PSEB Class 9 Hindi Chapter 9 Do Hath (दो हाथ) Question Answers (Important) 

 

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PSEB Class 9 Chapter 9 Do Hath Textbook Questions

 

(क) विषय-बोध

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए-
प्रश्न 1 – नीरू की दिनचर्या क्या थी ?
उत्तर – नीरू की दिनचर्या में रसोई का काम करना, घर के सभी काम निपटाना तथा कॉलेज की पढ़ाई करना था।

प्रश्न 2 – नीरू को प्रायः किसका अभाव खलता था ?
उत्तर – नीरू को प्रायः अपनी माँ का अभाव खलता था।

प्रश्न 3 – नीरू अपनी हम उमर सहेलियों को खेलते देखकर क्या सोचा करती थी ?
उत्तर – नीरू सोचा करती थी कि आज अगर उसकी माँ जीवित होती तो वह भी बिना किसी परवाह के अपनी सहेलियों के साथ खेलती।

प्रश्न 4 – पिता का दुलार पाकर नीरू क्या भूल जाती थी ?
उत्तर – पिता का दुलार पाकर नीरू सभी प्रकार की कमियों को भूल जाती थी।

प्रश्न 5 – नीरू ने पढ़ाई के साथ अन्य कौन-से इनाम जीते थे ?
उत्तर – नीरू ने पढ़ाई के साथ संगीत, चित्रकला और खेलों में भी खूब सारे इनाम जीते थे।

प्रश्न 6 – कॉलेज की लड़कियाँ हफ्तों से किस की सजावट में जुटी थीं ?
उत्तर – कॉलेज की लड़कियाँ हफ़्तों से अपने नाखूनों की सजावट में जुटी थी।

प्रश्न 7 – सभापति ने कौन-सा निर्णय सुनाया ?
उत्तर – सभापति ने निर्णय सुनाया कि नीरू के हाथ सबसे अधिक सुंदर हैं।

प्रश्न 8 – घर लौटते समय नीरू खुश क्यों थी ?
उत्तर – घर लौटते समय नीरू इसलिए खुश थी क्योंकि आज उसके कटे-फटे, गंदे-भद्दे हाथों को सही रूप में आँका गया था।

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर तीन-चार पंक्तियों में दीजिए-

प्रश्न 1 – नीरू घर के कौन-कौन से काम किया करती थी ?
उत्तर – माँ की मृत्यु के बाद से नीरू ने माँ की सारी ज़िम्मेदारियाँ खुद ही उठा ली थीं। नीरू अपने भाई बहनों में सबसे बड़ी थी। वह रसोई के झूठे बर्तन धोती थी। साग-सब्जी काटती थी। चूल्हे की लिपाई करती थी। सारे घर में झाड़ू लगाती थी। भोजन पकाती थी। चपातियाँ सेकती थीं। लकड़ियाँ छाँटती थी। कपड़े धोती थी तथा घर के अन्य सभी छोटे-बड़े काम स्वयं ही किया करती थीं।

प्रश्न 2 – नीरू की माँ उसे काम करने से क्यों रोकती थी ?
उत्तर – नीरू की माँ उसे काम करने से इसलिए रोकती थी क्योंकि नीरू बहुत कोमल तथा प्यारी थी। उसके हाथ बहुत ही सुंदर थे। घर के काम करने के बारे में वह नीरू को कहती थीं कि घर के सब काम उसके करने के नहीं हैं। माँ उसे अपने हाथ खोलकर दिखाती। उनकी मोटी खुरदरी उंगलियाँ, कटी-फटी चमड़ी और टेढ़े-मेढ़े नाखून थे। वह नीरू से कहती कि उसके हाथ ककड़ी के समान कोमल हैं। वह उसे इन कोमल हाथों से काम नहीं करने देगी।

प्रश्न 3 – नीरू की सहेलियाँ उसका मज़ाक क्यों उड़ाती थीं ?
उत्तर – नीरू की सहेलियाँ उसके गंदे हाथों को देखकर उसका मज़ाक उड़ाती थीं। नीरू के हाथ कहीं से कटे थे। कहीं से फटे थे। कहीं पर चपाती सेकते हुए जल भी गए थे। उसकी सहेलियाँ उसके गंदे-भद्दे हाथों को देखकर उसका मजाक उड़ाते हुए कहती थी कि उसकी शादी कभी नहीं होगी, उसे कोई पसन्द नहीं करेगा। चेहरे के सौंदर्य के बाद सबसे महत्त्वपूर्ण हाथों का सौंदर्य होता है। सहेलियों की ये सभी बातें नीरू को बहुत दुःख देती थीं।

प्रश्न 4 – नीरू को उसके पिता ने हाथों का क्या महत्त्व समझाया ?
उत्तर – नीरू के पिता ने नीरू को हाथों का महत्त्व समझाते हुए कहा कि काम करने वालों की शोभा उनके हाथों से ही आँकी जाती है। अपने हाथ से काम करने वाली लड़कियाँ शक्ति और सम्पन्नता का प्रतीक होती हैं। काम करने वाले दोनों हाथ मानव जीवन की शोभा हैं। भगवान् ने मानव के ये दोनों हाथ कर्म करने के लिए बनाए हैं। हाथ ही तो इतिहास, संस्कृति तथा साहित्य का निर्माण करते हैं। हाथ कर्म की गति के साथ सुंदर होते जाते हैं।

प्रश्न 5 – इनाम लेते समय नीरू को शर्म क्यों आ रही थी ?
उत्तर – इनाम लेते समय नीरू को इसलिए शर्म आ रही थी क्योंकि उसके हाथ बहुत ही गंदे थे। देखने में उसके हाथ बिलकुल भी सुंदर नहीं थे। उसकी सहेलियाँ तो अक्सर उसके हाथों का मजाक उड़ाती थीं। उसे यह सोचकर और अधिक शर्म आ रही थी कि सभापति जब इनाम देते समय उसके हाथों को देखेंगे तो वह उसके बारे में क्या सोचेंगे।

प्रश्न 6 – कर्मशीलता ही हाथों की शोभा होती है।’ इस पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए।
उत्तर – ‘कर्मशीलता ही हाथों की शोभा होती है।’ इस पंक्ति के माध्यम से लेखिका कहना चाहती है कि हाथ कर्म करने के लिए होते हैं। हाथों के द्वारा ही इतिहास, संस्कृति तथा साहित्य का निर्माण होता है। यही उन्नति हाथों की शोभा बनकर उसकी कर्मशीलता का उदाहरण प्रस्तुत करती है।

प्रश्न 7 – इनाम लेकर लौटते समय नीरू को अपने हाथ सुन्दर क्यों लग रहे थे ?
उत्तर – इनाम लेकर लौटते समय नीरू इसलिए प्रसन्न थी क्योंकि आज उसके हाथों का मज़ाक नहीं उड़ाया गया था बल्कि इसके विपरीत आज सभापति ने नीरू के हाथों को कर्मशीलता का अपूर्व उदाहरण कहा। उसके हाथों को सर्जक कहते हुए हाथों की शोभा कर्मशीलता को कहा। उन्होंने यह भी कहा कि नीरू के हाथ अपूर्व सौंदर्य का जीता जागता उदाहरण हैं। अपने हाथों की प्रशंसा को सुनकर व् इनाम पा कर नीरू को अपने हाथ सुंदर लग रहे थे।

3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर छह-सात पंक्तियों में दीजिए-

प्रश्न 1 – नीरू का चरित्र-चित्रण कीजिए।
उत्तर – नीरू ‘दो हाथ’ कहानी की मुख्य पात्रा है।
समझदार – अपने सभी भाई-बहनों में नीरू सबसे बड़ी है। माँ के गुजर जाने के बाद घर की सारी ज़िम्मेदारी उसने अपने कंधों पर ले रखी है। वह अपने भाई-बहनों का ध्यान रखती है। घर का सारा काम वह स्वयं अपने हाथों से करती है।
कर्तव्यपरायण – नीरू खाना पकाती है। बर्तन धोती है। चूल्हा लीपती है। सब्जी काटती है। जब उसके भाई-बहन खेल रहे होते थे तब वह घर का काम करती थी। वह अपने कर्तव्यों को अच्छे से समझती है तथा उनका निर्वाह भी अच्छे से करती है।
सम्पूर्ण दक्ष – घर के संपूर्ण काम में दक्ष होने के साथ-साथ वह पढ़ाई, संगीत, चित्रकला तथा खेल में भी श्रेष्ठ थी। किसी भी क्षेत्र में उसका कोई सानी नहीं था। उसका शारीरिक रूप सौंदर्य भी अनुपम था। उसके हाथ उसकी कर्मशीलता का साक्षात् उदाहरण थे।
भावुक – नीरू अपनी माँ को अक्सर याद करके बहुत रोती थी। परन्तु जब उसे लगता कि उसके पिता को उसे दुखी देखकर दुःख हो रहा है तो वह शीघ्र ही अपनी उदासी को छिपाने की कोशिश करती थी।

प्रश्न 2 – नीरू ने कौन-सा अनोखा सपना देखा था ?
उत्तर – नीरू कॉलेज में होने वाले वार्षिक उत्सव को लेकर काफ़ी परेशान थी। उसे समझ नहीं आ रहा था कि वह क्या करे। उसकी सहेलियाँ हफ्तों से अपने नाखूनों की सजावट में जुटी हुई थीं। रात के समय सोते हुए वह रह-रह कर जाग जाती थी। उसे एक अनोखा सपना दिखाई दिया, जिसमें दो हाथ-दो हाथ चारों तरफ़ सुंदर-सुंदर कमल के समान दिखाई दे रहे थे। सारा आकाश उन हाथों से भरा हुआ था। किंतु स्वप्न की अनोखी बात यह थी कि नीरू के मैले धब्बेदार, टेढ़े नाखूनों वाले, आटा लगे हाथों के उदित होते ही वातावरण जगमगा उठा, ठीक उसी प्रकार जैसे सूर्य के उदित होते ही रात्रि का अंधकार जगमगा उठता है। इसी के साथ सुंदर हाथ तारों के समान न जाने कहाँ खो गए थे। नीरू इस अनोखे स्वप्न को देखने के बाद दुबारा रातभर सो नहीं पाई।

प्रश्न 3 – सभापति ने हाथों का वास्तविक सौन्दर्य क्या बताया ?
उत्तर – सभापति ने हाथों का वास्तविक सौंदर्य बताते हुए कहा कि सुंदर हाथ कर्म से सजते हैं। कर्मशीलता ही हाथों की शोभा होती है। हाथ सर्जक हैं। उनका सौंदर्य कार्य करने की क्षमता में ही निहित है। हाथ मानव जीवन का बाह्य सौंदर्य न होकर आंतरिक सौंदर्य है। वह हाथ सबसे सुंदर हैं जो कर्म साधना में अपनी भी सुध-बुध खो बैठते हैं। वह सदा दूसरों की सेवा में लगे रहते हैं। उन्हें अपना कोई होश नहीं रहता। वह सदा दूसरों की भलाई तथा कर्त्तव्यपरायणता में लगे रहते हैं। हाथों पर लगे आटे के निशान, काले-पीले जले निशान, स्थान-स्थान से कटे-फटे हाथ एक अद्वितीय अलौकिक सृष्टि का अपार सौंदर्य जान पड़ते हैं।

प्रश्न 4 – ‘दो हाथ’ कहानी का उद्देश्य क्या है ?
उत्तर – दो हाथ’ कहानी एक मनोवैज्ञानिक कहानी है जिसमें लेखिका ने एक बिना माँ की बच्ची के द्वारा कर्मशीलता का संदेश दिया है। वह बच्ची माँ की कमी महसूस करती है। माँ की ज़िम्मेदारियाँ स्वयं उठाती है। वह अपने हाथों से सब्जी काटती है। बर्तन धोती है। कपड़े धोती है। लकड़ियाँ काटती है। कोयला तोड़ती है तथा अन्य सभी काम अपने हाथों से ही करती है। इन सब कार्यों को करने के कारण उसके हाथ कहीं से कट जाते हैं तो कहीं से फट जाते हैं। देखने में उसके वह हाथ एक दम मैले, गंदे, भद्दे तथा बदसूरत लगते थे, किंतु लेखिका ने इन्हीं मैले गंदे हाथों में आम जनमानस को कर्मशीलता तथा नित्य कर्म करने का संदेश दिया है। और बताया है कि हाथ में पड़ने वाले निशान व्यक्ति के कर्मशील होने का प्रमाण हैं।

(ख) भाषा – बोध
प्रश्न 1 – निम्नलिखित मुहावरों के अर्थ समझकर इनका अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए-

मुहावरा अर्थ वाक्य
मन भर आना – भावुक होना _____________________
फूट-फूट कर रोना – बहुत ज्यादा रोना _____________________
आँखें डबडबा आना – आँखों में आँसू आ जाना _____________________
दम घुटना – उकता जाना _____________________

उत्तर – 

मुहावरा अर्थ वाक्य
मन भर आना – भावुक होना माँ की याद आते ही नीरू का मन भर आता था।
फूट-फूट कर रोना – बहुत ज्यादा रोना कभी-कभी अपने हाथों की दशा देखकर नीरू फूट-फूट कर रोने लगती थी।
आँखें डबडबा आना – आँखों में आँसू आ जाना नीरू की समझदारी को देखकर कभी-कभी उसके पिता की आँखें डबडबा जाती थी।
दम घुटना – उकता जाना सहेलियों का उपहास सुनकर नीरू का दम घुटने लगा था।

प्रश्न 2 – निम्नलिखित वाक्यों में उपयुक्त स्थान पर उचित विराम चिह्न का प्रयोग कीजिए-
(i) पिता झट पूछते क्या बात है मेरी रानी बिटिया उदास क्यों है
(ii) पिता जी सिर पर हाथ फेरते हुए कहते शायद मैं तुम्हें माँ का पूरा प्यार नहीं दे पाया
(iii) वह उमंग से भर कहने लगी सच पिता जी आप ठीक कहते हैं
उत्तर –

(i) पिता झट पूछते, “क्या बात है, मेरी रानी बिटिया उदास क्यों है ?”
(ii) पिता जी सिर पर हाथ फेरते हुए कहते, “शायद मैं तुम्हें माँ का पूरा प्यार नहीं दे पाया।”
(iii) वह उमंग से भर कहने लगी, “सच पिता जी आप ठीक कहते हैं।”

प्रश्न 3 – निम्नलिखित वाक्यों का हिंदी में अनुवाद कीजिए-
(i) ਬਰਤਨ ਸਾਫ਼ ਕਰਕੇ ਨੀਰ ਨੇ ਰਸੋਈ ਨੂੰ ਧੋਇਆ ਅਤੇ ਸਾਗ ਕੱਟਣ ਵਿੱਚ ਮਗਨ ਹੋ ਗਈ।
(ii) ਸਭਾਪਤੀ ਨੇ ਫ਼ੈਸਲਾ ਸੁਣਾਇਆ ਤਾਂ ਸਭ ਹੈਰਾਨ ਹੋ ਗਏ।
(iii) ਭਗਵਾਨ ਨੇ ਇਹ ਦੋ ਹੱਥ ਕਰਮ ਕਰਨ ਲਈ ਬਣਾਏ ਹਨ।
उत्तर –

(i) बर्तन साफ करके नीरू ने रसोई को धोया और साग काटने में मग्न हो गई।
(ii) सभापति ने फैसला सुनाया तो सब हैरान हो गए।
(iii) भगवान ने ये दो हाथ कर्म करने के लिए बनाए हैं।

 

PSEB Class 9 Hindi Lesson 9 दो हाथ सार-आधारित प्रश्न (Extract Based Questions)

1 –
बर्तन साफ कर नीरू ने रसोई को धोया और साग काटने में मग्न हो गई। घर का काम और कॉलेज की पढ़ाई, बस यही उसका जीवन था। माँ का अभाव प्रायः उसे खला करता । अपनी हम उमर सहेलियों को खेलते-देखती तो उसके मन में टीस-सी उठने लगती। काश, उसकी भी माँ होती तो वह भी इसी तरह बेफिकर-सी चहकती-गाती, झूमती-नाचती। यही सोचते हुए मशीन की तरह अपना काम निपटा कर पढ़ाई की किताबें ले उनमें डूब जाती।
कभी-कभी पढ़ते और काम करते समय जब उसका ध्यान अपने हाथों की ओर जाता तो वह उदास हो जाती। फिर सोचती, मोर के पैर भी तो कुरूप होते हैं। इससे क्या होता है। सुंदरता में क्या वह मोर से कम है। भगवान ने उसे सुंदर चेहरा दिया है। हाथों से दिन भर काम करेगी तो उन में सुंदरता और कोमलता कहाँ से आयेगी। कभी बर्तन माँजना, कभी झाडू देना, कभी चपाती सेकते हुए हाथ का जलना बस हर पल काम और काम रसोई का काम निपटा चुपचाप कपड़ों का ढेर धोना । किन्तु रात को जब पिता जी सिर पर हाथ रख कर कहते, “मेरी बेटी थक गई होगी।” तो पिता का अपार दुलार पाकर सभी अभाव भूल जाती उनका प्यार भरा स्पर्श बड़ा सुखद लगता।

प्रश्न 1 – नीरू की जीवन कैसा था ?
(क) घर का काम
(ख) कॉलेज की पढ़ाई
(ग) केवल (क)
(घ) (क) और (ख) दोनों
उत्तर – (घ) (क) और (ख) दोनों

प्रश्न 2 – नीरू को प्रायः क्या खला करता?
(क) माँ का अभाव
(ख) काम का अभाव
(ग) पढ़ाई का अभाव
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (क) माँ का अभाव

प्रश्न 3 – नीरू क्यों उदास हो जाती ?
(क) माँ को याद करके
(ख) पिता को याद करके
(ग) अपने हाथों की हालत देखकर
(घ) पढाई में मन न लगने के कारण
उत्तर – (ग) अपने हाथों की हालत देखकर

प्रश्न 4 – अपने हाथों की हालत देखकर नीरू अपने आप को क्या समझती थी ?
(क) मोर के पैर भी तो कुरूप होते हैं। सुंदरता में क्या वह मोर से कम है।
(ख) भगवान ने उसे सुंदर चेहरा दिया है। हाथों से दिन भर काम करेगी तो उन में सुंदरता और कोमलता कहाँ से आयेगी।
(ग) कभी बर्तन माँजना, कभी झाडू देना, कभी चपाती सेकते हुए हाथ का जलना बस हर पल काम और काम रसोई का काम निपटा चुपचाप कपड़ों का ढेर धोना। इससे तो हाथ खराब होंगे ही।
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (घ) उपरोक्त सभी

प्रश्न 5 – क्या पाकर नीरू सभी अभाव भूल जाती ?
(क) माँ का अपार दुलार
(ख) अध्यापकों का अपार दुलार
(ग) पिता का अपार दुलार
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (ग) पिता का अपार दुलार

2 –
उसी समय नीरू को ध्यान आया कि अभी उसे ढेर सारा काम करना है। रसोई में सारे बर्तन जूठे पड़े हैं। चूल्हे को लीपना है। कल के लिए कोयले तोड़ने हैं। इस बार लकड़ियाँ इतनी मोटी हैं कि रोज कुल्हाड़ी से उन्हें छाँटना होता है। उसे याद आया कैसे माँ उसे घर का कोई काम नहीं करने देती थी। जब कभी माँ का हाथ बंटाने के लिए कुछ करना चाहती माँ कह देती, “यह सब काम तेरे करने के नहीं। हम अनपढ़ औरतें तो जानवर होती हैं और माँ अपने हाथ खोल कर दिखाती मोटी खुरदरी उंगलियाँ, कटी-फटी चमड़ी और टेढ़-मेढ़े नाखून!” नीरू को जाने कैसे लगता और वह अपने सुंदर हाथों की कोमलता में एक प्यार – का सपना बुनने लगती माँ कहती, “तुम्हारी उंगलियाँ ककड़ी की तरह कोमल हैं, इन पाँच उंगलियों में पाँच अंगूठियाँ डालूंगी, मेंहदी रचाऊंगी, कलाई को चूड़ियों से सजाऊंगी।” और माँ उन्हें गहराई से छू चूम लेती, अपनी गालों पर घुमाती पर अब नीरू जैसे ही अपने हाथों को देखती उसका सपना टूटने लगता। मन की गहराई में जाने कैसा तूफान घिरने-उभरने लगता। काम करते हुए कई बार नीरू का ध्यान इस बात की और चला जाता और वह सोचती क्या उसके हाथ हमेशा ऐसे ही रहेंगे? पहले जैसे न होंगे? अनजाने ही वह अपने हाथों को साड़ी के पल्लू में छिपाने की कोशिश करती। माँ की याद उसे और बेचैन करने लगती।

प्रश्न 1 – नीरू को कौन-कौन से काम थे ?
(क) रसोई में सारे बर्तन धोना
(ख) चूल्हे को लीपना
(ग) आने वाले कल के लिए कोयले तोड़ना
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (घ) उपरोक्त सभी

प्रश्न 2 – काम करते हुए नीरू को क्या याद आया ?
(क) माँ उसे घर का कोई काम नहीं करने देती थी
(ख) माँ उसे घर का सभी काम सिखाती थी
(ग) पिता का अपार दुलार
(घ) माँ उसे घर की जिम्मेदारी सौंप गई थी
उत्तर – (क) माँ उसे घर का कोई काम नहीं करने देती थी

प्रश्न 3 – नीरू की माँ के हाथ कैसे थे ?
(क) मोटी खुरदरी उंगलियाँ थी
(ख) माँ की कटी-फटी चमड़ी थी
(ग) माँ के टेढ़-मेढ़े नाखून थे
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (घ) उपरोक्त सभी

प्रश्न 4 – नीरू के हाथों को देखकर माँ क्या कहती थी ?
(क) उसकी उंगलियाँ ककड़ी की तरह कोमल हैं
(ख) वह नीरू की पाँच उंगलियों में पाँच अंगूठियाँ डालेगी
(ग) वह नीरू के हाथों में मेंहदी रचाएगी, कलाई को चूड़ियों से सजाएगी
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (घ) उपरोक्त सभी

प्रश्न 5 – अनजाने में ही नीरू क्या करती थी ?
(क) अपने हाथों को साड़ी के पल्लू में छिपाने की कोशिश करती
(ख) अपने हाथों को सहेलियों से छिपाने की कोशिश करती
(ग) अपने हाथों को माँ के पल्लू में छिपाने की कोशिश करती
(घ) अपने हाथों को सभी से छिपाने की कोशिश करती
उत्तर – (क) अपने हाथों को साड़ी के पल्लू में छिपाने की कोशिश करती

3 –
दो हाथ-दो हाथ-दो हाथ-चारों तरफ सुंदर सुंदर कमल रूपी हाथ दिखाई देते थे। सारा आकाश उन हाथों से भर गया था, पर वह अंधेरा कैसा है? वह घबरा जाती है उसे उस अन्धेरे में कुछ दिखाई नहीं देता, उसका दम घुटने लगता है। तभी उनके मध्य से उदित होते दो कटे-फटे, मैले धब्बेदार, टेढ़े नाखूनों वाले, आटा लगे, कहीं से जले, काले पीले बदशक्ल दो हाथ दिखाई दिये। पर अजीब बात है उन दो हाथों के उदित होते ही वातावरण जगमगा उठा, जैसे सूर्य के उदित होते ही रात्रि का अंधकार जगमगा उठता है और सुन्दर हाथ तारों के समान कहीं खो गये थे, नीरू यह अनोखा सपना देख फिर सो न पाई। उसके मन में अजीब उद्वेलन -सा हो रहा था।
प्रातः का समय बहुत ही व्यस्तता का समय होता है। हर तरफ जल्दी और भाग-दौड़ । कोई कुछ माँग रहा था कोई कुछ बस समय भी भाग रहा था। नीरू किसी तरह सारा काम निपटा तैयार हुई और कॉलेज जा पहुँची। पर जल्दी में हाथ धोना ही भूल गई। हाल में उत्सव था और वहाँ पहुँचने के बाद ही उसे याद आया। पर अब क्या हो सकता था? सभी बैठ चुके थे। सभापति आ चुके थे। भागते-भागते ही वह अपनी निश्चित कुर्सी पर पहुँची और उदास खोई-सी बैठ गई। सभापति के स्वागत के बाद इनाम बंटने आरम्भ हुए। नीरू का नाम बहुत ही सम्मान और तारीफ़ों के बाद लिया गया। बड़े चाव से भागती हुई वह स्टेज पर गई पर इनाम लेने के लिए ज्यों ही हाथ फैलाये शर्म से उसके हाथ कांपने लगे और आँखों से आँसू टपकने लगे।

प्रश्न 1 – नीरू को सपने में क्या दिख रहा था ?
(क) चारों तरफ सुंदर सुंदर कमल रूपी हाथ
(ख) चारों तरफ सुंदर सुंदर कमल रूपी पंखुड़ियाँ
(ग) चारों तरफ सुंदर सुंदर कमल रूपी फूल
(घ) चारों तरफ सुंदर सुंदर कमल रूपी बादल
उत्तर – (क) चारों तरफ सुंदर सुंदर कमल रूपी हाथ

प्रश्न 2 – सपने में किसके उदित होते ही वातावरण जगमगा उठा?
(क) कटे-फटे, मैले धब्बेदार दो हाथ
(ख) टेढ़े नाखूनों वाले, आटा लगे दो हाथ
(ग) कहीं से जले, काले पीले बदशक्ल दो हाथ
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (घ) उपरोक्त सभी

प्रश्न 3 – नीरू जल्दी – जल्दी में क्या भूल गई ?
(क) खाना खाना
(ख) पानी पीना
(ग) हाथ धोना
(घ) कपड़े बदलना
उत्तर – (ग) हाथ धोना

प्रश्न 4 – इनाम लेने के लिए नीरू का नाम बहुत ही ———————-के बाद लिया गया।
(क) ईमानदारी
(ख) सम्मान और तारीफ़ों
(ग) कठिनाई
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (ख) सम्मान और तारीफ़ों

प्रश्न 5 – इनाम लेने के लिए ज्यों ही नीरू ने हाथ फैलाये उसकी आँखों से आँसू क्यों टपकने लगे?
(क) क्योंकि उसके हाथ काम करने की वजह से बदशक्ल हो गए थे
(ख) क्योंकि उसके हाथों में उसकी माँ ने मेंहदी लगा दी थी
(ग) क्योंकि उसके हाथ बहुत अधिक सुन्दर और कोमल थे
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (क) क्योंकि उसके हाथ काम करने की वजह से बदशक्ल हो गए थे

4 –
इनाम बंट जाने के बाद सभापति ने कहा, “एक विशेष इनाम देने को मन चाह रहा है। वह इनाम है उस लड़की के लिए जिसके हाथ कॉलेज में सबसे सुंदर होंगे। निर्णय जजों पर छोड़ा जाता है। इतना सुनना था कि सुन्दर सुंदर हाथ अपने अपने को संवारते से आ धमके। आज सभी लड़कियां खुश थीं। उनकी किस्मत जाग उठी थी। कोई मूल्य डालने वाला तो मिला। पर नीरू मौन सिर झुकाये खड़ी थी। इतनी उदास और शर्मिन्दा तो वह पहले कभी न हुई थी। उसकी समस्त सहन शक्ति मानो खो गई थी, लगने लगा था एक भयंकर विस्फोट होगा और वह धरती में समा जायेगी।”
सभापति ने निर्णय सुनाया तो सभी चौंक गये। वह कह रहे थे नीरू के दो हाथ मुझे पिछले चार घंटों से अपने अपूर्व सौंदर्य के प्रति आकर्षित कर रहे थे। आज मैंने जाना सुंदर हाथ कर्म से सजते हैं। कर्मशीलता ही हाथों की शोभा होती है। हाथ सर्जक हैं, उनका सौंदर्य कार्य करने की क्षमता है। वह जीवन का बाह्य नहीं, आंतरिक सौंदर्य और शृंगार हैं। वे हाथ कितने सुंदर हो सकते हैं जिन्हें कर्म-साधना में अपनी ही होश नहीं और जो केवल दूसरों की सेवा में लगे हैं।

प्रश्न 1 – इनाम बंट जाने के बाद सभापति ने एक विशेष इनाम किसे देने की बात कही ?
(क) जो घर का सभी काम जानती हो
(ख) जो घर के कामों में माँ की मदद करती हो
(ग) जिसके हाथ कॉलेज में सबसे सुंदर होंगे
(घ) जिसके हाथ कॉलेज में सबसे कोमल होंगें
उत्तर – (ग) जिसके हाथ कॉलेज में सबसे सुंदर होंगे

प्रश्न 2 – नीरू मौन सिर झुकाये क्यों खड़ी थी?
(क) क्योंकि उसे घर जल्दी जाना था
(ख) क्योंकि उसे कोई इनाम नहीं मिला था
(ग) क्योंकि उसे बहुत तेज भूख लगी थी
(घ) क्योंकि वह अपने हाथों को बदशक्ल समझती थी
उत्तर – (घ) क्योंकि वह अपने हाथों को बदशक्ल समझती थी

प्रश्न 3 – सभापति का निर्णय सुन कर सभी क्यों चौंक गये?
(क) क्योंकि उन्होंने नीरू के हाथों को सबसे सुन्दर कहा
(ख) क्योंकि उन्होंने किसी को भी इनाम नहीं दिया
(ग) क्योंकि उन्होंने एक अतिरिक्त इनाम की घोषणा की
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (क) क्योंकि उन्होंने नीरू के हाथों को सबसे सुन्दर कहा

प्रश्न 4 – सभापति को नीरू के दो हाथ कैसे लग रहे थे ?
(क) कटे-फटे बदशक्ल
(ख) अपूर्व सौंदर्य के प्रति आकर्षिक
(ग) कठोर और खुरदुरे
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (ख) अपूर्व सौंदर्य के प्रति आकर्षिक

प्रश्न 5 – सभापति को नीरू के हाथ देखकर क्या समझ आया ?
(क) सुंदर हाथ कर्म से सजते हैं
(ख) कर्मशीलता ही हाथों की शोभा होती है
(ग) हाथ सर्जक हैं, उनका सौंदर्य कार्य करने की क्षमता है
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (घ) उपरोक्त सभी

 

PSEB Class 9 Hindi Lesson 9 दो हाथ बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions)

प्रश्न 1 – ‘दो हाथ’ कहानी की लेखिका कौन है ?
(क) डॉ० इन्दुबली
(ख) डॉ० इन्दुबाली
(ग) डॉ० बीन्दुबाली
(घ) डॉ० इन्दुशर्मा
उत्तर – (ख) डॉ० इन्दुबाली

प्रश्न 2 – नीरू को किसकी कमी महसूस होती थी ?
(क) सहेलियों
(ख) पिता
(ग) माँ
(घ) भाई-बहन
उत्तर – (ग) माँ

प्रश्न 3 – माँ घर का काम किसे नहीं करने देती थी ?
(क) नीरू को
(ख) पिता को
(ग) बच्चों को
(घ) सहेलियों को
उत्तर – (क) नीरू को

प्रश्न 4 – नीरू ने पढ़ाई के साथ किसमें इनाम जीते थे?
(क) संगीत
(ख) चित्रकला
(ग) खेलों
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (घ) उपरोक्त सभी

प्रश्न 5 – काम करने वाले की शोभा किससे आँकी जाती है ?
(क) मेहनत से
(ख) उसके हाथों से
(ग) सफाई से
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (ख) उसके हाथों से

प्रश्न 6 – सुंदर हाथ किससे सजते हैं ?
(क) कर्म करने से
(ख) दान करने से
(ग) पुण्य करने से
(घ) दया करने से
उत्तर – (क) कर्म करने से

प्रश्न 7 – नीरू रोज़ —————–से लकड़ियाँ छाँटती थी।
(क) खेत
(ख) जंगल
(ग) कुल्हाड़ी
(घ) गठ्ठर
उत्तर – (ग) कुल्हाड़ी

प्रश्न 8 – फूट-फूट कर रोना – मुहावरे का क्या अर्थ है ?
(क) रोते -रोते सोना
(ख) बहुत ज्यादा रोना
(ग) बहुत कम रोना
(घ) छुप-चुप कर रोना
उत्तर – (ख) बहुत ज्यादा रोना

प्रश्न 9 – नीरू के छोटे बहन-भाई ——————में मस्त रहते।
(क) पढ़ने
(ख) लिखने
(ग) खेलने खाने
(घ) शरारत
उत्तर – (ग) खेलने खाने

प्रश्न 10 – नीरू को किसका प्यार भरा स्पर्श बड़ा सुखद लगता?
(क) माँ का
(ख) पिता का
(ग) सहेलियों का
(घ) अध्यापकों का
उत्तर – (ख) पिता का

प्रश्न 11 – कहानी में किस पक्षी के पैर कुरूप बताए गए हैं?
(क) कबूतर
(ख) तोता
(ग) मोर
(घ) चिड़िया
उत्तर – (ग) मोर

प्रश्न 12 – नीरू के कॉलेज की सभी लड़कियाँ एक हफ्तों से किसकी सजावट में जुटी थीं ?
(क) सभागार
(ख) विद्यालय
(ग) चेहरे
(घ) नाखूनों
उत्तर – (घ) नाखूनों

प्रश्न 13 – आँखें डबडबा आना – मुहावरे का क्या अर्थ है ?
(क) आँखों में कूड़ा पड़ जाना
(ख) आँखों में आँसू आ जाना
(ग) आँखों में मोती आ जाना
(घ) आँखों में खून उत्तर आना
उत्तर – (ख) आँखों में आँसू आ जाना

प्रश्न 14 – इनाम लेते समय नीरू को क्यों शर्म आ रही थी ?
(क) क्योंकि उसके हाथ बहुत ही गंदे थे
(ख) क्योंकि उसके हाथ बहुत ही सुन्दर थे
(ग) क्योंकि उसके हाथ में मेहँदी लगी थी
(घ) क्योंकि उसके हाथ मिट्टी वाले थे
उत्तर – (क) क्योंकि उसके हाथ बहुत ही गंदे थे

प्रश्न 15 – माँ को नीरू की उंगलियाँ किसकी तरह कोमल लगती थीं ?
(क) कमल
(ख) ककड़ी
(ग) गुलाब
(घ) भिंडी
उत्तर – (ख) ककड़ी

प्रश्न 16 – मन भर आना – मुहावरे का क्या अर्थ है ?
(क) दुखी होना
(ख) मन पर चोट लगना
(ग) भावुक होना
(घ) मन में रोना
उत्तर – (ग) भावुक होना

प्रश्न 17 – किसको नीरू की उंगलियाँ ककड़ी की तरह कोमल लगती थीं ?
(क) माँ
(ख) पिता
(ग) सहेलियों
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (क) माँ

प्रश्न 18 – चेहरे के सौंदर्य के बाद सबसे महत्त्वपूर्ण किसका सौंदर्य होता है ?
(क) आँखों का
(ख) हाथों का
(ग) होठों का
(घ) पैरों का
उत्तर – (ख) हाथों का

प्रश्न 19 – कर्मशीलता का क्या अर्थ है ?
(क) फल की इच्छा के साथ काम करना
(ख) फल की इच्छा से काम करना
(ग) फल की इच्छा छोड़कर काम करना
(घ) फल की इच्छा करना
उत्तर – (ग) फल की इच्छा छोड़कर काम करना

प्रश्न 20 – ‘दो हाथ’ कहानी में लेखिका क्या संदेश देना चाहती है ?
(क) अच्छी संगत का
(ख) कर्तव्य पालन का
(ग) कर्म के सौन्दर्य की अमूल्य कीमत का
(घ) काम करने का
उत्तर – (ग) कर्म के सौन्दर्य की अमूल्य कीमत का

 

PSEB Class 9 Hindi दो हाथ प्रश्न और उत्तर (Extra Question Answers)

प्रश्न 1 – माँ के अभाव में नीरू क्या सोचती थी ?
उत्तर – माँ की कमी हमेशा नीरू को पीड़ा देती थी। अपनी ही उम्र की सहेलियों को जब वह खेलते हुए देखती तो उसके मन में रह-रह कर पीड़ा उठने लगती। वह सोचने लगती कि काश, उसकी भी माँ होती तो वह भी अपनी सहेलियों की ही तरह बिना किसी चिंता के चहकती-गाती, झूमती-नाचती।

प्रश्न 2 – अपने हाथों की स्थिति से मन को बहलाने के लिए नीरू क्या सोचती थी ?
उत्तर – कभी-कभी पढ़ते हुए और काम करते समय जब नीरू का ध्यान अपने हाथों की ओर जाता तो वह अपने हाथों को देखकर उदास हो जाती थी। परन्तु फिर सोचती, कि मोर के पैर भी तो बदसूरत होते हैं। तो इससे मोर की सुंदरता कम नहीं हो जाती। भगवान ने उसे भी सुंदर चेहरा दिया है। यदि वह हाथों से दिन भर काम करेगी तो उन में उनकी सुंदरता और कोमलता ख़त्म तो हो ही जाएगी।

प्रश्न 3 – नीरू के उदास होने पर उसके पिता को कैसा लगता था और नीरू उन्हें कैसे समझाती थी ?
उत्तर – कभी नीरू हँसते-हँसते ही उदास हो जाती थी तो उसके पिता जल्दी से उससे उदास होने का कारण पूछते। जिस पर नीरू उन्हें टाल देती। परन्तु उसे रोता हुआ देखकर पिता को लगता है कि नीरू को उसकी माँ की बात याद आ गई होगी। उसके पिता जी उसके सिर पर हाथ फेरते हैं कि शायद वे नीरू को माँ का पूरा प्यार नहीं दे पाए। और यह कहते हुए उनकी आँखें भी आंसुओं से भर जाती थीं। परन्तु नीरू उन्हें समझती थी कि वे उसे ग़लत न समझें। उसे तो ऐसे ही माँ की याद आ जाती है, और उसके पिता से अधिक प्यार उसे कोई दे भी नहीं सकता।

प्रश्न 4 – घर का काम करते हुए नीरू को माँ की कौन सी बात याद आ जाती थी ?
उत्तर – जब नीरू रसोई में सारे जूठे बर्तन धोती, चूल्हे को लीपती, कोयले तोड़ती, लकड़ियाँ छाँटती तो उसे याद आता कैसे उसकी माँ उसे घर का कोई भी काम करने नहीं देती थी। जब कभी वह अपनी माँ का किसी काम में हाथ बंटाने के लिए कुछ करना चाहती तो उसकी माँ उससे कह देती कि यह सब काम उसके करने के नहीं हैं। उसकी माँ उससे कहती कि उसकी उंगलियाँ ककड़ी की तरह कोमल हैं, वह उसकी पाँचों उंगलियों में पाँच अंगूठियाँ पहनाएगी, उसके हाथों में मेंहदी रचाएगी और उसकी कलाई को चूड़ियों से साजाएगी। और उसकी माँ नीरू के हाथों को गहराई से छूती और चूम लेती, और अपने गालों पर घुमाती।

प्रश्न 5 – नीरू पिता के समक्ष क्यों रोने लगी ?
उत्तर – नीरू पिता के समक्ष इसलिए रोने लगी क्योंकि उसकी सब सहेलियाँ उसके हाथ देखकर हँसती थी और कहती थी कि उसकी शादी कभी नहीं होगी, कोई उसे पसंद नहीं करेगा। क्योंकि चेहरे की सुंदरता के बाद सबसे महत्त्वपूर्ण हाथों की सुंदरता होती है। लड़कियों के हाथ तो अवश्य सुंदर, कोमल, चिकने और चमकीले होने चाहिए और भी न जाने क्या-क्या कह कर उसका और उसके पिता की बुराई करती थी।

प्रश्न 6 – नीरू को समझाने के लिए उसके पिता क्या कहते हैं ?
उत्तर – नीरू की बातों को सुनकर उसके पिता उसे समझाते हैं कि काम करने वाले की शोभा तो उनके हाथों से ही पारखी जाती है। अपने हाथ से काम करने वाली लड़की तो शक्ति और समृद्धि की प्रतीक होती है। काम करने वाले ये दो हाथ तो मानव जीवन की शोभा हैं। भगवान ने ये दो हाथ कर्म करने के लिए बनाए हैं। यही हाथ तो इतिहास, संस्कृति और साहित्य का निर्माण करते हैं। हाथों की सुंदरता तो काम करते हुए सुंदर से सुंदरतर और सुंदरतर से सुन्दरतम होती जाती है। यह सब सुनकर नीरू सारी बात समझ गई और वह खुशी से भर कर अपने पिता की बात से सहमत हो गई।

प्रश्न 7 – सपने में नीरू ने क्या देखा?
उत्तर – सपने में नीरू ने देखा कि चारों तरफ सुंदर सुंदर कमल के सामान कोमल हाथ दिखाई दे रहे थे। सारा आकाश उन हाथों से भर गया था, परन्तु वहां कुछ अंधेरा दिख रहा था। सपने में वह घबरा जाती है उसे उस अन्धेरे में कुछ दिखाई नहीं देता, उसका दम घुटने लगता है। तभी उन हाथों के बीच से दो कटे-फटे, मैले धब्बेदार, टेढ़े नाखूनों वाले, आटा लगे, कहीं से जले, काले पीले बदशक्ल दो हाथ उदित होते हुए दिखाई दिये। परन्तु अजीब बात थी कि उन दो बदसूरत हाथों के उदित होते ही वातावरण जगमगा उठा, जैसे सूर्य के उदित होते ही रात का अंधकार जगमगा उठता है और सभी सुन्दर हाथ तारों के समान कहीं खो गये थे, नीरू यह अनोखा सपना देख कर जाग गई और फिर पूरी रात सो नहीं पाई।

प्रश्न 8 – कॉलेज में नीरू क्यों उदास थी ?
उत्तर – नीरू के घर में प्रातः का समय बहुत ही व्यस्तता का समय होता था। हर तरफ जल्दी और भाग-दौड़ मची रहती थी। कोई कुछ माँग रहा था कोई कुछ, ऐसा लग रहा था बस समय भी भाग रहा हो। नीरू किसी तरह सारा काम निपटा कर तैयार हुई और कॉलेज जा पहुँची। परन्तु जल्दी में वह अपने हाथ धोना ही भूल गई थी। उत्सव हाल में था और वहाँ पहुँचने के बाद ही नीरू को याद आया कि वह हाथ धोना भूल गई है। परन्तु अब वह कुछ नहीं कर सकती थी। सभी बैठ चुके थे। सभापति भी आ चुके थे। भागते-भागते ही वह अपनी निश्चित की गई कुर्सी पर पहुँची और वहां उदास सी कहीं खोई हुई सी बैठ गई।

प्रश्न 9 – इनाम लेते समय नीरू की आँखों से आँसू क्यों टपकने लगे?
उत्तर – सभापति के स्वागत के बाद इनाम बंटने शुरू हुए। इनाम लेने ले लिए नीरू का नाम बहुत ही सम्मान और तारीफ़ों के बाद लिया गया। नीरू बड़े चाव से भागती हुई स्टेज पर गई परन्तु इनाम लेने के लिए जैसे ही उसने अपने हाथ फैलाये वैसे ही शर्म से उसके हाथ कांपने लगे और उसकी आँखों से आँसू टपकने लगे। क्योंकि वह जल्दी-जल्दी में आटे से सने हाथ धोना ही भूल गई थी।

प्रश्न 10 – सभापति ने नीरू के हाथों की तारीफ करते हुए क्या कहा ?
उत्तर – सभापति ने कहा कि नीरू के दो हाथ उन्हें पिछले चार घंटों से अपने अपूर्व सौंदर्य के प्रति आकर्षित कर रहे थे। नीरू के हाथ देखकर उन्होंने जाना कि सुंदर हाथ कर्म से सजते हैं। फल की इच्छा छोड़कर काम करना ही हाथों की शोभा होती है। हाथ रचना करने वाले होते हैं, उनकी सुंदरता कार्य करने की क्षमता है। हाथ जीवन के बाहर के नहीं, बल्कि आंतरिक सुंदरता और शृंगार हैं। वे हाथ कितने सुंदर हो सकते हैं जिन्हें कर्म-साधना में अपनी ही होश नहीं और जो केवल दूसरों की सेवा में लगे हैं। हाथों पर लगा आटा, काले-पीले जले निशान, स्थान-स्थान से कटे-फटे हाथ ऐसे प्रतीत होते हैं जैसे नदी-नालों के सामान बहता अत्यधिक सुंदर सृष्टि की अद्धभुत सुंदरता मानो इन्हीं हाथों में आकर समा गई हो। ऐसे सुंदर हाथ उन्होंने पहले कभी नहीं देखे।