Joojh Summary

 

CBSE Class 12 Hindi Vitan Bhag 2 Book Chapter 2 जूझ Summary

 

इस पोस्ट में हम आपके लिए CBSE Class 12 Hindi Vitan Bhag 2 Book के Chapter 2 जूझ का पाठ सार लेकर आए हैं। यह सारांश आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे आप जान सकते हैं कि इस कहानी का विषय क्या है। इसे पढ़कर आपको को मदद मिलेगी ताकि आप इस कहानी के बारे में अच्छी तरह से समझ सकें। Joojh Summary of CBSE Class 12 Hindi Vitan Bhag-2 Chapter 2.

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प्रश्न- कक्षा 12, हिंदी वितान, भाग-2 पुस्तक, ‘जूझ’ पाठ का सारांश क्या है?

अथवा 

जूझ कहानी का सारांश क्या है?

उत्तर- ‘जूझ’ प्रसिद्ध मराठी साहित्यकार आनंद यादव की आत्मकथा का एक महत्वपूर्ण अंश है। इस पाठ में लेखक ने अपने बचपन के संघर्षपूर्ण जीवन का मार्मिक चित्रण किया है। लेखक का परिवार खेती-किसानी से जुड़ा हुआ था और उनके पिता चाहते थे कि वह खेतों में काम करें, जबकि लेखक पढ़-लिखकर आगे बढ़ना चाहता था। पढ़ाई के प्रति उसकी तीव्र इच्छा और परिस्थितियों से जूझने की उसकी लगन इस पाठ में स्पष्ट दिखाई देती है।

  1. लेखक की पढ़ने की तीव्र इच्छा- लेखक का मन पाठशाला जाने के लिए बहुत तड़पता था, लेकिन वह अपने पिता से पढ़ाई की बात कहने से डरता था। उसे लगता था कि खेती से घर का ठीक से गुजारा नहीं हो पाएगा। इसलिए वह पढ़-लिखकर नौकरी करना चाहता था, जिससे उसके हाथ में कुछ पैसे आ सकें।
  2. खेती का काम और परिवार की परिस्थिति- दीवाली के बाद लेखक के परिवार को लगभग एक महीने तक ईख पेरने के लिए कोल्हू चलाना पड़ता था। लेखक के पिता कोल्हू जल्दी शुरू कर देते थे ताकि गुड़ की अच्छी कीमत मिल सके। इसी कारण परिवार के सभी लोग खेती के काम में व्यस्त रहते थे।
  3. माँ के साथ बातचीत और देसाई दादा से सहायता- एक दिन लेखक अपनी माँ के साथ कंडे थापते हुए पढ़ाई की बात करता है। माँ जानती थी कि पिता पढ़ाई के खिलाफ हैं, फिर भी लेखक उन्हें समझाकर दत्ता जी राव देसाई के पास जाने के लिए तैयार कर लेता है। माँ और लेखक रात में देसाई दादा के घर जाकर अपनी समस्या बताते हैं। देसाई दादा लेखक की पढ़ाई के पक्ष में हो जाते हैं।
  4. देसाई दादा द्वारा लेखक के पिता को समझाना- देसाई दादा ने चतुराई से लेखक के पिता को बुलवाया और उनसे बातचीत की। जब उन्हें पता चला कि लेखक पढ़ाई छोड़कर खेतों में काम कर रहा है, तो उन्होंने पिता को खूब समझाया और लेखक को फिर से स्कूल भेजने का निर्णय कराया।
  5. पढ़ाई के लिए पिता की शर्तें- लेखक के पिता ने उसे स्कूल जाने की अनुमति तो दी, लेकिन कुछ शर्तें भी रखीं। लेखक को सुबह खेतों में काम करना, फिर स्कूल जाना और छुट्टी के बाद फिर से खेतों में काम करना पड़ता था। लेखक ने पढ़ाई के लिए ये सभी शर्तें स्वीकार कर लीं।
  6. स्कूल में प्रारंभिक कठिनाइयाँ- लेखक दोबारा स्कूल जाने लगा, लेकिन शुरुआत में उसे कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। सहपाठियों ने उसके पहनावे का मजाक उड़ाया, जिससे वह निराश हो गया। बाद में उसने नई टोपी और चड्डी बनवाकर स्कूल जाना शुरू किया और धीरे-धीरे सहपाठियों से मित्रता हो गई।
  7. मंत्री मास्टर का प्रभाव- कक्षा में मंत्री नामक शिक्षक गणित पढ़ाते थे। वे अनुशासनप्रिय थे और गलती करने पर विद्यार्थियों को दंड भी देते थे। उनकी सख्ती के कारण सभी छात्र नियमित रूप से पढ़ाई करने लगे।
  8. वसंत पाटील से प्रेरणा- कक्षा में वसंत पाटील नाम का एक होशियार लड़का था, जिसे मॉनीटर बनाया गया था। लेखक पहले उससे ईर्ष्या करता था, लेकिन बाद में उसकी पढ़ाई से प्रेरणा लेकर स्वयं भी मेहनत करने लगा। इससे लेखक की पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ी और उसे गणित समझ में आने लगा।
  9. सौंदलगेकर मास्टर और कविता के प्रति रुचि- मराठी के शिक्षक न.वा. सौंदलगेकर कविता बहुत सुंदर ढंग से पढ़ाते थे। वे कविताएँ गाकर और अभिनय के साथ समझाते थे। उनके प्रभाव से लेखक में कविता के प्रति रुचि जागी और वह खेतों में काम करते समय भी कविताएँ गुनगुनाने लगा।
  10. लेखक का कवि बनने की ओर झुकाव- सौंदलगेकर मास्टर के मार्गदर्शन से लेखक ने स्वयं कविताएँ लिखना शुरू कर दिया। वे उसे छंद, लय, अलंकार और शुद्ध भाषा का ज्ञान देते थे। धीरे-धीरे लेखक की भाषा सुधरने लगी और उसके मन में शब्दों के प्रति गहरा प्रेम उत्पन्न हो गया।
  11. संघर्ष और सफलता का संदेश- ‘जूझ’ पाठ लेखक के संघर्ष, मेहनत और लगन की कहानी है। कठिन परिस्थितियों के बावजूद लेखक ने पढ़ाई जारी रखी और आगे चलकर एक प्रसिद्ध कथाकार और उपन्यासकार बन गया। यह पाठ हमें सिखाता है कि दृढ़ इच्छा और परिश्रम से किसी भी कठिनाई को पार किया जा सकता है।

 

प्रश्न- कक्षा 12, हिंदी वितान, भाग-2 पुस्तक, पाठ 2 ‘जूझ’ के आधार पर जूझ का क्या अर्थ है?

उत्तर- ‘जूझ’ शब्द का अर्थ है संघर्ष करना या कठिनाइयों का डटकर सामना करना। यह शब्द जीवन में आने वाली समस्याओं और बाधाओं से हार न मानकर उनसे लड़ते रहने की भावना को व्यक्त करता है। 

प्रश्न- कक्षा 12, हिंदी वितान, भाग-2 पुस्तक, पाठ 2, ‘जूझ’ पहले किस भाषा में लिखी गई?

उत्तर– ‘जूझ’ पहले मराठी भाषा में लिखी गई। 

प्रश्न- मराठी भाषा में लिखी गई जूझ रचना का हिंदी अनुवाद किसने किया है?

उत्तर- मराठी भाषा में लिखी गई जूझ रचना का हिंदी अनुवाद ओम थानवी ने किया। 

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