसान ना हो या उसकी भावनाओं को ठेस ना पहुंचे लेकिन कभी मजाक- मजाक में कुछ उल्टा हो जाता है तब वह मस्ती हानिकारक हो सकती है। हमें दूसरों के जीवन या स्वतंत्रता में दखल देने का कोई हक नहीं हैं। ऐसा न हो कि हम अपनी मस्ती में इतना मस्त हो जाएँ कि दूसरों की भावनाओं का ख्याल ही न रह पाए।

अनुमान और कल्पना

प्रश्न 1. एक पंक्ति में कवि ने यह कहकर अपने अस्तित्व को नकारा है कि “हम दीवानों की क्या हस्ती, हैं आज यहाँ, कल वहाँ चले।” दूसरी पंक्ति में उसने यह कहकर अपने अस्तित्व को महत्त्व दिया है कि “मस्ती का आलम साथ चला, हम धूल उड़ाते जहाँ चले।” यह फाकामस्ती का उदाहरण है। अभाव में भी खुश रहना फाकामस्ती कही जाती है। कविता में इस प्रकार की अन्य पंक्तियाँ भी हैं उन्हें ध्यानपूर्वक पढ़िए और अनुमान लगाइए कि कविता में परस्पर विरोधी बातें क्यों की गई हैं ?
उतर:- कविता में परस्पर विरोध प्रकट करने वाली पंक्तियाँ निम्नलिखित हैं।
(i) आए बनकर उल्लास अभी,
आँसू बनकर बह चले अभी। (यहाँ उल्लास भी है और आँसू भी है)
(ii) जग से उसका कुछ लिए चले,
जग को अपना कुछ दिए चले (कुछ लेना और देना एक साथ)
(iii) दो बात कही, दो बात सुनी;
कुछ हँसे और फिर कुछ रोए। (हँसना व रोना एक साथ)
(iv) हम भिखमंगों की दुनिया में,
स्वच्छंद लुटाकर प्यार चले। (यहाँ भिखमंगों का उल्लेख है और लुटाना भी है)
(v) हम स्वयं बँधे थे और स्वयं,
हम अपने बंधन तोड़ चले। (यहाँ स्वयं बंधकर फिर स्वयं अपने बंधनो को तोड़ने की बात की गई है।)
इन परस्पर विरोधी बातों का कविता में इसलिए समावेश किया गया है क्योंकि कवि अपने जीवन के नियम स्वयं बनाता है और स्वयं तोड़ता है। वह अपनी मर्जी का मालिक है। उसे अपने लक्ष्य के अलावा कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं लगता है।

भाषा की बात

प्रश्न 1. संतुष्टि के लिए कवि ने ‘छककर’ ‘जी भरकर’ और ‘खुलकर’ जैसे शब्दों का प्रयोग किया है। इसी भाव को व्यक्त करने वाले कुछ और शब्द सोचकर लिखिए, जैसे -हँसकर, गाकर।
उतर:-
(i) खुश होकर
(ii) तृप्त होकर
(iii) जी भरकर
(iv) मस्त होकर
(v) प्रसन्न होकर
(vi) प्यार लुटाकर
(vii) देकर
(viii) परिपूर्ण होकर
(ix) मुस्कराकर

Class 8 Hindi दीवानों की हस्ती अतिरिक्त प्रश्न उत्तर (Extra Question Answers)

प्रश्न 1. कवि किन बंधनों को तोड़ने की बात कर रहा है?
उत्तर – कवि समाज में व्याप्त बुराइयों, रूढ़िग्रस्त रीती – रिवाज़ों के परंपरागत बंधनों को तोड़ने की बात कह रहा है।

प्रश्न 2. कवि की मंज़िल निश्चित क्यों नहीं है?
उत्तर – कवि अपने इच्छानुसार जीवन का आनंद लेना चाहता है। उसे जो भी राह दिखती है वह उसी पर आगे बढ़ जाता है। इसलिए कवि की मंज़िल निश्चित नहीं है।

प्रश्न 3. दीवानों की चाल अन्य लोगों की चाल से किस तरह अलग होती है?
उत्तर – दीवानों में जोश कूट-कूट कर भरा रहता है। जब वे एक जगह से दूसरी जगह जाते हैं तो बड़े जोश के साथ बढ़ते हैं, जबकि सामान्य लोगों की चाल में ऐसा नहीं होता है।

प्रश्न 4. कवि ने दुनिया के लोगों को भिखमंगा क्यों कहा है?
उत्तर – कवि ने दुनिया के लोगों को भिखमंगा इसलिए कहा है क्योंकि दुनिया में लोग भिखारियों की तरह कुछ न कुछ माँगते रहते हैं। लोग यहां केवल लेना जानते है अर्थात् लोग अपने कर्तव्यों को निभाने के लिए आगे नहीं आते। वे तो केवल स्वार्थपूर्ण जीवन व्यतीत करने में लगे है।

प्रश्न 5. दीवाने “आज यहाँ, कल वहाँ’ आवागमन क्यों करते रहते हैं?
उत्तर – दीवाने अपनी मस्ती में रहने वाले होते हैं। वे लोगों में खुशियाँ बांटते फिरते हैं। वे अभावग्रस्त तथा खुशियों से वंचित लोगों के सुख-दुःख में शामिल होते हैं। वे देश के लिए अपना सब कुछ अर्पित करने को तैयार रहते है। वे यह सब एक स्थान पर टिककर नहीं कर सकते। उन्हें आवागमन करते ही रहना पड़ता है।

प्रश्न 6. निम्नलिखित शब्दों के अर्थ बताइए – स्वच्छंद, उर, छककर, आलम, उल्लास
उत्तर –
स्वच्छंद का अर्थ – आजाद
उर का अर्थ – ह्रदय
छककर का अर्थ – तृप्त होकर
आलम का अर्थ – दुनिया
उल्लास का अर्थ – ख़ुशी

प्रश्न 7. “हम भिखमंगों की दुनिया में,
स्वच्छंद लुटाकर प्यार चले,
हम एक निसानी-सी उर पर,
ले असफलता का भार चले।”
उपरोक्त पंक्तियों का अर्थ लिखिए।
उत्तर – कवि के अनुसार, ये संसार भिखारी है इसके पास प्रेम नामक धन नहीं है। किन्तु कवि पूरी आजादी से सब जगह प्रेम लुटाते चलते हैं क्योंकि कवि सारे संसार को अपना मानते हैं इसलिए वे बंधन मुक्त हैं। इतना प्रेम होते हुए भी एक सफल सांसारिक व्यक्ति न बन पाने की दर्द या निशानी उनके ह्रदय में है और यही भार उनकी असफलता है।

प्रश्न 8. “अब अपना और पराया क्या?
आबाद रहें रुकनेवाले!
हम स्वयं बँधे थे और स्वयं
हम अपने बंधन तोड़ चले।”
उपरोक्त पंक्तियों का अर्थ लिखिए।
उत्तर – कवि के अनुसार, संसार में कोई अपना और कोई पराया नहीं है। वे कहते हैं वे स्वयं इन बंधनों में बंधे थे और स्वयं इन बंधनों को तोड़कर आगे चलते जा रहे हैं तथा इससे वे प्रसन्न हैं और सदा चलते रहना चाहते हैं।

प्रश्न 9. “दो बात कही, दो बात सुनी।
कुछ हँसे और फिर कुछ रोए।
छककर सुख-दुख के घूँटों को
हम एक भाव से पिए चले।”
उपरोक्त पंक्तियों का अर्थ लिखिए।
उत्तर – कवि का स्वभाव चलने का है परन्तु वह जहां रुकते हैं वहां लोगों से प्रेम भरी बातें करते हैं तथा उनकी बातें सुनते हैं और उनसे अपना तथा उनका सुख-दुख बांटते हैं तथा सुख-दुःख रूपी अमृत का घूँट पीकर वह फिर नये सफर पर चल देते हैं।

प्रश्न 10. “किस ओर चले? यह मत पूछो,
चलना है, बस इसलिए चले,
जग से उसका कुछ लिए चले,
जग को अपना कुछ दिए चले,”
उपरोक्त पंक्तियों का अर्थ लिखिए।
उत्तर – कवि के अनुसार, संसार जब कवि से जानना चाहता है अब वो किस ओर जा रहे हैं तो वे कहते हैं कि ये मत पूछो कि मैं कहाँ जा रहा हूँ क्योंकि मेरी कोई निश्चित मंजिल नहीं है। मैं चलता हूँ क्योंकि यह मेरा स्वभाव है। कवि कहते हैं कि वो संसार से कुछ ज्ञान लेकर और कुछ अपने पास से देकर जा रहे हैं।

प्रश्न 11. “हम दीवानों की क्या हस्ती,
हैं आज यहाँ, कल वहाँ चले,
मस्ती का आलम साथ चला,
हम धूल उड़ाते जहाँ चले।”
उपरोक्त पंक्तियों का अर्थ लिखिए।
उत्तर – कवि कहते हैं कि उनका स्वभाव मस्त-मौला है, वह एक स्थान पर टिके नहीं रहते। वे जहाँ भी जाते हैं, चारों तरफ खुशियाँ फैल जाती है। कवि जहाँ धूल उड़ाते हुए जाते है वही चारों तरफ प्रसन्नता का माहौल हो जाता है।

प्रश्न 12. “आए बनकर उल्लास अभी,
आँसू बनकर बह चले अभी,
सब कहते ही रह गए, अरे,
तुम कैसे आए, कहाँ चले?”
उपरोक्त पंक्तियों का अर्थ लिखिए।
उत्तर – कवि रमता जोगी है। वह मन में उत्पन्न भावों की भाँति कभी ख़ुशी का संदेश तो कभी आँखों में बहते आँसू की तरह सब जगह फैल जाता है। कवि कहते हैं कि वे इतनी जल्दी आते जाते रहते हैं कि लोगों को पता ही नहीं चलता कि वे कब आए और कब चले गए।

 

Also See: