CBSE Class 9 Hindi Chapter 7 रैदास के पद Important Questions Answers from Sparsh Bhag 1 Book 

 

 
 

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सीबीएसई कक्षा 9 हिंदी स्पर्श भाग 1 पुस्तक पाठ 7 के लिए रैदास के पद प्रश्न उत्तर खोज रहे हैं? आगे कोई तलाश नहीं करें! महत्वपूर्ण प्रश्नों का हमारा व्यापक संकलन आपको अपने विषय ज्ञान को बढ़ाने में मदद करेगा। कक्षा 9 के हिंदी प्रश्न उत्तर का अभ्यास करने से परीक्षा में आपके प्रदर्शन में काफी सुधार हो सकता है। हमारे समाधान इस बारे में एक स्पष्ट विचार प्रदान करते हैं कि उत्तरों को प्रभावी ढंग से कैसे लिखा जाए। हमारे रैदास के पद प्रश्न उत्तरों को अभी एक्सप्लोर करें उच्च अंक प्राप्त करने के अवसरों में सुधार करें।

 

The questions listed below are based on the latest CBSE exam pattern, wherein we have given NCERT solutions to the chapter’s extract based questions, multiple choice questions, short answer questions, and long answer questions

 

Also, practicing with different kinds of questions can help students learn new ways to solve problems that they may not have seen before. This can ultimately lead to a deeper understanding of the subject matter and better performance on exams. 

 

 
 

सार-आधारित प्रश्न Extract Based Questions

सारआधारित प्रश्न बहुविकल्पीय किस्म के होते हैं, और छात्रों को पैसेज को ध्यान से पढ़कर प्रत्येक प्रश्न के लिए सही विकल्प का चयन करना चाहिए। (Extract-based questions are of the multiple-choice variety, and students must select the correct option for each question by carefully reading the passage.)

 

पद्यांश को पढ़कर पूंछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए –

 

1)

अब कैसे छूटे राम नाम रट लागी।
प्रभु जी, तुम चंदन हम पानी, जाकी अँग-अँग बास समानी।
प्रभु जी, तुम घन बन हम मोरा, जैसे चितवत चंद चकोरा।
प्रभु जी, तुम दीपक हम बाती, जाकी जोति बरै दिन राती।
प्रभु जी, तुम मोती हम धागा, जैसे सोनहिं मिलत सुहागा।
प्रभु जी, तुम स्वामी हम दासा, ऐसी भक्ति करै रेदासा॥

i. प्रस्तुत पद्यांश में रैदास किसकी भक्ति कर रहे हैं?
(क) श्री कृष्ण
(ख) राम
(ग) प्रेम
(घ) देवी मां
उत्तर: (ख) राम

ii. रैदास ने खुद को पानी तो भगवान को क्या बोला?
(क) बर्फ
(ख) चंदन
(ग) अमृत
(घ) इनमे से कोई नहीं
उत्तर: (ख) चंदन

iii. रैदास ने खुद को मोर तो भगवान को क्या बोला?
(क) बादल
(ख) मोरनी
(ग) बसंत
(घ) इनमे से कोई नहीं
उत्तर: (क) बादल

iv. रैदास ने खुद को चकोर तो भगवान को क्या बोला?
(क) सूरज
(ख) चंद्रमा
(ग) बादल
(घ) बसंत
उत्तर: (ख) चंद्रमा

 

2)

ऐसी लाल तुझ बिनु कउनु करै।
गरीब निवाजु गुसईआ मेरा माथै छत्रु धरै ॥
जाकी छोति जगत कउ लागै ता पर तुहीं ढरै।
नीचहु ऊच करै मेरा गोबिंदु काहू ते न डरै॥
नामदेव कबीरू तिलोचनु सधना सैनु तरे।
कहि रविदासु सुनहु रे संतहु हरिजीउ ते सभै सरै॥

i. प्रस्तुत पद्यांश में रैदास जी ने “गरीब निवाजु” किसको कहा है?
(क) श्री कृष्ण
(ख) राम
(ग) प्रेम
(घ) देवी मां
उत्तर: (क) श्री कृष्ण

ii. रैदास ने खुद को दास तो भगवान को क्या बोला?
(क) राजा
(ख) मालिक
(ग) पिता
(घ) बड़ा भाई
उत्तर: (ख) मालिक

iii. रैदास किसकी तरह अपने प्रभु की भक्ति करते हैं?
(क) दास
(ख) सेवक
(ग) भिक्षुक
(घ) बेटा
उत्तर: (क) दास

iv. रैदास के अनुसार उनके प्रभु गरीब लोगों पर किस प्रकार की कृपा करते हैं?
(क) धन धान्य से समृद्ध कर देते हैं
(ख) उनकी सारी ख्वाहिश पूरी करते हैं
(ग) उनको सद्बुद्धि देते हैं
(घ) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (घ) उपर्युक्त सभी
 
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बहुविकल्पीय प्रश्न और उत्तर (Multiple Choice Questions)

बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) एक प्रकार का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन है जिसमें एक व्यक्ति को उपलब्ध विकल्पों की सूची में से एक या अधिक सही उत्तर चुनने के लिए कहा जाता है। एक एमसीक्यू कई संभावित उत्तरों के साथ एक प्रश्न प्रस्तुत करता है।

 

1.रैदास ने खुद पानी तो भगवान को क्या बोला?
(क) बर्फ
(ख) चंदन
(ग) अमृत
(घ) इनमे से कोई नहीं
उत्तर: (ख) चंदन

2. रैदास ने खुद को मोर तो भगवान को क्या बोला?
(क) बादल
(ख) मोरनी
(ग) बसंत
(घ) इनमे से कोई नहीं
उत्तर: (क) बादल

3. रैदास ने खुद को चकोर तो भगवान को क्या बोला?
(क) सूरज
(ख) चंद्रमा
(ग) बादल
(घ) बसंत
उत्तर: (ख) चंद्रमा

4. रैदास ने खुद को बाती तो भगवान को क्या बोला?
(क) आग
(ख) दीपक
(ग) लालटेन
(घ) सूरज
उत्तर: (ख) दीपक

5. रैदास ने खुद को धागा तो भगवान को क्या बोला?
(क) सुई
(ख) मोती
(ग) हीरा
(घ) सोना
उत्तर: (ख) मोती

6. रैदास ने खुद को दास तो भगवान को क्या बोला?
(क) राजा
(ख) मालिक
(ग) पिता
(घ) बड़ा भाई
उत्तर: (ख) मालिक

7. रैदास किसकी तरह अपने प्रभु की भक्ति करते हैं?
(क) दास
(ख) सेवक
(ग) भिक्षुक
(घ) बेटा
उत्तर: (क) दास

8. रैदास के अनुसार उनके प्रभु गरीब लोगों पर किस प्रकार की कृपा करते हैं?
(क) धन धान्य से समृद्ध कर देते हैं
(ख) उनकी सारी ख्वाहिश पूरी करते हैं
(ग) उनको सतबुद्धि देते हैं
(घ) उपर्युक्त सभी
उत्तर: (घ) उपर्युक्त सभी

9. रैदास के अनुसार उनके प्रभु निम्न श्रेणी के लोगों पर किस प्रकार की कृपा करते हैं?
(क) ऊंची पदवी देते हैं
(ख) धन धान्य से समृद्ध कर देते हैं
(ख) सारी ख्वाहिश पूरी करते हैं
(ग) सतबुद्धि देते हैं
उत्तर: (क) ऊंची पदवी देते हैं

10. रैदास ने अपने पदयांश में निम्न में से किस महापुरुष का नाम लिया है?
(क) कबीर
(ख) रहीम
(ग) मीराबाई
(घ) गांधी जी
उत्तर: (क) कबीर
 
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प्रश्न और उत्तर  Questions Answers

1.प्रस्तुत पाठ में रैदास ने अपनी और भगवान की तुलना किससे किससे की है?

उत्तर: प्रस्तुत पाठ में रैदास ने अपनी और भगवान की तुलना निम्न चीजों से की है; 

भगवान रैदास
चंदन पानी
बादल  मोर 
दीपक बाती 
मोती धागा 
स्वामी दास 

 

  1. रैदास “गरीब निवाजु” किसको कहा है?

उत्तर: रैदास ने गरीब निवाजु अर्थात गरीबों पर दया कृपा बरसाने वाले भगवान श्री कृष्ण को कहा है। 

 

  1. “जाकी अँग-अँग बास समानी” पंक्ति का अर्थ स्पष्ट कीजिए। 

उत्तर: रैदास जी कह रहे हैं कि वह अपने प्रभु की भक्ति में इस तरह से रम गए हैं जैसे कि चंदन पानी के संपर्क में आने से रम जाता है और पानी उसके अंग अंग में बस जाता है ठीक उसी प्रकार रैदास के लाल के संपर्क में आने से रैदास उनके प्रेम में और भक्ति में इस तरह से रम गए हैं कि अब प्रभु रैदास के अंग अंग में बस गए हैं। 

 

  1. “जैसे चितवत चंद चकोरा” पंक्ति का अर्थ स्पष्ट कीजिए। 

उत्तर: रैदास जी अपने प्रभु से विनती करते हुए कहते हैं कि हे प्रभु आप बादल हैं तो हम मोर हैं। जिस प्रकार मोर बादलों को देखकर खुशी से नाचने लगता है और चकोर नामक पंछी चंद्रमा को देखकर नाचने लगता है ठीक उसी प्रकार हे प्रभु अगर आप दर्शन दे देते तो मेरा यह जीवन धन हो जाता और मेरी आत्मा भी इस मोर और चकोर की भांति नृत्य करने लगती। 

 

  1. “जाकी जोति बरै दिन राती” पंक्ति का अर्थ स्पष्ट कीजिए। 

उत्तर: रैदास जी कह रहे हैं कि हे प्रभु! आपकी कृपा और भक्ति की ज्योति दिन रात मेरे मन और जीवन में जल रही है और मेरे जीवन को प्रज्वलित कर रही है। 

 

  1. “ऐसी लाल तुझ बिनु कउनु करे” पंक्ति का अर्थ स्पष्ट कीजिए। 

उत्तर: हे स्वामी! जो अगर प्रसन्न हो जाए तो गरीब के सिर में छत्र धारण करवा देता है अर्थात् गरीब को भी राजा के समान अमीर बना देता है और जो नीच से नीच व्यक्ति को भी ऊपर उठा देता है ऐसी कृपा मेरे लाल के अलावा कोई नहीं कर सकता है। 

 

  1. “नीचहु ऊच करे मेरा गोबिंदु काहू ते न डरे” पंक्ति का अर्थ स्पष्ट कीजिए। 

उत्तर:  हे स्वामी! आप निम्न श्रेणी के साधक को भी समाज में उच्च पद प्राप्त करवाते हैं और आपकी कृपा प्राप्त करने वाले वह निम्न प्राणी भी किसी से ना डरते हुए निर्भीक और सुखी जीवन जीता है। 

 

  1. रैदास ने अपने स्वामी को किन किन नामों से बुलाया है?

उत्तर: रैदास ने अपने स्वामी को चंदन, बादल, दीपक, मोती और स्वामी नाम से बुलाया है। 

 

  1. रैदास को किसके नाम की रट लगी है?

उत्तर: रैदास को अपने प्रभु की रट लगी हुई है। वह अपने प्रभु से इस तरह घुल मिल गए हैं जैसे चंदन पानी से घुल मिल जाता है और वह कह रहे हैं कि अब उनको अपने प्रभु से कोई अलग नहीं कर सकता है। 

 

  1. दूसरे पद में रैदास ने किसका वर्णन किया है?

उत्तर: दूसरे पद में रैदास जी कह रहे हैं कि जो अगर प्रसन्न हो जाए तो गरीब के सिर में छत्र धारण करवा देता है अर्थात् गरीब को भी राजा के समान अमीर बना देता है और जो नीच से नीच व्यक्ति को भी ऊपर उठा देता है ऐसी कृपा मेरे लाल के अलावा कोई नहीं कर सकता है। 

रैदास जी आगे कह रहे हैं कि हे! दुनिया के सभी संतो अगर आप मेरे लाल की ही पूजा करेंगे तभी आपका कल्याण हो सकता है। 

 
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