Hum Panchhi Unmukt Gagan Ke question answers

 

NCERT Solutions for Class 7 Hindi Vasant Bhag 2 हम पंछी उन्मुक्त गगन के Important Question Answers Lesson 1

Class 7 Hindi Hum Panchhi Unmukt Gagan Ke Question Answers- Looking for Hum Panchhi Unmukt Gagan Ke question answers for CBSE Class 7 Hindi Vasant Bhag 2 Book Chapter 1? Look no further! Our comprehensive compilation of important questions will help you brush up on your subject knowledge.

सीबीएसई कक्षा 7 हिंदी वसंत भाग 2 पुस्तक पाठ 1 के लिए हम पंछी उन्मुक्त गगन के प्रश्न उत्तर खोज रहे हैं? आगे कोई तलाश नहीं करें! महत्वपूर्ण प्रश्नों का हमारा व्यापक संकलन आपको अपने विषय ज्ञान को बढ़ाने में मदद करेगा। कक्षा 7 के हिंदी प्रश्न उत्तर का अभ्यास करने से परीक्षा में आपके प्रदर्शन में काफी सुधार हो सकता है। हमारे समाधान इस बारे में एक स्पष्ट विचार प्रदान करते हैं कि उत्तरों को प्रभावी ढंग से कैसे लिखा जाए। हमारे हम पंछी उन्मुक्त गगन के प्रश्न उत्तरों को अभी एक्सप्लोर करें उच्च अंक प्राप्त करने के अवसरों में सुधार करें।

 The questions listed below are based on the latest CBSE exam pattern, wherein we have given NCERT solutions to the chapter’s extract based questions, multiple choice questions, short answer questions, and long answer questions

 Also, practicing with different kinds of questions can help students learn new ways to solve problems that they may not have seen before. This can ultimately lead to a deeper understanding of the subject matter and better performance on exams. 

 

  • Hum Panchhi Unmukt Gagan Ke Extract Based Questions
  • Hum Panchhi Unmukt Gagan Ke Multiple Choice Questions
  • Hum Panchhi Unmukt Gagan Ke Questions Answers
  • Hum Panchhi Unmukt Gagan Ke Extra Question Extra Question Answers
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    Class 7 Hindi हम पंछी उन्मुक्त गगन के Question Answers Lesson 1 – सार-आधारित प्रश्न (Extract Based Questions)

    सारआधारित प्रश्न बहुविकल्पीय किस्म के होते हैं, और छात्रों को पैसेज को ध्यान से पढ़कर प्रत्येक प्रश्न के लिए सही विकल्प का चयन करना चाहिए। (Extract-based questions are of the multiple-choice variety, and students must select the correct option for each question by carefully reading the passage.)

    1)
    हम पंछी उन्मुक्त गगन के
    पिंजरबद्ध न गा पाएँगे ,
    कनक – तीलियों से टकराकर
    पुलकित पंख टूट जाएँगे ।
    हम बहता जल पीनेवाले
    मर जाएँगे भूखे-प्‍यासे ,
    कहीं भली है कटुक निबोरी
    कनक – कटोरी की मैदा से।

    प्रश्न 1. उपर्युक्त पद्यांश के कवि का नाम बताएं।
    (क) जैनेंद्र कुमार
    (ख) शिवमंगल सिंह ‘सुमन’
    (ग) यतीश अग्रवाल
    (घ) कबीर दास
    उत्तर – (ख) शिवमंगल सिंह ‘सुमन’

    प्रश्न 2. ‘उन्मुक्त’ शब्द का सही अर्थ ____है।
    (क) आज़ाद, खुले
    (ख) मुक्त न होना
    (ग) अभी मुक्ति नहीं
    (घ) उपर्युक्त सभी
    उत्तर – (क) आज़ाद, खुले

    प्रश्न 3. पक्षी क्या चाहते है?
    (क) पिंजरे में बंद होना
    (ख) गाना गाना
    (ग) स्वतंत्र रहकर जीना
    (घ) उपर्युक्त सभी
    उत्तर – (ग) स्वतंत्र रहकर जीना

    प्रश्न 4. पक्षी अपने लिए किस तरह का भोजन उपयुक्त मानते है?
    (क) नीम का कड़वा फल को
    (ख) सोने की कटोरी में रखी हुई मैदा को
    (ग) अनार के दाने को
    (घ) उपर्युक्त सभी
    उत्तर – (क) नीम का कड़वा फल को

    2)
    स्‍वर्ण – श्रृंखला के बंधन में
    अपनी गति, उड़ान सब भूले,
    बस सपनों में देख रहे हैं
    तरु की फुनगी पर के झूले।
    ऐसे थे अरमान कि उड़ते
    नील गगन की सीमा पाने,
    लाल किरण – सी चोंच खोल
    चुगते तारक – अनार के दाने।

    प्रश्न 1. उपर्युक्त पद्यांश के पाठ का नाम बताएं।
    (क) मिठाईवाला
    (ख) हम पंछी उन्मुक्त गगन के
    (ग) पापा खो गए
    (घ) दोहे
    उत्तर – (ख) हम पंछी उन्मुक्त गगन के

    प्रश्न 2. पिंजरे में बंद पक्षी क्या-क्या भूल जाते है?
    (क) अपनी इच्छा
    (ख) अपनी उड़ान
    (ग) अपनी खुशी
    (घ) अपनी गति, उड़ान
    उत्तर – (घ) अपनी गति, उड़ान

    प्रश्न 3. पक्षी अब बस सपनों में क्या देखते हैं?
    (क) हम पेड़ों की ऊँची टहनियों पर झूला झूल रहे हैं।
    (ख) हम आसमान में उड़ रहे हैं।
    (ग) हम आजाद हो गए हैं।
    (घ) इनमें से कोई नही
    उत्तर – (क) हम पेड़ों की ऊँची टहनियों पर झूला झूल रहे हैं।

    प्रश्न 4. ‘तरु’ शब्द का क्या अर्थ है?
    (क) घरातल
    (ख) टहनी
    (ग) पेड़
    (घ) इनमें से कोई नही
    उत्तर – (ग) पेड़

    प्रश्न 5. ‘लाल किरण – सी चोंच खोल’ से क्या तात्पर्य है?
    (क) सूरज की किरणों के जैसी लाल चोंच को खोल कर
    (ख) लाल किरण में लाल चोंच को खोल कर
    (ग) लाल किरण जैसी लाल चोंच खोल कर
    (घ) उपर्युक्त सभी
    उत्तर – (क) सूरज की किरणों के जैसी लाल चोंच को खोल कर

    3)
    होती सीमाहीन क्षितिज से
    इन पंखों की होड़ा – होड़ी ,
    या तो क्षितिज मिलन बन जाता
    या तनती साँसों की डोरी।
    नीड़ न दो , चाहे टहनी का
    आश्रय छिन्‍न – भिन्‍न कर डालो,
    लेकिन पंख दिए हैं, तो
    आकुल उड़ान में विघ्‍न न डालो।

    प्रश्न 1. उपर्युक्त पद्यांश में पक्षियों की क्या इच्छा है?
    उत्तर – आकाश की सीमा को पार करने की

    प्रश्न 2. क्षितिज किसे कहते है?
    उत्तर – जहाँ धरती और आसमान मिलते हुए प्रतीत होते हैं।

    प्रश्न 3. पक्षियों को आश्रय छिन्‍न – भिन्‍न होने का दुःख क्यों नहीं होता?
    उत्तर – आज़ाद रहेंगे तो आश्रय दूसरा बना लेंगे।

    प्रश्न 4. ‘नीड़’ शब्द का सहि अर्थ ____ है।
    उत्तर – घोंसला

     

    Class 7 Hindi Vasant Lesson 1 हम पंछी उन्मुक्त गगन के बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions)

    बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) एक प्रकार का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन है जिसमें एक व्यक्ति को उपलब्ध विकल्पों की सूची में से एक या अधिक सही उत्तर चुनने के लिए कहा जाता है। एक एमसीक्यू कई संभावित उत्तरों के साथ एक प्रश्न प्रस्तुत करता है।

     
    प्रश्न 1. ‘हम पंछी उन्मुक्त गगन के’ कविता के कवि का नाम बताएं।
    (क) यतीश अग्रवाल
    (ख) कबीर दास
    (ग) जैनेंद्र कुमार
    (घ) शिवमंगल सिंह ‘सुमन’
    उत्तर – (घ) शिवमंगल सिंह ‘सुमन’

    प्रश्न 2. हम पंछी उन्मुक्त _____ के।
    (क) धूप
    (ख) गगन
    (ग) हवा
    (घ) जल
    उत्तर – (ख) गगन

    प्रश्न 3. सोने की सलाखों से टकराकर क्या टूट जाएँगे?
    (क) चोंच
    (ख) पैर
    (ग) पंख
    (घ) इनमें से कोई नहीं
    उत्तर – (ग) पंख

    प्रश्न 4. ‘कनक’ शब्द का क्या अर्थ है?
    (क) स्वर्ण
    (ख) स्वतंत्र
    (ग) बेचैन
    (घ) तारे
    उत्तर – (क) स्वर्ण

    प्रश्न 5. निम्नलिखित में से उचित शब्द चुनकर पंक्ति को पूरा कीजिए- पुलकित पंख ___ जाएँगे’।
    (क) टूट
    (ख) फूट
    (ग) धूल
    (घ) सुख
    उत्तर – (क) टूट

    प्रश्न 6. पक्षी के पिंजरे की तीलियाँ किस धातु से बनी हुई बताई गई है?
    (क) लोहे की
    (ख) तांबे की
    (ग) सोने की
    (घ) चांदी की
    उत्तर – (ग) सोने की

    प्रश्न 7. पक्षी किस प्रकार के गगन में उड़ना चाहते हैं?
    (क) नीले
    (ख) खुले
    (ग) मुक्त
    (घ) उन्मुक्त
    उत्तर – (घ) उन्मुक्त

    प्रश्न 8. कवि ने कटुक निबौरी को किस चीज से अच्छा बताया है ?
    (क) सोने की कटोरी में रखी हुई मैदा से
    (ख) हलवा पूरी से
    (ग) कटोरी के अन्न से
    (घ) पिंजरे में रखी दाने से
    उत्तर – (क) सोने की कटोरी में रखी हुई मैदा से

    प्रश्न 9. निम्नलिखित में से उचित शब्द चुनकर पंक्ति को पूरा कीजिए- लाल किरण – सी चोंच _____।
    (क) बोल
    (ख) हमारे
    (ग) खोल
    (घ) इनमें से कोई नहीं
    उत्तर – (ग) खोल

    प्रश्न 10. पिंजरे में बंद पक्षी क्या करना भूल जाते है?
    (क) अपनी खुशी
    (ख) अपनी गति, उड़ान
    (ग) अपनी इच्छा
    (घ) उड़ान भरने की कला
    उत्तर – (ख) अपनी गति, उड़ान

    प्रश्न 11. कवि ने कविता में पक्षियों के लिए कौन सी बात की है ?
    (क) स्वतंत्रता की
    (ख) गुलामी की
    (ग) पिंजरे की
    (घ) आश्रय की
    उत्तर – (क) स्वतंत्रता की

    प्रश्न 12. ‘फुनगी’ शब्द का क्या अर्थ है?
    (क) फफ़ुन्दी
    (ख) फ़न
    (ग) टहनियां
    (घ) इनमें से कोई नहीं
    उत्तर – (ग) टहनियां

    प्रश्न 13. पक्षियों का बसेरा क्या है?
    (क) पिंजरा
    (ख) खुला आसमान
    (ग) घोंसला
    (घ) इनमें से कोई नहीं
    उत्तर – (ख) खुला आसमान

    प्रश्न 14. पक्षियों को कहाँ का पानी पीना अच्छा लगता है?
    (क) बारिस का
    (ख) कुओं का
    (ग) बाढ़ का
    (घ) नदियों और झरनों का
    उत्तर – (घ) नदियों और झरनों का

    प्रश्न 15. पक्षी किसके बंधन में है?
    (क) आदमियों के
    (ख) स्‍वर्ण – श्रृंखला के
    (ग) स्‍वर्ण के
    (घ) जाल के
    उत्तर – (ख) स्‍वर्ण – श्रृंखला के

     

    Class 7 Hindi हम पंछी उन्मुक्त गगन के प्रश्न और उत्तर Questions Answers

     

    कविता से

    प्रश्न 1. हर तरह की सुख सुविधाएँ पाकर भी पक्षी पिंजरे में बंद क्यों नही रहना चाहते ?
    उत्तर – पंछी को गुलामी की अपेक्षा स्वतंत्रता प्यारी है। पिंजरे में हर तरह की सुख – सुविधाएँ पाकर भी पक्षी पिंजरे में बंद इसलिए नहीं रहना चाहते क्योंकि पिंजरे में सुख – सुविधाएँ तो हैं किन्तु वे वहाँ बंधन में हैं , वो बहता पानी पी नहीं सकते , उड़ नहीं सकते , वो उन पंखों का इस्तेमाल नहीं कर सकते जो उनको भगवान् ने उड़ने के लिए दिए हैं। वो अपनी मर्जी से कोई भी वो कार्य नहीं कर सकते जो एक आजाद पंछी कर सकता है जैसे क्षितिज तक उड़ान नहीं भर सकते है, पेड़ के फल नहीं खा सकते , टहनियों पर बैठ कर झूला नहीं झूल सकते। वह पिंजरे में कैद होकर सोने की कटोरी में मैदा खाने की अपेक्षा नीम के कड़वे फल खाना ही पसंद करता है। कोई भी जीवन के अभावों में रहना पसंद करेगा न की बंधन में रहना। यही कारण है कि वह सुख – सुविधाएं पाकर भी अपनी स्वतंत्रता के बदले में पिंजरे में कैद होना नहीं चाहता है।

    प्रश्न 2. पक्षी उन्मुक्त रहकर अपनी कौन – कौन सी इच्छाएँ पूरी करना चाहते हैं ?
    उत्तर – पक्षी उन्मुक्त रहकर गीत गाना चाहता है। स्वतन्त्र हो कर आकाश में उड़ना चाहता है। वह स्वतंत्र रहकर नदियों – झरनों का जल पीना चाहता है। पेड़ के फल खाना चाहता है। वृक्षों की डालियों पर बैठकर झुला झूलना चाहता है। अपने पंखों को पूर्णतः फैला कर सीमाहीन क्षितिज को छूना चाहता है। अपनी सूरज जैसी लाल चोंच से अनार के दाने चुगना चाहता है।

    प्रश्न 3. भाव स्पष्ट कीजिए –
    या तो क्षितिज मिलन बन जाता / या तनती साँसों की डोरी।
    उत्तर – इन पंक्तियों में पक्षी कहना चाहते हैं कि जब वे स्वतन्त्र हो कर आकाश की अंतहीन सीमा को प्राप्त करने के लिए उड़ान भरते तब या तो वे वहाँ तक पहुँच जाते या इस प्रतिस्पर्धा में वे अपने प्राण त्याग देते। अर्थात पक्षी स्वतन्त्र हो हर बहुत दूर दूर तक सफलता पूर्वक उड़ते और थक कर हांफने लगते पर हर हाल में खुश होते।

    कविता से आगे

    प्रश्न 1. कई लोग पक्षी पालते हैं-
    (क) पक्षियों को पालना उचित है अथवा नहीं? अपने विचार लिखिए।
    (ख) क्या आपने या आपकी जानकारी में किसी ने कभी कोई पक्षी पाला है? उसकी देखरेख किस प्रकार की जाती होगी, लिखिए।
    उत्तर-
    (क) पक्षियों को पालना उचित नहीं है क्योंकि पक्षियों को स्वतंत्र रूप से आकाश में उड़ना अच्छा लगता है ये उनका स्वाभाविक कार्य है । लेकिन हम उन्हें पिंजरे में बंद करके रखते है इससे उनकी आजादी पर रोक लग जाती हैं। अतः पक्षियों को पालना सही नहीं है।
    (ख) हमारे पड़ोसी ने एक तोता पाला हुआ है। उनके परिवार के सभी सदस्य तोते की अच्छे से देखभाल करते है। प्रतिदिन उसके पिंजरे की सफाई करते है तथा एक कटोरी में पीने के लिए पानी और खाने के लिए चना देते है और उस तोते से बातें भी करते है तोते ने घर के सभी सदस्यों के नाम रट लिए है। जब कोई उसके पिंजरे के पास जाता है तो चहचहाने लगता है।

    प्रश्न 2. पक्षियों को पिंजरे में बंद करने से केवल उनकी आज़ादी का हनन ही नहीं होता, अपितु पर्यावरण भी प्रभावित होता है। इस विषय पर दस पंक्तियों में अपने विचार लिखिए।
    उत्तर – पक्षियों को पिंजरे में बंद करने से केवल उनकी आज़ादी का हनन ही नहीं होता, अपितु पर्यावरण भी प्रभावित होता है। जैसे – पक्षियों का प्रकृति है ‘उड़ना’। पर्यावरण को संतुलित करने में पक्षियों का भी सहयोग रहता है। पक्षी आहार श्रृंखला को नियमित करते हैं। जैसे-घास को टिड्डा खाता है, टिड्डे को पक्षी खाते हैं और यदि पक्षी न हों तो टिड्डियों की संख्या अत्यधिक हो जाएगी जो फसलों को नष्ट कर देंगे। दूसरी ओर अगर कोई पक्षी या जानवर मर जाता है तो मांस खाने वाले पक्षी उन मरे हुए पक्षी या जानवर का मांस खाकर पर्यावरण को दूषित होने से बचाते है।

    अनुमान और कल्पना

    प्रश्न 1. क्या आपको लगता है कि मानव की वर्तमान जीवन-शैली और शहरीकरण से जुड़ी योजनाएँ पक्षियों के लिए घातक हैं? पक्षियों से रहित वातावरण में अनेक समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। इन समस्याओं से बचने के लिए हमें क्या करना चाहिए? उक्त विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन कीजिए।
    उत्तर – यह कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि मानव की वर्तमान जीवन-शैली और शहरीकरण से जुड़ी योजनाएँ पक्षियों के लिए घातक हैं क्योंकि शहरों में औद्योगीकरण के कारण विषैली गैसें और प्रदूषित जल पक्षियों के लिए हानिकारक होता जा रहा है। दूसरी ओर अधिक मात्रा में पेड़ काटकर बड़े-बड़े इमारत बना दिए जाते हैं जिससे पक्षियों का रहने का आश्रय स्थल समाप्त हो जाता है। ऐसे वातावरण में पक्षी बहुत ही प्रभावित हुए हैं । घने व छायादार वृक्षों की छांव से पक्षी वंचित होते जा रहे हैं। निर्जन, सुनसान, ध्वनि रहित वातावरण अब उन्हें प्राप्त नहीं होता है। पीने के लिए शुद्ध जल प्राप्त नहीं हो पाता है। उनके शिकार होने का खतरा उन पर बना रहता है। धूल, धुएँ और जहरीले रसायन के पानी और हवा में घुलने के कारण पक्षी भी इससे बीमार हुए हैं और मौत के शिकार हुए हैं।
    पक्षियों को इन समस्याओं से बचाने के लिए हमें अधिक-से-अधिक वृक्ष लगाने चाहिए और बाग-बगीचे का निर्माण करना चाहिए। फैक्ट्रियों से निकलने वाले रसायन से जल और हवा दूषित होता है तथा इन फैक्ट्रियों को शहर से दूर लगाना चाहिए ।

    प्रश्न 2. यदि आपके घर के किसी स्थान पर किसी पक्षी ने अपना आवास बनाया है और किसी कारणवश आपको अपना घर बदलना पड़ रहा है तो आप उस पक्षी के लिए किस तरह के प्रबंध करना आवश्यक समझेंगे? लिखिए।
    उत्तर – यदि हमारे घर में किसी पक्षी ने अपना आवास बनाया है और किसी कारणवश हमें घर बदलना पड़ रहा है, तो हम कोशिश करेंगे कि जब तक घोंसलों में रहने वाले पक्षी के छोटे-छोटे बच्चे उड़ना न सिख ले तब तक घोंसले को छेड़ा न जाए। यदि फिर भी घर छोड़ना जरूरी हुआ तो उस घर में आने वाले नए परिवार से अनुरोध करेंगे कि वे घोंसले को अपनी जगह रहने दें तथा इसका ध्यान रखें।

    भाषा की बात

    प्रश्न 1. स्वर्ण-श्रृंखला और लाल किरण-सी में रेखांकित शब्द गुणवाचक विशेषण हैं। कविता से ढूँढ़कर इस प्रकार के तीन और उदाहरण लिखिए।
    उत्तर –
    (i) उन्मुक्त-गगन
    (ii) पुलकित-पंख
    (iii) कड़वा-निबौरी

    प्रश्न 2. ‘भूखे-प्यासे’ में द्वन्द्व समास है। इन दोनों शब्दों के बीच लगे चिन्ह को सामासिक चिह्न (-) कहते हैं। इस चिह्न से ‘और’ का संकेत मिलता है, जैसे- भूखे-प्यासे = भूखे और प्यासे।
    इस प्रकार के दस अन्य उदाहरण खोजकर लिखिए।
    उत्तर –
    (i) रात-दिन = रात और दिन
    (ii) पाप-पुण्य = पाप और पुण्य
    (iii) बुरा-भला = बुरा और भला
    (iv) खट्टा-मीठा = सुख और दुख
    (v) हँसते-गाते = खट्टा और मीठा
    (vi) धूप-छाँव = धूप और छाँव
    (vii) सुबह-शाम = सुबह और शाम
    (viii) खाते-पीते = खाते और पीते
    (xi) सही-गलत = सही और गलत
    (x) दाल-रोटी = दाल और रोटी

     

    Class 7 Hindi हम पंछी उन्मुक्त गगन के अतिरिक्त प्रश्न उत्तर (Extra Question Answers)

    प्रश्न 1. पक्षी कहाँ का पानी पीना पसंद करते है?
    उत्तर – पक्षी नदियों और झरनों का बहता पानी पीना पसंद करते है।

    प्रश्न 2. पक्षी कैसा जीवन जीना चाहते है?
    उत्तर – पक्षी स्वतंत्र जीवन जीना चाहते है।

    प्रश्न 3. पक्षी मनुष्यों से क्या चाहते हैं?
    उत्तर – पक्षी मनुष्यों से यही चाहता है कि भले ही पेड़ पर टहनियों के घोसले में न रहने दो और चाहो तो हमारे रहने के स्थान को भी नष्ट कर डालो। परन्तु जब भगवान ने हमें पंख दिए है, तो हमारी उड़ान में रुकावट ना डालो। हमें स्वतंत्र रूप से उड़ने दो।

    प्रश्न 4. पक्षियों को पिंजरे में घुटन क्यों होती है?
    उत्तर – पक्षियों को पिंजरे में घुटन इसलिए होती है क्योंकि पिंजरे में पक्षी उड़ान नहीं भर सकते, नदी-झरनों का बहता पानी नहीं पी सकते, कड़वी निबौरियाँ नहीं खा सकते, ‘फुदक नहीं सकते, अपने पंख को फैला नहीं सकते, अनार के दानों रूपी तारों को चुग नहीं सकते। इसके अलावा पिंजरे में पक्षियों को वह वातावरण नहीं मिलता, जिसमें रहने के वे आदी हैं। चाहे पिंजरे में पक्षियों को सभी सुख सुविधाएं मिले जो उनके जीवन के लिए जरूरी हैं तभी वे पिंजरे में नहीं रहना चाहते है। वे खुले आकाश में स्वतंत्र रूप से उड़ना चाहते हैं।

    प्रश्न 5. पक्षी आजाद होकर क्या-क्या करना चाहते हैं?
    उत्तर – पक्षी आजाद होकर प्रकृति के सुंदर रूप का आनंद लेना चाहते हैं, दाना चुगना चाहते हैं। एक डाल से दूसरी डाल पर उड़ना चाहते हैं और पेड़ पर अपना घोंसला बनाना चाहते हैं। आजाद होकर जंगल की कड़वी निबोरी खाना चाहते हैं और नदियों का ठंडा पानी पीना चाहते हैं। खुले आकाश में उड़ान भरकर क्षितिज के अंत तक पहुंचना चाहते हैं।

    प्रश्न 6. ‘हम पंछी उन्मुक्त गगन के’ कविता के माध्यम से कवि हमें क्या सन्देश देना चाहता है?
    उत्तर – ‘हम पंछी उन्मुक्त गगन के’ कविता के माध्यम से कवि हमें यह संदेश देना चाहता है कि स्वतंत्रता सबसे अच्छी है। स्वतंत्र रहकर ही अपने सपने और अरमान पूरे किए जा सकते हैं। पराधीनता में सारी इच्छाएँ खत्म हो जाती हैं। पराधीन रहने से हमें अपनी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए भी दूसरों पर निर्भर हो जाना पड़ता है। कवि ने इस कविता के माध्यम से स्वतंत्रता के महत्व को बताया है। जिस तरह हम सभी को स्वतंत्रता अच्छी लगती है उसी तरह पक्षियों को भी स्वतंत्रता अच्छी लगती है इसलिए हमें पक्षियों को बंदी बनाकर नहीं रखना चाहिए। उन्हें आजाद कर खुले आसमान में उड़ान भरने देना चाहिए।

     

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