Maharashtra State Board of Secondary and Higher Secondary Education Class 10 Hindi Chapter 2 Dinner (डिनर) Question Answers (Important)
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- Dinner Textbook Questions
- Dinner Extract Based Questions
- Dinner Multiple Choice Questions
- Dinner Extra Question Answers
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Maharashtra State Board Class 10 Chapter 2 Dinner Textbook Questions
लेखनीय
बढ़ते हुए प्रदूषण (वायु, ध्वनि) का स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है, ‘विषय पर अपने विचार लिखिए।
उतर– बढ़ते हुए प्रदूषण (वायु, ध्वनि) का स्वास्थ्य पर बुरा असर
आज के आधुनिक युग में वायु और ध्वनि प्रदूषण तेजी से बढ़ रहे हैं, जो मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं। कारखानों से निकलने वाला धुआँ, वाहनों की बढ़ती संख्या और पेड़ों की कटाई के कारण हवा की गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है। दूषित वायु में साँस लेने से दमा, एलर्जी, फेफड़ों के संक्रमण और हृदय रोग जैसी समस्याएँ बढ़ रही हैं। छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर इसका प्रभाव और भी अधिक पड़ता है।
ध्वनि प्रदूषण भी कम हानिकारक नहीं है। तेज हॉर्न, लाउडस्पीकर और मशीनों की आवाज़ से लोगों में तनाव, चिड़चिड़ापन, सिरदर्द और नींद की कमी जैसी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं। लंबे समय तक अधिक शोर सुनने से सुनने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है।
इन समस्याओं से बचने के लिए हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ाना चाहिए और अनावश्यक शोर से बचना चाहिए। सरकार को भी प्रदूषण नियंत्रण के सख्त नियम लागू करने चाहिए। यदि समय रहते हम सचेत नहीं हुए, तो यह प्रदूषण हमारे भविष्य के लिए बड़ा संकट बन सकता है। इसलिए स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
मुहावरे
बिदक जाना = भड़क जाना, चौंकना
पसीना-पसीना हो जाना = बहुत श्रम करना, थक जाना
भौचक्का रह जाना = आश्चर्यचकित होना
झेंप जाना = लज्जित होना
उत्तर-
| मुहावरा | अर्थ | वाक्य-प्रयोग |
| बिदक जाना | भड़क जाना, चौंकना | ऑटो वाले रोहिणी जाने के नाम से ही बिदक जा रहे थे। |
| पसीना-पसीना हो जाना | बहुत श्रम करना, थक जाना | ऑटो के रुकते ही दस मिनट के अंदर ही उर्मि पसीने-पसीने हो गई। |
| भौचक्का रह जाना | आश्चर्यचकित होना | रोशनी होते ही उर्मि ने टेबल पर देखा तो भौचक्की रह गई। |
| झेंप जाना | लज्जित होना | सबके सामने अपनी भूल का पता चलते ही रीना लज्जित होकर झेंप गई। |
स्वाध्याय
सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए :-
(१) संजाल पूर्ण कीजिए:

उत्तर-
1. नभ काले और दूधिया बादलों से घिरा था।
2. हवा सीली और चिपचिपी हो गई थी।
3. प्रकृति ने चुप्पी साध ली थी।
4. जलद में ख़ामोश घमासान मचा हुआ था।
(२) ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हों :
१. गरमी और घुटन
२. सड़क
३. नौकरी
४. शास्त्री नगर
उत्तर-
1. उर्मि सामान ऑटो के भीतर छोड़कर बाहर क्यों आ गई?
2. किसके किनारे बिजली के खंभों पर बत्तियाँ टिमटिमाने लगी थीं?
3. घर का काम करने के अलावा उर्मि और क्या करती है?
4. उर्मि का रिक्शा कहाँ खराब हो गया था?
(३) उत्तर लिखिए:

उत्तर-
1. उर्मि- मुख्य पात्र
2. रिक्शा चालाक- सहायक पात्र
3. अनुराग- उर्मि का पति
4. शैफी- उर्मि की बेटी
5. छोटा- उर्मि का बेटा
(४) उत्तर लिखिए:

उत्तर– प्लग-पाना, जैक और स्टेपनी
(५) निम्नलिखित कथनों में से केवल सत्य कथन छाँटकर पुनः लिखिए:
१. ऑटो के रुकने से उर्मि खुश थी।
२. आगे की ड्राइविंग सीट पर युवती थी, लगातार बड़बड़ा रही थी।
३. उर्मि उतरकर ऑटो के इर्द-गिर्द घूमने लगी।
४. रोशनी होते ही उर्मि ने टेबल देखा तो वह क्रोधित हो गई।
उत्तर-
१. ऑटो के रुकने से उर्मि खुश थी।
(६) शब्दयुग्म पूर्ण कीजिए:
१. _____________ दूधिया
२. डरी- _____________
३. _____________ – गिर्द
४. हाथ- _____________
उत्तर-
1. काले-दूधिया
2. डरी-सहमी
3. इर्द-गिर्द
4. हाथ-मुँह
अभिव्यक्ति
‘घर के कामों में प्रत्येक सदस्य का सहयोग आवश्यक है’, इसपर अपने विचार लिखिए।
उत्तर- घर एक ऐसा स्थान है जहाँ सभी सदस्य मिल-जुलकर रहते हैं। इसलिए घर के कामों की जिम्मेदारी भी केवल एक व्यक्ति पर नहीं होनी चाहिए, बल्कि हर सदस्य को अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग करना चाहिए। जब सभी लोग मिलकर काम करते हैं, तो न केवल काम जल्दी और आसानी से पूरा हो जाता है, बल्कि परिवार में प्रेम, समझ और आपसी सम्मान भी बढ़ता है।
आज के समय में अधिकतर परिवारों में पति-पत्नी दोनों कामकाजी होते हैं। ऐसे में यदि घर का सारा काम एक ही व्यक्ति पर डाल दिया जाए, तो वह शारीरिक और मानसिक रूप से थक जाता है। इसके विपरीत, यदि बच्चे छोटी-छोटी जिम्मेदारियाँ निभाएँ, जैसे अपनी चीजें व्यवस्थित रखना या खाने की मेज लगाने में मदद करना, और बड़े सदस्य रसोई या अन्य कामों में हाथ बँटाएँ, तो घर का वातावरण सुखद बन जाता है।
सहयोग की भावना परिवार को मजबूत बनाती है। इससे बच्चों में जिम्मेदारी, अनुशासन और साथ में काम करने की आदत भी विकसित होती है। इसलिए यह आवश्यक है कि घर के सभी सदस्य एक-दूसरे की मदद करें और घर को सुखी व व्यवस्थित बनाए रखने में अपना योगदान दें।
भाषा बिंदु
(१) निम्नलिखित वाक्यों में उचित विरामचिह्न लगाकर वाक्य फिर से लिखिए:
१. हाँ तो पुत्तर कौन-से सेक्टर जाना है बूढ़े की जुबान में पंजाबी लहजा था
२. रोहिणी उर्मि डरी-सहमी धीरे-से बोली
३. ऐसा लगता है पुत्तर आप कहीं काम करती हो
४. मैं भी क्या-क्या सोचती रहती हूँ उसने इन्हीं ठहाकों के बीच फिर सोचा
५. उसने सोचा लेकिन धीरे से बुदबुदाई अरे भीतर तो आने दो
६. जी हाँ जी हाँ बहुत प्यारा बच्चा है मेरे मित्र ने कहा
७. संदर्भ लकीर कहानी संग्रह से
८. तुम बोलती क्यों नहीं अंबिका आक्रोश की दृष्टि से उसे देखती है।
९. मल्लिका क्षण भर चुपचाप उसकी तरफ देखती रहती है क्या हुआ है माँ
१०. पचासों कहानियाँ पढ़ जाऊँ तो कही एकाध नाम मिलता है नहीं तो लोग यह वह से काम चला लेते हैं
उत्तर-
1. “हाँ, तो पुत्तर कौन-से सेक्टर जाना है ?” बूढ़े की जुबान में पंजाबी लहजा था।
2. “रोहिणी !” उर्मि डरी-सहमी धीरे-से बोली।
3. “ऐसा लगता है पुत्तर आप कहीं काम करती हो ?”
4. ‘मैं भी क्या-क्या सोचती रहती हूँ’, उसने इन्हीं ठहाकों के बीच फिर सोचा।
5. उसने सोचा लेकिन धीरे से बुदबुदाई, “अरे भीतर तो आने दे !”
6. “जी हाँ, जी हाँ बहुत प्यारा बच्चा है।” मेरे मित्र ने कहा।
7. संदर्भ: लकीर कहानी संग्रह से।
8. “तुम बोलती क्यों नहीं” अंबिका आक्रोश की दृष्टि से उसे देखती है।
9. मल्लिका क्षण भर चुपचाप उसकी तरफ देखती रहती है। “क्या हुआ है माँ।”
10. पचासों कहानियाँ पढ़ जाऊँ तो कही एकाध नाम मिलता है; नहीं तो लोग ‘यह’, ‘वह’ से काम चला लेते हैं।
(२) निम्नलिखित विरामचिह्नों का उपयोग करते हुए लगभग १० वाक्यों का परिच्छेद लिखिए:

उत्तर-
1. राम रोज समय पर स्कूल जाता है।
2. आज की सूची में ये वस्तुएँ शामिल हैं-
3. तुमने अपना होमवर्क पूरा कर लिया है?
4.उसने कहा, “मैं आज जल्दी आऊँगा”; लेकिन वह देर से पहुँचा।
5.अरे! यह कितना सुंदर दृश्य है।
6.‘सत्य’ और ‘अहिंसा’ महात्मा गांधी के प्रमुख सिद्धांत थे।
7.शिक्षक ने कहा, ‘‘मेहनत करोगे तो अवश्य सफल होगे।’’
8.आपका आज्ञाकारी शिष्य- X X X
9.डॉ० साहब ने मुझे ये दवा दी है।
10.राधिका ने सपना से (मुस्कराते हुए) कहा।
12.हल कीजिये- 1/2[{−2(1+2)}10]
13.मैं
खाना भूल गया।
14. निम्नलिखित बातों पर ध्यान दीजिए-
उपयोजित लेखन
मुद्दों के आधार पर कहानी लेखन कीजिए:
घना जंगल — विशाल और घने वृक्षों पर पंछियों का बसेरा — रोज पंछियों का बच्चों के लिए दाना चुगने उड़ जाना — हर बार जाते समय बच्चों को समझाना — ‘फँसना नहीं, बहेलिया आएगा, जाल बिछाएगा’ बच्चों द्वारा इसे केवल रटना — रटते रटते एक दिन पेड़ से नीचे उतरना — दाने देखकर खुश होना — माँ की सीख — याद आना — चौकन्ना होना — सावधान होकर उड़ जाना — बहेलिए का पछताना — शीर्षक।
उत्तर-
एक घने जंगल में विशाल और हरे-भरे वृक्ष खड़े थे। उन ऊँचे पेड़ों पर अनेक पंछियों का बसेरा था। हर सुबह पंछी अपने बच्चों के लिए दाना चुगने दूर उड़ जाते थे। जाते समय वे अपने बच्चों को हमेशा समझाते, “कभी भी जमीन पर बिखरे दानों के लालच में मत फँसना, बहेलिया जाल बिछाकर तुम्हें पकड़ सकता है।” छोटे पंछी इस बात को बस रट लेते थे, पर उसका अर्थ ठीक से नहीं समझते थे।
एक दिन खेलते-खेलते वे पेड़ से नीचे उतर आए। वहाँ ढेर सारे दाने बिखरे हुए देखकर वे बहुत खुश हुए और उन्हें खाने के लिए आगे बढ़ने लगे। तभी उन्हें अपनी माँ की सीख याद आई। वे तुरंत चौकन्ने हो गए और ध्यान से चारों ओर देखने लगे। पास ही उन्हें जाल बिछा हुआ दिखाई दिया।
सभी पंछियों ने समझदारी दिखाई और तुरंत पंख फैलाकर उड़ गए। थोड़ी देर बाद जब बहेलिया आया और उसने जाल खाली देखा, तो वह पछताने लगा। इस घटना से पंछियों के बच्चों ने सीख लिया कि बड़ों की बात केवल रटनी नहीं चाहिए, बल्कि उसे समझकर पालन भी करना चाहिए।
Maharashtra State Board Class 10 Hindi Lesson 2 डिनर सार-आधारित प्रश्न (Extract Based Questions)
निम्नलिखित गद्याँशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए व प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
1
अगस्त की शुरुआत थी….
बारिश की तेज बौछारें होकर हटी थीं लेकिन अब वातावरण में किसी तरह की कोई सरसराहट नहीं बची थी। एकदम ठहरी हवा सीली और चिपचिपी हो गई थी। आसमान में काले-दूधिया बादलों में खामोश घमासान मचा हुआ था, मानो किसी चिकने फर्श पर फिसल रहे हों। लेकिन सड़क पर वाहनों की धक्कापेल से उठती बेसुरी ध्वनि ने वहाँ बिखरी कुदरत की नायाब चुप्पी को जबरन दबा दिया था।
उर्मि के कंधे पर लंबी तनियों के दो बैग झूल रहे थे और एक बड़ा पोली बैग उसकी ठुड्डी तक पहुँच रहा था जो दोनों बाजुओं के बीच थमा हुआ था। बुरी तरह अस्त-पस्त थी वो, भीतर से एकदम तर-बतर। खीझ और झुंझलाहट के बावजूद उसकी आँखें उद्विग्न-सी सामने के सरपट दौड़ते ट्रैफिक पर लगी हुई थीं। वह ऑटो खोज रही थी। कभी कोई ऑटो दिखाई देता पर हाथ देने पर भी रुकता न था। जो रुकता वह रोहिणी जाने के नाम से ही बिदक जाता। वह बहुतों से पूछ चुकी थी। बार-बार ऑटोवालों की हिलती स्प्रिंगदार खिलौनों-सी मुंडियों ने उसे बुरी तरह चिढ़ा दिया था। इस ‘न’ की आशंका भर से उसकी दिल की धड़कनें तेज हो गईं। इस अविवेकपूर्ण अभ्यास ने उसकी टाँगों से मानो संचित ऊर्जा का रेशा-रेशा बाहर खींच लिया हो। वह लगभग पैरों को घसीट रही थी। उनमें कदम भर चलने की ताकत नहीं बची थी।
1. ‘ऑटो’ किस भाषा का शब्द है?
(क) फ़ारसी
(ख) उर्दू
(ग) हिंदी
(घ) अँग्रेजी
उत्तर- (घ) अँग्रेजी
2. कहानी की शुरुआत किस मौसम के वर्णन से होती है?
(क) सर्दी
(ख) गर्मी
(ग) वर्षा
(घ) बसंत
उत्तर- (ग) वर्षा
3. उर्मि की झुंझलाहट का मुख्य कारण क्या था?
(क) कोई ऑटो रोहिणी जाने के लिए तैयार नहीं हो रहा था
(ख) उसे भारी सामान उठाना पड़ रहा था
(ग) उसे रास्ता नहीं मिल रहा था
(घ) मौसम बहुत ठंडा था
उत्तर- (क) कोई ऑटो रोहिणी जाने के लिए तैयार नहीं हो रहा था
4. उर्मि की शारीरिक स्थिति कैसी थी?
उत्तर– वह भारी बैग उठाए हुए बहुत थकी और अस्त-व्यस्त थी, चलने की ताकत भी कम हो गई थी।
5. ऑटोवालों के व्यवहार से उर्मि पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर- बार-बार मना किए जाने से वह चिढ़ गई और उसकी दिल की धड़कनें तेज हो गईं।
2
जब चाहिए होते हैं तो एक भी नहीं दिखता और जब नहीं चाहिए तो चारों तरफ ऑटो-ही-ऑटो देख लो। इतना तो दिन भर के काम से नहीं थकी जितना कंबख्त ऑटो करने में टाँगें टूट गईं और देखो अभी तक हो भी नहीं पाया… वह सोच रही थी और बचती-बचाती सड़क पार कर पैदल ही चलने लगी। पैर घसीटते- घसीटते यही ऊहापोह पंचकुइयाँ के और अधिक व्यस्त चौराहे तक ले आई। अब नहीं चला जाता। बस ! वो फुटपाथ से लगी रेलिंग पर पीठ टिकाकर खड़ी हो गई। गहरी साँस भरते हुए उसने आसमान की ओर सिर उठाया और साँस छोड़ते हुए आँखें मूँद लीं मानो पल भर को विराम लिया हो। मगर थोड़ी देर में उसकी आँखें फिर सड़क पर लगी थीं।
चारों ओर अच्छा-खासा अँधेरा घिर चुका था। सड़क के किनारे बिजली के खंभों पर बत्तियाँ टिमटिमाने लगी थीं जिनके इर्द-गिर्द बरसाती पतंगे जमा हो रहे थे।
वह फिर से हाथ का सामान उठाकर बिना समय गँवाए पीछे के ऑटो’ की तरफ चल दी।
“चलोगे बाबा ?” उर्मि हाँफती हुई बस इतना ही बोल पाई।
“कहाँ ? वह काफी बूढ़ा था।
“रोहिणी !” उर्मि डरी-सहमी धीरे-से बोली।
“बिलकुल चलेंगे पुत्तर…” बूढ़े की आवाज में अपनापन था, जुबान मीठी थी।
इतना सुनते ही वह झट से ऑटो में बैठ गई। बूढ़े की सहमति ने उसे दिली राहत दी। बूढ़ा अभी भी अगले पहिये पर झुका हुआ था और पाँव से दबाकर टायर देख रहा था। बूढ़े की पैंट का पोंचा घुटने तक गुल्टा हुआ था। उसके घुटने के थोड़ा नीचे रगड़ का निशान बना हुआ था। वैसे तो वह अच्छा-खासा लंबा था लेकिन उसकी कमर स्थायी तौर से झुकी थी। सिर के सन-से बाल बिना कंधी के फैले हुए थे। उसके चेहरे के गोरे रंग पर मैल, धूल और धुएँ की चिपचिपी परत चढ़ी हुई थी। उसने आँखें मिचमिचाते हुए पिछली सीट के छोटे-से अँधेरे में उसे देखा-वह बैठ चुकी थी। तीनों बैग सीट के पीछे रखकर वह हाथ में मोबाइल और छोटा-सा पर्स लिए चुपचाप बैठी थी।
1.उर्मि फुटपाथ की रेलिंग से पीठ टिकाकर क्यों खड़ी हो गई?
(क) उसे किसी का इंतजार था
(ख) वह बहुत थक गई थी और चल नहीं पा रही थी
(ग) उसे फोन करना था
(घ) बारिश शुरू हो गई थी
उत्तर- (ख) वह बहुत थक गई थी और चल नहीं पा रही थी
2. बूढ़े ऑटो चालक की आवाज कैसी थी?
(क) कठोर और रूखी
(ख) धीमी और डरावनी
(ग) अपनापन भरी और मीठी
(घ) बहुत तेज
उत्तर– (ग) अपनापन भरी और मीठी
3. बूढ़े ऑटो चालक की शारीरिक अवस्था कैसी थी?
(क) उसकी कमर झुकी हुई थी और वह बूढ़ा दिख रहा था
(ख) वह बिल्कुल स्वस्थ और जवान था
(ग) वह बहुत मोटा था
(घ) वह घायल होकर बैठा था
उत्तर- (क) उसकी कमर झुकी हुई थी और वह बूढ़ा दिख रहा था
4. उर्मि को ऑटो मिलने पर कैसा महसूस हुआ?
उत्तर– ऑटो चालक की सहमति सुनकर उर्मि को दिल से राहत मिली और वह तुरंत ऑटो में बैठ गई।
5. सड़क का वातावरण कैसा था?
उत्तर- चारों ओर अँधेरा छा रहा था और बिजली के खंभों की टिमटिमाती रोशनी के पास बरसाती पतंगे मंडरा रहे थे।
3
“चलो जी चलते हैं।”बूढ़ा मीटर गिराते हुए सीट पर बैठ गया और दोनों हाथ जोड़े पल भर आँखें मूँदे रहा। सुबह से नहीं मिला हाथ जोड़ने का टाइम ? वह बूढ़े के क्रियाकलाप देखते हुए सोचने लगी।
“हाँ, तो पुत्तर कौन-से सेक्टर जाना है ?” बूढ़े की जुबान में पंजाबी लहजा था।
“सेक्टर तेरह।” वो इत्मीनान से बोली अब पहले वाली खीझ, झुंझलाहट जाती रही थी।
बूढ़ा बिना बोले चल पड़ा। ऑटो गति पकड़ने लगा।
“पुत्तर एक बात पूछूं ?” बूढ़ा आगे सड़क पर दृष्टि गड़ाए झिझकते हुए धीमे-से बोला।
“हाँ ?”
“ऐसा लगता है पुत्तर आप कहीं काम करती हो ?” “हाँ, अखबार में !” उर्मि ने सिर पीछे टिका लिया था। “अखबार में ? अखबार में कैसे ?” बूढ़ा हैरान था। “खबरें लाती हूँ…” उर्मि कहते हुए लापरवाही से मुसकराई।
“खबरें ?” बूढ़े ने दोहराया, वह और ज्यादा हैरान था। काफी देर तक बूढ़ा चुप रहा, उर्मि की इस अजीब नौकरी के बारे में सोचता रहा।
चलते-चलते अचानक एक अजीब-सी ध्वनि के साथ ऑटो बंद हो गया और धीर-धीरे रुक गया।
“ओ हो !” बूढे के मुँह से निकला, “क्या मुसीबत है ?” वह झुंझलाते हुए ऑटो को सड़क के किनारे तक खींच लाया।
ऑटो के रुकते ही दस मिनट के अंदर ही उर्मि पसीने-पसीने हो गई। बूढ़े की बड़बड़ाहट उसके कानों तक पड़ रही थी। गरमी और घुटन से त्रस्त वह सामान ऑटो के भीतर ही छोड़कर नीचे बैठे बूढ़े के पास आ खड़ी हुई और थोड़ा-सा नीचे झुकते हुए बोली, “ठीक तो हो जाएगा न ?”
“हाँ, हाँ क्यों नहीं, चालीस साल से ऑटो चला रहा हूँ, पुर्जे-पुर्जे से वाकिफ हूँ। बस हो गया समझो!” भीतर लगी ग्रीस से उसका हाथ बुरी तरह सन गया था।
“आप इस उम्र में भी…. आपके बच्चे कमाते होंगे ?” वह आदतन पूछ बैठी लेकिन पल भर में ही उसे अहसास हुआ कि इतना निजी सवाल नहीं पूछना चाहिए था।… पता नहीं कैसे तो गुजारा कर रहा होगा बेचारा ! बच्चों के नाम पर बूढ़े ने एक बार नजर उठाकर जरूर देखा और फिर सिर झुकाकर ऐसे काम में लग गया जैसे कुछ सुना ही न हो।
“बच्चे ! हाँ पुत्तर…” बूढ़ा इतना ही बोल पाया कि उर्मि का मोबाइल बज उठा। वह फिर बोला, “आपका …!”
1.उर्मि क्या काम करती थी?
(क) अध्यापिका
(ख) डॉक्टर
(ग) अखबार में खबरें लाने का काम
(घ) वकील
उत्तर- (ग) अखबार में खबरें लाने का काम
2. ऑटो अचानक क्यों रुक गया?
(क) पेट्रोल खत्म हो गया था
(ख) ऑटो में खराबी आ गई थी
(ग) रास्ता बंद था
(घ) चालक उतरना चाहता था
उत्तर– (ख) ऑटो में खराबी आ गई थी
3. बूढ़ा ऑटो चालक अपने काम के बारे में क्या कहता है?
उत्तर– वह कहता है कि वह चालीस साल से ऑटो चला रहा है और उसके हर पुर्जे से परिचित है।
4. ऑटो रुकने पर उर्मि की क्या स्थिति हुई?
उत्तर– गरमी और घुटन से वह पसीने-पसीने हो गई और चिंता में बूढ़े से ऑटो ठीक होने के बारे में पूछने लगी।
5. बूढ़े के बच्चों का जिक्र होने पर उसने कैसी प्रतिक्रिया दी?
उत्तर– उसने एक बार नजर उठाई, फिर सिर झुकाकर काम में लग गया, मानो उसने कुछ सुना ही न हो।
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उर्मि चौंकी और मोबाइल को कान से सटाकर फुटपाथ पर चढ़ती हुई बात करने लगी, “आ रही हूँ बाबा ! हाँ भई हाँ ! शास्त्री नगर में हूँ… ऑटो खराब हो गया है…. नहीं-नहीं, वह ठीक कर रहा है।” अंतिम शब्द उसने बहुत धीमे-से कहे।
कुछ देर की आशा-निराशा के बाद ऑटो स्टार्ट हो ही गया। ऑटो को स्टार्ट होते देख उर्मि जल्दी से उछलकर पिछली सीट पर बैठ गई। कुछ देर ऑटो को ठीक-ठाक चलते देख, बूढ़ा बोलने लगा, “दो लड़के हैं, पहला तो शादी होते ही अलग हो गया, मैंने सोचा, चलो छोटेवाला तो साथ है पर वह तो और भी चालाक निकला, एक प्लॉट था उसके बिकते ही पठ्ठे ने हमारा सामान बाँध दिया… मुझे ही पता है कि कैसे इज्जत बचाई…” इतना कहते-कहते उसकी आँखें नम होती चली गईं। आवाज अवरुद्ध होती जा रही थी।
“तो अभी बिलकुल अकेले हो ?”
“हाँ पुत्तर, घरवाली को मरे चार साल हो गए हैं… बस बेटी है तुम्हारी उम्र की होगी, वो चक्कर लगा लेती है हफ्ते-पंद्रह दिन में। बेटी का मन नहीं मानता ! बेचारी वह भी अकेली कमाने वाली है। उसके आदमी के पास भी काम नहीं है।” बूढ़ा धीमे-धीमे बोल रहा था और आखिरी शब्द तक बिलकुल ऊर्जाहीन हो चुका था मानो आगे नहीं बोल पाएगा।
कुछ देर वे चुप्पी में बँध गए।
बूढ़ा फिर धीर-धीरे बोलने लगा, “मैं किसी को दोष नहीं देता… सब किस्मत का खेल है ! दस साल का था मैं, जब लाहौर से दिल्ली आया था …. बाऊ जी ताँगा चलाते थे। यहाँ भी ताँगा ले लिया और जिंदगी भर वही चलाते रहे ।”…
यकायक एक तीखा-कर्कश स्वर गूँजा। खड़ख-खड़खड़ …. और झटके के साथ ऑटो रुक गया।
“ओफ्फ ओ ! अब क्या हुआ ?” बूढ़ा झुंझलाया।
1.बूढ़े के बड़े बेटे ने क्या किया था?
(क) वह पिता के साथ रहने लगा
(ख) शादी के बाद अलग हो गया
(ग) पिता का व्यवसाय संभाल लिया
(घ) विदेश चला गया
उत्तर- (ख) शादी के बाद अलग हो गया
2. बूढ़े की पत्नी को मरे कितने वर्ष हो चुके थे?
(क) दो वर्ष
(ख) तीन वर्ष
(ग) पाँच वर्ष
(घ) चार वर्ष
उत्तर– (घ) चार वर्ष
3. बूढ़ा किसे अपनी हालत का कारण मानता है?
(क) अपने बच्चों को
(ख) समाज को
(ग) किस्मत को
(घ) अपने काम को
उत्तर- (ग) किस्मत को
4. बूढ़े की बेटी के बारे में क्या बताया गया है?
उत्तर– उसकी एक बेटी है जो समय-समय पर उससे मिलने आती है और स्वयं ही घर चलाने वाली है।
5. बूढ़ा लाहौर से दिल्ली कब आया था?
उत्तर– वह लगभग दस वर्ष की उम्र में अपने पिता के साथ लाहौर से दिल्ली आया था।
Maharashtra State Board Class 10 Hindi Lesson 2 डिनर बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions)
1.कहानी की शुरुआत किस महीने से होती है?
(क) जुलाई
(ख) अगस्त
(ग) सितंबर
(घ) जून
उत्तर– (ख) अगस्त
2. बारिश के बाद वातावरण कैसा हो गया था?
(क) ठंडा
(ख) सुहावना
(ग) सीला और चिपचिपा
(घ) धूल भरा
उत्तर– (ग) सीला और चिपचिपा
3. उर्मि कहाँ जाना चाहती थी?
(क) करोल बाग
(ख) रोहिणी
(ग) द्वारका
(घ) जनकपुरी
उत्तर- (ख) रोहिणी
4. बूढ़ा व्यक्ति क्या था?
(क) दुकानदार
(ख) बस चालक
(ग) ऑटो चालक
(घ) चौकीदार
उत्तर- (ग) ऑटो चालक
5. उर्मि कहाँ काम करती थी?
(क) स्कूल में
(ख) बैंक में
(ग) अस्पताल में
(घ) अखबार में
उत्तर- (घ) अखबार में
6. बूढ़े के कितने बेटे थे?
(क) दो
(ख) एक
(ग) तीन
(घ) चार
उत्तर- (क) दो
7. बूढ़े का कौन हाल-चाल लेने आता था?
(क) बेटा
(ख) पड़ोसी
(ग) दोस्त
(घ) बेटी
उत्तर- (घ) बेटी
8. ‘डिनर’ शीर्षक का अर्थ क्या दर्शाता है?
(क) भूख
(ख) परिवार का प्रेम और साथ
(ग) होटल
(घ) पार्टी
उत्तर- (ख) परिवार का प्रेम और साथ
9. कहानी का मुख्य संदेश क्या है?
(क) ज्यादा काम न करें
(ख) दूसरों पर भरोसा न करें
(ग) परिवार का सहयोग महत्त्वपूर्ण है
(घ) शहर में रहना कठिन है
उत्तर- (ग) परिवार का सहयोग महत्त्वपूर्ण है
10. उर्मि किस बात को लेकर परेशान थी?
(क) नौकरी और घर दोनों संभालना
(ख) ऑफिस का काम
(ग) बच्चों की पढ़ाई
(घ) यात्रा
उत्तर– (क) नौकरी और घर दोनों संभालना
11. उर्मि का मन रास्ते भर कहाँ लगा था?
(क) ऑफिस में
(ख) बाजार में
(ग) घर पर
(घ) दोस्त के पास
उत्तर- (ग) घर पर
12. उर्मि का स्वभाव कैसा दिखाया गया है?
(क) आलसी
(ख) मेहनती
(ग) लापरवाह
(घ) डरपोक
उत्तर- (ख) मेहनती
13. बूढ़ा किस काम में माहिर था?
(क) खाना बनाने में
(ख) व्यवसाय चलाने में
(ग) पढ़ाने में
(घ) ऑटो ठीक करने में
उत्तर- (घ) ऑटो ठीक करने में
14. डायनिंग टेबल पर क्या रखा था?
(क) किताबें
(ख) फल
(ग) बना हुआ खाना
(घ) बर्तन
उत्तर- (ग) बना हुआ खाना
15. उर्मि ने रसोई देखकर क्या सोचा?
(क) सब साफ है
(ख) खाना बना है
(ग) मेहमान आए हैं
(घ) उसे ही सब करना होगा
उत्तर- (घ) उसे ही सब करना होगा
16. छोटा बच्चा क्या कह रहा था?
(क) खेलना है
(ख) भूख लगी है
(ग) पढ़ना है
(घ) बाहर जाना है
उत्तर– (ख) भूख लगी है
17. दरवाजा खोलने पर बच्चे कैसे दिखे?
(क) खुश
(ख) उदास
(ग) गुस्से में
(घ) सोए हुए
उत्तर– (ख) उदास
18. उर्मि के पति का क्या नाम था?
(क) अरुण
(ख) अनुराग
(ग) अजय
(घ) अनिल
उत्तर- (ख) अनुराग
19. बूढ़ा बचपन में कहाँ से आया था?
(क) लाहौर
(ख) मुंबई
(ग) जयपुर
(घ) अमृतसर
उत्तर– (क) लाहौर
20. रास्ते में ऑटो को क्या हुआ?
(क) पेट्रोल खत्म
(ख) इंजन फेल
(ग) पंचर
(घ) चोरी
उत्तर– (ग) पंचर
Maharashtra State Board Class 10 Hindi डिनर प्रश्न और उत्तर (Extra Question Answers)
1.कहानी की शुरुआत में वातावरण का वर्णन कैसे किया गया है?
उत्तर– कहानी की शुरुआत अगस्त महीने के उमस भरे मौसम से होती है। तेज बारिश के बाद हवा सीली और चिपचिपी हो गई थी। आसमान में काले बादल छाए हुए थे और सड़क पर वाहनों का शोर था। प्रकृति की शांति होते हुए भी शहर का शोर उसे दबा रहा था।
2. उर्मि ऑटो खोजते समय क्यों परेशान हो रही थी?
उत्तर- उर्मि दिन भर काम करके बहुत थकी हुई थी और भारी बैग उठाए ऑटो ढूँढ रही थी। कई ऑटो चालक रोहिणी जाने से मना कर रहे थे। बार-बार इनकार सुनकर वह झुंझला गई थी। उसकी टाँगों में चलने की ताकत भी नहीं बची थी। देर होने की चिंता भी उसे सता रही थी, इसलिए उसकी परेशानी और बढ़ गई।
3. डायनिंग टेबल पर क्या देखकर उर्मि हैरान रह गई?
उत्तर– जब उसने लाइट जलाई, तो डायनिंग टेबल पर बना हुआ खाना रखा था। डोंगे और केसरोल में भोजन देखकर वह भौचक्की रह गई। उसे विश्वास नहीं हुआ कि परिवार ने मिलकर खाना बना लिया है। उसकी सारी गलतफहमियाँ उसी पल दूर हो गईं।
4. दरवाजा खुलने पर उर्मि ने क्या देखा?
उत्तर– दरवाजा खुलते ही उसने अपने पति और बच्चों को उदास खड़े देखा। छोटा बच्चा भूख की शिकायत करने लगा। यह देखकर उर्मि को लगा कि सच में किसी ने खाना नहीं बनाया। उसकी झुंझलाहट और बढ़ गई और उसने सोचा कि अब सारा काम उसे ही करना होगा।
5. रास्ते में ऑटो पंचर होने पर उर्मि के मन में क्या विचार आए?
उत्तर– ऑटो पंचर होने पर उर्मि को घर की चिंता सताने लगी। उसे लगा कि पति और बच्चे भूखे होंगे और उसे ही खाना बनाना पड़ेगा। वह सोचने लगी कि कामकाजी महिलाओं को नौकरी के साथ घर की जिम्मेदारियाँ भी निभानी पड़ती हैं।
6. बूढ़े चालक के पारिवारिक जीवन के बारे में क्या पता चलता है?
उत्तर– बूढ़े के दो बेटे थे, लेकिन दोनों ने उसे छोड़ दिया। बड़ा बेटा शादी के बाद अलग हो गया और छोटे ने संपत्ति बिकते ही उसे घर से निकाल दिया। उसकी पत्नी की मृत्यु हो चुकी थी। केवल उसकी बेटी थी जो कभी-कभी मिलने आती थी। इससे बूढ़े के अकेलेपन का दुख सामने आता है।
7. ऑटो खराब होने पर उर्मि की क्या स्थिति थी?
उत्तर- ऑटो खराब होने पर उर्मि घबरा गई क्योंकि उसे पहले ही देर हो रही थी। गरमी और घुटन के कारण वह पसीने से तर हो गई। उसे चिंता थी कि घर पर लोग उसका इंतजार कर रहे होंगे। फिर भी वह बूढ़े चालक के पास खड़ी रही और ऑटो ठीक होने की उम्मीद करती रही।
8. कहानी का मुख्य संदेश क्या है?
उत्तर– कहानी का मुख्य संदेश है कि हमें बिना पूरी सच्चाई जाने दूसरों के बारे में नकारात्मक सोच नहीं बनानी चाहिए। परिवार का प्रेम और सहयोग जीवन को सरल बनाता है। साथ ही, हमें बुजुर्गों की भावनाओं को समझना चाहिए और कामकाजी महिलाओं की जिम्मेदारियों को समझना चाहिए।
9. ‘डिनर’ शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए।
उत्तर- ‘डिनर’ केवल भोजन नहीं, बल्कि परिवार के प्रेम और सहयोग का प्रतीक है। उर्मि को लगा था कि उसे ही खाना बनाना होगा, लेकिन परिवार ने मिलकर उसकी जिम्मेदारी बाँट ली। यह शीर्षक कहानी के भावनात्मक अंत को बताता है और पारिवारिक एकता का संदेश देता है।
10. बूढ़े ऑटो चालक का जीवन हमें क्या सीख देता है?
उत्तर– बूढ़े का जीवन हमें धैर्य, मेहनत और परिस्थितियों को स्वीकार करने की सीख देता है। परिवार से उपेक्षा मिलने के बावजूद वह हार नहीं मानता और काम करता रहता है। उसका सकारात्मक दृष्टिकोण हमें सिखाता है कि कठिनाइयों में भी साहस बनाए रखना चाहिए।