Balgobin Bhagat Question Answers

 

NCERT Solutions for Class 10 Hindi A Kshitij Bhag 2 Book Chapter 8 बालगोबिन भगत Question Answers

 

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Class 10 Hindi Balgobin Bhagat Lesson 8– Extract Based Questions (पठित काव्यांश) 

 

1 –

बालगोबिन भगत मँझोले कद के गोरेचिट्टे आदमी थे। साठ से ऊपर के ही होंगे। बाल पक गए थे। लंबी दाढ़ी या जटाजूट तो नहीं रखते थे , किन्तु हमेशा उनका चेहरा सफ़ेद बालों से ही जगमग किए रहता। कपड़े बिलकुल कम पहनते। कमर में एक लंगोटीमात्र और सिर में कबीरपंथियों कीसी कनफटी टोपी। जब जाड़ा आता , एक काली कमली ऊपर से ओढ़े रहते। मस्तक पर हमेशा चमकता हुआ रामानंदी चंदन , जो नाक के एक छोर से ही , औरतों के टीके की तरह , शुरू होता। गले में तुलसी की जड़ों की एक बेडौल माला बाँधे रहते।

ऊपर की तसवीर से यह नहीं माना जाए कि बालगोबिन भगत साधु थे। नहीं , बिलकुल गृहस्थ ! उनकी गृहिणी की तो मुझे याद नहीं , उनके बेटे और पतोहू को तो मैंने देखा था। थोड़ी खेतीबारी भी थी , एक अच्छा साफ़सुथरा मकान भी था।

किन्तु , खेतीबारी करते , परिवार रखते भी , बालगोबिन भगत साधु थेसाधु की सब परिभाषाओं में खरे उतरनेवाले। कबीर कोसाहबमानते थे , उन्हीं के गीतों को गाते , उन्हीं के आदेशों पर चलते। कभी झूठ नहीं बोलते , खरा व्यवहार रखते। किसी से भी दोटूक बात करने में संकोच नहीं करते , किसी से खामखाह झगड़ा मोल लेते। किसी की चीज़ नहीं छूते , बिना पूछे व्यवहार में लाते। इस नियम को कभीकभी इतनी बारीकी तक ले जाते कि लोगों को कुतूहल होता ! – कभी वह दूसरे के खेत में शौच के लिए भी नहीं बैठते ! वह गृहस्थ थे ; लेकिन उनकी सब चीज़साहबकी थी।

 

 

प्रश्न 1 – बालगोबिन भगत देखने में किस तरह के व्यक्ति थे?

() मँझोले कद के गोरेचिट्टे

() उनका चेहरा सफ़ेद बालों से ही जगमग किए रहता

(कमर में एक लंगोटीमात्र और सिर में कबीरपंथियों कीसी कनफटी टोपी पहनते

() उपरोक्त सभी

उत्तर – () उपरोक्त सभी

 

प्रश्न 2 – गद्यांश में दी गई जानकारी के अनुसार बालगोबिन भगत को साधु क्यों नहीं कहा जा सकता था?

() क्योंकि वे लंबी दाढ़ी या जटाजूट नहीं रखते थे

() क्योंकि वे गृहस्थ व्यक्ति थे

() क्योंकि वे मस्तक पर हमेशा चमकता हुआ रामानंदी चंदन लगाते थे

() क्योंकि उनको खेतीबारी में कोई दिलचस्पी नहीं थी

उत्तर – () क्योंकि वे गृहस्थ व्यक्ति थे

 

प्रश्न 3 – बालगोविंद भगत किसकोसाहबमानते थे?

() रहीम

() तुलसीदास

() कबीर

() अपने गुरु को

उत्तर – () कबीर

 

प्रश्न 4 – बालगोविंद भगत कबीर जी के किन आदेशों को मानते थे?

() कभी झूठ नहीं बोलते , खरा व्यवहार रखते

() किसी से भी दोटूक बात करने में संकोच नहीं करते , किसी से खामखाह झगड़ा मोल लेते

() किसी की चीज़ नहीं छूते , बिना पूछे व्यवहार में लाते

() उपरोक्त सभी

उत्तर () उपरोक्त सभी

 

प्रश्न 5 – बालगोविंद भगत की किन बातों का लोगों को कुतूहल होता?

() कभी झूठ नहीं बोलना , खरा व्यवहार रखना

() किसी से भी दोटूक बात करने में संकोच नहीं करना

() किसी से खामखाह झगड़ा मोल लेना

() कबीर जी के नियमों को बारीकी से अपने जीवन में अपनाना

उत्तर () कबीर जी के नियमों को बारीकी से अपने जीवन में अपनाना

 

2 –

आसाढ़ की रिमझिम है। समूचा गाँव खेतों में उतर पड़ा है। कहीं हल चल रहे हैं ; कहीं रोपनी हो रही है। धान के पानीभरे खेतों में बच्चे उछल रहे हैं। औरतें कलेवा लेकर मेंड पर बैठी हैं। आसमान बादल से घिरा ; धूप का नाम नहीं। ठंडी पुरवाई चल रही। ऐसे ही समय आपके कानों में एक स्वरतरंग झंकारसी कर उठी। यह क्या हैयह कौन है ! यह पूछना पड़ेगा। बालगोबिन भगत समूचा शरीर कीचड़ में लिथड़े , अपने खेत में रोपनी कर रहे हैं। उनकी अँगुली एकएक धान के पौधे को , पंक्तिबद्ध , खेत में बिठा रही है। उनका कंठ एकएक शब्द को संगीत के जीने पर चढ़ाकर कुछ को ऊपर , स्वर्ग की ओर भेज रहा है और कुछ को इस पृथ्वी की मिट्टी पर खड़े लोगों के कानों की ओर ! बच्चे खेलते हुए झूम उठते हैं  ; मेंड़ पर खड़ी औरतों के होंठ काँप उठते हैं , वे गुनगुनाने लगती हैं ; हलवाहों के पैर ताल से उठने लगते हैं ; रोपनी करने वालों की अँगुलियाँ एक अजीब क्रम से चलने लगती हैं ! बालगोबिन भगत का यह संगीत है या जादू ! भादो की वह अंधेरी अधरतिया। अभी, थोड़ी ही देर पहले मुसलधार वर्षा खत्म हुई है। बादलों की गरज , बिजली की तड़प में आपने कुछ नहीं सुना हो , किन्तु अब झिल्ली की झंकार या दादुरों की टर्रटर्र बालगोबिन भगत के संगीत को अपने कोलाहल में डुबो नहीं सकतीं।

 

प्रश्न 1 – गद्यांश में किस महीने का सुंदर वर्णन किया गया है?

() माघ

() आषाढ़

() अश्विन

() पोष

उत्तर () आषाढ़

 

प्रश्न 2 – बालगोबिन भगत किस तरह धान की रुपाई कर रहे हैं?

() समूचा शरीर कीचड़ में लिथड़े , जल्दीजल्दी रुपए कर रहे हैं

() बारिश आने के डर से जल्दीजल्दी हाथ चला रहे हैं

() समूचा शरीर कीचड़ में लिथड़े, उनकी अँगुली एकएक धान के पौधे को, पंक्तिबद्ध, खेत में बिठा रही है

() गाना गाते हुए मस्ती में लोगों के साथ मिल कर धान के पौधे की रुपए कर रहे हैं

उत्तर () समूचा शरीर कीचड़ में लिथड़े, उनकी अँगुली एकएक धान के पौधे को, पंक्तिबद्ध, खेत में बिठा रही है

 

प्रश्न 3 – गद्यांश में बालगोबिन भगत के गाने को क्यों कहा है कियह संगीत है या जादू‘?

() बच्चे खेलते हुए झूम उठते हैं

() मेंड़ पर खड़ी औरतों के होंठ काँप उठते हैं , वे गुनगुनाने लगती हैं

() हलवाहों के पैर ताल से उठने लगते हैं ; रोपनी करने वालों की अँगुलियाँ एक अजीब क्रम से चलने लगती हैं

() उपरोक्त सभी

उत्तर – () उपरोक्त सभी

 

प्रश्न 4 – बालगोबिन भगत के संगीत को कौन अपने कोलाहल में डुबो नहीं सकतीं?

() भादो की अंधेरी अधरतिया

() मुसलधार वर्षा , बादलों की गरज , बिजली की तड़प

() झिल्ली की झंकार या दादुरों की टर्रटर्र

() उपरोक्त सभी

उत्तर – () झिल्ली की झंकार या दादुरों की टर्रटर्र

 

प्रश्न 5 – गद्यांश से बालगोविंद के बारे में क्या पता चलता है?

() वे खेती अपनी मर्जी से करते थे

() उन्हें संगीत से बहुत प्यार था

() वे कहीं भी गाना गा सकते थे

() उपरोक्त सभी

उत्तर() उन्हें संगीत से बहुत प्यार था

 

3 –

बालगोबिन भगत की संगीतसाधना का चरम उत्कर्ष उस दिन देखा गया जिस दिन उनका बेटा मरा। इकलौता बेटा था वह ! कुछ सुस्त और बोदासा था , किन्तु  इसी कारण बालगोबिन भगत उसे और भी मानते। उनकी समझ में ऐसे आदमियों पर ही ज्यादा नज़र रखनी चाहिए या प्यार करना चाहिए , क्योंकि ये निगरानी और मुहब्बत के ज्यादा हकदार होते हैं। बड़ी साध से उसकी शादी कराई थी , पतोहू बड़ी ही सुभग और सुशील मिली थी। घर की पूरी प्रबंधिका बनकर भगत को बहुत कुछ दुनियादारी से निवृत्त कर दिया था उसने। उनका बेटा बीमार है , इसकी खबर रखने की लोगों को कहाँ फुरसत ! किन्तु मौत तो अपनी ओर सबका ध्यान खींचकर ही रहती है। हमने सुना , बालगोबिन भगत का बेटा मर गया। कुतूहलवश उनके घर गया। देखकर दंग रह गया। बेटे को आँगन में एक चटाई पर लिटाकर एक सफेद कपड़े से ढाँक रखा है। वह कुछ फूल तो हमेशा ही रोपते रहते , उन फूलों में से कुछ तोड़कर उस पर बिखरा दिए हैं ; फूल और तुलसीदल भी। सिरहाने एक चिराग जला रखा है। और , उसके सामने ज़मीन पर ही आसन जमाए गीत गाए चले जा रहे हैं ! वही पुराना स्वर , वही पुरानी तल्लीनता। घर में पतोहू रो रही है जिसे गाँव की स्त्रिायाँ चुप कराने की कोशिश कर रही हैं। किन्तु , बालगोबिन भगत गाए जा रहे हैं ! हाँ , गातेगाते कभीकभी पतोहू के नज़दीक भी जाते और उसे रोने के बदले उत्सव मनाने को कहते। आत्मा परमात्मा के पास चली गई , विरहिनी अपने प्रेमी से जा मिली , भला इससे बढ़कर आनंद की कौन बात ? मैं कभीकभी सोचता , यह पागल तो नहीं हो गए। किन्तु  नहीं , वह जो कुछ कह रहे थे उसमें उनका विश्वास बोल रहा थावह चरम विश्वास जो हमेशा ही मृत्यु पर विजयी होता आया है।

 

 

प्रश्न 1 – बालगोबिन भगत की संगीतसाधना का चरम उत्कर्ष किस दिन देखा गया?

() आषाढ़ मास में

() जिस दिन उनके बेटे की मृत्यु हुई

() जिस दिन वे ठण्ड में भी गाना गाए जा रहे थे

() जिस दिन वे लगातार सुबह से साम तक गाना गा रहे थे

उत्तर – () जिस दिन उनके बेटे की मृत्यु हुई

 

प्रश्न 2 – कौन अपनी ओर सबका ध्यान खींचकर ही रहती है?

() ठण्ड

() साधना

() संगीत

() मौत

उत्तर () मौत

 

प्रश्न 3 – बालगोविंद भगत किसके सामने ज़मीन पर ही आसन जमाए गीत गाए चले जा रहे थे?

() अपने पड़ोसियों की सभा के सामने

() अपने बेटे की लाश के सिरहाने बैठ कर

() अपने परिवार के सामने

() बरगद के पेड़ के सामने

उत्तर () अपने बेटे की लाश के सिरहाने बैठ कर

 

प्रश्न 4 – बालगोविंद भगत गातेगाते कभीकभी  किसके नज़दीक जा कर उसे रोने के बदले उत्सव मनाने को कह रहे थे?

() अपनी पत्नी

() गाँव की स्त्रियों

() अपनी बेटी

() पतोहू

उत्तर – () पतोहू

 

प्रश्न 5 – बालगोविंद भगत अपनी पतोहू को क्या कह कर तसल्ली दे रहे थे?

() जो होता है अच्छे के लिए होता है. परमात्मा किसी का बुरा नहीं करते

() आत्मा परमात्मा के पास चली गई, विरहिनी अपने प्रेमी से जा मिली, भला इससे बढ़कर आनंद की कौन बात ?

() आत्मा को एक एक दिन परमात्मा के पास जाना ही होता है, दुःख की कोई बात नहीं

() उपरोक्त सभी

उत्तर – () आत्मा परमात्मा के पास चली गई, विरहिनी अपने प्रेमी से जा मिली, भला इससे बढ़कर आनंद की कौन बात ?

 

4 –

बेटे के क्रियाकर्म में तूल नहीं किया ; पतोहू से ही आग दिलाई उसकी। किन्तु ज्योंही श्राद्ध की अवधि पूरी हो गई , पतोहू के भाई को बुलाकर उसके साथ कर दिया , यह आदेश देते हुए कि इसकी दूसरी शादी कर देना। इधर पतोहू रोरोकर कहतीमैं चली जाऊँगी तो बुढ़ापे में कौन आपके लिए भोजन बनाएगा , बीमार पड़े , तो कौन एक चुल्लू पानी भी देगा ? मैं पैर पड़ती हूँ , मुझे अपने चरणों से अलग नहीं कीजिए ! लेकिन भगत का निर्णय अटल था। तू जा , नहीं तो मैं ही इस घर को छोड़कर चल दूँगायह थी उनकी आखिरी दलील और इस दलील के आगे बेचारी की क्या चलती ?

बालगोबिन भगत की मौत उन्हीं के अनुरूप हुई। वह हर वर्ष गंगास्नान करने जाते। स्नान पर उतनी आस्था नहीं रखते , जितना संतसमागम और लोकदर्शन पर। पैदल ही जाते। करीब तीस कोस पर गंगा थी। साधु को संबल लेने का क्या हक ? और , गृहस्थ किसी से भिक्षा क्यों माँगे ? अतः , घर से खाकर चलते , तो फिर घर पर ही लौटकर खाते। रास्ते भर खँजड़ी बजाते , गाते जहाँ प्यास लगती , पानी पी लेते। चारपाँच दिन आनेजाने में लगते ; किन्तु इस लंबे उपवास में भी वही मस्ती ! अब बुढ़ापा गया था , किन्तु टेक वही जवानी वाली।

 

 

प्रश्न 1 – बालगोविंद भगत के बेटे को अग्नि किसने दी?

() बालगोविंद भगत ने

() पतोहू ने

(बालगोविंद भगत के पोते ने

(बालगोविंद भगत की पत्नी ने

उत्तर () पतोहू ने

 

प्रश्न 2 – श्राद्ध की अवधि पूरी हो जाने पर बालगोविंद भगत ने पतोहू के भाई को क्यों बुलाया?

() ताकि पतोहू अपने भाई के साथ चली जाए

() ताकि पतोहू दूसरी शादी कर सके

() ताकि पतोहू अपनी जिंदगी की दूसरी शुरुआत कर सके

() उपरोक्त सभी

उत्तर – () उपरोक्त सभी

 

प्रश्न 3 – पतोहू भगत के चरणों में ही क्यों रहना चाहती थी?

() भगत जी वृद्ध थे। पतोहू के सिवा उनके परिवार में उनकी देखभाल के लिए कोई और नहीं था

() पतोहू भगत जी की सेवा उनकी देखभाल करना चाहती थी

() वह पुत्र की विधवा के रूप में घर में रहकर भगत जी का सहारा बनना चाहती थी

() उपरोक्त सभी

उत्तर () उपरोक्त सभी

 

प्रश्न 4 –  “संबलशब्द का क्या अर्थ है?

() सहारा

() संभव

() मजबूत 

() हैरान

उत्तर – () सहारा

 

प्रश्न 5 – ‘बुढ़ापा गया था किंतु टेक वही जवानी वालीसे क्या आशय है?

() बालगोबिन वृद्ध हो गए थे

() बालगोबिन वृद्ध हो गए थे, परंतु उनके नितनियम में किसी भी प्रकार का कोई परिवर्तन नहीं आया था

() बालगोबिन नितनियम में थोड़ा सा परिवर्तन आया

() बालगोबिन वृद्ध तो थे, परंतु उनके नितनियम भी बदल गए

उत्तर() बालगोबिन वृद्ध हो गए थे, परंतु उनके नितनियम में किसी भी प्रकार का कोई परिवर्तन नहीं आया था

 

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Class 10 Hindi Balgobin Bhagat Extra Question Answers (अतिरिक्त प्रश्न उत्तर)

 

प्रश्न 1 – बालगोबिन भगत का व्यक्तित्व कैसा था?

उत्तर बालगोबिन भगत तो बहुत लम्बे थे और ही बहुत छोटे थे बल्कि उनका कद मध्यम था , बालगोबिन भगत का रंग भी गोरा था। बालगोबिन भगत जी को देखने से प्रतीत होता था कि उनकी उम्र साठ वर्ष से अधिक की ही होगी। क्योंकि उनके सारे बाल पक गए थे अर्थात उनके सारे बाल सफ़ेद हो गए थे। बालगोबिन भगत कोई लंबी दाढ़ी और बालों का जुड़ा तो नहीं रखते थे , परन्तु हमेशा ही उनका चेहरा सफ़ेद बालों से ही जगमग किए रहता था। वे ज्यादा कपड़े भी नहीं पहनते थे बल्कि बिलकुल कम पहनते थे चाहे कोई भी मौसम क्यों हो। वे हमेशा ही कमर पर केवल एक लंगोटी और सिर में कबीरपंथियों के जैसी कनफटी टोपी पहना करते थे। केवल जब ठण्ड का मौसम आता या ठण्ड बढ़ जाती तो एक छोटा सा काला कम्बल ऊपर से ओढ़ लेते थे। वे मस्तक पर हमेशा रामानंदी चंदन लगाया करते थे जो चमकदार होता था और उसको लगाने का तरीका भी अनोखा होता था। वे उस चन्दन के टिके को नाक के एक छोर से ही शुरू करते थे जैसे औरतें अपने टीके को लगाती हैं। वे हमेशा ही अपने गले में तुलसी की जड़ों की एक बेडौल बेढंगी से माला बाँधे रहते थे , जो देखने में बिलकुल भी अच्छी नहीं लगती थी।

 

प्रश्न 2 – लेखक बालगोबिन भगत को साधु की संज्ञा क्यों नहीं दे सकते?

उत्तर बालगोबिन भगत कोई विरक्त व्यक्ति नहीं थे , जिसने सभी भौतिक सुखों का त्याग कर दिया हो। बल्कि वे तो पत्नी और बालबच्चों वाले आदमी थे। उनकी पत्नी की तो लेखक को याद नहीं हैं, परन्तु उनके बेटे और बेटे की पत्नी को तो लेखक ने देखा था। बालगोबिन भगत की थोड़ी खेतीबारी भी थी और उनका एक अच्छा साफ़सुथरा मकान भी था। परन्तु लेखक बताते हैं कि भले ही बालगोबिन भगत खेतीबारी करते थे और परिवार वाले व्यक्ति थे।

 

प्रश्न 3 – बालगोबिन भगत ने विरक्त व्यक्ति की कौन सी विशेषताएं थी

उत्तर कहा जा सकता है कि बालगोबिन भगत विरक्त व्यक्ति थेक्योंकि विरक्त व्यक्ति की जो भी विशेषताएँ होती हैं वे उन सब परिभाषाओं में खरे उतरने वाले व्यक्ति थे। बालगोबिन भगत कबीर के भक्त थे , वे कबीर कोसाहबमानते थे , उन्हीं के गीतों को हमेशा गाते रहते थे और उन्हीं के दिए या बताए हुए आदेशों पर चलते थे। वे कभी झूठ नहीं बोलते थे , उनका व्यवहार छलकपट से रहित था। लेखक बताते हैं कि बालगोबिन भगत किसी से भी दोटूक बात करने में कोई झिझक नहीं करते थे अर्थात उन्हें जो कहना होता था वे झट से कह देते थे , बालगोबिन भगत किसी से भी बिना बात के कोई झगड़ा नहीं करते थे। वे किसी की कोई भी चीज़ बिना पूछे उपयोग में नहीं लाते थे , छूना तो बहुत दूर की बात है। वे इस नियम को कभीकभी इतनी बारीकी से अपने व्यवहार में लाते कि लोगों को आश्चर्य होता था कि कोई कैसे इतना नियमों का पालन कर सकता है ! – चाहे कितनी भी मुसीबत आन पड़े वे कभी भी दूसरे के खेत में शौच के लिए भी नहीं बैठते थे ! वह पत्नी और बालबच्चों वाले आदमी थे ; लेकिन उनकी सब चीज़साहबअर्थात कबीर के जैसी थी। जो कुछ भी वे मेहनत करके खेतीबाढ़ि करके खेत में आनाज पैदा करते , पहले उसे सिर पर लादकर साहब यानी कबीर के दरबार में ले जातेजो उनके घर से चार कोस दूर पर थाकबीर के दरबार से यहाँ एक कबीरपंथी मठ से है ! वह दरबार में अपनी फ़ासल को सौगात के रूप रख लिया करते और वहाँ से वापिस आशीर्वाद के रूप में जो भी अन्न उन्हें मिलता , उसे घर लाते और उसी से अपने घरपरिवार का गुजारा चलाते थे!

 

प्रश्न 4 – लेखक आसाढ़ मास का वर्णन किस प्रकार करते हैं?

उत्तरआसाढ़ मास में जब वर्षा की छोटीछोटी बूँदें गिर रही होती है , तो  पूरा गाँव अपनेअपने खेतों में उतर पड़ता है। कहीं कोई हल चल रहे हैं , तो कहीं पर धान के पौधों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर रखने का काम हो रहा है। धान के खेतों में पानी भरा हुआ है और बच्चे उन खेतों में उछल रहे हैं। औरतें सुबह का जलपान नाश्ता लेकर खेत के किनारे पर बैठी हुई हैं। आसाढ़ मास में आसमान पूरी तरह बादल से घिरा हुआ होता है और कहीं पर भी धूप का नाम नहीं होता। पूर्व से चलने वाली या आने वाली ठंडी हवाएँ  चल रही है। लेखक बताते हैं कि ऐसे ही समय में जब सभी आसाढ़ मास में अपनेअपने कामों में व्यस्त होते हैं।

 

प्रश्न 5 – लेखक द्वारा बालगोबिन भगत के गाने का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए? उनके गाने का लोगों पर क्या असर पड़ता था?

उत्तरबालगोबिन भगत के मधुर गानजो वे हमेशा ही गुनगुनाते रहते थे , वे लेखक को हमेशा सुनने को मिलते थे। जब भी वे कबीर के सीधेसादे पद गुनगुनाते थे , तो ऐसा प्रतीत होता था कि उनके कंठ से निकलकर वे पद मानो सजीव हो उठते थे। जब सभी आसाढ़ मास में अपनेअपने कामों में व्यस्त होते हैं। तब सबके कानों में एक स्वरतरंग की झनझन की ध्वनि सुनाई पड़ती है। यह ध्वनि क्या है या यह कौन है जो इस ध्वनि को उत्पन्न कर रहा है ! यह किसी को पूछने की जरुरत नहीं पड़ती क्योंकि इसके बारे में सभी को पता है। बालगोबिन भगत का पूरा शरीर कीचड़ में लिपटा हुआ है और वे भी अपने खेत में धान के पौधों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर रखने का काम कर रहे हैं। उनकी अँगुली एकएक धान के पौधे को , एक सीध में , खेत में बिठा रही है। उनका गला संगीत के एकएक शब्द को जुबान पर चढ़ाकर कुछ शब्दों को ऊपर , स्वर्ग की ओर भेज रहा है और कुछ को इस पृथ्वी की मिट्टी पर खड़े लोगों के कानों की ओर भेज रहा है ! अर्थात बालगोबिन भगत के संगीत के स्वर चारों ओर गूँज रहे हैं। बच्चे खेलते हुए जब बालगोबिन भगत का संगीत सुनते हैं तो वे झूम उठते हैं ; खेतों के किनारे पर खड़ी औरतों के होंठ भी काँप उठते हैं , अर्थात वे भी बालगोबिन भगत के स्वरों के साथ गुनगुनाने लगती हैं ; हल चलाने वाले लोगों के पैर भी उन स्वरों के ताल से उठने लगते हैं ; धान के पौधों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर रखने का काम करने वालों की अँगुलियाँ भी एक अजीब क्रम से चलने लगती हैं ! यह सब दृश्य देख कर एक ही प्रश्न मन में उठता है कि बालगोबिन भगत का यह संगीत है या कोई जादू है !

 

प्रश्न 6 – बालगोबिन भगत की प्रतिदिन की दिनचर्य कैसी थी?

उत्तर जैसे ही कातिक का महीना आता है वैसे ही बालगोबिन भगत की सुबह के समय गाए जाने वाले गीत शुरू हो जाया करते थे और वे गीत फागुन महीने तक चला करते थे। इन महीनों में वे सुबह होते ही उठ जाते थे। किसी को भी यह पता नहीं चल पाता था कि वे किस वक्त जग जाया करते थे और वे हमेशा नदीस्नान को जाते थे अर्थात वे हमेशा नदीं में ही नहाया करते थे। नदी उनके गाँव से दो मील दूर थी ! कहने का तात्पर्य यह है कि बालगोबिन भगत हर सुबह नहाने के लिए दो मील दूर नदी में जाया करते थे। वहाँ से नहाधोकर जब वे घर लौटते थे तो घर आने से पहले गाँव के बाहर ही , एक तालाब था , वे उसके ऊँचे हिस्से पर , अपनी खँजड़ी लेकर बैठ जाया करते थे और अपने गाने गुनगुनाने लगते थे।

 

प्रश्न 7 – लेखक बाल गोबिन भगत के संगीत का गुणगान कैसे करते हैं?

उत्तर लेखक बाल गोबिन भगत के संगीत का गुणगान करते हुए कहते हैं कि वे अपने घर के आँगन में हर शाम को आसन जमा कर संगीत गुनगुनाने के लिए बैठ जाया करते थे। गाँव के कुछ लोग जो उनके संगीत को पसंद करते थे वे भी हर शाम को बाल गोबिन भगत के घर के आँगन में जुट जाया करते थे। जब गीतसंगीत शुरू होता तब खंजड़ियों और करतालों की भरमार हो जाती थी। गीत का एक पद बालगोबिन भगत कह जाते थे तो उनकी प्रेमीमंडली उस गीत के पद को दुहराती , तिहराती थी। जैसेजैसे गीतसंगीत बढ़ता जाता वैसेवैसे धीरेधीरे गीत के स्वर भी ऊँचा होने लगते। ऐसा प्रतीत होता जैसे सभी एक निश्चित ताल , एक निश्चित गति का अनुकरण कर रहे हों। जैसेजैसे उस गीत के तालस्वर में चढ़ाव होता वैसेवैसे उस गीत को सुनने वाले लोगों के मन भी ऊपर उठने लगते। धीरेधीरे उन लोगों का मन उनके तन पर हावी हो जाता। और लेखक बताते हैं कि यह सब होतेहोते , एक क्षण ऐसा आता कि बीच में खँजड़ी लिए बालगोबिन भगत नाच रहे होते और उनके साथ ही सबके तन और मन भी नाच उठने को होने लगते। हर शाम को बाल गोबिन भगत का सारा आँगन नृत्य और संगीत से भरा पूरा प्रतीत होता था !

 

प्रश्न 8 – बाल गोबिन भगत की संगीतसाधना अत्यधिक उन्नत थी उदाहरण सहित समझाएँ?

उत्तर बाल गोबिन भगत की संगीतसाधना कितनी अधिक उन्नत है , इसका प्रमाण उस दिन देखा गया जिस दिन उनके बेटे का निधन हो गया। बाल गोबिन भगत ने अपने बेटे को आँगन में एक चटाई पर लिटाकर एक सफेद कपड़े से ढाँक रखा था। वह कुछ फूल जिनको वे हमेशा ही रोपते रहते थे , उन फूलों में से कुछ फूल तोड़कर उन्होंने अपने बेटे की लाश पर बिखरा दिए थे ; उस पर फूल और तुलसी के पत्ते भी थे। सिरहाने के पास एक चिराग जला रखा था। और , उसके सामने ज़मीन पर ही आसन जमाए गीत गाए चले जा रहे थे ! वही पुराना स्वर , वही पुरानी तल्लीनता। घर में पुत्र की पत्नी रो रही थी जिसे गाँव की स्त्रियाँ चुप कराने की कोशिश कर रही थी। परन्तु , बाल गोबिन भगत गीत गाए जा रहे थे !

 

प्रश्न 9 – बालगोबिन भगत अपने पुत्र की पत्नी को तसल्ली देने के लिए क्या कहते हैं?

उत्तर गातेगाते कभीकभी पुत्र  की पत्नी के नज़दीक भी जाते और उसे रोने के बदले उत्सव मनाने को कहते। और अपनी बहु को समझाते हुए कहते कि आत्मा परमात्मा के पास चली गई , विरहिनी अपने प्रेमी से जा मिली , भला इससे बढ़कर आनंद की कौन ही बात हो सकती है ?

 

प्रश्न 10 – बालगोबिन भगत की बहु अपने मायके क्यों नहीं जाना चाहती थी और भगत ने क्या कहकर उसे विवश किया?

उत्तरजैसे ही पितरों अथवा मृत व्यक्तियों के लिए किया जाने वाला धार्मिक कर्मकांड , पिंडदान, अन्नदान आदि का समय पूरा हुआ , वैसे ही अपनी बहु के भाई को बुलाकर उसे उसके साथ कर दिया , और यह आदेश दिया कि इसकी दूसरी शादी कर देना। किन्तु  उनकी बहु रोरोकर कहती रही कि वह चली जाएगी तो बुढ़ापे में कौन बाल गोबिन भगत के लिए भोजन बनाएगा , यदि कभी बीमार पड़े , तो कौन एक चुल्लू पानी भी देगा ? वह बाल गोबिन भगत के  पैर पड़ती रही कि वह उसे अपने चरणों से अलग   करे ! लेकिन भगत का निर्णय अटल था। उन्होंने अपनी बहस का अंत करते हुए कहा कि वह चली जाए , नहीं तो वे ही इस घर को छोड़कर चले जाएंगे।  अब इस तरह की बात के आगे बेचारी की क्या चलती ? कहने का तात्पर्य यह है कि चाहते हुए भी बाल गोबिन भगत की बहु को उन्हें बुढ़ापे में अकेले छोड़ कर जाना पड़ा।

 

प्रश्न 11 – बालगोबिन भगत की मौत उन्हीं के मुताबिक़ हुई कैसे?

उत्तर बालगोबिन भगत की मौत उन्हीं के मुताबिक़ हुई। लेखक बाल गोबिन भगत के आखरी दिन का वर्णन करते हुए कहते हैं कि उस दिन भी शाम के समय उन्होंने गीत गाए , किन्तु उस समय ऐसा मालूम हो रहा था जैसे कोई तागा टूट गया हो , माला का एकएक दाना बिखरा हुआ सा लग रहा था। सुबह में लोगों ने जब गीत नहीं सुना , तब जाकर देखा तो बालगोबिन भगत नहीं रहे सिर्फ उनका मांसत्वचा आदिx से ढके हुए शरीर की हड्डियों का ढाँचा पड़ा हुआ था !

 

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Class 10 Hindi A Kshitij Lesson 8 Balgobin Bhagat Multiple choice Questions (बहुविकल्पीय प्रश्न)

 

प्रश्न 1 – बालगोबिन भगत लगभग कितने वर्ष के थे?

() 50 वर्ष

() 60 वर्ष

() 48 वर्ष

() 65 वर्ष

उत्तर – () 60 वर्ष

 

प्रश्न 2 – बालगोबिन भगत गले में कौन सी माला पहनते थे?

() तुलसी के पत्तों से बनी हुई माला

() तुलसी के तने से बनी हुई माला

() तुलसी की जड़ों से बनी हुई माला

() तुलसी की बनी हुई माला

उत्तर – () तुलसी की जड़ों से बनी हुई माला

 

प्रश्न 3 – भगतजी  “कबीरदासजी” को क्या मानते थे?

() आराध्य

() मार्गदर्शक 

() गुरु

() साहब

उत्तर – () साहब

 

प्रश्न 4 – लेखक के अनुसार , बालगोबिन भगत का लोगों के प्रति व्यवहार कैसा था?

() वो दो टूक बात कहते थे

() बिना पूछे किसी की चीज को व्यवहार में भी नही लाते थे

() झूठ बोलते और खामखा किसी से झगड़ा मोल लेते थे

() उपरोक्त सभी

उत्तर – () उपरोक्त सभी

 

प्रश्न 5 – बालगोबिन भगत पाठ में लेखक नेरोपड़ी” किसे कहा है?

() धान की रोपाई को

() जौ की रोपाई को

(मक्के की रोपाई को

() चावल की रोपाई को

उत्तर () धान की रोपाई को

 

प्रश्न 6 – भगतजी अपने खेतों में किस चीज की खेती करते थे?

() जौ की

() मक्के की

() धान की

() चावल की

उत्तर – () धान की

 

प्रश्न 7 – भगतजी गाना गाते समय क्या बजाया करते थे?

() खंजड़ी

() ढोलक

() बाँसुरी

() चिमटा

उत्तर – () खंजड़ी

 

प्रश्न 8 – बालगोबिन भगत के गीतों को सुनकर सभी लोग क्या करते थे?

() मजाक बनाते थे

() नाचने लगते थे

() झूम उठते थे

() गुस्सा करते थे

उत्तर () झूम उठते थे

 

प्रश्न 9 – बालगोबिन भगत द्वारा कौन अधिकनिगरानी और मोहब्बत” के ज्यादा हकदार होते है?

() कमजोर और असहाय व्यक्ति

() बुद्धिमान व्यक्ति

() ताकतवर व्यक्ति

() समझदार व्यक्ति

उत्तर () कमजोर और असहाय व्यक्ति

 

प्रश्न 10 – भगतजी अपने बेटे का खास ख्याल क्यों रखते थे?

() क्योंकि वह मानसिक रूप से कमजोर था

() क्योंकि वह सुस्त था

() क्योंकि वह बोदा था

() उपरोक्त सभी

उत्तर – () उपरोक्त सभी

 

प्रश्न 11 – लोगों ने भगतजी की संगीत साधना का चरमोत्कर्ष कब देखा?

() आषाढ़ मास में

() उनके बेटे की मृत्यु के दिन

() पोष मास की ठण्ड में

() फागुन मास में

उत्तर – () उनके बेटे की मृत्यु के दिन

 

प्रश्न 12 – बेटे के मरने के बाद , भगत जी अपनी बहू की दूसरी शादी क्यों करवाना चाहते थे?

() अपना बोझ उतारने के लिए

() खुद को स्वतंत्र करने के लिए

() उसके सुखद भविष्य के लिए

() उसके दुखद भविष्य के लिए

उत्तर () उसके सुखद भविष्य के लिए

 

प्रश्न 13 – अपने मायके जाने की जिद पर अड़ी बहू को उसके घर भेजने के लिए भगतजी ने कौन सी दलील दी थी?

() कि वे उनसे कोई रिश्ता नहीं रखेंगे

() कि वे उनके मायके नहीं आएँगे

() कि वे उनसे कभी बात नहीं करेंगे

() कि वे खुद घर छोड़ कर चले जाएंगे

उत्तर () कि वे खुद घर छोड़ कर चले जाएंगे

 

प्रश्न 14 – भगतजी की बहू उन्हें छोड़कर क्यों नहीं जाना चाहती थी?

() भगतजी के गाना गाने के कारण

() भगतजी के अकेले हो जाने के कारण

() भगतजी के घूमने के शौक के कारण

() उपरोक्त सभी

उत्तर – () भगतजी के अकेले हो जाने के कारण

 

प्रश्न 15 – भगतजी प्रतिवर्ष गंगा स्नान के लिए क्यों जाते थे?

() संत समागम के लिए

() स्नान करने के लिए

() घूमने जाने के लिए

() सैर करने के लिए

उत्तर() संत समागम के लिए

 

प्रश्न 16 – बालगोबिन भगत के घर से गंगा नदी लगभग कितनी कोस की दूरी में थी?

() 40 कोस

() 20 कोस

() 30 कोस

() 10 कोस

उत्तर – () 30 कोस

 

प्रश्न 17 – भगतजी द्वारा अंतिम बार गाया गया गीत लेखक को कैसा लगा?

() जैसे उनमें अब कोई जान हो

() जैसे वीणा का तार टूट गया हो

() जैसे अब उनकी आवाज जवाब दे रही हो

() जैसे अब उन्हें संगीत में कोई रुच हो

उत्तर () जैसे वीणा का तार टूट गया हो

 

प्रश्न 18 – बेटे की मृत्यु के बाद बालगोबिन भगत अपनी बहू से क्या अपेक्षा रखते थे?

() वो किसी से बात करे

() वो भी गाना शुरू करे

() वो उनकी सेवा करे

() वो दूसरा विवाह कर ले

उत्तर () वो दूसरा विवाह कर ले

 

प्रश्न 19 – बालगोबिन भगत के किन कार्यों से ज्ञात होता है कि वे सामाजिक परम्पराओं को नहीं मानते थे?

() वो गृहस्थ होते हुए भी साधु थे

() वो बेटे की मृत्यु पर भी विचलित नहीं थे

() उन्होंने अपने बेटे को मुखाग्नि अपनी बहू के हाथों से दिलवाई

() उपरोक्त सभी

उत्तर () उपरोक्त सभी

 

प्रश्न 20 – आपके अनुसार भगतजी द्वारा अपनी पुत्रबधू से बेटे की चिता को मुखाग्नि दिलाना क्या सिद्ध करता है?

() वो समाज में व्याप्त रूढ़ीवादी परंपराओं को तोड़ना चाहते थे

() वो अपनी पतोहू को अधिकार दिलाना चाहते थे

() वो समाज में अपनी अलग पहचान बनाना चाहते थे

() उपरोक्त सभी

उत्तर () वो समाज में व्याप्त रूढ़ीवादी परंपराओं को तोड़ना चाहते थे

 

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