NCERT Solutions for Class 6 Hindi Vasant Bhag 1 संसार पुस्तक है Important Question Answers Lesson 10

 

Class 6 Hindi Sansar Pustak hai Question Answers- Looking for Sansar Pustak hai question answers for CBSE Class 6 Hindi Vasant Bhag 1 Book Chapter 10? Look no further! Our comprehensive compilation of important questions will help you brush up on your subject knowledge.

सीबीएसई कक्षा 6 हिंदी वसंत भाग 1 पुस्तक पाठ 10 के लिए संसार पुस्तक है प्रश्न उत्तर खोज रहे हैं? आगे कोई तलाश नहीं करें! महत्वपूर्ण प्रश्नों का हमारा व्यापक संकलन आपको अपने विषय ज्ञान को बढ़ाने में मदद करेगा। कक्षा 6 के हिंदी प्रश्न उत्तर का अभ्यास करने से परीक्षा में आपके प्रदर्शन में काफी सुधार हो सकता है। हमारे समाधान इस बारे में एक स्पष्ट विचार प्रदान करते हैं कि उत्तरों को प्रभावी ढंग से कैसे लिखा जाए। हमारे संसार पुस्तक है प्रश्न उत्तरों को अभी एक्सप्लोर करें उच्च अंक प्राप्त करने के अवसरों में सुधार करें।

The questions listed below are based on the latest CBSE exam pattern, wherein we have given NCERT solutions to the chapter’s extract based questions, multiple choice questions, short answer questions, and long answer questions

 Also, practicing with different kinds of questions can help students learn new ways to solve problems that they may not have seen before. This can ultimately lead to a deeper understanding of the subject matter and better performance on exams. 

 

  • Sansar Pustak hai Extract Based Questions
  • Sansar Pustak hai Multiple Choice Questions
  • Sansar Pustak hai Questions Answers
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    Class 6 Hindi संसार पुस्तक है Question Answers Lesson 10 – सार-आधारित प्रश्न (Extract Based Questions)

    सार-आधारित प्रश्न बहुविकल्पीय किस्म के होते हैं, और छात्रों को पैसेज को ध्यान से पढ़कर प्रत्येक प्रश्न के लिए सही विकल्प का चयन करना चाहिए। (Extract-based questions are of the multiple-choice variety, and students must select the correct option for each question by carefully reading the passage.)

     

    निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर उनके नीचे दिए गए प्रश्नों का उत्तर अपने शब्दों में दीजिए।

     

    1.

    जब तुम मेरे साथ रहती हो तो अकसर मुझसे बहुत-सी बातें पूछा करती हो और मैं उनका जवाब देने की कोशिश करता हूँ। लेकिन अब, जब तुम मसूरी में हो और मैं इलाहाबाद में, हम दोनों उस तरह बातचीत नहीं कर सकते। इसलिए मैंने इरादा किया है कि कभी-कभी तुम्हें इस दुनिया की और उन छोटे-बड़े देशों की जो इस दुनिया में हैं, छोटी-छोटी कथाएँ लिखा करूँ।
    तुमने हिंदुस्तान और इंग्लैंड का कुछ हाल इतिहास में पढ़ा है। लेकिन इंग्लैंड केवल एक छोटा-सा टापू है और हिंदुस्तान, जो एक बहुत बड़ा देश है, फिर भी दुनिया का एक छोटा-सा हिस्सा है। अगर तुम्हें इस दुनिया का कुछ हाल जानने का शौक है, तो तुम्हें देशों का और उन सब जातियों का जो इसमें बसी हुई हैं, ध्यान रखना पड़ेगा। केवल उस एक छोटे-से देश का नहीं जिसमें तुम पैदा हुई हो। मुझे मालूम है कि इन छोटे-छोटे खतों में बहुत थोड़ी-सी बातें ही बतला सकता हूँ।

     

    i. लेखक किस को पत्र लिख रहे हैं?

    (क) बेटी को

    (ख) मां को

    (ग) पत्नी को

    (घ) बहन को

    उत्तर:  (क) बेटी को

     

    ii. लेखक की बेटी कहां पर है?

    (क) दिल्ली

    (ख) इलाहाबाद

    (ग) कोलकाता

    (घ) मसूरी

    उत्तर: (घ) मसूरी

     

    iii. लेखक कहां पर हैं?

    (क) दिल्ली

    (ख) इलाहाबाद

    (ग) कोलकाता

    (घ) मसूरी

    उत्तर: (ख) इलाहाबाद

     

    iv. लेखक ने क्या इरादा किया?

    (क) बेटी को छुट्टी में मनाली ले जाने की

    (ख) बेटी को दुनिया और उसके छोटे छोटे देशों के बारे बताने का

    (ग) बेटी को उसके जन्मदिन में ढेर सारा चॉकलेट देने का

    (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं

    उत्तर: (ख) बेटी को दुनिया और उसके छोटे छोटे देशों के बारे बताने का

    2. मुझे आशा है कि इन थोड़ी-सी बातों को भी तुम शौक से पढ़ोगी और समझोगी कि दुनिया एक है और दूसरे लोग जो इसमें आबाद हैं हमारे भाई-बहन हैं।
    यह तो तुम जानती ही हो कि यह धरती लाखों-करोड़ों वर्ष पुरानी है और बहुत दिनों तक इसमें कोई आदमी न था। आदमियों से पहले सिर्फ़ जानवर थे और जानवरों से पहले एक ऐसा समय था जब इस धरती पर कोई जानदार चीज़ न थी। आज जब यह दुनिया हर तरह के जानवरों और आदमियों से भरी हुई है, उस ज़माने का खयाल करना भी मुश्किल है, जब यहाँ कुछ न था। लेकिन विज्ञान जाननेवालों और विद्वानों ने, जिन्होंने इस विषय को खूब सोचा और पढ़ा है, लिखा है कि एक समय ऐसा था जब यह धरती बेहद
    गरम थी और इस पर कोई जानदार चीज़ नहीं रह सकती थी और अगर हम उनकी किताबें पढ़ें और पहाड़ों और जानवरों की पुरानी हड्डियों को गौर से देखें तो हमें खुद मालूम होगा कि ऐसा समय ज़रूर रहा होगा।

     

    i. लेखक को निम्न में से किस चीज की आशा है?

    (क) उनकी बेटी उनके पत्रों को ध्यान से पढे़गी

    (ख) उनकी बेटी इस बार कक्षा में प्रथम स्थान लाएगी

    (ग) उनकी बेटी उनके लिए मसूरी से अच्छा सा गिफ्ट लाएगी

    (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं

    उत्तर: (क) उनकी बेटी उनके पत्रों को ध्यान से पढे़गी

     

    ii. लेखक अपनी बेटी को क्या समझाने का प्रयास कर रहे हैं?

    (क) पत्र पढ़ने के फायदे

    (ख) किताब पढ़ने के फायदे

    (ग) वसुधैव कुटुंबकम

    (घ) मीठा चीज ना खाने के फायदे

    उत्तर: (ग) वसुधैव कुटुंबकम

     

    iii. लेखक के अनुसार लाखों करोड़ों साल पहले धरती कैसी थी?

    (क) गर्म

    (ख) ठंडी

    (ग) आयताकार

    (घ) अंडाकार

    उत्तर: (क) गर्म

     

    iv. लेखक के अनुसार धरती कितनी पुरानी है?

    (क) हजारों लाखों साल 

    (ख) लाखों करोड़ों साल

    (ग) करोड़ों अरबों साल

    (घ) अनगिनत साल

    उत्तर: (ख) लाखों करोड़ों साल

    3. तुम इतिहास की किताबों में ही पढ़ सकती हो। लेकिन पुराने ज़माने में तो आदमी पैदा ही न हुआ था, किताबें कौन लिखता? तब हमें उस ज़माने की बातें कैसे मालूम हों? यह तो नहीं हो सकता कि हम बैठे-बैठे हर एक बात सोच निकालें। यह बड़े मज़े की बात होती, क्योंकि हम जो चीज़ चाहते सोच लेते और सुंदर परियों की कहानियाँ गढ़ लेते।
    लेकिन जो कहानी किसी बात को देखे बिना ही गढ़ ली जाए वह ठीक कैसे हो सकती है? लेकिन खुशी की बात है कि उस पुराने ज़माने की लिखी हुई किताबें न होने पर भी कुछ ऐसी चीज़ें हैं, जिनसे हमें उतनी ही बातें मालूम होती हैं जितनी किसी किताब से होतीं। ये पहाड़, समुद्र, सितारे, नदियाँ, जंगल, जानवरों की पुरानी हड्डियाँ और इसी तरह की और भी कितनी ही चीज़ें हैं, जिनसे हमें दुनिया का पुराना हाल मालूम हो सकता है। मगर हाल जानने का असली तरीका यह नहीं है कि हम केवल दूसरों की लिखी हुई किताबें पढ़ लें, बल्कि खुद संसार-रूपी पुस्तक को पढ़ें। मुझे आशा है कि पत्थरों और पहाड़ों को पढ़कर तुम थोड़े ही दिनों में उनका हाल जानना सीख जाओगी। सोचो, कितनी मज़े की बात है। एक छोटा-सा रोड़ा जिसे तुम सड़क पर या पहाड़ के नीचे पड़ा हुआ देखती हो, शायद संसार की पुस्तक का छोटा-सा पृष्ठ हो, शायद उससे तुम्हें कोई नयी बात मालूम हो जाए। शर्त यही है कि तुम्हें उसे पढ़ना आता हो।

     

    i. लेखक निम्न में से किस साधन के द्वारा पुराने ज़माने की दुनिया का हाल मालूम कर सकता है?

    (क) पहाड़

    (ख) पर्वत

    (ग) किताबें

    (घ) पुराने दस्तावेज

    उत्तर: (क) पहाड़

     

    ii. लेखक के अनुसार पुराने ज़माने की दुनिया का हाल मालूम करने का सही तरीका क्या है?

    (क) संसार रूपी पुस्तक पढ़े 

    (ख) पुरातत्ववेत्ता बने

    (ग) ऐतिहासिक जगहों में जाए

    (घ) पुरानी चीजों को ढूंढे

    उत्तर: (क) संसार रूपी पुस्तक पढ़े 

     

    iii. लेखक किस चीज की आशा प्रकट करते हैं?

    (क) लेखक की बेटी पत्थरों और पहाड़ों को पढ़कर पुरानी जमाने की दुनिया जान जाएगी

    (ख) लेखक की बेटी उनके पत्र का जवाब देगी

    (ग) विकल्प क और ख दोनो

    (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं 

    उत्तर: (क) लेखक की बेटी पत्थरों और पहाड़ों को पढ़कर पुरानी जमाने की दुनिया जान जाएगी

     

    iv. लेखक के अनुसार पुरानी दुनिया को जानने का इतिहास की किताबें उपयुक्त साधन क्यों नहीं है?

    (क) क्योंकि पुराने ज़माने में तो आदमी पैदा ही न हुआ था, किताबें कौन लिखता?

    (ख) पुरानी दुनिया के इंसान लिखना नहीं जानते थे

    (ग) पुरानी दुनिया में स्याही नहीं थी

    (घ) पुरानी दुनिया में कागज नहीं थे

    उत्तर: (क) क्योंकि पुराने ज़माने में तो आदमी पैदा ही न हुआ था, किताबें कौन लिखता?

     

    4.  

    इसी तरह पहले तुम्हें प्रकृति के अक्षर पढ़ने पड़ेंगे, तभी तुम उसकी कहानी उसके पत्थरों और चट्टानों की किताब से पढ़ सकोगी। शायद अब भी तुम उसे थोड़ा-थोड़ा पढ़ना जानती हो। जब तुम कोई छोटा-सा गोल चमकीला रोड़ा देखती हो, तो क्या वह तुम्हें कुछ नहीं बतलाता? यह कैसे गोल, चिकना और चमकीला हो गया और उसके खुरदरे किनारे या कोने क्‍या हुए? अगर तुम किसी बड़ी चट्टान को तोड़कर टुकडे-टुकड़े कर डालो तो हर एक टुकड़ा खुरदरा और नोकीला होगा। यह गोल चिकने रोडे की तरह बिलकुल नहीं होता। फिर यह रोड़ा कैसे इतना चमकीला, चिकना और गोल हो गया? अगर तुम्हारी आँखें देखें और कान सुनें तो तुम उसी के मुँह से उसकी कहानी सुन सकती हो। वह तुमसे कहेगा कि एक समय, जिसे शायद बहुत दिन गुज़रे हों, वह भी एक चट्टान का टुकड़ा था। ठीक उसी टुकड़े की तरह, उसमें किनारे और कोने थे, जिसे तुम बड़ी चट्टान से तोड़ती हो। शायद वह किसी पहाड़ के दामन में पड़ा रहा। तब पानी आया और उसे बहाकर छोटी घाटी तक ले गया। वहाँ से एक पहाड़ी नाले ने ढकेलकर उसे एक छोटे-से दरिया में पहुँचा दिया। इस छोटे-से दरिया से वह बड़े दरिया में पहुँचा। इस बीच वह दरिया के पेंदे में लुढ़कता रहा, उसके किनारे घिस गए और वह चिकना और चमकदार हो गया। इस तरह वह कंकड बना जो तुम्हारे सामने है। किसी वजह से दरिया उसे छोड गया और तुम उसे पा गईं। अगर दरिया उसे और आगे ले जाता तो वह छोटा होते-होते अंत में बालू का एक ज़र्रा हो जाता और समुद्र के किनारे अपने भाइयों से जा मिलता, जहाँ एक सुंदर बालू का किनारा बन जाता, जिस पर छोटे-छोटे बच्चे खेलते और बालू के घरौंदे बनाते।

     

    i. लेखक के अनुसार, उनकी बेटी पत्थरों और चट्टानों की किताब कैसे पढ़ सकेगी?

    (क) मन की आखों से

    (ख) ध्यान से पत्थरों को देखकर

    (ग)  प्रकृति के अक्षरों से

    (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं 

    उत्तर: (ग)  प्रकृति के अक्षरों से

     

    ii. प्रकृति के अक्षर कहां से प्राप्त होते हैं? 

    (क) पर्वतों से

    (ख) पत्थरों से

    (ग) नदियों से

    (घ) पहाड़ों से

    उत्तर: (ख) पत्थरों से

     

    iii. छोटा-सा गोल चमकीला रोड़ा निम्न में से क्या नही बताता?

    (क) यह चमकीला कैसे हुआ

    (ख) यह इस चट्टान में कैसे आया

    (ग) यह इतना कठोर क्यों 

    (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं 

    उत्तर: (क) यह चमकीला कैसे हुआ

     

    iv. दरिया किसको छोड गया?

    (क) चमकीले रोड़े को

    (ख) पत्थर को

    (ग) पर्वत को

    (घ) कागज को

    उत्तर: (क) चमकीले रोड़े को

    5. आदमियों से पहले सिर्फ़ जानवर थे और जानवरों से पहले एक ऐसा समय था जब इस धरती पर कोई जानदार चीज़ न थी। आज जब यह दुनिया हर तरह के जानवरों और आदमियों से भरी हुई है, उस ज़माने का खयाल करना भी मुश्किल है, जब यहाँ कुछ न था। लेकिन विज्ञान जाननेवालों और विद्वानों ने, जिन्होंने इस विषय को खूब सोचा और पढ़ा है, लिखा है कि एक समय ऐसा था जब यह धरती बेहद

    गरम थी और इस पर कोई जानदार चीज़ नहीं रह सकती थी और अगर हम उनकी किताबें पढ़ें और पहाड़ों और जानवरों की पुरानी हड्डियों को गौर से देखें तो हमें खुद मालूम होगा कि ऐसा समय ज़रूर रहा होगा।

     

    i. लेखक के अनुसार धरती में आदमियों से पहले कौन उपस्थित था?

    (क) जानवर

    (ख) पहाड़

    (ग) पक्षी

    (घ) पर्वत

    उत्तर: (क) जानवर

     

    ii. लेखक इस जमाने का भी ख्याल करना मुश्किल बता रहे हैं?

    (क) धरती के शुरुआती समय का

    (ख) अपने बचपन का

    (ग) अपने पिता जी के संघर्षों का

    (घ) अपने संघर्षों का

    उत्तर: (क) धरती के शुरुआती समय का

     

    iii. विज्ञान जानने वालों ने निम्नलिखित में से किस विषय में खूब सोचा और पढ़ा?

    (क) धरती के शुरुआती समय के विषय में

    (ख) धरती के जन्म के विषय में

    (ग) दुनिया के जन्म के विषय में 

    (घ) भगवान के अस्तित्व के विषय में 

    उत्तर: (क) धरती के शुरुआती समय के विषय में

     

    iv. धरती के शुरुआती समय को जानने का निम्न में से कौन सा प्रमुख स्रोत है?

    (क) जानवरों की हड्डियां

    (ख) पर्वत

    (ग) नदियां

    (घ) समुद्र

    उत्तर: (क) जानवरों की हड्डियां

     

     

    Class 6 Hindi Vasant Lesson 10 संसार पुस्तक है बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions)

    बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) एक प्रकार का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन है जिसमें एक व्यक्ति को उपलब्ध विकल्पों की सूची में से एक या अधिक सही उत्तर चुनने के लिए कहा जाता है। एक एमसीक्यू कई संभावित उत्तरों के साथ एक प्रश्न प्रस्तुत करता है।

     

    1. संसार पुस्तक है नामक पाठ किसने लिखा?

    (क) डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद 

    (ख) हरिवंश राय बच्चन 

    (ग) जवाहर लाल नेहरू 

    (घ) महादेवी वर्मा 

    उत्तर: (ग) जवाहर लाल नेहरू 

     

    1. संसार पुस्तक है नामक पाठ में लेखक किस को पत्र लिख रहा है?

    (क) अपनी बेटी को

    (ख) मां को

    (ग) बहन को

    (घ) पत्नी को

    उत्तर: (क) अपनी बेटी को

     

    1. संसार पुस्तक है नामक पाठ में लेखक की बेटी का क्या नाम है?

    (क) इंदिरा

    (ख) सविता

    (ग) कविता

    (घ) बबिता

    उत्तर: (क) इंदिरा

     

    1. संसार पुस्तक है नामक पाठ में लेखक क्या करता है?

    (क) बेटी को पत्र लिखता है 

    (ख) बेटी की छुट्टी के दिनो की बात बताता है 

    (ग) बेटी के पहले जन्मदिन की बात बताता है 

    (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं 

    उत्तर: (क) बेटी को पत्र लिखता है 

     

    1. संसार पुस्तक है नामक पाठ में लेखक के अनुसार प्रकृति के अक्षर कौन है?

    (क) पर्वत

    (ख) नदी

    (ग) पहाड़

    (घ) उपर्युक्त सभी

    उत्तर: (घ) उपर्युक्त सभी

     

    1. संसार पुस्तक है नामक पाठ में लेखक के अनुसार किसी भी भाषा को सीखने से पहले हमको निम्न में से क्या सीखना चाहिए?

    (क) वर्ण

    (ख) शब्द

    (ग) अक्षर

    (घ) शब्दांश

    उत्तर: (घ) शब्दांश

     

    1. संसार पुस्तक है नामक पाठ में मसूरी कौन गया है?

    (क) लेखक

    (ख) लेखक की बेटी

    (ग) लेखक की मां

    (घ) लेखक की बहन

    उत्तर: (ख) लेखक की बेटी

     

    1. जिंदगी के प्रारंभ में हमारी पृथ्वी कैसी थी?

    (क) गर्म

    (ख) ठंड 

    (ग) कठोर

    (घ) पानी से भरी

    उत्तर: (क) गर्म

     

    1. पृथ्वी के शुरुआती दिनों में जीवन क्यों संभव नहीं था?

    (क) धरती गर्म थी 

    (ख) जल की कमी थी

    (ग) जलवायु बहुत ठंड थी

    (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं 

    उत्तर: (क) धरती गर्म थी 

     

    1. पूर्व के समय के जीवन की जानकारी किससे मिलती है? 

    (क) जानवरों की हड्डियों से

    (ख) पर्वतों से

    (ग) चट्टानों से

    (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं 

    उत्तर: (क) जानवरों की हड्डियों से

     

    1. संसार पुस्तक है नामक पाठ में लेखक के अनुसार, उनकी बेटी पत्थरों और चट्टानों की किताब कैसे पढ़ सकेगी?

    (क) मन की आखों से

    (ख) ध्यान से पत्थरों को देखकर

    (ग)  प्रकृति के अक्षरों से

    (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं 

    उत्तर: (ग)  प्रकृति के अक्षरों से

     

    1. संसार पुस्तक है नामक पाठ में प्रकृति के अक्षर कहां से प्राप्त होते हैं? 

    (क) पर्वतों से

    (ख) पत्थरों से

    (ग) नदियों से

    (घ) पहाड़ों से

    उत्तर: (ख) पत्थरों से

     

    1. संसार पुस्तक है नामक पाठ में छोटा-सा गोल चमकीला रोड़ा निम्न में से क्या नही बताता?

    (क) यह चमकीला कैसे हुआ

    (ख) यह इस चट्टान में कैसे आया

    (ग) यह इतना कठोर क्यों 

    (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं 

    उत्तर: (क) यह चमकीला कैसे हुआ

     

    1. संसार पुस्तक है नामक पाठ में दरिया किसको छोड गया?

    (क) चमकीले रोड़े को

    (ख) पत्थर को

    (ग) पर्वत को

    (घ) कागज को

    उत्तर: (क) चमकीले रोड़े को

     

    1. संसार पुस्तक है नामक पाठ में लेखक को निम्न में से किस चीज की आशा है?

    (क) उनकी बेटी उनके पत्रों को ध्यान से पढे़गी

    (ख) उनकी बेटी इस बार कक्षा में प्रथम स्थान लाएगी

    (ग) उनकी बेटी उनके लिए मसूरी से अच्छा सा गिफ्ट लाएगी

    (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं

    उत्तर: (क) उनकी बेटी उनके पत्रों को ध्यान से पढे़गी

     

    1. “संसार पुस्तक है” नामक पाठ में लेखक के अनुसार निम्नलिखित में से कौन सा देश एक छोटा सा टापू मात्र है?

    (क) श्रीलंका

    (ख) इंग्लैंड

    (ग) ऑस्ट्रेलिया

    (घ) न्यूजीलैंड

    उत्तर: (ख) इंग्लैंड

     

    1. “संसार पुस्तक है” नामक पाठ में लेखक अपनी बेटी से बातचीत क्यों नहीं कर सकते हैं?

    (क) क्योंकि दोनों में लड़ाई हैं

    (ख) क्योंकि दोनों बहुत दूर हैं

    (ग) क्योंकि बेटी पढ़ाई में व्यस्त है

    (घ) क्योंकि लेखक कामों में व्यस्त हैं 

    उत्तर: (ख) क्योंकि दोनों बहुत दूर हैं

     

    1. “संसार पुस्तक है” नामक पाठ में लेखक की बेटी निम्नलिखित में से निम्न में से किस देश का इतिहास पढ़ी है?

    (क) न्यूजीलैंड

    (ख) भारत

    (ग) ऑस्ट्रेलिया

    (घ) साउथ अफ्रीका 

    उत्तर: (ख) भारत

     

    1. “संसार पुस्तक है” नामक पाठ में लेखक के अनुसार निम्नलिखित में से किसको पढ़ने पर कहानी उपन्यास में भी आनंद नहीं मिलेगा?

    (क) दुनिया का हाल बताने वाली किताबों को

    (ख) पंचतंत्र की कथाओं को 

    (ग) मुंशी प्रेमचंद की कथाओं को

    (घ) भारत के इतिहास को

    उत्तर: (क) दुनिया का हाल बताने वाली किताबों को

     

    1. “संसार पुस्तक है” नामक पाठ में लेखक निम्नलिखित में से किस की तुलना संसार के पुस्तक के एक छोटे से पृष्ठ से कर रहे हैं?

    (क) सड़क किनारे पड़े रोड़े की

    (ख) एक छोटे से देश की

    (ग) भारत की

    (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं 

    उत्तर: (क) सड़क किनारे पड़े रोड़े की

     

    Class 6 Hindi संसार पुस्तक है प्रश्न और उत्तर Questions Answers

     

    1. लेखक ने संसार को पुस्तक क्यों कहा है?

    उत्तर: लेखक पंडित जवाहरलाल नेहरु कहते हैं कि इस संसार में उपस्थित प्रत्येक छोटी बड़ी चीज हमको कुछ ना कुछ सीख और ज्ञान जरूर देती है इसलिए यह पूरा संसारी हमारे लिए एक बड़ी पुस्तक के बराबर है। 

     

    1. लेखक ने दुनिया का हाल जानने का असली तरीका क्या बताया है?

    उत्तर: लेखक के अनुसार हम दुनिया के इतिहास को कभी भी दूसरों के द्वारा लिखी गई पुस्तकों से नहीं जान सकते हैं।  लेखक आगे बताते हुए कहते हैं कि दुनिया का इतिहास जानने का असली तरीका यह नहीं है कि हम केवल दूसरों की लिखी हुई किताबें पढ़ लें, बल्कि खुद संसार-रूपी पुस्तक को पढ़ें।

     

    1. संसार पुस्तक है नामक पाठ में लेखक ने अपनी बेटी को दुनिया का हाल जानने के लिए क्या सलाह दी है?

    उत्तर: संसार पुस्तक है नामक पाठ में लेखक ने अपनी बेटी को दुनिया का हाल जानने के लिए अपने पत्र में निम्न सलाह दी है; 

    “तुमने हिंदुस्तान और इंग्लैंड का कुछ हाल इतिहास में पढ़ा है। लेकिन इंग्लैंड केवल एक छोटा-सा टापू है और हिंदुस्तान, जो एक बहुत बड़ा देश है, फिर भी दुनिया का एक छोटा-सा हिस्सा है। अगर तुम्हें इस दुनिया का कुछ हाल जानने का शौक है, तो तुम्हें देशों का और उन सब जातियों का जो इसमें बसी हुई हैं, ध्यान रखना पड़ेगा। केवल उस एक छोटे-से देश का नहीं जिसमें तुम पैदा हुई हो।”

     

    1. लेखक के अनुसार गोल चमकीला रोड़ा क्या बताता है?

    उत्तर: लेखक के अनुसार गोल चमकीला रोड़ा अपने उद्भव से संबंधित निम्नलिखित बातें बताता है: 

    लेखक कहते हैं कि एक समय, जिसे शायद बहुत दिन गुज़रे हों, गोल चमकीला रोड़ा भी एक चट्टान का टुकड़ा था। ठीक उसी टुकड़े की तरह, उसमें किनारे और कोने थे, जिसे तुम बड़ी चट्टान से तोड़ती हो। शायद वह किसी पहाड़ के दामन में पड़ा रहा। तब पानी आया और उसे बहाकर छोटी घाटी तक ले गया। वहाँ से एक पहाड़ी नाले ने ढकेलकर उसे एक छोटे-से दरिया में पहुँचा दिया। इस छोटे-से दरिया से वह बड़े दरिया में पहुँचा। इस बीच वह दरिया के पेंदे में लुढ़कता रहा, उसके किनारे घिस गए और वह चिकना और चमकदार हो गया।

     

    1. संसार पुस्तक है नामक पाठ में लेखक पृथ्वी के बारे में अपनी बेटी को क्या बताते हैं?

    उत्तर: संसार पुस्तक है नामक पाठ में लेखक अपनी बेटी को पृथ्वी के बारे में बताते हुए कहते हैं कि यह धरती लाखों-करोड़ों वर्ष पुरानी है और बहुत दिनों तक इसमें कोई आदमी न था। आदमियों से पहले सिर्फ़ जानवर थे और जानवरों से पहले एक ऐसा समय था जब इस धरती पर कोई जानदार चीज़ न थी। आज जब यह दुनिया हर तरह के जानवरों और आदमियों से भरी हुई है, उस ज़माने का खयाल करना भी मुश्किल है, जब यहाँ कुछ न था। 

     

    1. संसार पुस्तक है नामक पाठ में लेखक अपनी बेटी को पत्र क्यों लिखते हैं?

    उत्तर: लेखक अपनी बेटी को पत्र इसलिए लिखते हैं क्योंकि उनकी बेटी मसूरी में है और लेखक इलाहाबाद में स्थित है इतनी दूर होने के कारण वह अपनी बेटी से बातचीत नहीं कर पाते हैं। 

     

    1. संसार पुस्तक है नामक पाठ में लेखक ने क्या इरादा किया है?

    उत्तर: संसार पुस्तक है नामक पाठ में लेखक ने अपनी बेटी को दुनिया के बारे में बताने के लिए यह इरादा किया है कि वह अपने प्रत्येक पत्र में दुनिया के बारे में तथा उसमें स्थित छोटे-छोटे देशों की कथाओं का वर्णन किया करेंगे। 

     

    1. संसार पुस्तक है नामक पाठ में लेखक ने इंग्लैंड भारत और दुनिया के बीच कैसा समन्वय किया है?

    उत्तर: संसार पुस्तक है नामक पाठ में लेखक इंग्लैंड भारत तथा दुनिया के बीच समन्वय स्थापित करते हुए कहते हैं कि इंग्लैंड केवल एक छोटा सा टापू है जबकि भारत एक बड़ा देश है लेकिन दुनिया का केवल एक छोटा सा हिस्सा ही है। 

     

    1. संसार पुस्तक है नामक पाठ में लेखक के अनुसार दुनिया का हाल जानने के लिए उनकी बेटी को क्या करना चाहिए?

    उत्तर: लेखक के अनुसार उनकी बेटी को दुनिया का हाल जानने के लिए दुनिया में स्थित सभी छोटे बड़े देश तथा उनके लोग, जातियों, भाषाओं और संस्कृतियों का विधिवत अध्ययन करना चाहिए। 

     

    1. संसार पुस्तक है नामक पाठ में लेखक को अपनी बेटी से क्या आशा है?

    उत्तर: संसार पुस्तक का नाम पाठ में लेखक अपनी बेटी से उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी बेटी उनके द्वारा भेजे गए पत्रों को ध्यान से पढ़ेगी और इस दुनिया में रहने वाले सभी लोगों का अपना भाई-बहन समझेगी।