PSEB Class 9 Hindi Chapter 4 Jahnsi Ki Rani Ki Samadhi Par (झाँसी की रानी की समाधि पर) Question Answers (Important)
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- Jahnsi Ki Rani Ki Samadhi Par Textbook Questions
- Jahnsi Ki Rani Ki Samadhi Par Extract Based Questions
- Jahnsi Ki Rani Ki Samadhi Par Multiple Choice Questions
- Jahnsi Ki Rani Ki Samadhi Par Extra Question Answers
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PSEB Class 9 Chapter 4 Jahnsi Ki Rani Ki Samadhi Par Textbook Questions
अभ्यास
(क) विषय-बोध
1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक या दो पंक्तियों में दीजिए-
प्रश्न 1 – समाधि में छिपी राख की ढेरी किसकी है?
उत्तर – समाधि में छिपी राख की ढेरी झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई की है।
प्रश्न 2 – किस महान् लक्ष्य के लिए रानी लक्ष्मीबाई ने अपना बलिदान दिया?
उत्तर – अंग्रेजों से देश में स्वतंत्र कराने के लिए रानी लक्ष्मीबाई ने अपना बलिदान दिया था।
प्रश्न 3 – रानी लक्ष्मीबाई को कवयित्री ने ‘मरदानी’ क्यों कहा है?
उत्तर – कवयित्री ने रानी लक्ष्मीबाई को ‘मरदानी’ इसलिए कहा है क्योंकि उन्होंने मर्दो के समान वीरता से शत्रुओं से युद्ध किया था।
प्रश्न 4 – रण में वीरगति को प्राप्त होने से वीर का क्या बढ़ जाता है?
उत्तर – रण में वीरगति को प्राप्त करने पर वीर का मान-सम्मान बढ़ जाता है।
प्रश्न 5 – कवयित्री को रानी से भी अधिक रानी की समाधि क्यों प्रिय है?
उत्तर – कवयित्री को रानी से भी अधिक रानी की समाधि इसलिए प्रिय है क्योंकि इससे उसे स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा मिलती है।
प्रश्न 6 – रानी लक्ष्मीबाई की समाधि का ही गुणगान कवि क्यों करते हैं?
उत्तर – रानी लक्ष्मीबाई की समाधि का ही गुणगान कवि इसलिए करते हैं क्योंकि इसकी कहानी कभी मिट नहीं सकती। उनके मन में रानी के प्रति आदर, स्नेह और श्रद्धा है।
2. निम्नलिखित पद्यांशों की सप्रसंग व्याख्या कीजिए-
(i) यहीं कहीं पर बिखर गई वह, भग्न विजय-माला-सी।
उसके फूल यहाँ संचित हैं, है यह स्मृति शाला-सी।।
सहे वार पर वार अन्त तक लड़ी वीर बाला-सी।
आहुति-सी गिर चढ़ी चिता पर चमक उठी ज्वाला-सी।।
प्रसंग – प्रस्तुत काव्यांश सुभद्रा कुमारी चौहान द्वारा रचित कविता ‘झाँसी की रानी की समाधि पर’ से लिया गया है। कवयित्री झाँसी की रानी के बलिदान को याद करती है।
व्याख्या – कवयित्री कहती है कि झाँसी की रानी की समाधि के आस-पास ही कहीं वे एक टूटी हुई विजय की माला के समान बिखर गई थी। कहने का अभिप्राय यह है कि जहाँ उनकी समाधि है वहीं आस-पास उनकी मृत्यु हुई थी। उनके फूल अर्थात उनकी अस्थियाँ उनकी समाधि में ही एकत्र करके रखी गई हैं। यह समाधि उनकी याद की स्थली है। उन्होंने शत्रुओं के वार पर वार अपने अंतिम समय तक सहन किए थे और वे शत्रुओं से एक वीरांगना के समान लड़ी थीं। वे यज्ञ के समान स्वतंत्रता संग्राम में किसी आहुति के समान गिर कर चिता पर चढ़ गईं और आग की लपटों में एक ज्वाला के समान चमक उठीं। कहने का आशय यह है कि उन्होंने अपने आप को स्वतंत्रता संग्राम के महायज्ञ में अर्पित कर दिया और सदा के लिए अमर हो गई।
(ii) बढ़ जाता है मान वीर का रण में बलि होने से।
मूल्यवती होती सोने की भस्म, यथा सोने से ।।
रानी से भी अधिक हमें अब, यह समाधि है प्यारी।
यहाँ निहित है स्वतंत्रता की, आशा की चिनगारी।।
प्रसंग – प्रस्तुत काव्यांश सुभद्रा कुमारी चौहान द्वारा रचित कविता ‘झाँसी की रानी की समाधि पर’ से लिया गया है। कवयित्री रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान को याद करती है।
व्याख्या – कवयित्री कहती है कि युद्ध क्षेत्र में अपना बलिदान देने से किसी भी वीर योद्धा का मान बढ़ जाता है, उसका आदर-सत्कार उसी प्रकार कीमती हो जाता है जैसे सोने की भस्म, सोने से भी अधिक कीमती होती है। इसी वजह से कवयित्री को अब रानी से भी अधिक रानी की यह समाधि प्यारी है क्योंकि उस समाधि में स्वतंत्रता प्राप्त करने की आशा रूपी चिंगारी छिपी हुई है।
(iii) इससे भी सुन्दर समाधियाँ, हम जग में हैं पाते।
उनकी गाथा पर निशीथ में, क्षुद्र जंतु ही गाते।।
पर कवियों की अमर गिरा में इसकी अमिट कहानी।
स्नेह और श्रद्धा से गाती है वीरों की बानी।।
प्रसंग – प्रस्तुत काव्यांश सुभद्रा कुमारी चौहान द्वारा रचित कविता ‘झाँसी की रानी की समाधि पर’ से लिया गया है। कवयित्री के अनुसार रानी लक्ष्मीबाई की समाधि से सुंदर समाधियाँ हमें इस संसार में और भी मिलती हैं।
व्याख्या – कवयित्री के अनुसार संसार में रानी लक्ष्मीबाई की समाधि से भी सुन्दर अनेक समाधियाँ बनी हुई हैं। परन्तु उन समाधियों पर आधी रात में क्षुद्र जन्तु गाते रहते हैं अर्थात् गीदड़, झींगुर, छिपकली आदि तुच्छ जन्तु उन समाधियों पर निवास करते हैं। परन्तु कवियों की अमर वाणी में रानी लक्ष्मीबाई की समाधि की कभी न समाप्त होने वाली कहानी गायी जाती है, क्योंकि रानी की समाधि के प्रति उनमें श्रद्धाभाव है। इस समाधि की गाथा को वीर अपने स्वर में अत्यंत श्रद्धा और स्नेहपूर्वक गाते हैं।
(ख) भाषा-बोध
1. निम्नलिखित एकवचन शब्दों के बहुवचन रूप लिखिए-
एकवचन बहुवचन एकवचन बहुवचन
रानी – रानियाँ माला – __________________
समाधि – _____________ शाला – __________________
ढेरी – ________________ चिता – __________________
प्यारी – ________________ ज्वाला – __________________
चिनगारी – _____________ बाला – __________________
कहानी – _____________ गाथा – __________________
उत्तर –
| एकवचन | बहुवचन | एकवचन | बहुवचन |
| रानी | रानियाँ | माला | मालाएँ |
| समाधि | समाधियाँ | शाला | शालाएँ |
| ढेरी | ढेरियाँ | चिता | चिताएँ |
| प्यारी | प्यारियाँ | ज्वाला | ज्वालाएँ |
| चिनगारी | चिनगारियाँ | बाला | बालाएँ |
| कहानी | कहानियाँ | गाथा | गाथाएँ |
2. निम्नलिखित शब्दों को शुद्ध करके लिखिए-
अशुद्ध – शुध अशुद्ध शुध
सुतंत्रता – स्वतंत्रता आरति – _______________
लघु – ________________ स्थलि – _______________
भगन – _______________ आहूति – _______________
मुल्यवती – ____________ भसम – _______________
कशुद्र – _______________ कवीयों – _______________
श्रधा – _________________ जंतू – _______________
उत्तर –
| अशुद्ध | शुध | अशुद्ध | शुध |
| सुतंत्रता | स्वतंत्रता | आरति | आरती |
| लघु | लघु | स्थलि | स्थली |
| भगन | भग्न | आहूति | आहुति |
| मुल्यवती | मूल्यवती | भसम | भस्म |
| कशुद्र | क्षुद्र | कवीयों | कवियों |
| श्रधा | श्रद्धा | जंतू | जंतु |
PSEB Class 9 Hindi Lesson 4 झाँसी की रानी की समाधि पर सार-आधारित प्रश्न (Extract Based Questions)
1 –
इस समाधि में छिपी हुई है, एक राख की ढेरी।
जलकर जिसने स्वतंत्रता की, दिव्य आरती फेरी।।
यह समाधि यह लघु समाधि है, झाँसी की रानी की।
अंतिम लीला स्थली यही है, लक्ष्मी मरदानी की।।
प्रश्न 1 – ‘इस समाधि में छिपी हुई है, एक राख की ढेरी।’ यहाँ किसकी समाधि की बात की गई है ?
(क) लेखिका
(ख) कवयित्री
(ग) लक्ष्मीबाई
(घ) सुभद्रा कुमारी
उत्तर – (ग) लक्ष्मीबाई
प्रश्न 2 – मरदानी का क्या अर्थ है ?
(क) वह स्त्री जो पुरुषों की तरह दिखती है
(ख) वह स्त्री जो वीरतापूर्ण कार्य करे
(ग) वह स्त्री जो मर्दों के साथ कंधा मिलाकर काम करे
(घ) वह स्त्री जो भरी भरकम कार्य करे
उत्तर – (ख) वह स्त्री जो वीरतापूर्ण कार्य करे
प्रश्न 3 – झाँसी की रानी की समाधि में —————छिपी हुई है।
(क) घास की एक ढेरी
(ख) नाम की एक ढेरी
(ग) राख की एक ढेरी
(घ) धन की एक ढेरी
उत्तर – (ग) राख की एक ढेरी
प्रश्न 4 – झाँसी की रानी की समाधि किसका अंतिम स्थान है?
(क) युद्ध क्षेत्र
(ख) विश्राम
(ग) कर्म क्षेत्र
(घ) धर्म क्षेत्र
उत्तर – (क) युद्ध क्षेत्र
प्रश्न 5 – इस पद्यांश में कवयित्री ने किसकी वीरता को याद किया है?
(क) प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना महिलाओं
(ख) प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई
(ग) प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के वीर सैनानियों
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (ख) प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई
2 –
यहीं कहीं पर बिखर गई वह भग्न विजय-माला-सी।
उसके फूल यहाँ संचित हैं, है यह स्मृति शाला-सी।।
सहे वार पर वार अन्त तक लड़ी वीर बाला-सी।
आहुति-सी गिर चढ़ी चिता पर चमक उठी ज्वाला-सी।।
प्रश्न 1 – प्रस्तुत पद्यांश में कवयित्री ने क्या वर्णन किया है ?
(क) झाँसी की रानी के अंग्रेजों के साथ युद्ध का
(ख) झाँसी की रानी के आत्म-बलिदान देने का
(ग) झाँसी की रानी के अंतिम समय तक शत्रुओं से युद्ध कर आत्म-बलिदान देने का
(घ) झाँसी की रानी की वीरता का
उत्तर – (ग) झाँसी की रानी के अंतिम समय तक शत्रुओं से युद्ध कर आत्म-बलिदान देने का
प्रश्न 2 – पद्यांश में फूल शब्द किस अर्थ में लिया गया है ?
(क) अस्थियाँ
(ख) खुशियाँ
(ग) आँसू
(घ) सफलता
उत्तर – (क) अस्थियाँ
प्रश्न 3 – यहीं कहीं पर बिखर गई वह भग्न विजय-माला-सी। कहने का क्या अभिप्राय है ?
(क) कि जहाँ सैनानियों की समाधि है वहीं आस-पास उनकी मृत्यु हुई थी
(ख) कि जहाँ रानी की समाधि है वहीं आस-पास उनकी मृत्यु हुई थी
(ग) कि जहाँ अंग्रेजों की समाधि है वहीं आस-पास उनकी मृत्यु हुई थी
(घ) कि जहाँ रानी का महल है वहीं आस-पास उनकी मृत्यु हुई थी
उत्तर – (ख) कि जहाँ रानी की समाधि है वहीं आस-पास उनकी मृत्यु हुई थी
प्रश्न 4 – रानी ने अपने अंतिम समय तक क्या सहन किए थे ?
(क) लोगों के ताने
(ख) मंत्रियों के हमले
(ग) शत्रुओं के वार पर वार
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (ग) शत्रुओं के वार पर वार
प्रश्न 5 – आहुति-सी गिर चढ़ी चिता पर चमक उठी ज्वाला-सी। वाक्य का आशय क्या है ?
(क) अपने आप को जनता की सेवा में अर्पित कर दिया और सदा के लिए अमर हो गई।
(ख) अपने आप को लोगों के अनुसार ढाल दिया और सदा के लिए अमर हो गई।
(ग) अपने आप को राजा के आदेश के अनुसार अर्पित कर दिया और सदा के लिए अमर हो गई।
(घ) अपने आप को स्वतंत्रता संग्राम के महायज्ञ में अर्पित कर दिया और सदा के लिए अमर हो गई।
उत्तर – (घ) अपने आप को स्वतंत्रता संग्राम के महायज्ञ में अर्पित कर दिया और सदा के लिए अमर हो गई।
3 –
बढ़ जाता है मान वीर का रण में बलि होने से।
मूल्यवती होती सोने की भस्म, यथा सोने से।।
रानी से भी अधिक हमें अब, यह समाधि है प्यारी।
यहाँ निहित है स्वतन्त्रता की, आशा की चिनगारी।।
प्रश्न 1 – कवयित्री के अनुसार रानी की समाधि से भविष्य में ————– की प्रेरणा प्राप्त होती है।
(क) धन प्राप्त करने की
(ख) कर्म प्राप्त करने की
(ग) स्वतंत्रता प्राप्त करने की
(घ) मोक्ष प्राप्त करने की
उत्तर – (ग) स्वतंत्रता प्राप्त करने की
प्रश्न 2 – किस क्षेत्र में अपना बलिदान देने से किसी भी वीर योद्धा का मान बढ़ जाता है?
(क) युद्ध
(ख) धर्म
(ग) कर्म
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (क) युद्ध
प्रश्न 3 – युद्ध क्षेत्र में अपना बलिदान देने से किसी भी वीर योद्धा का क्या होता है ?
(क) मान बढ़ जाता है
(ख) उसका आदर-सत्कार बढ़ जाता है
(ग) उसका मान बढ़ जाता है, उसका आदर-सत्कार उसी प्रकार कीमती हो जाता है जैसे सोने की भस्म, सोने से भी अधिक कीमती होती है
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (घ) उपरोक्त सभी
प्रश्न 4 – किस वजह से कवयित्री को अब रानी से भी अधिक रानी की समाधि प्यारी है ?
(क) क्योंकि उस समाधि में रानी की अस्थियाँ हैं
(ख) क्योंकि उस समाधि में स्वतंत्रता प्राप्त करने की आशा रूपी चिंगारी छिपी हुई है
(ग) क्योंकि उस समाधि में रानी की यादे व् वीरता छिपी हुई है
(घ) क्योंकि उस समाधि में वीरता, बलिदान व् त्याग की गाथा छिपी हुई है
उत्तर – (ख) क्योंकि उस समाधि में स्वतंत्रता प्राप्त करने की आशा रूपी चिंगारी छिपी हुई है
प्रश्न 5 – कवयित्री को अब रानी से भी अधिक रानी की यह ————-प्यारी है ।
(क) समाधि
(ख) अमर – गाथा
(ग) बलिदान
(घ) कविता
उत्तर – (क) समाधि
4 –
इससे भी सुन्दर समाधियाँ, हम जग में हैं पाते।
उनकी गाथा पर निशीथ में, क्षुद्र जंतु ही गाते।।
पर कवियों की अमर गिरा में इसकी अमिट कहानी।
स्नेह और श्रद्धा से गाती है वीरों की बानी।।
प्रश्न 1 – कवयित्री के अनुसार रानी लक्ष्मीबाई की समाधि से सुंदर —————- हमें इस संसार में और भी मिलती हैं।
(क) कृतियाँ
(ख) समाधियाँ
(ग) कारीगरी
(घ) बनावट
उत्तर – (ख) समाधियाँ
प्रश्न 2 – निशीथ का क्या अर्थ है ?
(क) आधी रात
(ख) पूरी रात
(ग) संध्या
(घ) रात का पथिक
उत्तर – (क) आधी रात
प्रश्न 3 – परन्तु उन समाधियों पर आधी रात में —————- गाते रहते हैं।
(क) जीव जन्तु
(ख) पालतू जन्तु
(ग) क्षुद्र जन्तु
(घ) जंगली जन्तु
उत्तर – (ग) क्षुद्र जन्तु
प्रश्न 4 – —————- की अमर वाणी में रानी लक्ष्मीबाई की समाधि की कभी न समाप्त होने वाली कहानी गायी जाती है
(क) कवियों
(ख) लेखकों
(ग) ग्रंथकारों
(घ) साहित्यकारों
उत्तर – (क) कवियों
प्रश्न 5 – इस समाधि की गाथा को वीर अपने स्वर में अत्यंत ————— गाते हैं।
(क) श्रद्धापूर्वक
(ख) स्नेहपूर्वक
(ग) (क) और (ख) दोनों
(घ) केवल (क)
उत्तर – (ग) (क) और (ख) दोनों
PSEB Class 9 Hindi Lesson 4 झाँसी की रानी की समाधि पर बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions)
प्रश्न 1 – ‘झाँसी की रानी की समाधि पर’ कविता की लेखिका कौन हैं ?
(क) सुलेखा कुमारी चौहान
(ख) सुमद्रा कुमारी चौहान
(ग) सुभद्रा कुमारी चौहान
(घ) सुभद्रा कुमारी राठौर
उत्तर – (ग) सुभद्रा कुमारी चौहान
प्रश्न 2 – झाँसी की रानी की समाधि में क्या छिपी हुई है।
(क) राख की एक ढेरी
(ख) सोने की एक ढेरी
(ग) कोयले की एक ढेरी
(घ) मिट्टी की एक ढेरी
उत्तर – (क) राख की एक ढेरी
प्रश्न 3 – यह समाधि उस वीरता पूर्ण कार्य करने वाली लक्ष्मीबाई के युद्ध क्षेत्र का ————— स्थान है।
(क) क्रीड़ा
(ख) द्वितीय
(ग) प्रथम
(घ) अंतिम
उत्तर – (घ) अंतिम
प्रश्न 4 – युद्ध क्षेत्र में अपना बलिदान देने से किसी भी वीर योद्धा का क्या बढ़ जाता है ?
(क) धन
(ख) मान
(ग) कीर्ति
(घ) यशोगान
उत्तर – (ख) मान
प्रश्न 5 – बलिदानी वीरों की राख का मूल्य किससे भी अधिक होता है?
(क) सोने की भस्म
(ख) राख की भस्म
(ग) चांदी की भस्म
(घ) वीरों की भस्म
उत्तर – (क) सोने की भस्म
प्रश्न 6 – रानी लक्ष्मीबाई ने स्वतंत्रता की दिव्य आरती कैसे फेरी थी ?
(क) जलकर
(ख) चलकर
(ग) गाकर
(घ) तपकर।
उत्तर – (क) जलकर
प्रश्न 7 – रानी लक्ष्मीबाई की समाधि को कवयित्री ने कौन-सी स्थली बताया है?
(क) क्रीड़ा
(ख) लीला
(ग) जीवन
(घ) संघर्ष
उत्तर – (ख) लीला
प्रश्न 8 – रानी लक्ष्मीबाई चिता पर आहुति-सी गिरकर कैसी चमकी थी ?
(क) चिंगारी-सी
(ख) ज्वाला-सी
(ग) बिजली-सी
(घ) रौशनी-सी
उत्तर – (ख) ज्वाला-सी
प्रश्न 9 – झाँसी की रानी के बलिदान से देश में क्या उत्पन्न हो गई थी?
(क) सोना प्राप्त करने की लहर
(ख) धन प्राप्त करने की लहर
(ग) कीर्ति प्राप्त करने की लहर
(घ) स्वतंत्रता प्राप्त करने की लहर
उत्तर – (घ) स्वतंत्रता प्राप्त करने की लहर
प्रश्न 10 – यहीं कहीं पर बिखर गई वह भग्न विजय-माला-सी। का आशय स्पष्ट कीजिए।
(क) समाधि के आस-पास ही रानी की विजय हुई थी
(ख) समाधि के आस-पास ही रानी की मृत्यु हुई थी
(ग) समाधि के आस-पास ही रानी की लड़ाई हुई थी
(घ) समाधि के आस-पास ही रानी का यशोगान हुआ था
उत्तर – (ख) समाधि के आस-पास ही रानी की मृत्यु हुई थी
प्रश्न 11 – किसकी अस्थियाँ उनकी समाधि में ही एकत्र करके रखी गई हैं।
(क) वीरों की
(ख) सुभद्र कुमारी चौहान की
(ग) रानी लक्ष्मी बाई की
(घ) अंग्रेजों की
उत्तर – (ग) रानी लक्ष्मी बाई की
प्रश्न 12 – रानी लक्ष्मी बाई शत्रुओं से किसके समान लड़ी थीं?
(क) एक योद्धा के समान
(ख) एक वीरांगना के समान
(ग) एक पुरुष के समान
(घ) एक सिपाही के समान
उत्तर – (ख) एक वीरांगना के समान
प्रश्न 13 – कवयित्री को अब रानी से भी अधिक रानी की यह समाधि प्यारी है क्यों ?
(क) क्योंकि उस समाधि में सोने की ढेरी छिपी हुई है
(ख) क्योंकि उस समाधि में मूल्यवान राख की ढेरी छिपी हुई है
(ग) क्योंकि उस समाधि में स्वतंत्रता प्राप्त करने की आशा रूपी चिंगारी छिपी हुई है
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (ग) क्योंकि उस समाधि में स्वतंत्रता प्राप्त करने की आशा रूपी चिंगारी छिपी हुई है
प्रश्न 14 – कवयित्री के अनुसार_____________ की समाधि से सुंदर समाधियाँ हमें इस संसार में और भी मिलती हैं।
(क) अंग्रेजों की
(ख) रानी लक्ष्मीबाई की
(ग) वीरों की
(घ) स्वतंत्रता सेनानियों की
उत्तर – (ख) रानी लक्ष्मीबाई की
प्रश्न 15 – कवियों की अमर वाणी में रानी लक्ष्मीबाई की समाधि की कभी न समाप्त होने वाली कहानी गायी जाती है, क्यों ?
(क) क्योंकि इससे उन्हें यश मिलता है
(ख) क्योंकि इससे उन्हें धन मिलता है
(ग) क्योंकि इससे उन्हें प्रसिद्धि मिलता है
(घ) क्योंकि रानी की समाधि के प्रति उनमें श्रद्धाभाव है
उत्तर – (घ) क्योंकि रानी की समाधि के प्रति उनमें श्रद्धाभाव है
प्रश्न 16 – किसकी समाधि की गाथा को वीर अपने स्वर में अत्यंत श्रद्धा और स्नेहपूर्वक गाते हैं?
(क) वीर योद्धाओं की
(ख) सुभद्र कुमारी चौहान की
(ग) रानी लक्ष्मी बाई की
(घ) अंग्रेजों की
उत्तर – (ग) रानी लक्ष्मी बाई की
प्रश्न 17 – बुंदेलखंड के यशोगान करने वालों के मुख से यह ____________ सुनी है ?
(क) वीरगाथा
(ख) कहानी
(ग) कथा
(घ) संग्रह
उत्तर – (ख) कहानी
प्रश्न 18 – बुंदेलखंड के यशोगान करने वालों के मुख से क्या कहानी सुनी है ?
(क) कि वह झाँसी वाली रानी खूब वीरता के साथ राजाओं से लड़ी थी
(ख) कि वह झाँसी वाली रानी खूब वीरता के साथ गाँव वालों से लड़ी थी
(ग) कि वह झाँसी वाली रानी खूब वीरता के साथ दुश्मनों से लड़ी थी
(घ) कि वह झाँसी वाली रानी खूब वीरता के साथ मुगलों से लड़ी थी
उत्तर – (ग) कि वह झाँसी वाली रानी खूब वीरता के साथ दुश्मनों से लड़ी थी
प्रश्न 19 – रानी लक्ष्मीबाई की समाधि, ___________ तक बनी रहने वाली समाधि है।
(क) क्षण तक
(ख) लंबे समय
(ग) कम समय
(घ) दशकों तक
उत्तर – (ख) लंबे समय
प्रश्न 20 – चिर का क्या अर्थ है?
(क) सदा रहने वाली
(ख) कपड़ा
(ग) वस्त्र
(घ) लम्बा समय
उत्तर – (क) सदा रहने वाली
PSEB Class 9 Hindi झाँसी की रानी की समाधि पर प्रश्न और उत्तर (Extra Question Answers)
प्रश्न 1 – कवयित्री रानी लक्ष्मीबाई की समाधि को कैसे याद करती हैं ?
उत्तर – कवयित्री प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की वीरता को याद करती है। कवयित्री मानती है कि झाँसी की रानी की समाधि में राख की एक ढेरी छिपी हुई है। उस राख की एक ढेरी ने स्वयं जलकर स्वतंत्रता की अलौकिक आरती फेरी थी। यह समाधि छोटी-सी समाधि है परन्तु उनके युद्ध क्षेत्र का अंतिम स्थान है।
प्रश्न 2 – झाँसी की रानी के बलिदान को याद करते हुए कवयित्री क्या कहती है?
उत्तर – झाँसी की रानी के बलिदान को याद करते हुए कवयित्री कहती है कि जहाँ झाँसी की रानी की समाधि है वहीं आस-पास झाँसी की रानी की मृत्यु हुई थी। उनके फूल अर्थात उनकी अस्थियाँ उनकी समाधि में ही एकत्र करके रखी गई हैं। यह समाधि उनकी याद की स्थली है। उन्होंने शत्रुओं के वार पर वार अपने अंतिम समय तक सहन किए थे और वे शत्रुओं से एक वीरांगना के समान लड़ी थीं। उन्होंने अपने आप को स्वतंत्रता संग्राम के महायज्ञ में अर्पित कर दिया और सदा के लिए अमर हो गई।
प्रश्न 3 – सोने की भस्म, सोने से भी अधिक कीमती होती है। यह वाक्य कवयित्री ने किस सन्दर्भ में कहा है?
उत्तर – कवयित्री रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान को याद करती हुई कहती है कि युद्ध क्षेत्र में अपना बलिदान देने से किसी भी वीर योद्धा का मान बढ़ जाता है, उसका आदर-सत्कार उसी प्रकार कीमती हो जाता है जैसे सोने की भस्म, सोने से भी अधिक कीमती होती है। इसी वजह से कवयित्री को अब रानी से भी अधिक रानी की यह समाधि प्यारी है क्योंकि उस समाधि में स्वतंत्रता प्राप्त करने की आशा रूपी चिंगारी छिपी हुई है।
प्रश्न 4 – रानी लक्ष्मीबाई की समाधि अन्य समाधियों से किस प्रकार अलग है?
उत्तर – संसार में रानी लक्ष्मीबाई की समाधि से भी सुन्दर अनेक समाधियाँ बनी हुई हैं। परन्तु उन समाधियों पर आधी रात में क्षुद्र जन्तु गाते रहते हैं अर्थात् गीदड़, झींगुर, छिपकली आदि तुच्छ जन्तु उन समाधियों पर निवास करते हैं। परन्तु कवियों की अमर वाणी में रानी लक्ष्मीबाई की समाधि की कभी न समाप्त होने वाली कहानी गायी जाती है, क्योंकि रानी की समाधि के प्रति उनमें श्रद्धाभाव है। इस समाधि की गाथा को वीर अपने स्वर में अत्यंत श्रद्धा और स्नेहपूर्वक गाते हैं।
प्रश्न 5 – बुंदेले हरबोलों के मुख से क्या कहानी सुनी गई है?
उत्तर – बुंदेलखंड के यशोगान करने वालों के मुख से यह कहानी सुनी है कि वह झाँसी वाली रानी खूब वीरता के साथ दुश्मनों से लड़ी थी। रानी लक्ष्मीबाई की यह समाधि, लंबे समय तक बनी रहने वाली समाधि है। यह समाधि वीरता के साथ लड़ने वाली लक्ष्मीबाई की अंतिम युद्ध क्षेत्र की स्थली रही है।