Baadal Raag Question Answers

 

CBSE Class 12 Hindi Chapter 6 Baadal Raag (बादल राग) Question Answers (Important) from Aroh Book

 

Baadal Raag Class 12 – CBSE Class 12 Hindi Aroh Bhag-2 Chapter 6 Baadal Raag Question Answers. The questions listed below are based on the latest CBSE exam pattern, wherein we have given NCERT solutions of the chapter, extract based questions, multiple choice questions, short and long answer questions. 

सीबीएसई कक्षा 12 हिंदी आरोह भाग-2 पुस्तक पाठ 6 बादल राग प्रश्न उत्तर | इस लेख में NCERT की पुस्तक के प्रश्नों के उत्तर तथा महत्वपूर्ण प्रश्नों का व्यापक संकलन किया है।

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पाठ्यपुस्तक पर आधारित प्रश्न – Textbook Based Questions

प्रश्न 1 – ‘अस्थिर सुख पर दुख की छाया’ पंक्ति में ‘दुख की छाया’ किसे कहा गया हैं और क्यों?
उत्तर – कवि ने ‘अस्थिर सुख पर दुख की छाया’ पंक्ति में ‘दुख की छाया’ मानव-जीवन में आने वाले दुखों व् कष्टों को कहा है। मानव जीवन में सुख व् दुःख हवा के समान चंचल है अथवा अस्थायी है। क्योंकि मानव जीवन में सुख और दुःख दोनों आते-जाते रहते हैं। धनी लोगों के पास सुविधाओं की कोई कमी नहीं होती, गरीबों का शोषण करके वे अत्यधिक संपत्ति जमा करते हैं, परन्तु उन्हें सदैव क्रांति अर्थात विद्रोह की संभावना रहती है। वह अपना सब कुछ छिन जाने के डर से भयभीत रहते हैं। यही कारण है कि कवि ने धनी वर्ग के सुख को अस्थिर कहा है और उस पर सदैव दुःख की छाया का प्रयोग किया है।

प्रश्न 2 – ‘अशानि-पात से शापित उन्नत शत-शत वीर’ पंक्ति में किसकी ओर संकेत किया है?
उत्तर – ‘अशानि-पात से शापित उन्नत शत-शत वीर’ इस पंक्ति में कवि ने शोषक वर्ग की ओर संकेत किया है। ‘अशानि-पात’ का तात्पर्य क्रांति से है। जिस प्रकार भयंकर बिजली गिरने से बड़े-बड़े पहाड़ खंडित हो जाते हैं ठीक उसी प्रकार क्रांति से शोषक वर्ग का गर्व चूर-चूर हो जाता है।

प्रश्न 3  – ‘विप्लव-रव से छोटे ही हैं शोभा पाते’ पंक्ति में  ‘विप्लव-रव’ से क्या तात्पर्य है? ‘छोटे ही है हैं शोभा पाते’ ऐसा क्यों कहा गया है?
उत्तर – विप्लव-रव से तात्पर्य है – क्रांति की गर्जन। समाज में जब-जब क्रांति होती है तब-तब शोषक वर्ग भय से काँप जाते हैं। क्योंकि उनका धन, उनका घमंड  आदि समाप्त हो जाते हैं। ‘छोटे ही हैं शोभा पाते’ ऐसा कवि ने इसलिए कहा है क्योंकि क्रांति से छोटे ही शोभा पाते हैं। यहाँ ‘छोटे’ से आशय आम आदमी से है। क्योंकि आम आदमी ही शोषण का शिकार होता है इसलिए जब भी क्रान्ति होती है तो आम आदमी के पास खोने को कुछ नहीं होता बल्कि इसके विपरीत उन्हें  कुछ अधिकार मिलते हैं। उसका शोषण समाप्त हो जाता है।

 प्रश्न 4 – बादलों के आगमन से प्रकृति में होने वाले किन-किन परिवर्तनों को कविता रेखांकित करती हैं?
उत्तर – बादलों के आगमन से प्रकृति में निम्नलिखित परिवर्तन होते हैं –
(i) बादल गर्जन करते हैं।
(ii) मूसलाधार वर्षा होती है।
(iii) पृथ्वी से पौधों का अंकुरण होने लगता है।
(iv) बिजली चमकती है तथा उसके गिरने से बड़े-बड़े पर्वत-शिखर खंडित हो जाते हैं।
(v) तेज़ हवा चलने से छोटे-छोटे पौधे हाथ हिलाते से प्रतीत होते हैं।
(vi) गरमी के कारण दुखी हुए प्राणी बादलों को देखकर प्रसन्न हो जाते हैं।

 
 
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बादल राग कविता पर आधारित कुछ अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न – (Important Question Answers)

प्रश्न – कक्षा 12 की बादल राग कविता के कवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ ने किसे अस्थायी कहा है?
अथवा
कक्षा 12 की बादल राग कविता के कवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ ने अमीरों के सुख को अस्थायी क्यों कहा है?

उत्तर – मानव जीवन में सुख व् दुःख हवा के समान चंचल है अथवा अस्थायी है। क्योंकि मानव जीवन में सुख और दुःख दोनों आते-जाते रहते हैं। और सुखों पर सैदेव दुःख रूपी बादल मंडराते रहते हैं। अमीर व् समृद्ध व्यक्तियों के पास सुख के हर साधन मौजूद होते हैं जिन्हें उन्होंने गरीबों का शोषण करके प्राप्त किया होता है। उन्हें उन साधनों के छिन जाने का डर सदा बना रहता है इसी वजह से कवि ने अमीरों के सुख को अस्थायी कहा है।
 
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प्रश्न  – कक्षा 12 की बादल राग कविता में बादल व् क्रान्ति से लोगों को क्या उम्मीद है?

उत्तर – संसार का हृदय  शोषण रूपी अग्नि से जला हुआ है और बादल दुःख व् शोषण से ग्रस्त संसार पर जल बरसा कर शोषण के खिलाफ लोगों के मन में दबे क्रान्ति के बीज को अंकुरित करता है। जिस प्रकार लोगों को उम्मीद होती है कि बादल जल बरसा कर गर्मी से राहत देगा उसी प्रकार लोगों को क्रान्ति से उम्मीद है कि उन्हें शोषण से मुक्ति मिलेगी।
 
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प्रश्न – कक्षा 12 की बादल राग कविता में ‘अशनि-पात से शापित उन्नत शत-शत वीर, क्षत-विक्षत हत अचल-शरीर, गगन-स्पर्शी स्पर्द्धा धीर।’ का क्या आशय है।

उत्तर – आकाश की ऊँचाइयों को छूने की इच्छा रखने वाले ऊँचे-ऊँचे पर्वत भी बिजली गिरने से उस प्रकार खंडित अथवा नष्ट हो जाते हैं जिस प्रकार युद्ध भूमि में हथियारों के प्रहार से बड़े-बड़े वीर मृत्यु को प्राप्त हो जाते हैं। कहने का अभिप्राय यह है कि क्रांति से बड़े लोग या पूँजीपति ही प्रभावित होते हैं।
 
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प्रश्न  – कक्षा 12 की बादल राग कविता में ‘विप्लव-रव से छोटे ही हैं शोभा पाते।’ से क्या अभिप्राय है?
अथवा
कक्षा 12 की बादल राग कविता में ‘विप्लव-रव से छोटे ही हैं शोभा पाते।’ में विप्लव-रव से क्या तात्पर्य है? और ‘छोटे ही हैं शोभा पाते’ ऐसा क्यों कहा गया है ?

उत्तर – ‘विप्लव-रव’ से कवि का तात्पर्य क्रांति से है। कवि के अनुसार जब क्रांति होती है, तो गरीब लोगों में या आम जनता में जोश भर जाता है। क्रांति से बड़े लोग या पूँजीपति ही प्रभावित होते हैं। इसके विपरीत, पर्वतों के खंडित होने पर छोटे पौधे हँसते हैं, वे इससे अपार हरियाली प्राप्त करते हैं, और प्रसन्न होकर हाथ हिलाकर तुझे अर्थात बादल को बुलाते हैं। विनाश के शोर से सदा छोटे प्राणियों को ही लाभ मिलता है। क्रांति से शोषित व दलित वर्ग को लाभ मिलता है अर्थात शोषित वर्ग जब शोषण के विरुद्ध आवाज उठाते हैं, तो बड़े से बड़े पूंजीपतियों का घमंड चूर-चूर हो जाता है।
 
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प्रश्न – कक्षा 12 की बादल राग कविता में ‘तुझे बुलाता कृषक अधीर’ से कवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ क्या कहना चाहता है?
अथवा
कक्षा 12 की बादल राग कविता में किसानों का बादलों को बुलाने का क्या आशय है ?

उत्तर – कवि बादल अर्थात क्रांतिकारी से कहता है कि शोषण के कारण किसान की भुजाएँ बलहीन हो गई हैं, उसका शरीर कमजोर हो गया है। वह बैचेन हो कर तुझे बुला रहा है। कहने का अभिप्राय यह है कि शोषित वर्ग शोषण के कारण अत्यधिक कमजोर हो गया है और अब वह शोषण को ख़त्म करने के लिए बैचेन है। शोषकों ने शोषित वर्ग की जीवन-शक्ति छीन ली है अर्थात उनका रक्त रूपी सार तत्त्व चूस लिया है। अब वह केवल हड्डियों का ढाँचा मात्र रह गया है। कवि बादल अर्थात क्रांतिकारियों से कहता है कि तुम बरस कर किसान की गरीबी दूर करो अर्थात क्रांति करके शोषण को समाप्त करो।
 
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प्रश्न – कक्षा 12 की बादल राग कविता में शोषित वर्ग क्यों बैचेन है?

उत्तर – शोषण के कारण किसान की भुजाएँ बलहीन हो गई हैं, उसका शरीर कमजोर हो गया है। वह बैचेन हो कर बादल अर्थात क्रांतिकारी को बुला रहा है। कहने का अभिप्राय यह है कि शोषित वर्ग शोषण के कारण अत्यधिक कमजोर हो गया है और अब वह शोषण को ख़त्म करने के लिए बैचेन है। 
 
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प्रश्न – कक्षा 12 की बादल राग कविता में बादल क्या करते हैं?

उत्तर – बादल अर्थात क्रांतिकारी विप्लवकारी अर्थात जल की बाढ़ लाने वाला है। उनमें विध्वंस की पूरी शक्ति भरी हुई है। वे बार-बार गर्जना करते हैं। मूसलाधार बारिश करते हैं और पहाड़ों पर बिजली गिराते हैं। उनका यह भयंकर रूप देखकर धनी मानी लोग काँप उठते हैं। पूंजीपतियों के बड़े-बड़े भवन हिल जाते हैं और नन्हें पौधे अर्थात शोषक वर्ग प्रसन्नता से नाच उठते हैं।
 
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प्रश्न – कक्षा 12 की बादल राग कविता में बादल के गरजने से क्या होता है?

उत्तर – बादल के बार-बार गरजने, मूसलाधार वर्षा करने से और बिजली गिरने से भयभीत होकर संसार के प्राणी हृदय धाम लेते हैं। आकाश को छूने की होड़ वाले सैकड़ों ऊँचे-ऊँचे पर्वतों के शरीर अर्थात पूंजीपतियों के घमंड वज्रपात (बिजली गिरना) अर्थात क्रान्ति से टुकड़े-टुकड़े हो जाते हैं। भाव यह है कि क्रान्तिमयी हुंकार और कठोर प्रहार निरन्तर ऊँचे उठने की होड़ में लगे हुए पूँजीपतियों को धराशायी कर देते हैं।
 
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प्रश्न – कक्षा 12 की बादल राग कविता के कवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ ने बादलों को क्या कहा है?

उत्तर – बादल निश्चित ही क्रांति के प्रतीक हैं। कवि ने कविता में बादलों के क्रांतिकारी रूप को स्पष्ट करने के लिए उन्हें ‘विप्लव के वीर’ कहा है। जिस प्रकार क्रांति होने पर चारों ओर गर्जन-तर्जन और विनाश होता है उसी प्रकार विप्लवकारी बादल भी मूसलाधार वर्षा तथा अशनिपात से विनाश की लीला रचते हैं। और नव जीवन को उदित होने में सहायक बनते हैं। 
 
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प्रश्न – कक्षा 12 की “बादल राग” कविता का उद्देश्य क्या है?

उत्तर – ‘बादल राग’ कविता में बादल को क्रांति और बदलाव का प्रतीक माना गया है। कविता में प्रगतिवादी चेतना और क्रांतिकारी स्वर प्रमुख है। यह कविता शोषितों के प्रति सहानुभूति और शोषकों के प्रति आक्रोश व्यक्त करती है। कवि बादलों का अर्थात क्रांतिकारियों का आह्वान करता है कि वह अपने गर्जन तर्जन से दुखों से त्रस्त मानवों को शांति दे। अर्थात क्रांति करके शोषण को समाप्त करे।
 
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सार-आधारित प्रश्न Extract Based Questions

सारआधारित प्रश्न बहुविकल्पीय किस्म के होते हैं, और छात्रों को पैसेज को ध्यान से पढ़कर प्रत्येक प्रश्न के लिए सही विकल्प का चयन करना चाहिए। (Extract-based questions are of the multiple-choice variety, and students must select the correct option for each question by carefully reading the passage.)

 

1 –
तिरती हैं समीर-सागर पर
अस्थिर सुख पर दुख की छाया-
जगके दग्ध हृदय पर
निर्दय विप्लव की प्लावित माया-
यह तेरी रण-तरी
भरी आकांक्षाओं से,
धन्, भेरी-गर्जन से सजग सुप्त अंकुर
उर में  पृथ्वी के, आशावों से
नवजीवन की, ऊँचा कर सिर,
तक रहे हैं, ऐ विप्लव के बादल!

प्रश्न 1 – काव्यांश में कवि ने बादल को किसका प्रतिक माना है?
(क) उद्धार का
(ख) क्रान्ति का
(ग) शांति का
(घ) प्रेम का
उत्तर – (ख) क्रान्ति का

प्रश्न 2 – ‘समीर-सागर’, ‘दुख की छाया’ आदि में कौन सा अलंकार है?
(क) अनुप्रास अलंकार
(ख) उपमा अलंकार
(ग) उत्प्रेक्षा अलंकार
(घ) रूपक अलंकार
उत्तर – (घ) रूपक अलंकार 

प्रश्न 3 – ‘सजग सुप्त’ में कौन सा अलंकार है?
(क) अनुप्रास अलंकार
(ख) उपमा अलंकार
(ग) उत्प्रेक्षा अलंकार
(घ) रूपक अलंकार
उत्तर – (क) अनुप्रास अलंकार

प्रश्न 4 – किसकी गरजना से धरती के अंदर सोए हुए अंकुर अर्थात बीज जाग जाते हैं?
(क) क्रान्ति
(ख) बादल
(ग) बिजली
(घ) भूकंप
उत्तर – (ख) बादल

प्रश्न 5 – नए जीवन की आशा में सिर उठाकर बादलों को कौन देख रहे हैं?
(क) शोषित व्यक्ति
(ख) लोग
(ग) पृथ्वी
(घ) अंकुर
उत्तर – (घ) अंकुर

 

2 –
फिर-फिर
बार-बार गर्जन
वर्षण है मूसलधार,
हृदय थाम लेता संसार,
सुन-सुन घोर वज्र-हुंकार।
अशनि-पात से शापित उन्नत शत-शत वीर,
क्षत-विक्षत हत अचल-शरीर,
गगन-स्पर्शी स्पर्द्धा धीर।
हँसते हैं छोटे पौधे लघुभार-
शस्य अपार,
हिल-हिल ,
खिल-खिल,
हाथ हिलाते,
तुझे बुलाते,
विप्लव-रव से छोटे ही हैं शोभा पाते।

प्रश्न 1 – संसार क्यों भयभीत हो जाता है?
(क) बिजली गिरने से
(ख) वज्र के समान भयंकर आवाज से
(ग) बारिश होने से
(घ) बादल आने से
उत्तर – (ख) वज्र के समान भयंकर आवाज से

प्रश्न 2 – ‘बार-बार, सुन-सुन, हिल-हिल, शत-शत, खिल-खिल’ आदि में कौन सा अलंकार है?
(क) अनुप्रास अलंकार
(ख) उपमा अलंकार
(ग) पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार
(घ) रूपक अलंकार
उत्तर – (ग) पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार

 प्रश्न 3 –  ‘हाथ हिलाने’  में कौन सा अलंकार है?
(क) अनुप्रास अलंकार
(ख) उपमा अलंकार
(ग) उत्प्रेक्षा अलंकार
(घ) रूपक अलंकार
उत्तर – (क) अनुप्रास अलंकार

प्रश्न 4 – क्रांति की गर्जना से निम्न वर्ग के लोग हँसते हैं, क्यों?
(क) इस क्रांति से उन्हें कोई नुकसान नहीं होता
(ख) उन्हें उनका खोया अधिकार मिल जाता है
(ग) अपितु उनका शोषण समाप्त हो जाता है
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (घ) उपरोक्त सभी 

प्रश्न 5 – गगन-स्पर्शी स्पर्द्धा-धीर किन्हें कहा गया है?
(क) शोषित वर्ग को
(ख) पूँजीपति लोगों को
(ग) निम्न वर्ग के लोगों को
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (ख) पूँजीपति लोगों को

 

3 –
अट्टालिका नहीं है रे
आंतक–भवन
सदा पंक पर ही होता
जल-विप्लव-प्लवन,
क्षुद्र प्रफुल्ल जलजं से
सदा छलकता नीर,
रोग-शोक में भी हसता है
शैशव का सुकुमार शरीर।
रुद्ध कोष हैं, क्षुब्ध तोष
अंगना-अगा सो लिपटे भी
आतंक अंक पर काँप रहे हैं।
धनी, वज्र-गर्जन से बादल
त्रस्त नयन-मुख ढाँप रहे हैं।

प्रश्न 1 – पद्यांश में ‘अट्टालिका’ किसका प्रतीक है?
(क) शोषित व्यक्तियों का
(ख) शोषक पूँजीपतियों का
(ग) बादल की गर्जना का
(घ) आकाश की उँच्चाईयों का
उत्तर – (ख) शोषक पूँजीपतियों का 

प्रश्न 2 – ‘पंक पर, अंगना-अंग, आतंक अंक’ आदि में कौन सा अलंकार है?
(क) अनुप्रास अलंकार
(ख) उपमा अलंकार
(ग) पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार
(घ) रूपक अलंकार
उत्तर – (क) अनुप्रास अलंकार

प्रश्न 3 –  ‘रोग-शोक में भी हसता है’ से क्या तात्पर्य है?
(क) निम्न वर्ग कष्ट में भी मुस्कुराता है
(ख) पूंजीपति वर्ग कष्ट में भी मुस्कुराता है
(ग) पूंजीपति वर्ग रोग में भी मुस्कुराता है
(घ) निम्न वर्ग ख़ुशी में भी मुस्कुराता है
उत्तर – (क) निम्न वर्ग कष्ट में भी मुस्कुराता है

प्रश्न 4 – ‘रुद्ध कोष हैं’ से क्या आशय है?
(क) पूँजीपतियों ने गरीबों के घर पर कब्जा कर रखा है
(ख) पूँजीपतियों ने गरीबों की जमीनों पर कब्जा कर रखा है
(ग) पूँजीपतियों ने गरीबों के आर्थिक साधनों व् धन पर कब्जा कर रखा है
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (ग) पूँजीपतियों ने गरीबों के आर्थिक साधनों व् धन पर कब्जा कर रखा है

प्रश्न 5 – पूंजीपतियों ने क्यों अपनी आँखें बँद की हुई है तथा मुँह को छिपाए हुए हैं?
(क) शोषित वर्ग के भय से
(ख) क्रांति की गर्जन के भय से
(ग) निम्न वर्ग के भय से
(घ) धन की कमी से
उत्तर – (ख) क्रांति की गर्जन के भय से

 
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बादल राग कविता पर आधारित कुछ बहुविकल्पात्मक प्रश्न –  (Multiple Choice Questions)

 

प्रश्न 1 – ‘बादल राग’ कविता में कवि ने बादलों को किसका प्रतिक बतलाया है।
(क) शांति का
(ख) शीतलता का
(ग) क्रान्ति का
(घ) बदलाव का
उत्तर – (ग) क्रान्ति का

प्रश्न 2 – कवि ने किसे जल-प्लावन कहा है?
(क) बादल को
(ख) क्रान्ति को
(ग) विरोधी को
(घ) पूंजीपति को
उत्तर – (ख) क्रान्ति को

प्रश्न 3 – ‘बादल राग’ कविता में किसको कीचड़ कहा है?
(क) बादल को
(ख) क्रान्ति को
(ग) विरोधी को
(घ) पूंजीपति को
उत्तर – (घ) पूंजीपति को

प्रश्न 4 – ‘बादल राग’ कविता में ‘त्रस्त-नयन’ का क्या अर्थ है?
(क) आँखों की परेशानी
(ख) आँखों की व्याकुलता
(ग) आँखों की शांति
(घ) आँखों में गुस्सा
उत्तर – (ख) आँखों की व्याकुलता

प्रश्न 5 – कवि के अनुसार दुनिया में कौन-सी चीज अस्थायी है?
(क) जीवन में सुख अस्थायी है
(ख) जीवन में प्रेम अस्थायी है
(ग) जीवन में शांति अस्थायी है
(घ) जीवन में धन अस्थायी है
उत्तर – (क) जीवन में सुख अस्थायी है

प्रश्न 6 – पूंजीपतियों को किस बात का भय है?
(क) अपने खिलाफ होने वाली किसी बात का
(ख) अपने खिलाफ होने वाली किसी क्रांति का
(ग) अपने खिलाफ होने वाली किसी दुर्घटना का
(घ) अपने खिलाफ होने वाली किसी सोच का
उत्तर – (ख) अपने खिलाफ होने वाली किसी क्रांति का

प्रश्न 7 – कविता ‘ बादल राग ‘ में कवि किसके शोषण की बात कर रहा है?
(क) मजदूरों के द्वारा पूंजीपतियों के शोषण की
(ख) अमीरों के द्वारा पूंजीपतियों के शोषण की
(ग) पूंजीपतियों के द्वारा मजदूरों के शोषण की
(घ) पूंजीपतियों के द्वारा अमीरों के शोषण की
उत्तर – (ग) पूंजीपतियों के द्वारा मजदूरों के शोषण की

प्रश्न 8 – क्रांति से शोषित व दलित वर्ग को क्या लाभ मिलता है?
(क) उनके अधिकार उन्हें मिलते हैं
(ख) उनका शोषण समाप्त होता है
(ग) उनका जीवन सरल हो जाता है
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (घ) उपरोक्त सभी

प्रश्न 9 – शोषित वर्ग क्यों बैचेन है?
(क) शोषण को ख़त्म करने के लिए
(ख) गर्मी को ख़त्म करने के लिए
(ग) पूँजीपतोयों को ख़त्म करने के लिए
(घ) अधिकारों को ख़त्म करने के लिए
उत्तर – (क) शोषण को ख़त्म करने के लिए

प्रश्न 10 – बड़े से बड़े पूंजीपतियों का घमंड कब चूर-चूर हो जाता है?
(क) शोषित वर्ग जब काम करना बंद कर देते हैं
(ख) शोषित वर्ग जब अत्यधिक कमजोर हो जाते हैं
(ग) शोषित वर्ग जब शोषण के विरुद्ध आवाज उठाते हैं
(घ) शोषित वर्ग जब शोषण के विरुद्ध आवाज उठाना बंद करते हैं
उत्तर – (ग) शोषित वर्ग जब शोषण के विरुद्ध आवाज उठाते हैं

 
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