Idioms in Hindi  Meaning and Example Sentences

 

यह पाठ CBSE 2026-27 सत्र के नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार अपडेट किया गया है। (Updated for the CBSE 2026-27 session.)

Hindi Muhavare – हिंदी मुहावरे एक प्रकार के वाक्यांश होते हैं जो भाषा के रूप में प्रयोग होते हैं और एक मूल अर्थ से अलग अर्थ प्रदान करते हैं।

इन्हें भाषा की सुंदरता, विविधता और रस को बढ़ाने के लिए प्रयोग किया जाता है| मुहावरे भाषा को रंगीन बनाने में मदद करते हैं और वाक्यों को दिलचस्प बनाते हैं। इन्हें कहावत भी कहते हैं। कई बार हिंदी की परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं में मुहावरों से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं। इस लेख में हम शरीर के अंगों संबंधित अर्थ सहित हिंदी मुहावरे, उनका वाक्य में प्रयोग पर विस्तार से चर्चा करेंगे। 

शरीर के अंगों संबंधित मुहावरे

‘ सिर ’ सम्बन्धी मुहावरे 

 

सिर उठाना – विरोध करना, घमंड करना

वाक्य – भारतीय सेनाओं के सामने आतंकवादियों का सिर उठाना कठिन है।

 

सिर उड़ाना – सिर काट देना 

वाक्य – आतंकवादियों ने निर्दोष लोगों के सिर उड़ा दिये।

 

सिर ऊँचा होना – आदर पाना

वाक्य – समाज में बेटे की मिली कामयाबी से पंकज सर का सिर उच्चा हो गया । 

 

सिर खाना – व्यर्थ प्रश्न कर तंग करना

वाक्य – प्रिया कब से एक ही बात को बार-बार कहकर रानी का सिर खा रही है।

 

सिर घूमना – सिर में चक्कर आना, दिमाग फिर जाना

वाक्य – सुबह से ही रमेश का सिर घूम रहा है।

 

सिर चढ़ाना – ढीठ बना देना

वाक्य – राजू अपने छोटे बेटे को जरूरत से ज्यादा सिर चढ़ा रखा है।

 

सिर झुकाना – प्रणाम करना, अधीनता मानना

वाक्य – राधा हमेशा अपने से बड़ों को देखकर सिर झुका लेती है।

 

सिर धुनना – पछताना

वाक्य – वैभव गलती करने के बाद सिर धुनने लगा।

 

सिर पटकना – अनेक उपाय करना

वाक्य – जब राहुल से कहा जा रहा था कि दादाजी को किसी अच्छे अस्पताल में ले जाओ तब तो वह सुन नहीं रहा था अब जब दादा जी नहीं रहे तो सिर पटक रहा है।

 

सिर नीचा होना – अपमानित होना।

वाक्य – भरी समाज में बेटे की एक गलती के कारण राघव जी का सिर नीचा हो गया।

 

सिर पर भूत सवार होना – धुन सवार होना

वाक्य – मधु के सिर पर आजकल परीक्षा का भूत सवार है।

 

सिर फिर जाना – पागल होना

वाक्य – उसे मत छेड़ो। अगर उसका सिर फिर गया तो तुम लोगों की शामत आ जाएगी।

 

सिर मुंडाते ओले पड़ना – काम के आरम्भ में ही विघ्न पड़ना

वाक्य – पवन ने फल बेचने का नया नया व्यवसाय शुरू किया था कि तभी लॉक डाउन हो गया। उस बेचारे के तो सिर मुड़ाते ही ओले पड़ गया।

 

सिर पर कफन बाँधना – शहादत के लिए तैयार होना

वाक्य – भारत को आजादी दिलवाने के लिए भगत सिंह ने सर पर कफ़न बाँध लिया था और वह आजादी की लड़ाई में शहीद हो गए।

 

सिर गंजा कर देना – मारने का भय दिखाना

वाक्य – भाग जा यहां से नहीं तो सिर गंजा कर दूंगा।

 

सिर मारना – प्रयत्न करना

वाक्य – अस्पताल में पत्नी के इलाज के लिए, उमेश पैसों के इंतजाम के लिए जगह-जगह सिर मारता फिर रहा है।

 

सिर चढ़कर बोलना –  साक्षात् प्रभावशाली होना

वाक्य – आजकल मोदी का जादू अधिकतर लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है।

 

सिर खुजलाना – बहाना करना

वाक्य – जब भी मैं सीमा से पढ़ाई करने के लिए उसकी कोई पुस्तक माँगती हूँ,तो वह सिर खुजलाती बैठ जाती है।

 

सिर पड़ना – नाम लगना

वाक्य – मुनवर सारे कामों को हल्के में लेता है, एक न एक दिन उसके सिर पड़ने पर ही उसकी आंखें खुलेंगी।

 

सिर पर पाँव रखकर भागना – बहुत जल्द भाग जाना

वाक्य – पुलिस को देख कर डाकू सिर पर पाँव रख कर भाग गए।

 

सिर आँखों पर होना – सहर्ष स्वीकार होना

वाक्य – आपकी आज्ञा सिर आँखों पर है।

‘ मुँह ’ सम्बन्धी मुहावरे 

 

मुँह अंधेरे – प्रात:काल सूर्योदय से पूर्व

वाक्य – उनके बच्चे प्रतिदिन अंधेरे मुँह टहलने जाते हैं।

 

मुँह काला होना – कलंक या दोष लगना

वाक्य – ठगी का काम करके आपने खुद ही अपना मुँह काला कर लिया है।

 

मुँह की खाना – हार जाना, कठोर उत्तर सुनना

वाक्य – युद्ध में मुग़ल सेना को कई बार मुँह की खानी पड़ी थी।

 

मुँह लगाना – अधिक प्यार देना कर ढीठ बनाना , सिर चढ़ाना

वाक्य – मनु के पिता ने कई बार उससे कहा है कि अपने मुँह पर लगाम लगाया करो।

 

मुँह तोड़ जवाब देना – कड़ा उत्तर देना

वाक्य – अंजू ने आगामी परीक्षा में सफलता हासिल कर उसका मजाक उड़ाने वालों को मुंह तोड़ जवाब दिया।

 

मुँह ताकना – आशा लगाना

वाक्य – अध्यापक ने जैसे ही कक्षा की सफाई के लिए चार छात्रों को आगे आने को कहा, सब छात्र एक दूसरे का मुँह ताकने लगे।

 

मुँह फट होना या मुँहफट हो जाना – जो इच्छा हो कह देना, निर्लज्ज होना

वाक्य – सालू कभी-कभी बहुत मुंहफट हो जाती है।

 

मुँह फुलाना – रुष्ट होना, रूठ जाना

वाक्य – मिठाई न देने पर छोटी ने अपने भैया से मुंह फुला लिया।

 

मुँह मीठा करना – मिठाई खिलाना

वाक्य – राघव ने परीक्षा पास होने की खुशी में अपने सभी मित्रों का मुंह मीठा कराया।

 

मुँह मोड़ना – साथ छोड़ना, ध्यान न देना

वाक्य – व्यवसाय में घाटा होने के कारण दिलीप के सभी दोस्तों ने उससे मुँह मोड़ लिया।

 

मुँह में राम बगल में छुरी होना – कपट पूर्ण व्यवहार करना

वाक्य – आजकल हमारे आसपास कुछ ऐसे मित्र रहने लगे हैं जिन पर भरोसा करना मुश्किल है क्योंकि वे मुंह में राम बगल में छुरी वाला सिद्धांत पर चलते हैं।

 

मुँह खुलना – उद्दंडतापूर्वक बातें करना, बोलने का साहस होना

वाक्य – आजकल छोटी का बहुत मुँह खुल गया है।

 

मुँह खुलना -आश्चर्यचकित होना

वाक्य – मीरा की बहू की सुंदरता देखकर सब का मुँह खुल गया।

 

मुँह देना या डालना – किसी पशु का मुँह डालना

वाक्य – सभी चीजों को ढक कर रखों वरना कोई मुँह डाल देगा।

 

मुँह बन्द होना – चुप होना

वाक्य – शीला का जवाब सुनकर सभी का मुंह बंद हो गया।

 

मुँह में पानी भर आना – ललचना

वाक्य – जलेबी देखते ही उसके मुँह में पानी भर आया।

 

मुँह से लार टपकना – बहुत लालची होना

वाक्य – मेले में मिठाइयाँ देखकर रोहन के मुंह से लार टपकने लगी।

 

मुँह पर (या चेहरे पर) हवाई उड़ना – घबराना

वाक्य – जब मैंने नौकरानी को चोरी के इल्जाम में पुलिस के हवाले किया तो उसके चेहरे पर हवाइयां उड़ गई।

 

मुँह बनाना – असंतुष्ट होना

वाक्य – जब मैंने रानी को जेब खर्च के लिए पांच सौ रुपये दिए तो उसने मुँह बना लिया।

 

मुँह रखना – लिहाज़ रखना

वाक्य – उसने मेरी बात को सबके सामने न रखकर मुँह रख लिया।

 

मुँहेदेखी करना – पक्षपात करना

वाक्य – दफ्तर में बड़े अधिकारी मुँहेदेखी काम करते है।

 

मुँह चुराना – संकोच करना

वाक्य – मैंने अमित से हजार रुपए मांगा था लेकिन वह मुँह चुरा रहा है।

 

मुँह में लगाम न होना – जो मुँह में आवे सो कह देना

वाक्य – तुम्हारे मुंह में लगाम नहीं है, कुछ भी बोल देते हो।

 

मुँह चाटना – खुशामद करना

वाक्य – अपना काम निकालने के लिए रमेश सबका मुँह चाटना फिरता है।

 

मुँह भरना – घूस देना

वाक्य – बात को छुपाने के लिए रमेश ने मोहन का मुँह भर दिया।

 

मुँह लटकाना – रज़ होना

वाक्य – पिता जी के डाँटने पर रीमा “मुँह लटकाकर बैठ गई”।

 

मुँह की खाना – परास्त होना

वाक्य – जो व्यक्ति अनैतिक कार्य करता है उसे हमेशा मुँह की खानी पड़ती है।

 

मुँह सूखना – भयभीत होना

वाक्य – भालू का करीब आता देख रमेश का मुँह सूखने लगा।

 

मुँह ताकना (या जोहना) – किसी का आसरा करना

वाक्य – स्वाभिमानी व्यक्ति कभी किसी का मुँह नहीं ताकते। 

 

मुँह में खून लगना – बुरी चाट पड़ना, चसका लगना

वाक्य – जब से मोहन ने शादी में शराब पी है मानो उसके मुंह में खून लग गया है। अब वह हर दिन शराब का सेवन करता है।

 

मुँह फेरना – अकृपा करना , ठुकरा देना

वाक्य – श्याम के बुरे दिन आते ही सभी ने उससे मुँह फेर लिया।

 

मुँह से फूल झड़ना – मधुर बोलना

वाक्य – चुनावी रैलियों में नेताओं के मुँह से केवल फूल झड़ता है।

 

मुँह में घी-शक्कर – किसी अच्छी भविष्यवाणी का अनुमोदन करना

वाक्य – उसने मुझे लड़का होने की दुआ दी, मैंने उससे कहा तुम्हारे मुँह में घी – शक्कर।

 

मुँह से मुँह मिलाना – हाँ-में-हाँ मिलाना, बही-खाता आदि में हिसाब सही न लिखकर भी जमा-खर्च

या उत्तर सही लिख देना

वाक्य – कोई भी बात चल रही हो उसमें श्याम घुसकर मुँह से मुँह मिलाने लगता है।

‘ दाँत ’ सम्बन्धी मुहावरे 

 

दाँत गड़ाना – कोई चीज़ पाने के लिए उस पर ललचाई दृष्टि लगाए रहना

वाक्य – मेरे दोस्त ने तो मेरे ब्रांडेड कपड़ों पर दाँत गड़ा रखे हैं।

 

दाँत पीसकर रह जाना – क्रोध को पी लेना

वाक्य – रचना को झगड़ा करते देखकर सोहन दाँत पीसकर रह गया।

 

दाँत से दाँत बजना – बहुत अधिक ठंड होना

वाक्य – कड़ाके की ठंड से बिंदु के दाँत से दाँत बजने लगे।

 

दाँत काटी रोटी होना – बहुत घनिष्ट सम्बध होना

वाक्य – मीना तो रीता की दांत कटी रोटी है।

 

दाँत दिखाना – दीनता प्रदर्शित करना

वाक्य – रामू बेहद शरारती है, उसने सड़क पर लेटे कुत्ते को पत्थर मारा। जब कुत्ता दर्द से चिल्लाने लगा तो रामू दाँत दिखाने लगा।

 

दाँत गिनना – उम्र बताना

वाक्य – कुछ लोग ऐसे है कि उन पर वृद्धावस्था का असर ही नहीं होता। ऐसे लोगों के दाँत गिनना आसान नहीं।

 

दाँत जमाना – अधिकार पाने के लिए दृढ़ता दिखाना

वाक्य – उसने मेरी जमीन पर दाँत जमाये है।

 

तालू में दाँत जमना – बुरे दिन आना

वाक्य – सेठ जगमोहन लाल के दिवालिया हो जाने पर उनके दांत तालू में जम गए हैं।

 

दाँतों तले उँगली दबाना – दंग रह जाना

वाक्य – सर्कस में छोटे बच्चे की करतब देखकर लोगों ने दांतों तले उंगली दबा ली।

 

दाँत खट्टे करना – पस्त करना

वाक्य – भारतीयों ने स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों के दाँत खट्टे कर दिए।

‘ नाक ’ सम्बन्धी मुहावरे 

 

नाक कटना – बेइज्जती होना

वाक्य – पवन की शराब पीने की आदत ने पूरे समाज में उसकी नाक कटवा दी है।

 

नाक पर मक्खी न बैठने देना – अपने पर आंच न आने देना

वाक्य – राम ने कितनी सारी मुसीबतें उठाई, पर उसने नाक पर मक्खी न बैठने दी।

 

नाक-भौं चढाना – असंतोष प्रकट करना

वाक्य – भिखारियों को देखकर नाक भौं चढाने वाले लोग समाज के सबसे निकृष्ट लोग हैं।

 

नाक में दम करना – तंग करना

वाक्य – बहुत दिनों से स्कूल बंद होने के कारण बच्चों ने नाक में दम कर दिया है।

 

नाक रगड़ना – गिड़गिड़ाना

वाक्य – ‌‌‌जब मुकेश चोरी करते हुए पकड़ा गया तो उसने पुलिस के सामने कितनी बार नाक रगड़ी पर उसे माफी नहीं मिली ।

 

नाक रख लेना – सम्मान रखना

वाक्य – क्रिकेट के मैच में विराट ने आखिरी ओवर में छक्का मारकर भारत की नाक रख ली।

 

नाकों चने चबवाना – बहुत तंग करना या दुखी कर देना

वाक्य – छोटी ने अपनी आदतों से मुझे नाकों चने चबवा दिया। 

 

नाक में दम आना – तंग होना

वाक्य – इस काम को करते करते नाक में दम आ गया।

‘ कान ’ सम्बन्धी मुहावरे 

 

कान कतरना – बहुत चालाक होना

वाक्य – श्याम उम्र में छोटा जरूर है लेकिन ‘चालाकी में बड़े बड़ों के कान काटता है’।

 

कान खड़े होना – सावधान रहना

वाक्य – अध्यापक की चेतावनी सुनते ही सभी छात्र के कान खड़े हो गए।

 

कान खाना – बहुत शोर करना

वाक्य – कक्षा के सभी बच्चे कान खा रहे है।

 

कान देना – ध्यान से सुनना

वाक्य – रामू को सभी बोलते है कि पिता की बातों पर कान दिया करो।

 

कान भरना – चुगली करना

वाक्य – रोहित तो हमारे सामने बहुत अच्छी बातें करता है और हमारे पीठ पीछे कान भरता है।

 

कानों कान खबर न होना – जरा भी पता न लगना

वाक्य – मुकेश ने उनकी जायदाद अपने नाम करवा ली और किसी को कानों कान खबर नहीं हुई।

 

कान पर जूँ न रेंगना – अनसुनी करना, ध्यान न देना

वाक्य – अनिल को रोहित ने कई बार समझाया, लेकिन उसके कान पर जूं तक नहीं रेंगी।

 

कान उमेठना (अपना) – शपथ लेना

वाक्य – परीक्षा में फेल होने पर सोहन ने अपने कान उमेठ लिया कि वह अब से मन लगाकर पढ़ाई करेगा।

 

कान उमेठना (दूसरे का) – दण्ड या चेतावनी देने के लिए कान मरोड़ना, मसलना

वाक्य – घर का दिया काम न करने पर आज अध्यापक ने पवन के कान उमेठे।

 

कान खोलना – सावधान करना

वाक्य – अध्यापक ने परीक्षा से पहले विद्यार्थियों के कान खोल दिए।

 

कानों में तेल डालकर बैठ जाना – बात सुनकर भी जो ध्यान न देना

वाक्य – राघव से बात करने का कोई फायदा नहीं है। वह तो कान में तेल डालकर बैठा है।

 

कान पकड़ना – प्रतिज्ञा करना

वाक्य – जब मोहन चोरी करते हुए पकड़ा गया तो उसने लोगों के सामने कान पकड़ लिए।

 

कानों कान ख़बर न होना – किसी को भेद का पता न चलने देना , किसी बात को गुप्त रखना

वाक्य – पंडित जी के घर में चोरी हो गई पर पंडित जी के परिवार को कानों कान खबर न हुई।

 

कानों कान ख़बर होना – बात फैलना

वाक्य – सुरज परीक्षा में फेल हो गया है। यह बात सबको कानों कान ख़बर है।

 

कान फुँकना – चेला बनाना, गुरुमंत्र देना

वाक्य – तुम रेनू से कोई भी बात मत कहना वह मीरा का कान फूँक देगी और व्यर्थ में तुम्हारी लड़ाई होगी।

‘ हाथ ’ सम्बन्धी मुहावरे 

 

हाथ आना – अधिकार में आना

वाक्य – पुलिस ने लाख कोशिश कर ली लेकिन वह खूनी ‘हाथ नहीं आ रहा है।

 

हाथ खींचना – अलग होना

वाक्य – कुश्ती की प्रतियोगिता में भाग लेने से मेरे मित्र ने मेरा हाथ खींच लिया।

 

हाथ खुजलाना – किसी को पीटने को जी चाहना

वाक्य – मेरी हथेली खुजला रही है, लगता है तेरी शामत आयी है।

 

हाथ देना – सहायता देना

वाक्य – कीचड़ में फंसे बच्चे को मैने हाथ दिया।

 

हाथ पसारना – माँगना

वाक्य – सुशील ने व्यापार में घाटा होने के बाद साहूकार के सामने हाथ पसार दिए।

 

हाथ बँटाना – मदद करना

वाक्य – मीरा हमेशा अपनी मां के कार्यों में हाथ बटाती है। 

 

हाथ लगाना – आरंभ करना

वाक्य – शिव ने घर बनाने के लिए हाथ लगाया है।

 

हाथ मलना – पछताना

वाक्य – समय निकल जाने पर हाथ मलने से कोई फायदा नहीं है।

 

हाथ गरम करना – घूस देना

वाक्य – कुछ लोग अपना काम करवाने के लिए अधिकारियों का हाथ गरम करते है।

 

हाथ चूमना – हर्ष व्यक्त करना

वाक्य – दादाजी ने चित्रकार का चित्रकारी देखकर उसके हाथ चूम लिए।

 

हाथ धोकर पीछे पड़ना – जी-जान से लग जाना

वाक्य – वह नौकरी के पीछे हाथ धोकर पीछे पड़ गया है।

 

हाथ पर हाथ धरे बैठना – बेकार बैठे रहना

वाक्य – जो व्यक्ति हाथ पर हाथ धरे बैठा रहता है, वह कभी सफलता प्राप्त नहीं कर पाता।

 

हाथ फैलाना – याचना करना

वाक्य – अपने मित्रों के समक्ष अनावश्यक हाथ फैलाना अच्छी बात नहीं है।

 

हाथ मारना – जड़ा लेना, लाभ उठाना

वाक्य – बल्लु ने अपने चाचा की दौलत पर गहरा हाथ मारा था, तभी वह आज इतने मजे में घूम रहा है।

 

हाथ साफ करना – मारना, उड़ा लेना, खूब खाना

वाक्य – रेलवे स्टेशन पर किसी ने मेरे जेब पर हाथ साफ कर दिया।

 

हाथ धो बैठना – आशा खो देना

वाक्य – एक गलती के कारण सोहन अपनी नौकरी से हाथ धो बैठा।

 

हाथापाई करना – मुठभेड़ होना

वाक्य – मोहन और सोहन कब से आपस में हाथापाई कर रहे है।

 

हाथ पकड़ना – आश्रय देना , किसी स्त्री को पत्नी बनाना

वाक्य – बारिस में भींग रहे बुजुर्ग को मैंने हाथ पकड़ा।

 

हाथ लगना – अचानक मिल जाना

वाक्य – रास्ते में चलते-चलते मेरे हाथ सोने की चेन लग गई।

‘ खून ’ सम्बन्धी मुहावरे 

 

खून खौलना – गुस्सा चढ़ना

वाक्य – अपने बेटे को कीचड़ में खेलता देख सीमा का तो खून खौल गया।

 

खून सूखना – अधिक डर जाना

वाक्य – अँधेरे में अपनी ही परछाई देखकर सोहन इतना भयभीत हुआ कि जैसे उसका लहू ही सूख गया हो।

 

खून सवार होना – किसी को मार डालने के लिए तैयार होना

वाक्य – अपने पड़ोसियों से आलोक का झगड़ा तो रोज ही होता था, लेकिन आज तो आलोक के ऊपर खून सवार है।

 

खून पीना – मार डालना, सताना

वाक्य – कमल ने राधा को काफी भला बुरा कहा मगर वह खून के घूँट पीती रही। 

 

खून सफेद हो जाना – बहुत डर जाना

वाक्य – भ्रष्टाचार के आरोप में दोषी सिद्ध हुए नेताओं का जनता के सामने खून सफेद हो गया।

‘ गाल ’ सम्बन्धी मुहावरे 

 

गाल फुलाना – रूठना

वाक्य – बॉस ने सभी कर्मचारियों को बोनस दिया लेकिन मोहन को नहीं दिया इसलिए उसके गाल फूल गए। 

 

गाल बजाना – डींग मारना

वाक्य – तुम कहते थे कि बहुत ऊपर तक जान-पहचान है तुम्हारी! फिर भी तुम्हारे भाई को सजा हो गई, बस गाल बजाना आता है।

 

काल के गाल में जाना – मृत्यु के मुख में पड़ना

वाक्य – आंध्र प्रदेश के चक्रवात में हजारों लोग असमय काल के गाल में समा गये।

‘ गर्दन ’ सम्बन्धी मुहावरे 

 

गर्दन उठाना – प्रतिवाद करना

वाक्य – अफसर के सामने गर्दन उठाने की किसकी हिम्मत है।

 

गर्दन पर सवार होना – पीछा न छोड़ना

वाक्य – महेश से पैसा निकलवाना इतना आसान नहीं है भाई, जाओ और उसकी गर्दन पर सवार हो जाओ।

 

गर्दन पर छुरी फेरना – अत्याचार करना

वाक्य – बॉस ने मुझे नौकरी से निकाल के मेरे गले पर छुरी चला दी।

‘ आँख ’ सम्बन्धी मुहावरे 

 

आँख खुलना – सचेत होना, होश आना

वाक्य – समय रहते भुवन की आँखे खुल गई नहीं तो अनजाने में पता नहीं उससे क्या ही हो जाता।

 

आँखे चार होना / आँखें लड़ना – प्रेम होना , आमने सामने होना

वाक्य – दोस्तों से कई साल बाद मिलते ही विनय की आँखें चार हो गई।

 

आँख चुराना – नजर बचाना

वाक्य – जब से मीरा ने मुझसे तीन हजार उधार लिए हैं, तब से वह मुझसे आंखें चुराती फिर रही है।

 

आँखें दिखाना – गुस्से होकर घूरना

वाक्य – राम ने पवन को आंखें दिखा कर घर से भगा दिया।

 

आँख फेर लेना – भाव बदल जाना , नज़र बदलना

वाक्य – मोहन ने रामू को देख कर आँखे फेर ली।

 

आँख बंद कर लेना – किसी गलत काम को होते हुए देखकर भी न देखना फलत: उसे रोकने का प्रयास न करना।

वाक्य – महेश के अपने छोटे भाई पर हाथ उठाने पर उसके पिता ने अपनी आँखें बंद कर ली।

 

आँख भर आना – आंसू आ जाना

वाक्य – अपने मित्र की जुदाई में उसकी आँखें भर आई।

 

आँखें नीची करना – लज्जा से झुक जाना

वाक्य – जब बेटा चोरी के जुर्म में पकड़ा गया तो पिता की आँखें नीची हो गई।

 

आँखों पर बिठाना – आदर करना

वाक्य – माँ ने रीतु के प्रथम आने पर उसे सिर आँखों पर बिठा लिया।

 

आँखों में रात काटना – नींद न आना

वाक्य – घर की चिंता में राधा की मां करवटें बदल – बदल कर आँखों में रात काटती है।

 

आँख उठाना – हानि पहुँचाने की दृष्टि से देखना

वाक्य – आजकल घाटी में आतंकवादी फिरसे आँख उठाने लगे हैं।

 

आँखें ठंडी होना – इच्छा पूरी होना

वाक्य – सालो बाद विदेश से मुझे लौटा देख माँ की आँख ठंडी हो गई।

 

आँखें बिछाना – बेसब्री से प्रतीक्षा करना

वाक्य – मुकेश अपने मित्र के आने खबर सुनकर कब से आंखें बिछाए बैठा है।

 

आँखों में धूल डालना – धोखा देना

वाक्य – महेश ने नरेश के आँखों में धूल झोंक कर उसके सभी जमीन अपने नाम कर लिए।

 

आँखें लाल करना – क्रोध की नज़र से देखना

वाक्य – सीमा पर शत्रुओं को देखते ही भारतीय सैनिकों की आँखें लाल हो गईं।

 

आँखें थकना – प्रतीक्षा में निराश होना

वाक्य – चार दिन से उसकी राह देखते-देखते आंखें थक गई।

 

आँखों में चर्बी छाना – घमंडी होना

वाक्य – पैसे आते ही महेश की आँखों में चर्बी छा गया है।

 

आँखों में खटकना – बुरा लगना

वाक्य – मेरी कामयाबी को देखकर पड़ोसियों की आंखों में मै खटकने लगा हूं ।

 

आँखें नीली-पीली करना – नाराज़ होना

वाक्य – मेरे से छोटी सी गलती हो जाने पर सबकी आखे नीली-पीली होने लगती है।

 

आँख का अंधा, गाँठ का पूरा – मूर्ख धनवान

वाक्य – सूरज को समझ है नही, कुछ भी खरीद कर ले आता है। वह तो आंख का अंधा, गांठ का पूरा है।

 

आँखों की किरकिरी होना – शत्रु होना

वाक्य – भगत सिंह हमेशा अंग्रेज सरकार की आँखों की किरकिरी बने हुए थे।

 

आँखों का प्यारा या पुतली होना – बहुत प्यारा होना

वाक्य – मानसी अपनी दादी की आँखों की पुतली है।

 

आँखों का पानी ढल जाना – लज्जारहित हो जाना

वाक्य – अब तो वह लड़की किसी की नहीं सुनती, लगता है, उसकी आँखों का पानी ढल गया है।

 

आँखें सेंकना – किसी की सुन्दरता देख आँखें जुड़ाना

वाक्य – उसने अपने मित्र को देखकर आँखें सेंक ली।

 

आँखें आना – आँख में एक प्रकार की बीमारी होना

वाक्य – तुम उसकी आँखों में मत देखना, उसको आँख आयी है।

 

आँखें गड़ाना – दिल लगाना, इच्छा करना

वाक्य – जमीला अपनी भाभी के गहनों पर आँख गड़ा रखी है।

 

आँखों में गड़ना – अत्यंत अप्रिय होना

वाक्य – रमेश इतनी चालाकियां करता है कि वह सबकी आँखों में गड़ गया है।

 

आँखें लगना – प्रेम करना, ज़रा-सी नींद आना

वाक्य – रात में नींद पूरी ना होने के कारण आज कक्षा में अध्यापिका की आंख लग गई।

 

आँख मारना – इशारा करना

वाक्य – जब मैने देखा की तुम्हारा कोई पीछा कर रहा है तो मैंने तुम्हारी तरफ बहुत बार आँख मारी पर तुम्हें कुछ भी समझ मे नही आया ।

 

आँख रखना – ध्यान रखना

वाक्य – विदेशों से आये लोगों पर स्थानीय प्रशासन आंख रखती है।

‘ आँसू ’ सम्बन्धी मुहावरे 

 

आंसू पोंछना – धीरज बंधना

वाक्य – विपत्ति के समय पर सगे-सम्बन्धी ही आंसू पोछते हैं।

 

आँसू बहाना – खूब रोना

वाक्य – परीक्षा में फेल होने पर मेघना ने खूब आंसू बहाया।

 

आँसू पी जाना – दुख को छिपा लेना 

वाक्य – राकेश अपने व्यवसाय के घाटे को देखकर आंसू पीकर रह गया। 

‘ कलेजे ’ सम्बन्धी मुहावरे 

 

कलेजा ठंडा होना – संतोष होना

वाक्य – जब प्रेम की नौकरी लग गई तब उसकी माँ का कलेजा ठंडा हुआ। 

 

कलेजा थामना – धीरज रखना

वाक्य – दसवीं का रिजल्ट देखने से पहले रीना अपना कलेजा थाम रखा था।

 

कलेजा फटना – बहुत दुख होना

वाक्य – बडे भाई ने जब घर अलग करने की बात की तो मां कलेजा फट गया।

 

कलेजे पर हाथ रखना – दिल से पूछना

वाक्य – मां ने राघव से पूछा कि चलो अपने कलेजे पर हाथ रख कर बताओ कि तुम्हें विदेश जाना है या नही।

 

कलेजा मुँह को आना – हृदय का दु:ख उमड़ना

वाक्य – बुरे वक़्त की आहट से नुपुर का कलेजा मुँह को आ गया ।

 

कलेजे पर साँप लोटना – ईर्ष्या से जलना

वाक्य – नई कार खरीदते ही श्याम के पड़ोसियों का कलेजे पर साँप लोटना लगा।

 

कलेजे से लगाकर रखना – बड़े प्रेम से पास रखना, आंखों से ओझल न होने देना

वाक्य – पुष्पा हमेशा अपने छोटे बेटे को कलेजे से लगाकर रखती है।

 

कलेजा काँपना – डर लगना, जी दहलना

वाक्य – पवन का हवाई जहाज पर चढ़ते ही कलेजा काँपता है ।

 

कलेजा थामकर रह जाना – अफसोस कर रह जाना

वाक्य – मोहन जब साइकिल स्टैंड पर आया तो उसने देखा कि उसकी साइकिल नहीं है। वह कलेजा थामकर रह गया।

 

कलेजा निकाल कर रख देना – अतिप्रिय वस्तु अर्पित कर देना

वाक्य – पापा को श्याम इतना अच्छा लगता है कि उसके लिए वह तो अपना कलेजा निकाल कर रख देंगे।

‘ ओठ ’ सम्बन्धी मुहावरे 

 

ओठ चाटना – स्वाद की इच्छा रखना

वाक्य – मां के हाथ का खाना खाकर सुरेश ने ओठ चाट कर और खाना मांगा।

 

ओठ मलना – दण्ड देना

वाक्य – गलत काम करने के बाद ओठ मलने से कुछ नहीं होगा। 

 

ओठ चबाना – क्रोध करना

वाक्य – मालती को सबके सामने नाचते देख कर उसका भाई ओठ चबा कर रह गया।

 

ओठ सूखना – प्यास लगना

वाक्य – गर्मी के मौसम में बार-बार ओठ सूखता है।

‘ उँगली ’ सम्बन्धी मुहावरे 

 

उँगली उठना – निंदा होना 

वाक्य – नेहा तुम बेवजह ही मेघना पर उंगली उठा रही हो। सच जानने की प्रयास करो।

 

उँगली पकड़ते पहुँचा पकड़ना – थोड़ा-सा सहारा पाकर अधिक के लिए उत्साहित होना 

वाक्य – गोपाल के बुरे दिन में मैंने थोड़ा सहयोग क्या कर दिया की वो सारा कार्य छोड़ कर बस मेरे ऊपर ही निर्भर हो गया है इसी को कहते है उँगली पकड़ते पहुँचा पकड़ना ।

 

कानों में उँगली देना – किसी बात को सुनने की चेष्टा न करना

वाक्य – मोहन जब कुछ रेखा को बोलता है रेखा हमेशा कानों में उँगली दे देती है।

 

पाँचों उँगलियाँ घी में होना – सब प्रकार से लाभ-ही-लाभ

वाक्य – जब से मोहन ने फल का नया व्यवसाय शुरू किया है, तब से उसकी पाँचो उंगलियां घी में हैं।

 

सीधी उँगली से घी न निकलना – भलमनसाहत से काम न होना

वाक्य – मास्टरजी, जैसे कि आप जानते ही हो, ‘सीधी उंगली से घी नहीं निकलता’, इसलिए आप इस नरेश को एक डंडा मारिए, तब यह आसानी से अपनी गलती स्वीकार कर लेगा।

‘ अँगूठा ’ सम्बन्धी मुहावरे 

 

अँगूठा चूमना – खुशामद करना, चापलूसी करना

वाक्य – आज के युग में अधिकारियों के अंगूठे चूमने पर ही कार्य जल्दी होते हैं। 

 

अँगूठा दिखाना – देने से इंकार करना

वाक्य – जब मैंने मुकेश से एक हजार रुपये मांगे तो उसने अंगूठा दिखा दिया।

 

अँगूठा नचाना – चिढ़ाना

वाक्य – मुझे देखते ही सोहन अँगूठा नचाने लगा।

‘ गले ’ सम्बन्धी मुहावरे 

 

गला काटना – बहुत कष्ट देना, हानि पहुँचाना

वाक्य – कल दादाजी ने बताया कि किसी का गला काटना बुरी बात हैं।

 

गला घोंटना – मार देना, जबरदस्ती करना

वाक्य – लड़ाई-झगड़े में पवन का किसी ने गला घोंट दिया। 

 

गला छुड़ाना – छुटकारा पाना

वाक्य – व्यवसाय में घाटा होते ही श्याम के पार्टनर ने उससे गला छुड़ाकर भाग गया।

 

गला फँसना – विवश होना

वाक्य – मेरा बेटा तो इस चोरी में शामिल ही नहीं था, लेकिन तुम लोगों की वजह से इस मामले में उसका भी गला फँस गया।

 

गले का हार – बहुत प्यारा

वाक्य – राम अपने बेटे से इतना प्रेम करते थे मानों वह उनके गले का हार हों।

 

गले पड़ना – पीछे पड़ना, कठिनाई होना

वाक्य – मैंने उसे एक बार राशन का सामान उधार क्या दे दिए, वह तो गले ही पड़ गया।

 

गले मढ़ना – जबर्दस्ती थोप देना

वाक्य – दुकान का सारा काम मेरे भाइयों ने मेरे गले मढ़ दिया है। 

‘ जी ’ (मन) सम्बन्धी मुहावरे 

 

जी लगना – मन को भाना, रुचिकर लगना

वाक्य – राधा को अपने मामा के घर ही जी लग गया है।

 

जी अच्छा होना – स्वस्थ होना

वाक्य – मां के हाथ का स्वादिष्ट खाना खाकर जी अच्छा हो गया ।

 

जी उचटना – मन न लगना

वाक्य – अब तो मेरा बाहर के कामों से जी उचट गया है।

 

जी कांपना – डर लगना

वाक्य – भूत का नाम सुनते ही जी काँपता है।

 

जी का बोझ हल्का होना – चिंता छुटना
वाक्य – बेटी की शादी होते ही मां-बाबा का जी का बोझ हल्का हो गया।

 

जी को मारना – इच्छा को मारना

वाक्य – रमेश ने घर की परिस्थिति को देखकर अपने जी को मारना जारी रखा।

 

जी खट्टा होना – प्रेम न रहना, अरुचि होना

वाक्य – मेरे दादी का तो शहर से जी खट्टा हो गया है।

 

जी खोलकर – बिना संकोच के

वाक्य – माया अपनी सहेली की शादी में जी खोलकर नाची।

 

जी चुराना – काम करने से बचना, मन हर लेना

वाक्य – राधा हमेशा घर के कामों से जी चुराती है।

 

जी छोटा करना – उत्साह गिरना

वाक्य – क्रिकेट मैच में भारत के गिरते विकेट को देखकर दर्शकों का जी छोटा होता जा रहा है।

 

जी जलाना – कष्ट पहुंचाना

वाक्य – राधव कब से मेघना का फालतू बातों से जी जला रहा है।

 

जी जान से – पूरे मन से

वाक्य – रमेश ने परीक्षा के लिए जी जान से मेहनत की है।

 

जी टूटना – उत्साह समाप्त हो जाना, दिल टूटना

वाक्य – रामजी के अयोध्या से जाते ही अयोध्यावासियों का जी टूट गया।

अन्य मुहावरे 

 

तिल का ताड़ करना – छोटी बात को बड़ी बनाना

वाक्य – सुरेश हमेशा छोटी – छोटी बातों का तिल का ताड़ बनाता रहता है।

 

तीन तेरह करना या होना – नष्ट करना, तितर बितर करना

वाक्य – भारतीय सैनिक ने आतंकवादियों को तीन तेरह कर दिया।

 

तूती बोलना – प्रसिद्ध होना, खूब चलना

वाक्य – आजकल प्रधानमंत्री मोदी जी की विदेश में भी तूती बोलती है।

 

ताड़ जाना – समझ जाना

वाक्य – चोर को देखते ही पुलिस आसानी से ताड़ लेती है।

 

तुक में तुक मिलाना – (ख़ुशामद के लिए) बुरी-भली सभी बातों का अनुमोदन करना

वाक्य – संजय सबसे तुक में तुक मिलाता रहता है।

 

तेवर बदलना – क्रोध करना

वाक्य – कंपनी के कर्मचारी ने जब लेन-देन के घपले को पकड़ा तो मालिक के तेवर चढ़ गए।

 

ताना मारना – व्यंग्य वचन बोलना

वाक्य – मीना को उसकी सास दिनभर ताना मारती रहती है।

 

ताक में रहना – खोज में रहना

वाक्य – कक्षा के कुछ छात्र इसी ताक में रहते हैं कि शिक्षक की नजर हटे तो वो नक़ल कर सकें।

 

तोते की तरह आँखें फेरना – बेमुरौवत होना, पुराने सम्बन्धों को एकदम भुला देना।

वाक्य – जब से मेनका ने अपनी पसंद के लड़के से विवाह किया है तब से उसके पिता ने उससे तोते की तरह आँखें फेर ली हैं।

 

थूककर चाटना – प्रतिज्ञा भंग करना

वाक्य – महेश अपनी जुबान का पक्का नहीं है हमेशा थूककर चाटता रहता है।

 

थू-थू करना – घूणा प्रकट करना

वाक्य – आज वह अचानक ही सभी के सामने मोहन की थू-थू करने लगा।

 

दम मारना – विश्राम करना

वाक्य – राकेश कुछ काम नहीं करता जब देखो दम मारता रहता है।

 

दम में दम आना – राहत होना

वाक्य – पवन को काम मिलने से सबको दम में दम आया है।

 

दाल गलना – कामयाब होना, प्रयोजन सिद्ध होना

वाक्य – राम ने अखिलेश और सरफराज की मित्रता तोड़ने का बहुत प्रयास किया पर उसकी दाल न गली।

 

दूज का चाँद होना – कम दर्शन होना

वाक्य – रितेश के विदेश जाते ही वह अपने माता-पिता के लिए तो दूज का चाँद हो गया है, तीन-चार साल में कभी एक बार आता है।

 

दाँव खेलना – बाज़ी चलना, पाँसा फेंकना 

वाक्य – रमन ने व्यापार में सफल होने के लिये अपने सारी पिता की कमाई लगाकर दांव खेला है।

 

दिन दूनी रात चौगुनी – खूब उन्नति होना

वाक्य – बड़ो के आशीर्वाद से मिनी दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की कर रही है।

 

दिमाग खाना – बकवास करना

वाक्य – हर छोटी-बड़ी बात के लिए मीटिंग बुलाकर कंपनी का मालिक हमारा दिमाग खा जाता है।

 

दिल बढ़ाना – साहस भरना

वाक्य – परीक्षा में कम नम्बर आने से सोहन के भाई ने उसका दिल बढ़ाया।

 

दिल टूटना – साहस टूटना

वाक्य – मोहन को दुखी देखकर मेरा दिल टूट गया।

 

दुकान बढ़ाना – दुकान बंद करना

वाक्य – आज परिवार के साथ कहीं बाहर जाना है इसलिए दुकान जल्दी बढ़ा दी। 

 

जबान में लगाम न होना – बिना सोचे-समझे बोलना

वाक्य – मैंने अक्सर लोगों को बिना सोचे समझे बोलते देखा है, मानो उनके जबान में लगाम ही न हो।

 

जी का जंजाल होना – अच्छा न लगना

वाक्य – ये घड़ी तो जी का जंजाल ही हो गई है जब देखो तब बंद हो जाती है।

 

ज़मीन का पैरों तले से निकल जाना – सन्नाटे में आना

वाक्य – आज जब उसकी परीक्षा का परिणाम आया तो उसके पैरों तले जमीन निकल गई।

 

ज़मीन चूमने लगा – धराशायी होना

वाक्य – जरूरत से ज्यादा आसमान चूमनेवाली इमारतें ज़मीन चूमने लगती है।

 

जान खाना – तंग करना

वाक्य – तुम्हें किताब चाहिए, दे दूँगा पर इस समय मेरी जान मत खाओ।

 

खट्टा होना – खराब अनुभव होना

वाक्य – आज उस ढाबे का लस्सी पी के मन खट्टा हो गया।

 

जलती आग में तेल डालना – झगड़ा बढ़ाना

वाक्य – रमेश हमेशा ही ऐसी बातें बोलता है, जो जलती आग में तेल डालने का काम करती हैं।

 

जीती मक्खी निगलना – जान-बूझकर बेईमानी या कोई अशोभनीय कार्य करना

वाक्य – आज-कल लोग पैसों के लिए जीती मक्खी निगलने को भी तैयार हो जाते हैं।

 

ज़मीन-आसमान एक करना – बहुत उपाय करना

वाक्य – नेताओं ने चुनाव जीतने के लिए जमीन आसमान एक कर दिया।

 

जी चुराना – कोशिश न करना

वाक्य – सोहेल हमेशा पढ़ाई से जी चुराता है इसलिए परीक्षा में उसके मार्क्स कम आते है।

 

टका-सा जवाब देना – फ़ौरन अस्वीकार कर देना

वाक्य – मैंने मोहन से उसकी गाड़ी मांगी तो उसने टका सा जवाब दिया।

 

टका-सा मुँह लेकर रह जाना – लज्जित हो जाना

वाक्य – पवन और मैंने एक साथ परीक्षा दी थी। पवन पास हो गया और मै सबके सामने टका-सा मुँह लेकर रह गया, क्योंकि मैं फेल हो गया था।

 

टट्टी की आड़ में शिकार खेलना – छिपकर बुरा काम करना

वाक्य – कश्मीर में आतंकवादियों की घुसपैठ, पाकिस्तान का टट्टी की ओट से शिकार खेलना है।

 

टें टें-पों-पों – व्यर्थ हल्ला करना

वाक्य – गली में बच्चे कब से टें टें-पों-पों कर रहे है।

 

टुकड़ों पर पलना – दूसरों की कमाई पर गुजारा करना

वाक्य – नौकरी चले जाने के कारण सोनु अपने चाचा के टुकड़ों पर पल रहा है। 

 

ठगा-सा – भौंचक्का-सा

वाक्य – ठेकेदार मेरे सामने रिश्वत देकर अपना कॉन्ट्रैक्ट हासिल करके चला गया और मैं ठगा सा रह गया।

 

चांदी काटना – आनंद से जीवन बिताना

वाक्य – इन दिनों सुरेश खूब चांदी काट रहा है।

 

चूड़ियां पहनना – स्त्री की सी असमर्थता प्रकट करना

वाक्य – कमलेश महेश को आए दिन पीटता रहता है, मानो महेश ने चूड़ियां पहन रखी है।

 

छक्के छुड़ाना – खूब परेशान करना

वाक्य – इस बार T20 मैच में भारत ने सभी देशों छक्के छुड़ा दिए।

 

छठी का दूध याद करना – सुख भूल जाना

वाक्य – केदारनाथ की बर्फ में पंद्रह किलोमीटर पैदल चलने से मुझे छठी का दूध याद आ गया।

 

छोटी मुंह बड़ी बात – योग्यता से बढ़कर बोलना

वाक्य – उनकी रचनाओं को समझना मेरे लिए छोटा मुँह और बड़ी बात थी।

 

अंगारों पर पैर रखना – अपने को खतरे में डालना, इतराना

वाक्य – इमारत में आग लगाने पर मुनिल ने अंगारों पर पैर रखकर सैकड़ों लोगों की जान बचाई।

 

अंग-अंग फूले न समाना – आनंद विभोर होना

वाक्य – नवीन के प्रविण की बाते सुनकर जानकी का अंग-अंग फूले नहीं समाया।

 

अंगार बनना – लाल होना, क्रोध करना

वाक्य – बड़े लोग ही छोटी – छोटी बात पर अंगार बन उठते हैं।

 

अंडे का शाहज़ादा – अनुभवहीन

वाक्य – मुझे पता है तुम किसी की सिफारिश से ही इस काम में लग गए है वरना तुम तो ‘अंडे का शाहजादा’ हो।

 

अठखेलियाँ सूझना – दिल्लगी करना

वाक्य – हमारी जान जा रही है और तुम्हें अठखेलियाँ सूझ रही हैं।

 

अँधेर नगरी – जहाँ धाँधली और अन्याय होता है

वाक्य – पाकिस्तान की हालत ‘अंधेर नगरी चौपट राजा’ जैसी हो चुकी है, जहाँ भ्रष्टाचार और अन्याय का बोलबाला है।

 

अड़ियल टट्टू – रूक-रूक कर काम करना

वाक्य – कुछ लोग अड़ियल टट्टू होते हैं, उन्हें एक बात एक बार में समझ ही नहीं आती है। 

 

आकाश से तारे तोड़ना – कठिन कार्य करना

वाक्य – राम ने आज आकाश के तारे तोड़ने वाला काम किया है।

 

आकाश से बाते करना – बहुत ऊंचा होना 

वाक्य – मुंबई की ईमारतें आकाश से बातें करती हैं।

 

आग लगने पर कुआँ खोदना – पहले से करने के काम को ऐन वक्त पर कार्य करना

वाक्य – सालभर तो तुमने कुछ पढ़ाई की नही और अब परीक्षा नज़दीक आने पर पढ़ाई कर रहे हो। अब आग लगने पर कुआँ खोदने से क्या लाभ?

 

आन की आन में – फौरन ही

वाक्य – 26 जनवरी 2001 को भुज में भूकंप आया और एक ही आन की आन में सब कुछ तबाह हो गया।

 

आन रखना – मान रखना

वाक्य – भगवान सदैव अपने भगत की आन रखते है। 

 

आटे दाल का भाव मालूम होना – सांसारिक कठिनाइयों का ज्ञान होना

वाक्य – रमेश की नौकरी क्या छुटी, आटे दाल का भाव मालूम पड़ गया।

 

आसमान दिखाना – पराजित करना

वाक्य – ऐसे पहलवानों को तुम आसमान दिखा सकोगे या नहीं, इसमें संदेह ही है।

 

आड़े आना – बाधक होना, रुकावट डालना

वाक्य – पिताजी ने अंशु को समझाया कि जीवन में कभी किसी के आड़े नहीं आना चाहिए। 

 

इन्द्र का अखाड़ा – ऐश-मौज की जगह

वाक्य – बच्चो ने तो गार्डन को इन्द्र का अखाड़ा बना दिया है।

 

ईंट का जवाब पत्थर से देना – दुष्ट के साथ दुष्टता करना

वाक्य – कल रात सीमा पर शत्रु की फायरिंग होने पर भारतीय सेना ने भी ईंट का जवाब पत्थर से दिया।

 

उठते-बैठते – हर समय

वाक्य – मेघना तो उठते-बैठते साहिल को याद करती है।

 

उठ जाना – मर जाना

वाक्य – धरती से कब किसी व्यक्ति का अन्न-जल उठ जाए यह तो कोई भी नहीं जानता।

 

उन्नीस-बीस होना – बहुत कम अंतर होना 

वाक्य – जतिन और नितिन दोनों जुड़वा भाई है लेकिन फिर भी उन दोनों में “उन्नीस-बीस का अंतर” है।

 

उल्लू सीधा करना – अपना स्वार्थ साधना

वाक्य – आजकल लोग बहुत चालाक होते जा रहे है, हर जगह अपना उल्लू सीधा करने की ही फिराक में रहते है।

 

ऊंचा-नीचा सुनाना – भला बुरा कहना

वाक्य – राघव हमेशा अपने चाचा को ऊंचा नीचा सुनाता रहता है।

 

ऊँचा सुनना – कम सुनना

वाक्य – पवन कुछ ऊँचा सुनता है।

 

उथल – पुथल मचाना – हलचल

वाक्य – कुछ नए मंत्रियों ने तो सारे प्रशासनिक ढर्रे में उथल-पुथल मचा दी है।

 

एक से तीन बनाना – खूब नफा करना

वाक्य – महेश अपने खुद के व्यवसाय से एक से तीन बना रहा है।

 

एक आँख से देखना – समान भाव रखना

वाक्य – राजा को चाहिए कि वह अपनी प्रजा में सभी को एक ही आँख से देखे और सबके साथ समान न्याय करे।

 

एक आँख न भाना – तनिक भी अच्छा न लगना

वाक्य – मेरी शक्ल तो उसे एक आँख भी नहीं भाती।

 

एक न चलना – कोई उपाय सफल न होना

वाक्य – मेरे भैया के सामने भाभी की एक न चलती है।

 

एड़ी चोटी का पसीना एक करना – खूब परिश्रम करना

वाक्य – मनीष एड़ी चोटी एक करके ही अपने अस्तित्व की खोज कर पाया।

 

कलई खुलना – भेद प्रकट होना

वाक्य – सीताराम बहुत दिन से घोटाला कर रहा था, आज उसकी कलई खुल ही गई।

 

कलम तोड़ना – खूब लिखना, अनूठी युक्ति लिखना, अनुपम रचना करना

वाक्य – मुंशी प्रेमचंद्र जी ने गोदान लिखने में कलम तोड़ दी।

 

करवटें बदलना – बेचैन रहना

वाक्य – प्रतियोगिता परीक्षा खराब हो जाने के कारण नविन रात भर करवटें बदलता रहा।

 

कांटा बिछाना – अड़चन डालना

वाक्य – रीता ने यहाँ आकर मेरे लिए काँटे बिछा दिए ।

 

काला अक्षर भैंस बराबर – अनपढ़, निरा मूर्ख

वाक्य – तुम उसको पत्र पढ़ने के लिए कह रहे हो, लेकिन वह तो काला अक्षर भैंस बराबर है।

 

काँटे बोना – बुराई करना

वाक्य – मुझे मालूम ही नहीं था कि तुम मेरे लिए काँटे बो रहे हो।

 

काँटों में घसीटना – संकट में डालना

वाक्य – अगर तुमने उसे कांटों में घसीटा तो भगवान तुम्हें कभी माफ नहीं करेंगे।

 

कमर बांधना / कसना – दृढ़ संकल्प करना

वाक्य – भारतीय क्रिकेट टीम ने इस साल विश्व कप जीतने के लिए कमर कस ली है।

 

काठ मार जाना – स्तम्भ हो जाना

वाक्य – दंगे से पीड़ित लोग कुछ भी नहीं बोल पा रहे हैं, जैसे उन्हें काठ मार गया हो।

 

काम तमाम करना – मार डालना , खत्म करना

वाक्य – जैसे जैसे समय बदल रहा है, वैसे-वैसे भ्रष्टाचारियों का काम तमाम होता जा रहा है।

 

किनारा करना – अलग होना

वाक्य – कार्तिक ने अपने घर के मामले से खुद को किनारा कर लिया है।

 

कौड़ी के मोल बिकना – बहुत सस्ता बिकना

वाक्य – बुरा वक़्त आने पर सोनू का महंगा सामान भी “कौड़ियों के मोल बिक गया”।

 

किरकिरा होना – आनंद बिगड़ जाना

वाक्य – बिन बुलाए मेहमान आ जाने से पार्टी का पूरा मजा किरकिरा हो गया।

 

कोदो देकर पढ़ना – अधुरी शिक्षा पाना

वाक्य – अब शहर जाकर मुकेश कोदो देकर पढ़ना चाहता है।

 

कपास ओटना – सांसारिक काम – धंधों में लगे रहना

वाक्य – सुरेश कपास ओटने में ही लगा रहता है, उसे दूसरे से मतलब नहीं रहता है।

 

कोल्हू के बैल – खूब परिश्रमी

वाक्य – किसान खेत में कोल्हू के बैल के समान काम करता है।

 

कागज काला करना – बिना मतलब लिखते रहना

वाक्य – ऐसा प्रतीत होता है कि संजय बस कागज काला करने के लिए पढ़ने बैठता है।

 

कौड़ी – कौड़ी जोड़ना – छोटी-मोटी सभी आय को कंजूसी के साथ बचा के रखना

वाक्य – बेटी की शादी के लिए मां ने अभी से ही कौड़ी – कौड़ी जोड़ना शुरू कर दिया।

 

कचूमर निकालना – खूब पीटना

वाक्य – ट्रैन में लोगों ने चोर का कचूमर निकाल दिया।

 

कटे पर नमक छिड़कना – विपत्ति के समय और दुख देना

वाक्य – जतिन दूसरों की हर बात का मजाक बनता है,उसकी तो आदत है घाव पर नमक छिड़कने की।

 

कोहराम मचाना – दु:खपूर्ण चीख पुकार

वाक्य – जाने माने हस्ती की मौत की खबर ने पूरे देश में कोहराम मचा दिया है।

 

खरी- खोटी सुनाना – भला बुरा कहना

वाक्य – छोटी-छोटी बात पर रमेश अपने परिवार वालों को खरी-खोटी सुनाने लगता है।

 

खा पका जाना – बर्बाद करना

वाक्य – उसके पास रखा ही क्या है, जो था वह सब खा-पका गया है।

 

खुशामदी टट्टू – झूठी प्रशंसा करने वाला व्यक्ति

वाक्य – मनोहर ऑफिस में कुछ नहीं करता बस बॉस का खुशामदी टट्टू है, सारा दिन बॉस की खुशामद करके अपना काम निकाल लेता है।

 

खूंटे के बल कूदना – किसी के भरोसे पर जोर या जोश देना

वाक्य – खूंटें के बल बछड़ा इधर से उधर कूदता रहता है।

 

खून का प्यासा – जान मारने पर उतारू

वाक्य – नरेश आकाश के खून का प्यासा हो गया है।

 

ख्याली पुलाव – सिर्फ कल्पना करना

वाक्य – अरे भाई! ख्याली पुलाव पकाने से कुछ नहीं होगा, अगर प्रतियोगी परीक्षा में पास होना है तो मन लगाकर पढ़ना होगा। 

 

गंगा लाभ होना – मर जाना

वाक्य – 80 वर्षीय दादी को गंगा लाभ हो गया।

 

गला छूटना – मुक्त होना, पिंड छूटना

वाक्य – बड़ी मुश्किल से बाजार गई रीमा, बाजार में अपने पीछे पड़े गुंडों से अपना गला छुड़ा सकीं।

 

गुड़ियों का खेल – सहज काम

वाक्य – सरकारी नौकरी पाना कोई गुड़ियों का खेल का खेल नही है, उसके लिए मेहनत करनी पड़ती है।

 

गूलर का फूल – दुर्लभ चीज

वाक्य – आज के युग में ईमानदार लोग मिलना, गूलर के फूल के समान है।

 

गांठ में बांधना – खूब याद रखना

वाक्य – तुमने तो उस बात को गाँठ में बाँध ली है।

 

गुल खिलना – विचित्र घटना होना, बखेड़ा होना

वाक्य – उस लड़के ने कई गुल खिलाए है।

 

गड्ढा खोदना – हानि पहुंचाने का उपाय करना

वाक्य – जो दूसरे के लिए गड्ढा खोदता है वह एक दिन खुद गड्ढे में गिर जाता है।

 

घर बसना – घर में पत्नी का आना

वाक्य – अनुज के अपने पैरों पर खड़ा होते ही उसके माता-पिता ने उसका घर बसा दिया।

 

घर का मर्द – बाहर डरपोक 

वाक्य – राघव घर का ही मर्द है बाहर वो चुप रहता है।

 

घास खोदना – व्यर्थ काम करना

वाक्य – आर्थिक तंगी के कारण आज-कल नरेश घास खोद कर अपने परिवार का पेट पाल रहा है।

 

चाँद का टुकड़ा – बहुत सुन्दर

वाक्य – राम का पुत्र तो चाँद का टुकड़ा है, वह उसे प्रतिदिन काला टीका लगाता है।

 

चाँद पर थूकना – किसी बड़े पुरुष को कलंक लगाना

वाक्य – इस समाज में हमारे लिए सबसे पवित्र हमारे ग्रंथ धर्म और ईश्वर ही है उनकी बुराई करना मानो चाँद पर थूकने के ही समान है।

 

चिकने घड़े पर पानी पड़ना – उपदेश का कोई प्रभाव न पड़ना

वाक्य – इस बार फिर वह पांचवीं कक्षा में फेल हो गया और उससे छोटे बच्चे उसके सहपाठी बन गए लेकिन वह तो चिकना घडा है, उसपर पानी नहीं ठहरता वह तो शान से घूम रहा है।

 

चोली दामन का साथ – काफी घनिष्ठता

वाक्य – अंशु अपने मित्र से भले ही झगड़ा कर ले किंतु फिर भी दोनों का चोली दामन का साथ रहता है।

 

चुनौती देना – ललकारना

वाक्य – पाकिस्तान बार-बार भारत को चुनौती दे रहा है।

 

चैन की बंशी बजाना – सुख से समय बिताना

वाक्य – संजीव ने अपनी नौकरी से रिटायरमेंट लेने से पहले ही अपने सभी बच्चों का विवाह कर चैन की बंसी बजाई।

 

चोटी की पसीना एड़ी तक बहना – खूब परिश्रम करना

वाक्य – इस भव्य इमारत को बनाने में मजदूरों का चोटी का पसीना एड़ी तक आ गया था।

 

चंपत हो जाना – भाग जाना

वाक्य – पुलिस वालों को आते हुए देखते ही चोर फौरन चंपत हो गए।

 

चकमा देना – धोखा देना

वाक्य – राजन मुझे भी चकमा देगा, ऐसा मैंने सोचा भी न था।

 

चरबी छाना – घमंड होना

वाक्य – आजकल मोहन का व्यवसाय अच्छा चल रहा है इसलिए चरबी छा गया है।

 

जड़ उखाड़ना – पूर्ण नाश करना

वाक्य – आतंकवाद को पूरी दुनिया से जड़ से उखाड़ फेंकना चाहिए।

 

जंगल में मंगल करना – शून्य स्थान को भी आनंदमय कर देना

वाक्य – नेहा का तो स्वभाव ही ऐसा है कि वह जंगल में भी मंगल कर देती है।

हिंदी मुहावरे FAQs

प्रश्न: मुहावरा किसे कहते हैं?
उत्तर: मुहावरा एक ऐसा वाक्यांश है जो अपने शाब्दिक अर्थ से अलग एक विशेष अर्थ प्रकट करता है और भाषा को रोचक व प्रभावशाली बनाता है।

प्रश्न: मुहावरे और कहावत में क्या अंतर है?
उत्तर: मुहावरा वाक्य का अंश होता है और अपने आप में पूरा अर्थ नहीं देता, जबकि कहावत अपने आप में पूर्ण वाक्य होती है और सीधे जीवन का कोई अनुभव या सीख व्यक्त करती है।

प्रश्न: मुहावरे परीक्षा में क्यों पूछे जाते हैं?
उत्तर: हिंदी और प्रतियोगी परीक्षाओं में मुहावरे भाषा-ज्ञान और शब्दों के व्यावहारिक प्रयोग की समझ परखने के लिए पूछे जाते हैं।

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