Bharat Mata Question Answers

 

CBSE Class 11 Hindi Aroh Bhag 1 Book Chapter 8 भारत माता Question Answers

 Bharat Mata Class 11 – CBSE Class 11 Hindi Aroh Bhag-1 Chapter 8 Bharat Mata Question Answers. The questions listed below are based on the latest CBSE exam pattern, wherein we have given NCERT solutions of  the chapter,  extract based questions, multiple choice questions, short and long answer questions. 

सीबीएसई कक्षा 11 हिंदी आरोह भाग-1 पुस्तक पाठ 8 भारत माता प्रश्न उत्तर | इस लेख में NCERT की पुस्तक के प्रश्नों के उत्तर  तथा महत्वपूर्ण प्रश्नों का व्यापक संकलन किया है। 

Also See : भारत माता पाठ सार Class 11 Chapter 8

Bharat Mata Question and Answers (भारत माता प्रश्न-अभ्यास )

प्रश्न 1 – भारत की चर्चा नेहरू जी कब और किससे करते थे?
उत्तर – नेहरू जी कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता थे। वे देश के विभिन्न जगहों में होने वाले जलसों में जाया करते थे। वे किसानों की सभा में ‘भारत’ की चर्चा अवश्य करते थे। उन्हें लगता था कि किसानों को संपूर्ण भारत के बारे में जानकारी कम है तथा उनका दृष्टिकोण सीमित है। वे उन्हें बताते थे कि हिंदुस्तान का नाम भारत इस देश के संस्थापक के नाम से निकला हुआ है। भारत शब्द संस्कृत भाषा का है। इस देश का एक हिस्सा दूसरे से अलग होते हुए भी देश एक है। यह ही भारत है तथा इसे अंग्रेजों से मुक्त कराने के लिए आंदोलन की प्रेरणा देते थे।

प्रश्न 2 – नेहरू जी भारत के सभी किसानों से कौन-सा प्रश्न बार-बार करते थे?
उत्तर – नेहरू जी भारत के सभी किसानों से निम्नलिखित प्रश्न बार-बार करते थे –
भारत माता की जय से वे क्या समझते हैं?
यह भारत माता कौन है?
धरती का अर्थ कहां की धरती से है?
वह धरती कौन-सी है जिसे वे भारत माता कहते हैं – गाँव की, जिले की, सूबे की या पूरे हिंदुस्तान की।
इन प्रश्नों को सुनकर ग्रामीण कुतूहल व ताज्जुब से भर जाते थे।

प्रश्न 3 – दुनिया के बारे में किसानों को बताना नेहरू जी के लिए क्यों आसान था?
उत्तर – नेहरू जी अपने भाषणों में किसानों को दुनिया के बारे में बताते हैं। दुनिया के बारे में उन्हें जानकारी देना आसान था, ऐसा मानने के कई कारण थे –
पुराने महाकाव्यों व पुराणों की कथा-कहानियों से किसान पहले से परिचित थे।
कुछ लोगों ने हमारे देश के चारों कोनों में स्थित बड़े -बड़े तीर्थों की यात्रायें की थी यानी पूरे देश का भ्रमण किया था।
कुछ सिपाहियों ने प्रथम विश्वयुद्ध में भाग लिया था।
कुछ लोग विदेशों में नौकरियाँ करते थे।
1930 की आर्थिक मंदी के कारण दूसरे मुल्कों के बारे में जानकारी थी।

प्रश्न 4 – किसान सामान्यतः भारत माता का क्या अर्थ लेते थे?
उत्तर – किसान सामान्यतः भारत माता का अर्थ अपने देश की धरती से लेते थे। नेहरू जी ने उन्हें समझाया कि उनके गाँव, जिले, नदियाँ, पहाड़, जंगल, खेत, करोड़ों भारतीय सभी भारत माता हैं।

प्रश्न 5 – भारत माता के प्रति नेहरू जी की क्या अवधारणा थी?
उत्तर – भारत माता के प्रति नेहरू जी की अवधारणा यह थी कि यहाँ की धरती, पहाड़, जंगल, नदी, खेत आदि के साथ-साथ यहाँ के करोड़ों निवासी भी भारत माता हैं। भारत जितना भी हमारी समझ था उससे भी परे जितना है उससे कहीं अधिक व्यापक है। ‘भारत माता की जय’ से मतलब यहाँ के लोगों की जय से है।

प्रश्न 6 – आजादी से पूर्व किसानों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ता था?
उत्तर – आजादी से पूर्व किसान अनेक समस्याओं से जूझ रहे थे। अधिकतर किसान गरीबी , कर्जदारी , पूजीपतियों के शिकंजे में फंसे थे। जमींदार और महाजन उनसे ज्यादा सूद (ब्याज) वसूलते थे। अंग्रेज सरकार उनसे अत्यधिक लगान लेती थी और ऊपर से पुलिस भी उनपर खूब जुल्म करती थी और यह सब एक विदेशी सरकार यानि अंग्रेज सरकार के कारण हो रहा था। गरीबी , कर्जदारी , शोषण , अन्याय , अंग्रेज सरकार के मनमाने टैक्स , पुलिस प्रशाशन का गैरजिम्मेदाराना रवैया आदि किसानों की मुख्य समस्याएं थी।

 

अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर – (Important Question Answers)

प्रश्न 1 – नेहरू जी देश में कहाँ-कहाँ यात्रा करते थे और किससे मिलते थे?
उत्तर – नेहरू जी देश के अलग-अलग कोने में सफर करते थे। वह भारत के क्षेत्र में जाकर यह देखते थे कि वहाँ के लोगों की क्या समस्या है। वह ज्यादातर वहाँ के किसानों से मिलते थे और उनकी परेशानियों पर चर्चा भी करते थे। साथ ही साथ नेहरू जी किसानों से आजादी के बारे में भी चर्चा करते थे, उनके ऐसा करने के पीछे कारण था कि वह चाहते थे कि किसान भी उनकी लड़ाई में सहयोग करें। नेहरू जी हर किसी की समस्याओं को भली-भाँति सुनना चाहते थे और यह उनका कार्य था कि वह सुनिश्चित करें कि उनके देश में सब कुशल है।

प्रश्न 2 – अंग्रेज़ो के शासन में किसान किन-किन परेशानियों का सामना करते थे? इसका स्वतंत्रता संग्राम से क्या संबंध था?
उत्तर – भारत गाँवों का देश है। उस समय भी हमारे देश की 80 प्रतिशत आबादी गाँवों में रहकर खेती करने का काम करती थी। इस तरह देखें तो हमारे देश में जागृति तभी आ सकती थी जब इन ग्रामीण किसानों को जगाया जाता। अंग्रेज़ों के शासन काल में किसान विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करते थे। किसान गरीबी और कर्ज में डूबे हुए थे। ये उस समय गरीबी, कर्ज, पूँजीपतियों की गुलामी, ज़मींदार, महाजन, कड़े लगान, सूद और पुलिस के जुल्म जैसी समस्याओं में उलझे हुए थे। इसलिए इन्हें संगठित करना बड़ा ही कठिन काम था। इस कार्य को पूरा करने में लोकप्रिय राजनेताओं की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने किसानों को समझाया कि इन सब समस्याओं से पहले और इनसे ज्यादा जरूरी है स्वतंत्रता के लिए लड़ाई; अतः इनका स्वतंत्रता संग्राम से गहरा संबंध था।

प्रश्न 3 – किसानों के अनुसार “भारत माता” कौन है? भारत माता के बारे में नेहरू जी उन्हें क्या समझाते थे और इससे ग्रामीणों की क्या प्रतिक्रिया हुई ?
उत्तर – किसानों के मुताबिक ”भारत माता” पृथ्वी को कहते हैं। नेहरू जी ने किसानों को भारत माता के बारे में यह समझाया कि उनके गाँव, जिले, नदियाँ, तलाब, पहाड़, जंगल, खेत और सभी भारतीय ही भारत माता हैं। इनके अतिरिक्त और किसी चीज को हम भारत माता नहीं बोलते हैं अर्थात नेहरू जी का कहना था कि भारत माता कोई विशेष प्रकार की देवी नहीं जिनकी हमें फूलों और प्रसाद के साथ पूजा करनी है बल्कि यह तो हमारी प्रकृति और हमारे भाई-बहन हैं। जैसे-जैसे ये विचार ग्रामीणों के मन में बैठते, उनकी आँखों में चमक आ जाती। ऐसी मासूम प्रतिक्रिया, मानो उन्होंने कोई बड़ी खोज कर ली हो।

प्रश्न 4 – नेहरू जी के अनुसार “भारत माता की जय” नारे का अर्थ क्या था?
उत्तर – नेहरू जी के अनुसार “भारत माता की जय” नारे का अर्थ भारत के लोगों की जय था। नेहरू जी भारत माता धरती, पहाड़, जंगल, नदी, खेत और सभी भारतीयों को समझते थे। वह कहते थे कि किसी के भी समझ से ज्यादा भारत व्यापक है। वह किसानों को यह सभी बातें समझाकर उनका मनोबल बढ़ाते थे और उनके भारत के प्रति प्यार को भी मजबूती प्रदान करते थे। वह किसानों को देश का सबसे बड़ा वर्ग मानते थे और उनके अनुसार किसानों से ही देश चलता था।

प्रश्न 5 – नेहरू जी किसानों को क्या बताते थे?
उत्तर – नेहरू जी किसानों को आजादी की लड़ाई के बारे में बताते थे। वह किसानों से उसमे होने वाली मुश्किलों की भी चर्चा करते थे और साथ ही साथ अपने काम करने के तरीकों को भी बतलाते थे। नेहरू जी ऐसा इसलिए करते थे क्योंकि उन्हें यह ज्ञात था कि देश का एक बड़ा भाग किसानों की जनसंख्या है और यदि आजादी चाहिए तो किसानों को इसके बारे में अवगत रहने की आवश्यकता है। नेहरू जी किसानों से ये भी बतलाते थे कि भले ही देश के दो टुकड़े हो गए हो परन्तु भारत अभी भी एक ही है।

प्रश्न 6 – नेहरू जी किसानों से क्या प्रश्न पूछ रहे थे? और क्यों?
उत्तर – जलसे में नेहरू जी का स्वागत ‘भारत माता की जय!’ नारे से किया गया। इसी को नेहरू जी ने प्रश्न बना लिया। भारत माता कौन है ? किसकी जय की बात हो रही है? इस सवाल पर ग्रामीणों को कुतूहल और ताज्जुब होता और वे चाहकर भी कोई जवाब न दे पाते। आखिर एक जाट ने जवाब दिया कि भारत माता से उनका मतलब धरती से है। लेखक ने इस पर भी प्रश्न पूछे-कौन-सी धरती? तुम्हारे गाँव की? जिले की या सूबे की ? इस तरह कुतूहल जगाकर लेखक उन्हें समझाना चाहते थे कि समस्त हिंदुस्तान के साथ-साथ उनकी स्वयं की भी जय इसमें शामिल है। वे इस देश के अभिन्न अंग हैं।

प्रश्न 7 – नेहरू जी के पास दुनिया भर के किसानों की जानकारी कैसे थी?
उत्तर – नेहरू जी ने भारत के पुराण और महाकाव्य पढ़े थे इसलिए उन्हें भारत के बारे में सबकुछ पता था। वह इन्हीं को पढ़कर भारत के किसानों के बारे में जानते थे। नेहरू ने तीर्थयात्रा भी की थी जिससे उन्हें भारत के किसानों के दृष्टिकोण का कुछ अनुमान था और बाद में वह देश के अलग अलग कोनो में जाकर किसानों से मिलने लगे। उनसे मिलने के बाद उन्हें और भी ज्ञान हो गया था। वह उनसे अन्य देशों के किसानों के बारे में भी चर्चा करते थे। उन्हें उनकी कहानियाँ सुनाकर प्रेरित करते थे कि वह भी अपनी आजादी की लड़ाई स्वयं लड़े।

प्रश्न 8 – भारत की एकता को पाठ में किस आधार पर सिद्ध किया गया है? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर – आजादी पाने के लिए लोगों को उनके सीमित क्षेत्र से बाहर लाना बहुत जरूरी था। सामान्य ग्रामीण तो अपने गाँव, खेत और सूबे से आगे ज्यादा कुछ जानते ही नहीं थे। अतः पूरब-पच्छिम, उत्तर-दक्खिन सभी दिशाओं में जानेवाले नेताओं द्वारा यह समझाया गया कि हमारे देश का विस्तार कहाँ तक है और इस विशाल भारत में रहने वाले सभी किसानों की समस्याएँ एक जैसी ही हैं। अतः एक ही उद्देश्य के लिए हमें एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। इस प्रकार, देश की अखंडता को समझाया गया है। इस एक देश के लिए हम सभी को मिलकर स्वराज के लिए संघर्ष करना है, क्योंकि यही सबके हित में है।

प्रश्न 9 – स्वतंत्रता आंदोलन के समान नेहरू जी ने जन-जागरण कैसे किया?
उत्तर – स्वतंत्रता आंदोलन के समय जलसे आयोजित किए जाते थे और उनमें नेताओं के भाषण हुआ करते थे। नेहरू जी ने अपने भाषण का एक अलग तरीका निकाला। वे केवल भाषण नहीं देते थे वरन् लोगों से ऐसे प्रश्न पूछते थे कि जिसका उत्तर बताने के लिए भारतीय ग्रामीणों को देश के लिए सोचना पड़ता था। जैसे- भारत शब्द का क्या अर्थ है ? भारत माता की जय का क्या प्रयोजन है? यह भारत माता कौन है ? जब काफ़ी सोचने के बाद किसानों और ग्रामीणों का कौतूहल बढ़ जाता और वे चाहते कि लेखक ही उत्तर दें तो नेहरू जी उसका अर्थ बताते थे। इस भागीदारी और जिज्ञासा से जन-जागरण सुगम हो जाता था।

प्रश्न 10 – नेहरू जी अपने भाषणों में शहरों और गाँवों में क्या अंतर रखते थे?
उत्तर – नेहरू जी देशभर में भ्रमण कर जनजागरण किया करते थे। शहरों में वे विकास, स्वतंत्रता की चर्चा करते थे। उनकी मूलभूत समस्याओं पर केंद्रित भाषण देते थे क्योंकि शहरी जनता शिक्षित व जागरूक थी। गाँव में लोग अशिक्षित थे, उनकी समस्याएँ अलग होती थी। इसलिए वे वहाँ देश की चर्चा करके उनका ज्ञान बढ़ाना चाहते थे। वे सबको बताते कि यह देश विभिन्न जातियों, वर्गों, समूहों का होते हुए भी एक है। इसे हमें स्वतंत्र कराना है।

प्रश्न 11 – नेहरू जी अपनी बातों में किन-किन देशों में होने वाले कशमकशों के बारे में किसानों को बताते थे?
उत्तर – नेहरू जी किसानों से आजादी की लड़ाई की बातें तो करते ही थे। साथ में वह अन्य देशों की कठिनाईयों के बारे में भी किसानों को बतलाते थे। उस समय किसान पढ़े लिखे नहीं होते थे और उनको अन्य देशों के नाम भी नहीं पता होते थे। ऐसे में आजादी कि लड़ाई लड़ने के लिए उनको कुछ ज्ञान देना अनिवार्य था जिससे कि उनके अंदर भी जोश आए और वह अंग्रेजों के अत्याचारों का मुकाबला कर पाए। इसी कारण नेहरू जी किसानों से बात करते समय चीन, स्पेन, अबिनिसिया, मध्य यूरोप, मिस्त्र और पश्चिम एशिया जैसे जगहों पर होने वाली परेशानियों को बताते थे।

प्रश्न 12 – आजाद भारत के लिए नेहरू जी के क्या-क्या सपने थे?
उत्तर – नेहरू जी सोचते थे कि आजाद भारत में गरीबी की समस्या नहीं होगी जिससे कोई भी भूखा नहीं सोएगा। देश के किसानों पर हो रहे अत्याचार भी खत्म हो जाएंगे और वह भी खुशी से अपना काम करेंगे। देश में हो रहे भ्रष्टचार से आम जनता को राहत मिलेगी, सरकारी संस्थानों में भेदभाव नहीं होगा। भारतीय लोग किसी की गुलामी नहीं करेंगे। वह अपनी मर्जी से अध्ययन कर पाएंगे, अपने लिए सही नौकरी चुन पाएंगे। अंग्रेज़ी सरकार के शासन से सभी को छुटकारा मिलेगा। भारत में रोजगार पैदा होंगे और सबकुछ अच्छा हो जाएगा। आजादी के बाद भारत देश में बहुत उन्नति आएगी।

प्रश्न 13 – नेहरू जी देश के किसी कोने में आयोजित समारोह में जाते थे तो क्या करते थे? संक्षिप्त वर्णन कीजिये।
उत्तर – नेहरू जी देश के किसी कोने में आयोजित समारोह में जाते थे तो वे हर जगह भारत की चर्चा करते थे। ज्यादातर वे किसानों की सभाओं में या जहाँ भी किसान भाई मौजूद होते थे वहाँ पे भारत की चर्चा अवश्य करते थे। वे चाहते थे कि किसानों का दृष्टिकोण सिर्फ उनके गाँवो तक सीमित न रहे बल्कि पूरे देश में फैले। वे चाहते थे कि किसान खुद को सिर्फ अपने गाँव का नहीं बल्कि भारत का किसान समझे। नेहरू जी स्वराज का जिक्र भी करते थे। जो भारत के हर नागरिक को चाहिए था। नेहरू जी किसानों के भीतर स्वराज का बीज डालना चाहते थे। वह चाहते थे कि जैसे अन्य देशों में किसान आजादी कि लड़ाई का एक बड़ा हिस्सा है वैसे ही भारत के किसान भी अपनी आजादी के लिए लड़ाई करें और अंग्रेजी शासन को खत्म करने के लिए आवाज उठाए। वह किसानों से यही उम्मीद करते थे।

प्रश्न 14 – नेहरू जी को उत्तर-पश्चिम से लेकर कन्याकुमारी तक की यात्रा में क्या पता चलता था?
उत्तर – नेहरू जी को उत्तर-पश्चिम से लेकर दक्षिण के कन्याकुमारी तक की यात्रा में पता चला कि सभी जगहों के किसानों की समस्या एक जैसी है। सभी किसान उनसे एक ही तरह के सवाल करते थे। सभी किसान एक तरह की परेशानियों जैसे- यानी गरीबों, कर्जदारों, पूंजीपतियों के शिकंजे, जमींदार, महाजन, कड़े लगान और सूद, पुलिस के जुल्म आदि। इन सभी परेशानियों से ऊपर एक सबसे बड़ी परेशानी थी कि एक विदेशी सरकार ने कठोर कर व्यवस्था किसानों पर लगा रखी थी। अपनी यात्रा के समय बातों में वह भारत से बाहर होने वाले बदलावों का जिक्र भी करते थे। वह अन्य देशों के किसानों के बारे में सभी को बताकर यह जताते थे कि उनकी समस्याओं का हल भी हो सकता है। यदि वो अत्याचारों को सहने की बजाए उनके खिलाफ आवाज उठाए और देश की लड़ाई में क्रांतिकारी नेताओ का साथ दे।

प्रश्न 15 – ‘भारत माता’ पाठ का प्रतिपाद्य बताइए।
उत्तर – ‘भारत माता’ अध्याय हिंदुस्तान की कहानी का पाँचवाँ अध्याय है। इसमें नेहरू ने बताया है कि किस तरह देश के कोने कोने में आयोजित जलसों में जाकर वे आम लोगों को बताते थे कि अनेक हिस्सों में बँटा होने के बाद भी हिंदुस्तान एक है। इस अपार फैलाव के बीच एकता के क्या आधार हैं और क्यों भारत एक देश है, जिसके सभी हिस्सों की नियति एक ही तरीके से बनती बिगड़ती है। उन्होंने भारत माता शब्द पर भी विचार किया तथा यह निष्कर्ष निकाला कि भारत माता की जय का मतलब है यहाँ के करोड़ों-करोड़ लोगों की जय।

 

बहुविकल्पीय प्रश्न और उत्तर (Multiple Choice Questions)

बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) एक प्रकार का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन है जिसमें एक व्यक्ति को उपलब्ध विकल्पों की सूची में से एक या अधिक सही उत्तर चुनने के लिए कहा जाता है। एक एमसीक्यू कई संभावित उत्तरों के साथ एक प्रश्न प्रस्तुत करता है।

प्रश्न 1 – “भारत माता” पाठ के लेखक कौन हैं –
(क) हरिवंश राय बच्चन
(ख) हरभाऊ उपाध्याय जी
(ग) पंडित जवाहरलाल नेहरू
(घ) प्रेमचंद
उत्तर – (ग) पंडित जवाहरलाल नेहरू

प्रश्न 2 – “भारत माता” पाठ “हिन्दुस्तान की कहानी” का कौन सा अध्याय हैं –
(क) चौथा
(ख) पाँचवाँ
(ग) तीसरा
(घ) दूसरा
उत्तर – (ख) पाँचवाँ

प्रश्न 3 – “भारत” किस भाषा का शब्द है –
(क) खड़ी बोली
(ख) संस्कृत
(ग) हिंदी
(घ) अंग्रेजी
उत्तर – (ख) संस्कृत

प्रश्न 4 – नेहरूजी “भारत की चर्चा” किन जगहों पर किया करते थे –
(क) किसानों के बिच
(ख) खेतों में
(ग) जलसों में
(घ) बाजारों में
उत्तर – (ग) जलसों में

प्रश्न 5 – नेहरूजी “भारत की चर्चा” किनसे किया करते थे –
(क) गाँव-देहात के किसानों से
(ख) शहर के लोगों से
(ग) बच्चों से
(घ) युवाओं से
उत्तर – (क) गाँव-देहात के किसानों से

प्रश्न 6 – यकसाँ का अर्थ है –
(क) अलग-अलग
(ख) भिन्न-भिन्न
(ग) एक समान
(घ) कुछ-कुछ मिलता जुलता
उत्तर – (ग) एक समान

प्रश्न 7 – सियाने का विलोम शब्द है –
(क) तेज़
(ख) समझदार
(ग) होशियार
(घ) नादान
उत्तर – (घ) नादान

प्रश्न 8 – ‘भारत माता की जय’ नारे से किसका स्वागत किया जाता था –
(क) मोती लाल नेहरू जी का
(ख) जवाहर लाल नेहरू जी का
(ग) सुभाष चंद्र बोस जी का
(घ) सरदार पटेल जी का
उत्तर – (ख) जवाहर लाल नेहरू जी का

प्रश्न 9 – नेहरूजी किस वर्ग से सबसे अधिक प्रश्न पूछते थे –
(क) किसान वर्ग
(ख) विद्यार्थी वर्ग
(ग) युवा वर्ग
(घ) ग्रामीण वर्ग
उत्तर – (क) किसान वर्ग

प्रश्न 10 – “भारत माता से उनका मतलब धरती से है”। यह किसने कहा था –
(क) एक किसान ने
(ख) एक जाट किसान ने
(ग) एक ग्रामीण ने
(घ) एक शहरी ने
उत्तर – (ख) एक जाट किसान ने

प्रश्न 11 – नेहरूजी के अनुसार “भारत माता” किस-किस से मिलकर बनती हैं –
(क) देश की धरती , नदी , पहाड़
(ख) खेत -खलिहान
(ग) देश के करोड़ों-करोड़ लोग
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (घ) उपरोक्त सभी

प्रश्न 12 – आर्थिक मंदी किस सन के बाद पैदा हुई थी –
(क) 1930
(ख) 1920
(ग) 1935
(घ) 1931
उत्तर – (क) 1930

 

सार-आधारित प्रश्न Extract Based Questions

सारआधारित प्रश्न बहुविकल्पीय किस्म के होते हैं, और छात्रों को पैसेज को ध्यान से पढ़कर प्रत्येक प्रश्न के लिए सही विकल्प का चयन करना चाहिए। (Extract-based questions are of the multiple-choice variety, and students must select the correct option for each question by carefully reading the passage.)

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए –
1 –
अकसर जब मैं एक जलसे में दूसरे जलसे में जाता होता, और इस तरह चक्कर काटता रहता होता था, तो इन जलसों में मैं अपने सुनने वालों से अपने इस हिंदुस्तान या भारत की चर्चा करता। भारत एक संस्कृत शब्द है और इस जाति के परंपरागत संस्थापक के नाम से निकला हुआ है। मैं शहरों में ऐसा बहुत कम करता, क्योंकि वहाँ के सुनने वाले कुछ ज्यादा सयाने थे और उन्हें दूसरे ही किस्म के गिज़ा की जरूरत थी। लेकिन किसानों से जिनका नजरिया महदूद था, मैं इस बड़े देश की चर्चा करता, जिसकी आज़ादी के लिए हम लोग कोशिश कर रहे थे और बताता कि किस तरह देश का एक हिस्सा दूसरे से जुदा होते हुए भी हिंदुस्तान एक था। मैं उन मसलों का जिक्र करता, उत्तर से लेकर दक्खिन तक और पूरब से लेकर पच्छिम तक किसानों के लिए यक-साँ थे, और स्वराज्य का भी जिक्र करता, जो थोड़े लोगों के लिए नहीं बल्कि सभी के फायदे के लिए हो सकता था।’

प्रश्न 1 – ‘भारत’ शब्द किस भाषा का है –
(क) संस्कृत
(ख) हिंदी
(ग) पाली
(घ) उर्दू
उत्तर – (क) संस्कृत

प्रश्न 2 – लेखक ने शहरी लोगों को ज्यादा सयाना क्यों कहा है –
(क) शहरी लोगों की रुचि अलग किस्म की होती है
(ख) वे दूसरी बातों में ज्यादा दिलचस्पी लेते हैं
(ग) केवल (ख)
(घ) (क) और (ख) दोनों
उत्तर – (घ) (क) और (ख) दोनों

प्रश्न 3 – लेखक को किसानों को हिंदुस्तान की एकता बताना क्यों जरूरी लगता था?
(क) क्योंकि गाँव के लोग किसी से कोई मतलब नहीं रखते थे
(ख) क्योंकि गाँव के लोग हिंदुस्तान का अर्थ नहीं समझते थे
(ग) क्योंकि गाँव के लोग मतलबी थे
(घ) क्योंकि गाँव के लोग लेखक की बात समझते थे
उत्तर – (ख) क्योंकि गाँव के लोग हिंदुस्तान का अर्थ नहीं समझते थे

प्रश्न 4 – लेखक किसानों से क्या जिक्र करते थे –
(क) इस बड़े देश की चर्चा करता, जिसकी आज़ादी के लिए हम लोग कोशिश कर रहे थे
(ख) किस तरह देश का एक हिस्सा दूसरे से जुदा होते हुए भी हिंदुस्तान एक था
(ग) लेखक स्वराज्य का भी जिक्र करता, जो थोड़े लोगों के लिए नहीं बल्कि सभी के फायदे के लिए हो सकता था।’
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (घ) उपरोक्त सभी

प्रश्न 5 – प्रस्तुत गद्यांश में लेखक कौन है –
(क) नेहरू जी
(ख) गाँधी जी
(ग) बोस जी
(घ) तिलक जी
उत्तर – (क) नेहरू जी

2 –
मैं उत्तर-पश्चिम में खैबर के दर्रो से लेकर धुर दक्खिन में कन्याकुमारी तक की अपनी यात्रा का हाल बताता और यह कहता कि सभी जगह किसान मुझसे एक से सवाल करते, क्योंकि उनकी तकलीफें एक-सी-थीं-यानी गरीबों, कर्जदारों, पूँजीपतियों के शिकंजे, ज़मींदार, महाजन, कड़े लगान और सूद, पुलिस के जुल्म, और ये सभी बातें गुथी हुई थीं, उस ढढ्ढे के साथ, जिसे एक विदेशी सरकार ने हम पर लाद रखा था और इनसे छुटकारा भी सभी को हासिल करना था। मैंने इस बात की कोशिश की कि लोग सारे हिंदुस्तान के बारे में सोचे और कुछ हद तक इस बड़ी दुनिया के बारे में भी, जिसके हम एक जुज़ हैं। मैं अपनी बातचीत में चीन, स्पेन, अबीसिनिया, मध्य यूरोप, मिस्र और पच्छिमी एशिया में होने वाले कशमकशों का जिक्र भी ले आता। मैं उन्हें सोवियत यूनियन में होने वाली अचरज भरी तब्दीलियों का हाल भी बताता और कहता कि अमरीका ने कैसे तरक्की की है। यह काम आसान न था, लेकिन जैसा मैंने समझ रखा था, वैसा मुश्किल भी न था। इसकी वजह यह थी कि हमारे पुराने महाकाव्य ने और पुराणों की कथा कहानियों ने, जिन्हें वे खूब जानते थे, उन्हें इस देश की कल्पना करा दी थी, और हमेशा कुछ लोग ऐसे मिल जाते थे, जिन्होंने हमारे बड़े-बड़े तीर्थों की यात्रा कर रखी थी, जो हिंदुस्तान के चारों कोनों पर हैं। या हमें पुराने सिपाही मिलते, जिन्होंने पिछली बड़ी जंग में या और धावों के सिलसिले में विदेशों में नौकरियों की थीं। सन् तीस के बाद जो आर्थिक मंदी पैदा हुई थी, उसकी वजह से दूसरे मुल्कों के बारे में मेरे हवाले उनकी समझ में आ जाते थे।

प्रश्न 1 – लेखक ने उत्तर-पच्छिम में खैबर के दर्रो से लेकर धुर दक्षिण में कन्याकुमारी तक की यात्रा की थी। क्यों –
(क) क्योंकि वह सारे देश के लोगों को स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने के लिए प्रेरित कर रहा था
(ख) क्योंकि वह सारे देश के लोगों को हिन्दुस्तान के बारे में जागरूक कर रहा था
(ग) क्योंकि वह सारे देश के लोगों को बलिदान देने के लिए प्रेरित कर रहा था
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (क) क्योंकि वह सारे देश के लोगों को स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने के लिए प्रेरित कर रहा था

प्रश्न 2 – लेखक किसानों के दृष्टिकोण में किस प्रकार का परिवर्तन लाना चाहता है –
(क) लेखक किसानों के दृष्टिकोण में व्यापकता लाना चाहता है
(ख) लेखक कोशिश करता है कि लोग अपने देश के बारे में सोचें
(ग) लेखक चाहता है कि लोग क्षेत्रीयता की भावना त्यागकर पूरे राष्ट्र के बारे में अपनी सोच विकसित करे
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (घ) उपरोक्त सभी

प्रश्न 3 – लेखक किसानों को सोवियत यूनियन में होने वाले आश्चर्यजनक परिवर्तनों तथा अमरीका की तरक्की के बारे में बताता था। इसका उद्देश्य था –
(क) स्वतंत्रता के उपरांत किसानों का विकास करना
(ख) स्वतंत्रता के उपरांत देश का भरपूर विकास करना
(ग) स्वतंत्रता के उपरांत दूसरे देशों का भरपूर विकास करना
(घ) स्वतंत्रता के उपरांत लोगों का मानसिक विकास करना
उत्तर – (ख) स्वतंत्रता के उपरांत देश का भरपूर विकास करना

प्रश्न 4 – लेखक के लिए कौन-सा काम मुश्किल लगता था जो आसान हो गया?
(क) लेखक को ग्रामीणों को देश-विदेश की व्यापक जानकारी देना मुश्किल लग रहा था
(ख) लेखक को ग्रामीणों को शहरों की व्यापक जानकारी देना मुश्किल लग रहा था
(ग) लेखक को ग्रामीणों को वेदों की व्यापक जानकारी देना मुश्किल लग रहा था
(घ) लेखक को ग्रामीणों को संस्कृति की व्यापक जानकारी देना मुश्किल लग रहा था
उत्तर – (क) लेखक को ग्रामीणों को देश-विदेश की व्यापक जानकारी देना मुश्किल लग रहा था

प्रश्न 5 – विदेशों के बारे में श्रोता लेखक की बातें किस प्रकार समझ लेते थे –
(क) विदेशों की बड़ी लड़ाई में भारतीयों ने भाग लिया था
(ख) विदेश में नौकरी करके आए भारतीय वहाँ के विषय में बताते हैं
(ग) तीस की आर्थिक मंदी से किसान परिचित थे
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (घ) उपरोक्त सभी

3 –
कभी ऐसा भी होता कि जब मैं किसी जलसे में पहुँचता, तो मेरा स्वागत ‘भारत माता की जय!’ इस नारे से जोर के साथ किया जाता। मैं लोगों से अचानक पूछ बैठता कि इस नारे से उनका क्या मतलब है? यह भारत माता कौन है, जिसकी वे जय चाहते हैं। मेरे सवाल से उन्हें कुतूहल और ताज्जुब होता और कुछ जवाब न बन पड़ने पर वे एक-दूसरे की तरफ या मेरी तरफ देखने लग जाते। मैं सवाल करता ही रहता। आखिर एक हट्टे-कट्टे जाट ने, जो अनगिनत पीढ़ियों से किसानी करता आया था, जवाब दिया कि भारत माता से उनका मतलब धरती से है। कौन-सी धरती? खास उनके गाँव की धरती या जिले की या सूबे की या सारे हिंदुस्तान की धरती से उनका मतलब है। इस तरह सवाल-जवाब चलते रहते, यहाँ तक कि वे ऊबकर मुझसे कहने लगते कि मैं ही बताऊँ। मैं इसकी कोशिश करता और बताता कि हिंदुस्तान वह सब कुछ है, जिसे उन्होंने समझ रखा है, लेकिन वह इससे भी बहुत ज्यादा है। हिंदुस्तान के नदी और पहाड़, जंगल और खेत, जो हमें अन्न देते हैं, ये सभी हमें अजीज हैं, लेकिन आखिरकार जिनकी गिनती है, वे हैं हिंदुस्तान के लोग, उनके और मेरे जैसे लोग, जो इस सारे देश में फैले हुए हैं। भारत माता दरअसल यही करोड़ों लोग हैं, और ‘भारत माता की जय!’ से मतलब हुआ इन लोगों की जय का। मैं उनसे कहता कि तुम इस भारत माता के अंश हो, एक तरह से तुम ही भारत माता हो, और जैसे जैसे ये विचार उनके मन में बैठते, उनकी आँखों में चमक आ जाती, इस तरह, मानो उन्होंने कोई बड़ी खोज कर ली हो।

प्रश्न 1 – नेहरू का स्वागत कैसे होता था?
(क) उनका स्वागत ‘भारत माता की जय!’ के नारे लगाकर किया जाता था
(ख) उनका स्वागत ‘जय जवान जय किसान!’ के नारे लगाकर किया जाता था
(ग) उनका स्वागत ‘दिल्ली चलो!’ के नारे लगाकर किया जाता था
(घ) उनका स्वागत ‘जय भारत !’ के नारे लगाकर किया जाता था
उत्तर – (क) उनका स्वागत ‘भारत माता की जय!’ के नारे लगाकर किया जाता था

प्रश्न 2 – लेखक ग्रामीणों से क्या प्रश्न पूछता था?
(क) भारत माता की जय!’ नारे से उनका क्या मतलब है?
(ख) यह भारत माता कौन है?
(ग) भारत माता की जय क्यों चाहते हैं?
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (घ) उपरोक्त सभी

प्रश्न 3 – लेखक ने हिंदुस्तान का विस्तृत रूप लोगों को किस तरह समझाया?
(क) लेखक लोगों को बताता था कि जितना कुछ वे सभी जानते हैं, वह सब हिंदुस्तान है।
(ख) हिंदुस्तान बहुत विस्तृत है। जिसमें यहाँ की नदियाँ, पहाड़, झरने, जंगल, खेत सब कुछ आ जाते हैं
(ग) देश के नदी, पहाड़, खेत और हिंदुस्तान के लोग भी भारत माता हैं। ये सारे देश में फैले हुए हैं।
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (घ) उपरोक्त सभी

प्रश्न 4 – किसानों की आँखों में चमक आने का क्या कारण है?
(क) उन्हें इस बात का गर्व अनुभव होता है कि वे भी भारत माता के अंग हैं
(ख) उन्हें इस बात का गर्व अनुभव होता है कि वे किसान हैं
(ग) उन्हें इस बात का गर्व अनुभव होता है कि वे देशवासियों के लिए अन्न उगाते हैं
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (क) उन्हें इस बात का गर्व अनुभव होता है कि वे भी भारत माता के अंग हैं

प्रश्न 5 – ये सभी हमें अजीज हैं – यहाँ किन अजीज चीजों का जिक्र किया गया है –
(क) हिंदुस्तान के नदी और पहाड़
(ख) हिंदुस्तान के जंगल और खेत, जो हमें अन्न देते हैं
(ग) हिंदुस्तान के लोग
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (घ) उपरोक्त सभी

 

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