NCERT Solutions for Class 6 Hindi Vasant Bhag 1 बचपन Important Question Answers Lesson 2

 

Class 6 Hindi Bachpan Question Answers- Looking for Bachpan question answers for CBSE Class 6 Hindi Vasant Bhag 1 Book Chapter 2? Look no further! Our comprehensive compilation of important questions will help you brush up on your subject knowledge.

सीबीएसई कक्षा 6 हिंदी वसंत भाग 1 पुस्तक पाठ 2 के लिए बचपन  प्रश्न उत्तर खोज रहे हैं? आगे कोई तलाश नहीं करें! महत्वपूर्ण प्रश्नों का हमारा व्यापक संकलन आपको अपने विषय ज्ञान को बढ़ाने में मदद करेगा। कक्षा 6 के हिंदी प्रश्न उत्तर का अभ्यास करने से परीक्षा में आपके प्रदर्शन में काफी सुधार हो सकता है। हमारे समाधान इस बारे में एक स्पष्ट विचार प्रदान करते हैं कि उत्तरों को प्रभावी ढंग से कैसे लिखा जाए। हमारे बचपन उत्तरों को अभी एक्सप्लोर करें उच्च अंक प्राप्त करने के अवसरों में सुधार करें।

The questions listed below are based on the latest CBSE exam pattern, wherein we have given NCERT solutions to the chapter’s extract based questions, multiple choice questions, short answer questions, and long answer questions

 Also, practicing with different kinds of questions can help students learn new ways to solve problems that they may not have seen before. This can ultimately lead to a deeper understanding of the subject matter and better performance on exams. 

  • Bachpan Extract Based Questions
  • Bachpan Multiple Choice Questions
  • Bachpan Questions Answers
  • Class 6 Hindi बचपन Question Answers Lesson 2 – सारआधारित प्रश्न (Extract Based Questions)

    सार-आधारित प्रश्न बहुविकल्पीय किस्म के होते हैं, और छात्रों को पैसेज को ध्यान से पढ़कर प्रत्येक प्रश्न के लिए सही विकल्प का चयन करना चाहिए। (Extract-based questions are of the multiple-choice variety, and students must select the correct option for each question by carefully reading the passage.)

     

    निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर उनके नीचे दिए गए प्रश्नों का उत्तर अपने शब्दों में दीजिए।

     

    1.

     

    कभी-कभी हवाई जहाज भी देखने को मिलते! दिल्‍ली में जब भी उनकी आवाज आती, बच्चे उन्हें देखने बाहर दौड़ते। दीखता एक भारी-भरकम पक्षी उड़ा जा रहा है पंख फैलाकर। यह देखो और वह गायब! उसकी स्पीड ही इतनी तेज़ लगती। हाँ, गाड़ी के मॉडलवाली दुकान के साथ एक और ऐसी दुकान थी जो मुझे कभी नहीं भूलती। यह वह दुकान थी जहाँ मेरा पहला चश्मा बना था। वहाँ आँखों के डॉक्टर अंग्रेज थे।

    शुरू-शुरू में चश्मा लगाना बड़ा अटपटा लगा। छोटे-बड़े मेरे चेहरे की ओर देखते और कहते-आँखों में कुछ तकलीफ़ है! इस उम्र में ऐनक! दूध पिया करो। मैं डॉक्टर साहिब

    का कहा दोहरा देती-कुछ देर पहनोगी तो ऐनक उतर जाएगी। वैसे डॉक्टर साहिब ने पूरा आश्वासन दिया था, लेकिन चश्मा तो अब तक नहीं उतरा। नंबर बस कम ही होता रहा! मैं अपने-आप इसकी ज़िम्मेवार हूँ। जब आप दिन की रोशनी को छोड़कर रात में टेबल लैंप के सामने काम करेंगी-तो इसके अलावा और क्‍या होगा!

    हाँ, जब पहली बार मैंने चश्मा लगाया तो मेरे एक चचेरे भाई ने मुझे छेड़ा-देखो, देखो, कैसी लग रही है!

     

    i. दिल्ली के बच्चे हवाई जहाज को देखकर क्या कहते थे?

    (क) बड़ी मछली

    (ख) बड़ा पक्षी

    (ग) उड़नतस्तरी

    (घ) एलियन का यान 

    उत्तर: (ख) बड़ा पक्षी

    ii. लेखिका को आज तक कौन सी एक दुकान नहीं भूली?

    (क) चश्मे वाली

    (ख) कपड़े वाली

    (ग) ज्वैलरी वाली

    (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं 

    उत्तर: (क) चश्मे वाली

     

    iii. लेखिका को पहली बार चश्मा लगने के बाद निम्न में से कौन चिढ़ाता था?

    (क) चचेरा भाई 

    (ख) ममेरा भाई

    (ग) बुआ का लड़का

    (घ) क्लास के बच्चे

    उत्तर: (क) चचेरा भाई 

     

    iv. लेखिका को चश्मा लगाए देख छोटे-बड़े उनको कौन सी सलाह देते?

    (क) दूध पीने की

    (ख) ज्यादा खाना खाने की

    (ग) अधेरे में न पढ़ने की

    (घ) बस दिन में पढ़ने की

    उत्तर: (क) दूध पीने की

     

    2. मैं तुम्हें अपने बचपन की ओर ले जाऊँगी। मैं तुमसे कुछ इतनी बड़ी हूँ कि तुम्हारी दादी भी हो सकती हूँ, तुम्हारी नानी भी। बड़ी बुआ भी-बड़ी मौसी भी। परिवार में मुझे सभी लोग जीजी कहकर ही पुकारते हैं। हाँ, मैं इन दिनों कुछ बड़ा-बड़ा यानी उम्र में सयाना महसूस करने लगी हूँ। शायद इसलिए कि पिछली शताब्दी में पैदा हुई थी। मेरे पहनने-ओढ़ने में भी काफ़ी बदलाव आए हैं। पहले मैं रंग-बिरंगे कपड़े पहनती रही हूँ। नीला-जामुनी-ग्रे-काला-चॉकलेटी। अब मन कुछ ऐसा करता है कि सफ़ेद पहनो। गहरे नहीं, हलके रंग। मैंने पिछले दशकों में तरह-तरह की पोशाकें पहनी हैं। पहले फ्रॉक, फिर निकर-वॉकर, स्कर्ट, लहँगे, गरारे और अब चूड़ीदार और घेरदार कुर्ते। 

     

    i. परिवार के लोग लेखिका को क्या कहकर पुकारते थे?

    (क) दादी अम्मा

    (ख) जीजी 

    (ग) नानी

    (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं

    उत्तर: (ख) जीजी 

    ii. निम्नलिखित में से किस रंग का कपड़ा लेखिका अपने जमाने में पहना करती थी?

    (क) लाल

    (ख) सफेद

    (ग) पीला

    (घ) चॉकलेटी 

    उत्तर: (घ) चॉकलेटी 

    iii. निम्नलिखित में से किस रंग का कपड़ा लेखिका अपने जमाने में नहीं पहना करती थी?

    (क) नारंगी

    (ख) ग्रे

    (ग) नीला

    (घ) चॉकलेटी 

    उत्तर: (क) नारंगी

     

    iv. लेखिका का अब किस रंग के कपड़े पहनने का मन कर रहा है?

    (क) लाल

    (ख) सफेद

    (ग) पीला

    (घ) चॉकलेटी 

    उत्तर: (ख) सफेद

     

    3. हर शनीचर को हमें ऑलिव ऑयल या कैस्टर ऑयल पीना पड़ता। यह एक  मुश्किल काम था। शनीचर को सुबह से  

    ही नाक में इसकी गंध आने लगती! छोटे शीशे के गिलास, जिन पर ठीक खुराक के लिए निशान पड़े रहते,  उन्हें देखते ही मितली होते लगती।  मुझे आज भी लगता है कि अगर हम न भी पीते वह शनिवारी दवा तो कुछ ज़्यादा बिगड़ने वाला नहीं था। सेहत ठीक ही रहती। तुम्हें बताऊँगी कि हमारे समय और तुम्हारे समय में कितनी दूरी हो चुकी है। यहाँ तक कि बचपन की दिलचस्पियाँ भी बदल गई हैं। 

     

    i. लेखिका को हर शनीचर क्या करना पड़ता था?

    (क) जूता धोना पड़ता था

    (ख) दादी के लिए दवा लाना पड़ता था

    (ग) ऑलिव आयल पीना पड़ता था

    (घ) रसोई का काम करना पड़ता था

    उत्तर: (ग) ऑलिव आयल पीना पड़ता था

     

    ii. लेखिका के लिए कौन सा सबसे मुश्किल काम था?

    (क) जूता धोना 

    (ख) ऑलिव ऑयल पीना

    (ग) रसोई का काम 

    (घ) होमवर्क करना

    उत्तर: (ख) ऑलिव ऑयल पीना

     

    iii. ऑलिव ऑयल किसमे रखा हुआ रहता था?

    (क) ग्लास में

    (ख) छोटी सी शीशी में

    (ग) बड़ी शीशी में

    (घ) दराज में

    उत्तर: (ख) छोटी सी शीशी में

     

    iv. लेखिका ने शनिवारी दवा किसको कहा है?

    (क) ऑलिव ऑयल को

    (ख) दादी की सांस की दवा को

    (ग) खांसी की दवा को

    (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं 

    उत्तर: (क) ऑलिव ऑयल को

     

    4. याद रहे, उन दिनों कुछ घरों में ग्रामोफ़ोन थे, रेडियो और टेलीविजन नहीं थे। हमारे बचपन की कुलफ़ी आइसक्रीम हो गई है। कचौड़ी-समोसा, पैटीज़ में बदल गया है। शहतूत और फ़ाल्से और खसखस के शरबत कोक-पेप्सी में।

    उन दिनों कोक नहीं, लेमनेड, विमटो मिलती थी।

    शिमला और नयी दिल्ली में बड़े हुए बच्चों को वेंगर्स और डेविको रेस्तराँ की चॉकलेट और पेस्ट्री मज़ा देनेवाली होती। हम भाई-बहनों की ड्यूटी लगती शिमला माल से ब्राउन ब्रेड लाने की। 

     

    i. प्रस्तुत गद्यांश में लेखिका के अनुसार उनके बचपन की कुल्फी किसमें बदल गई है?

    (क) चॉकलेट

    (ख) आइसक्रीम

    (ग) पेस्ट्री

    (घ) केक

    : (ख) आइसक्रीम

    उत्तर

     

    ii. प्रस्तुत गद्यांश में लेखिका के अनुसार उनके बचपन के कचौड़ी समोसे किसमें बदल गए हैं?

    (क) चॉकलेट

    (ख) आइसक्रीम

    (ग) पेस्ट्री

    (घ) पैटीज 

    उत्तर: (घ) पैटीज

     

    iii. लेखिका के बचपन में कोक की जगह में क्या मिलता था?

    (क) लेमनेड

    (ख) निम्बू पानी

    (ग) लिम्का

    (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं 

    उत्तर: (क) लेमनेड

     

    iv. लेखिका और उनके भाई की क्या जिम्मेदारी थी?

    (क) घर की साफ सफाई की

    (ख) पौधों को पानी देने की

    (ग) शिमला माल से ब्राउन ब्रेड लाने की

    (घ) घर के कुत्ते को खाना खिलाने की

    उत्तर: (ग) शिमला माल से ब्राउन ब्रेड लाने की

     

    5. आंख पर चश्मा लगाया

    ताकि सूझे दूर की

    कह यह नहीं लड़की को मालूम

    सूरत बनी लंगूर की!

    मैं खीझी कि मुझ पर यह क्‍यों दोहराया जा रहा है! पर शेर बुरा न लगा। जब वह चाय पीकर चले गए तो मैं कि अपने कमरे में जाकर आईने के सामने खड़ी पे हो गई। कई बार अपने को देखा। ऐनक उतारी। फिर पहनी। फिर उतारी। देखती रही-देखती रही।

     पर सूरत बनी लंगूर की-

     “नहीं-नहीं-नहीं–हाँ-हाँ-हाँ-

    मैंने अपने छोटे भाई का टोपा उठाकर सिर पर रखा। कुछ अजीब लगा। अच्छा भी और मज़ाकिया भी। तब की बात थी, अब तो चेहरे के साथ घुल-मिल गया है चश्मा। जब कभी उतरा हुआ होता है तो चेहरा खाली-खाली लगने लगता है। याद आ गया वह टोपा, काली फ्रेम का चश्मा और लंगूर की सूरत! हाँ, इन दिनों शिमला में मैं सिर पर टोपी लगाना पसंद करती हूँ। मैंने कई रंगों की जमा कर ली हैं। कहाँ दुपट्टों का ओढ़ना और कहाँ सहज सहल सुभीते वाली हिमाचली टोपियाँ!

     

    i. लेखिका को उनके भाई क्या कहकर चिढ़ाते थे?

    (क) बंदरिया

    (ख) लंगूर

    (ग) चुहिया

    (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं 

    उत्तर: (ख) लंगूर

     

    ii. लेखिका को उनका भाई क्यों चिढ़ाया?

    (क) चश्मा पहनने पर

    (ख) लड़ाई करने पर

    (ग) लड़ने से

    (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं 

    उत्तर: (क) चश्मा पहनने पर

     

    iii. लेखिका निम्नलिखित में से किस चीज को अपने सिर पर रखा?

    (क) छोटे भाई का टोपा

    (ख) बड़ी बहन का शॉल 

    (ग) मां का दुपट्टा

    (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं 

    उत्तर: (क) छोटे भाई का टोपा

     

    iv. लेखिका इन दिनों निम्नलिखित में से कहां की टोपी पहनना पसंद करती हैं?

    (क) शिमला

    (ख) दिल्ली

    (ग) बंगाल

    (घ) कश्मीरी

    उत्तर: (क) शिमला

     

     

    Class 6 Hindi Vasant Lesson 2 बचपन बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions)

    बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) एक प्रकार का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन है जिसमें एक व्यक्ति को उपलब्ध विकल्पों की सूची में से एक या अधिक सही उत्तर चुनने के लिए कहा जाता है। एक एमसीक्यू कई संभावित उत्तरों के साथ एक प्रश्न प्रस्तुत करता है।

     

    1. बचपन नामक पाठ में लेखिका इतवार के दिन सुबह सुबह कौन सा काम करती थी?

    (क) जूता पालिश करना 

    (ख) ऑलिव ऑयल पीना

    (ग) रसोई का काम 

    (घ) होमवर्क करना

    उत्तर: (क) जूता पालिश करना 

    1. बचपन नामक पाठ में दिल्ली के बच्चे हवाई जहाज को देखकर क्या कहते थे?

    (क) बड़ी मछली

    (ख) बड़ा पक्षी

    (ग) उड़नतस्तरी

    (घ) एलियन का यान 

    उत्तर: (ख) बड़ा पक्षी

     

     

    1. बचपन नामक पाठ में लेखिका को आज तक कौन सी एक दुकान नहीं भूली?

    (क) चश्मे वाली

    (ख) गाड़ी के मॉडल वाली दुकान

    (ग) ज्वैलरी वाली

    (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं 

    उत्तर: (ख) गाड़ी के मॉडल वाली दुकान

    1. बचपन नामक पाठ में लेखिका को पहली बार चश्मा लगने के बाद निम्न में से कौन चिढ़ाता था?

    (क) चचेरा भाई 

    (ख) ममेरा भाई

    (ग) बुआ का लड़का

    (घ) क्लास के बच्चे

    उत्तर: (क) चचेरा भाई 

     

     

    1. बचपन नामक पाठ में लेखिका को अभी तक क्या याद है?

    (क) बचपन के फ्रॉक

    (ख) बचपन के खिलौने

    (ग) बचपन के खेल

    (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं 

    उत्तर: (क) बचपन के फ्रॉक

    1. बचपन नामक पाठ में लेखिका शिमला में क्या लगाना पसंद करती है?

    (क) हिमांचली टोपी

    (ख) गमछा

    (ग) काली फ्रेम का चश्मा

    (घ) दुप्पटा ओढ़ना 

    उत्तर: (क) हिमांचली टोपी

    1. बचपन नामक पाठ में लेखिका के चचेरे भाई ने उनको क्या कहके चिढ़ाया?

    (क) लंगूर

    (ख) बंदरिया

    (ग) भूतनी

    (घ) उल्लू

    उत्तर: (क) लंगूर

    1. बचपन नामक पाठ में शिमला कालका ट्रेन का मॉडल कहां बना हुआ था?

    (क) स्कैंडल प्वाइंट पर

    (ख) शिमला रिज पर

    (ग)  सरवर के शोरूम पर

    (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं

    उत्तर: (ग)  सरवर के शोरूम पर

     

    1. बचपन नामक पाठ में लेखिका का शिमला से क्या नाता था?

    (क) ननिहाल

    (ख) मायका

    (ग) ससुराल

    (घ) पर्यटक स्थल 

    उत्तर: (क) ननिहाल

     

    1. बचपन नामक पाठ में लेखिका ने छुटपन में कहां पर मजे किए?

    (क) शिमला के माल पर

    (ख) दिल्ली के रेस्टोरेंट में

    (ग) शिमला रिज पर

    (घ) शिमला की घाटियों में 

    उत्तर: (ग) शिमला रिज पर

    1. बचपन नामक पाठ में लेखिका को दिल्ली के बच्चों को किस रेस्टारेंट की चॉकलेट और पेस्ट्री मिलती थी?

    (क) वेंगर्स 

    (ख) ब्लू पेसिफिक

    (ग) लंदन हिल्स

    (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं

    उत्तर: (क) वेंगर्स 

    1. बचपन नामक पाठ में लेखिका के मोजे कौन धोता था?

    (क) नौकर

    (ख) नौकरानी

    (ग) लेखिका की मां

    (घ) खुद लेखिका 

    उत्तर: (घ) खुद लेखिका 

    1. बचपन नामक पाठ में लेखिका को किस रंग की ट्यूनिक याद है?

    (क) ग्रे

    (ख) नीला

    (ग) गुलाबी

    (घ) काला 

    उत्तर: (क) ग्रे

    1. बचपन नामक पाठ में लेखिका के जमाने में फ्रॉक में किसका चलन था?

    (क) रंग बिरंगे रिबन

    (ख) रंग बिरंगे फूल 

    (ग) टेडी बियर 

    (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं 

    उत्तर: (क) रंग बिरंगे रिबन

    1. बचपन नामक पाठ में लेखिका किस शताब्दी की हैं?

    (क) 19वी

    (ख) 20वी 

    (ग) 21वी 

    (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं 

    उत्तर: (ख) 20वी 

     

    1. लेखिका के अनुसार दिल्ली और शिमला में रहने वाले बच्चों की खाने की पहली पसंद निम्नलिखित में से कौन सी थी?

    (क) चॉकलेट

    (ख) कचौड़ी

    (ग) समोसा

    (घ) गोलगप्पा

    उत्तर: (क) चॉकलेट

     

    1. शिमला में बच्चे निम्नलिखित में से कहां से चॉकलेट और पेस्ट्री लाते थे?

    (क) डेविको रेस्तरां से

    (ख) होटल हिम से 

    (ग) फ्लावाना रेस्तरां से

    (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं

    उत्तर: (क) डेविको रेस्तरां से

     

    1. बचपन नामक पाठ में लेखिका को मितली क्यों आती थी?

    (क) ऑलिव ऑयल को बोतल देखकर

    (ख) बीमारी थी

    (ग) मोजे धोते समय मोजे की दुर्गंध से

    (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं

    उत्तर: (क) ऑलिव ऑयल को बोतल देखकर

     

    1. बचपन नामक पाठ का निम्नलिखित में से कौन सा उद्देश है?

    (क) लेखिका के जमाने और आज के जमाने में अंतर बताना

    (ख) लेखिका के बचपन की उपलब्धियां बताना

    (ग) लेखिका के बचपन की शरारतें बताना

    (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं 

    उत्तर: (क) लेखिका के जमाने और आज के जमाने में अंतर बताना

     

    1. बचपन नामक पाठ में लेखिका को अब किस रंग के कपड़े पहनना पसंद है?

    (क) सफेद

    (ख) हल्का रंग

    (ग) विकल्प क और ख दोनों

    (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं

    उत्तर: (ग) विकल्प क और ख दोनों

     

    Class 6 Hindi बचपन प्रश्न और उत्तर Questions Answers

     

    1. लेखिका शनिवार और इतवार के दिन क्या करती थी?

    उत्तर: लेखिका शनिवार के दिन सुबह सुबह उठकर ही ऑलिव आयल की बोतल निहारने लगती थी और लेखिका बोलती है कि ऑलिव आयल की बोतल निहारने से ही उनको मितली सी आने लगती थी इसके अलावा हर सुबह वह अपने जूते पॉलिश करती थी और मोजे धोती थी। 

     

    1. बचपन नामक पाठ में लेखिका अब के समय और अपने जमाने में क्या अंतर बताती हैं?

    उत्तर: बचपन नामक पाठ में लेखिका अब के समय में और अपने जमाने में अंतर बताती हुई कहती हैं कि उनके बचपन की कुलफ़ी अब आइसक्रीम हो गई है। कचौड़ी-समोसा, पैटीज़ में बदल गया है। शहतूत और फ़ाल्से और खसखस के शरबत कोक-पेप्सी में। लेखिका बता रही हैं कि उनके बचपन के दिनों में कोक, लेमनेड और विमटो नहीं मिलती थी। 

    इसके अलावा उनके जमाने के और आज के जमाने के जूतों में भी अंतर आ गया है लेखिका कहती हैं कि आज के जमाने के जूते ज्यादा आरामदायक है जबकि उनके जमाने में जूते पहनने से छाले पड़ जाते थे और उनको एक अलग रुई और कपड़ा लेकर चलना पड़ता था। 

     

    1. लेखिका जब चश्मा लगाती थी तो उनको सब लोग क्या कहते थे?

    उत्तर: लेखिका जब चश्मा लगाती थी तो उनको सब लोग कहते थे कि ज्यादा से ज्यादा दूध पियो और उनका एक चचेरा भाई था जो उनको लंगूर कहकर चिढ़ाता था। 

     

    1. लेखिका के शिमला रिज यात्रा का वर्णन कीजिए?

    उत्तर: लेखिका कहती हैं कि बचपन में उन्होंने शिमला रिज के बड़े मजे लिए। लेखिका कहती है कि शिमला रिज गाय और वहां के हष्ट पुष्ट घोड़ों की सवारी का मजा नहीं दिए तो क्या किया। 

    लेखिका के बताती हैं कि शाम को रंग-बिरंगे गुब्बारे और सामने जाखू का पहाड़। ऊंचा चर्च। चर्च की घंटियाँ बजतीं

    तो दूर-दूर तक उनकी गूँज फैल जाती। लगता, इसके संगीत से प्रभु ईशू स्वयं कुछ कह रहे हैं। सामने आकाश पर सूर्यास्त हो रहा है। गुलाबी सुनहरी धारियाँ नीले आसमान पर फैल रही हैं। दूर-दूर फैले पहाड़ों के मुखड़े गहराने लगे और देखते-देखते बत्तियाँ टिमटिमाने लगीं। रिज पर की रौनक और माल की दुकानों की चमक के भी क्या कहने! स्कैंडल पॉइंट की भीड़ से उभरता कोलाहल।

     

    1. लेखिका की शिमला कालका मेल का वर्णन करो?

    उत्तर: लेखिका कहती हैं कि शिमला रिज पर स्कैंडल पाउंड था जहां पर भारी भीड़ रहती थी और सरवर, स्कैंडल पॉइंट के ठीक सामने उन दिनों एक दुकान हुआ करती थी, जिसके शोरूम में शिमला-कालका ट्रेन का मॉडल बना हुआ था। इसकी पटरियाँ-उस पर खड़ी छोटे-छोटे डिब्बों वाली ट्रेन। एक ओर लाल टीन की छतवाला स्टेशन और सामने सिग्नल देता खंबा-थोड़ी-थोड़ी दूर पर बनीं सुरंगें!

     

    1. लेखिका पहले किस तरह के कपड़े पहनती थी वह अब उनको किस तरह कपड़े पहनना पसंद है?

    उत्तर: लेखिका पहले तरह-तरह के रंगों के कपड़े पहनती थी जैसे नीला बैगनी आदि लेकिन अब वृद्ध होने पर उनको सफेद या फिर हल्के रंग के कपड़े ही अच्छे लगते हैं। 

     

    1. लेखिका के जमाने में फ्रॉक में किस तरह के फैशन का चलन था?

    उत्तर: लेखिका के जमाने में फ्रॉक के जेब में रुमाल और बालों पर रंग बिरंगे रिबन लगाने का चलन था। 

     

    1. लेखिका के जमाने और अब के जमाने के जूतों में क्या अंतर है?

    उत्तर: लेखिका बताती है कि उनके जमाने के जूते इतने टाइट थे की जूता पहनते ही छाले होना शुरू हो जाते थे इसलिए जब भी लेखिका कभी बाहर जाती थी तो वह अपने साथ हुई जरूर लेकर जाती थी लेखिका आगे कहती हैं कि आजकल के जमाने बड़े आरामदायक हो गए हैं। 

     

    1. लेखिका के जमाने और अब के जमाने के खाने पीने के शौकों में क्या अंतर है?

    उत्तर: लेखिका कहती थी कि जब वह छोटी थी तो कुल्फी की बड़ी शौकीन थी आज वही कुल्फी आइसक्रीम में बदल गई है इसके अलावा समोसा और कचौड़ीया पैटीज में बदल गई हैं तथा कोक और कोल्ड ड्रिंक करने शरबत का स्थान ले लिया है। 

     

    1. लेखिका के अनुसार शिमला और दिल्ली में पहले बड़े बच्चों की खाने की पहली पसंद क्या होती थी?

    उत्तर: लेखिका के अनुसार शिमला और दिल्ली में रहने वाले बच्चों की पहली पसंद वेंगर्स और डेविको रेस्तरा की चॉकलेट और पेस्ट्री थी।