PSEB Class 10 Hindi Chapter 10 Nurse (नर्स) Question Answers (Important) 

 

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PSEB Class 10 Chapter 10 Nurse Textbook Questions

 

(क) विषय-बोध

I. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक या दो पंक्तियों में दीजिए-

(1) महेश कितने साल का था?
उत्तर – महेश छ: साल का था।

(2) महेश कहाँ दाखिल था?
उत्तर – महेश अस्पताल में दाखिल था।

(3) अस्पताल में मुलाकातियों के मिलने का समय क्या था?
उत्तर – अस्पताल में मुलाकातियों से मिलने का समय शाम चार से छः बजे तक का था।

(4) वार्ड में कुल कितने बच्चे थे?
उत्तर – वार्ड में कुल बारह बच्चे थे।

(5) सात बजे कौन सी दो नसें वार्ड में आई?
उत्तर – सात बजे मरीडा और मांजरेकर नाम की दो नर्से वार्ड में आई।

(6) महेश किस सिस्टर से घुल मिल गया था ?
उत्तर – महेश सिस्टर सूसान से घुल-मिल गया था।

(7) महेश को अस्पताल से कितने दिन बाद छुट्टी मिली ?
उत्तर – महेश को तेरह दिन बाद अस्पताल से छुट्टी मिली।

II. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर तीन-चार पंक्तियों में दीजिए-

(1) सरस्वती की परेशानी का क्या कारण था ?
उत्तर – सरस्वती का बेटा महेश अस्पताल में दाखिल था। क्योंकि उसका ऑप्रेशन हुआ था। सरस्वती जब उससे मिलने अस्पताल आई थी। तो उसका बेटा उससे लिपटकर रो रहा था। वह सरस्वती को वहाँ से जाने नहीं दे रहा था। सरस्वती ने बेटे को समझने को बहुत कोशिश की परन्तु बेटा सरस्वती की कोई बात सुनने को तैयार नहीं हो रहा था। बेटे का इस प्रकार रोना और उसे अस्पताल में इस तरह छोड़ना सरस्वती की परेशानी का कारण था।

(2) सरस्वती ने नौ नम्बर बैड वाले बच्चे से क्या मदद मांगी ?
उत्तर – सरस्वती को नौ नम्बर बैड वाला बच्चा ज्यादा समझदार और थोड़ा बड़ा लग रहा था। वह शायद दस वर्ष का था। उसी ने सरस्वती को बताया था कि जब महेश को होश आया था तो वह माँ-माँ रट लगाए रो रहा था। सरस्वती ने उसे पास बुलाकर कहा कि वह उसके बेटे महेश से बातें करें, उसे कोई कहानी आदि सुनाए ताकि वह वहाँ से बाहर जा सके। लड़के ने सरस्वती की बात मान ली और उसकी मदद को तैयार हो गया। वह महेश के पास जाकर बात करने लगा और इसी बीच सरस्वती वहाँ से निकल कर बाहर आ गई।

(3) सिस्टर सूसान ने महेश को अपने बेटे के बारे में क्या बताया ?
उत्तर – जब सिस्टर सूसान को नौ नंबर वाले लड़के ने महेश के बारे में बताया था तो उसने महेश को अच्छा महसूस करवाने के लिए बताया कि उसका बेटा भी उसी की तरह रोता है। वह बहुत शैतान है। उसका नाम भी महेश है। वह अभी बहुत छोटा है। वह केवल तीन महीने का है। उसने महेश को यह भी बताया कि बच्चों का ध्यान रखने वाली महिला उससे जब खेलती है या गाना गाती है तो वह खुशी से हाथ-पैर ऊपर-नीचे करने लगता है जैसे नाच रहा हो। महेश के पूछने पर वह उसे बताती है कि उसके बेटे को अभी बोलना नहीं आता। इसलिए वह अभी अंगू-अंगू ……गू, गूं…. बोलता है। फिर वह अपने बेटे की तरह इशारे करने लगती है। जिससे महेश खुश हो जाता है।

(4) दूसरे दिन महेश ने माँ को घर जाने की इजाज़त खुशी-खुशी कैसे दे दी ?
उत्तर – दूसरे दिन महेश ने अपनी माँ को घर जाने की इजाज़त खुशी-खुशी दे दी थी क्योंकि सिस्टर सूसान ने उसे अपने बेटे के रोने की बात कही थी जिससे महेश ने अपनी माँ के बारे में सोचा और उसे अपनी छोटी बहन मोना के रोने की चिंता हुई। जिसे उसकी माँ पास वाले राजू के घर छोड़कर आई थी। वह नहीं चाहता था कि उसकी बहन रोए और उसके रोने से माँ को सुसान की तरह कष्ट पहुंचे।

(5) सरस्वती द्वारा सिस्टर सूसान को गुलदस्ता और उसके बबलू के लिए गिफ्ट पेश करने पर सिस्टर सूसान ने क्या कहा?
उत्तर – सरस्वती द्वारा सिस्टर सूसान को गुलदस्ता और उसके बबलू के लिए गिफ्ट देने पर सिस्टर सूसान ने रंगबिरंगे फूलों वाला गुलदस्ता तो ले लिया पर अपने बबलू के लिए गिफ्ट नहीं लिया। क्योंकि उसकी न तो अभी शादी हुई थी और न ही उसकी कोई संतान थी। उसने तो महेश को बहलाने के लिए झूठ ही कहा था कि उसका छोटा-सा बबलू है। इसलिए उसने वह गिफ्ट किसी ऐसी महिला को देने के लिए कहा जिसका कोई बबलू हो।

III. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर छह-सात पंक्तियों में दीजिए-

(1) सिस्टर सूसान का चरित्र-चित्रण अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर – सिस्टर सूसान ‘नर्स’ कहानी की दूसरी प्रमुख पात्र है। जो कहानी को एक नई दिशा देती है। आधी से ज्यादा कहानी उसी के इर्द-गिर्द घूमती है।
मेहनती – सिस्टर सूसान एक बहुत ही मेहनती नर्स है। वह बच्चों का सभी से तापमान रिकॉर्ड करती है और फिर सभी को दवाई और सूप भी पिलाती है।
ईमानदार – सिस्टर सूसान अपना काम पूरी ईमानदारी से करती है। वह सभी बच्चों का अच्छे से ध्यान रखती है और सभी को एक सामान प्यार करती है। इसका प्रमाण तब मिलता है जब वह वार्ड में आती है और सभी बच्चों के चेहरे पर उसे देखकर मुस्कान आ जाती है। वह ईमानदार है, यदि ऐसा न होता तो महेश की माँ से उपहार भी ले सकती थी लेकिन उसने ऐसा नहीं किया।
सरल हृदय वाली – सूसान सरल हृदय वाली नारी है। वह अस्पताल के बच्चों को एक माँ के समान प्यार करती है। उसमें स्थितियों को समझने और उसके अनुसार स्वयं को ढालने की शक्ति है।
ममतामयी नारी – सिस्टर सूसान का चरित्र ममतामयी नारी का चरित्र है। वह अस्पताल के बच्चों को एक माँ के समान प्यार करती है। बच्चों को कहानी सुनाती है। बच्चों से बातें करती है।
बाल मनोविज्ञान ज्ञाता – वह बाल मनोविज्ञान को समझती है। वह महेश को रोता देख उसकी पीड़ा को समझकर उसकी मनोव्यथा को दूर करने की पूरी कोशिश की है। वह महेश को खुश करने के लिए अपने बच्चे की झूठी कहानी बनती है। जो महेश पर असर करती है और वह 13 दिन आराम से अस्पताल में रहता है।

(2) नर्स कहानी का उद्देश्य अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर – नर्स कहानी का उद्देश्य यह समझना है कि नर्सिंग केवल एक व्यवसाय, पेशा या करियर नहीं है बल्कि मानवता की सेवा है। नर्स अस्पताल का एक ऐसा हिस्सा होती है, जिसे अस्पताल से अलग नहीं देखा जा सकता। इन्हीं विशेषताओं पर कहानी के द्वारा प्रकाश डाला गया है कि किस प्रकार नर्स सूसान बच्चों को चिकित्सा के अतिरिक्त अपनी ममता, स्नेह, दुलार तथा प्रेम से भरी बातचीत से कैसे बच्चों का दिल जीत लेती है। माँ न होते हुए भी उन्हें माँ की कमी महसूस नहीं होने देती। कहानी का उद्देश्य नर्स के सेवाभाव और ममत्व को रोगी के हितों के लिए प्रस्तुत करना है। इसके साथ कहानीकार ने एक बच्चे के मनोभावों तथा माँ के हृदय की पीड़ा को बड़े ही अद्भुत शब्दों में प्रस्तुत किया है।

(ख) भाषा-बोध

I. निम्नलिखित पंजाबी गद्याशों का हिंदी में अनुवाद कीजिए-

(1) ਅੱਠ ਵਜੇ ਸਿਸਟਰ ਸੁਸਾਨ ਦੇ ਵਾਰਡ ਵਿੱਚ ਆਉਂਦੇ ਹੀ ਕਈ ਬੱਚਿਆਂ ਦੇ ਚਿਹਰੇ ਤੇ ਮੁਸਕਾਨ ਛਾ ਗਈ। ਇਕ ਤੋਂ ਨੌ ਨੰਬਰ ਵਾਲੇ ਬੱਚੇ ਤਾਂ ਉਸਦੇ ਸੁਆਗਤ ਲਈ ਬਿਸਤਰ ਤੋਂ ਉੱਠ ਕੇ ਬੈਠ ਗਏ। ਸਿਸਟਰ ਨੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਵਲ ਹੱਥ ਹਿਲਾਇਆ।
उत्तर – आठ बजे सिस्टर सूसान के वार्ड में आते ही कई बच्चों के चेहरे पर मुस्कान छा गई। एक से नौ नंबर वाले बच्चे तो उसका स्वागत करने के लिए बिस्तर से उठकर बैठ गए। सिस्टर ने उनकी तरफ हाथ हिलाया।

(2) ਰੰਗ ਬਿਰੰਗ ਸੁੰਦਰ ਫੁੱਲਾਂ ਵਾਲਾ ਇਹ ਗੁਲਦਸਤਾ ਤਾਂ ਮੈਂ ਖੁਸ਼ੀ ਨਾਲ ਲੈ ਰਹੀ ਹਾਂ ਬਾਕੀ ਇਹ ਗਿਫਟ ਕਿਸੀ ਇਹੋ ਜਿਹੀ ਔਰਤ ਨੂੰ ਦੇ ਦੇਣਾ ਜਿਸਦਾ ਕੋਈ ਬਬਲੂ ਹੋਏ। ਮੇਰਾ ਤਾਂ ਕੋਈ ਬਬਲ ‘ਹੈ ਹੀ ਨਹੀਂ।ਮੈਂ ਤਾਂ ਹਾਲੇ ਤਕ ਸ਼ਾਦੀ ਹੀ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਹੈ।
उत्तर – रंग बिरंगे सुंदर फूलों वाला यह गुलदस्ता तो मैं खुशी से ले रही हूँ। शेष यह गिफ्ट किसी ऐसी औरत को देना जिसका कोई बबलू हो। मेरा तो कोई बबलू है ही नहीं। मैंने तो अभी तक शादी ही नहीं की है।

(ग) रचनात्मक अभिव्यक्ति

(2) ‘नर्सिंग क्षेत्र के अतिरिक्त और किस-किस क्षेत्र में मानव सेवा के भाव जिंदा है कक्षा में इसकी चर्चा कीजिए ।
उत्तर – नर्सिंग के अतिरिक्त आज के युग में अन्य बहुत से ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ मानव-सेवा भाव जिंदा है जैसे-विभिन्न प्रकार के समाज सेवी कार्य, अध्यापन का कार्य , पुलिस व् फौजी, कृषक आदि। समाज सेवी दल मानवों के ही हित के लिए नहीं बल्कि पशु-पक्षियों के लिए भी कार्य करते हैं। आवारा पशुओं को आवास देते हैं। खाना देते हैं। अध्यापक देश के भावी भविष्य को सही राह दिखाने में अहम् योगदान देते हैं। पुलिस व् फौजी जैसे जवानों के द्वारा हम अपनी आजादी का पूरा मजा ले सकते हैं। कृषि ऐसा क्षेत्र है जो अपने साथ-साथ सभी के भरण-पोषण का ख्याल रखता है।

(3) अस्पताल के किसी वार्ड का वर्णन कीजिए।
उत्तर – मैंने सरकारी अस्पताल के बारे में बहुत कुछ सकारात्मक और नकारात्मक बातें सुनी थी। परन्तु एक बार मैंने सामान्य वार्ड को तब देखा था, जब मैं अपने पिता के साथ, उनके एक दोस्त को देखने , उनके साथ अस्पताल गई थी। उस सामान्य वार्ड में लगभग बीस रोगी लेटे हुए थे। सब जगह एक जैसे बिस्तर व् कम्बल थे। समय-समय कोई डॉक्टर भी मरीजों को देखने आ रहे थे और नर्स भी दवाइयों व् जानकारियों का पूरा ध्यान रख रही थी। हर रोगी के साथ दो-तीन लोग थे, जो एक नकारात्मक बात थी, क्योंकि इससे वहाँ जगह भरी हुई लग रही थी। और गर्मी के कारण सबका बुरा हाल था। वह स्थान रोगियों के लिए वार्ड नहीं लग रहा था। प्रशासन को थोड़े और कड़े कानून बनाने की आवश्यकता है।

(4) ‘नर्स होना चुनौतीपूर्ण वचनबद्धता है’ इस विषय पर अनुच्छेद लिखिए।
उत्तर – नर्स होना वास्तव में ही चुनौतीपूर्ण वचनबद्धता है। कोई भी स्वस्थ होने पर अस्पताल नहीं आता, प्राय: सभी रोगी कष्ट की स्थिति में ही अस्पताल में भर्ती होते हैं। उनके साथ वहाँ आए लोग कानून नहीं समझते और मरीज के साथ रुकने की जिद्द करते हैं। वे परेशान होते हैं। परन्तु अस्पताल के अपने नियम होते हैं जो मरीजों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बनाए जाते हैं। नर्स को रोगी की सहायता और देखरेख भी करनी होती है तो उसके साथ आए लोगों को समझाना भी पड़ता है। उसे सब से अच्छे से व्यवहार करना पड़ता है। साथ ही साथ सभी को समय पर दवाई देनी होती है, उनके आवश्यक टेस्ट कराने होते हैं। कहीं-कहीं देखा जाता है कि परिजन नर्स की बातों को बुरा मान लेते हैं। स्वयं कष्ट में होने पर भी नर्स को सभी के साथ मीठी भाषा में बात करनी पड़ती है। निश्चित रूप से यह कार्य बिलकुल भी आसान नहीं है।

PSEB Class 10 Hindi Lesson 10 नर्स गद्यांश आधारित प्रश्न (Extract Based Questions)

निम्नलिखित गद्याँशों को ध्यान पूर्वक पढ़िए व प्रश्नों के उत्तर दीजिए-

1 –
छह साल के नन्हे से बेटे को सरस्वती कैसे समझाए कि वह उसके पास अस्पताल में नहीं रह सकती। अस्पताल के क़ायदे से बेख़बर नन्हा तो माँ से रोता हुआ बस यही रट लगाए रहा, “मत जाओ मम्मी, प्लीज़ तुम मत जाओ।”
सरस्वती एक लंबी साँस लेकर बेटे के पलंग के पास रखे स्टूल पर बैठ गई। बेटे के गालों पर हाथ फिराकर कहने लगी, “देखो बेटे, वार्ड में कितने बच्चे हैं, किसी की मम्मी है उनके पास ?”
महेश अपने नन्हे तन को कसमसाता बोला, “भले ही किसी की भी मम्मी न हो पर मैं आपको नहीं जाने दूँगा।”
सरस्वती परेशान हो गई। उसे दो बार कहा जा चुका है कि समय पूरा हो गया है, अब आप जाइए। जब वह चार बजे वार्ड में दाखिल हुई तो महेश माँ को देखते ही तड़प-तड़पकर रो उठा था। उसे दिलासा देने के लिए ही बोलना पड़ा था कि अब वह घर नहीं जाएगी, पर जाना तो था ही वार्ड में कुल बारह बच्चे थे। दूसरे सभी बच्चों के पास आए हुए मुलाकाती छह बजते-बजते जा चुके थे, और सवा छह बज जाने पर भी वह यहीं बैठी थी। सरस्वती की घूमती निगाहों ने देखा, सभी बच्चे महेश को ही ताक रहे हैं। कुछ देर पहले ही नौ नंबर बेड वाला बच्चा बताकर गया था कि ऑपरेशन के बाद होश में आते ही महेश मम्मी… मम्मी पुकारता जोर-जोर से चिल्लाया था। सरस्वती को ख़याल आया, नौ नंबर वाला बच्चा समझदार और दूसरे बच्चों से बड़ा, शायद 10 वर्ष का होगा। शायद वही उसकी मदद कर सके इसलिए उसके पास जाकर बोली, “बेटे, तुम आकर महेश से थोड़ी देर बातें करो तो मैं यहाँ से खिसक जाऊँ।”

प्रश्न 1 – सरस्वती का बेटा कितने साल का था ?
(क) दो
(ख) चार
(ग) छः
(घ) तीन
उत्तर – (ग) छः

प्रश्न 2 – बच्चा रो-रो कर क्या ज़िद्द कर रहा था ?
(क) अस्पताल से घर जाने की
(ख) माँ को अस्पताल में रुके रहने की
(ग) बच्चों के साथ खेलने की
(घ) अस्पताल से घर न जाने की
उत्तर – (ख) माँ को अस्पताल में रुके रहने की

प्रश्न 3 – सरस्वती कितने बजे वार्ड में दाखिल हुई?
(क) छः
(ख) पांच
(ग) चार
(घ) तीन
उत्तर – (ग) चार

प्रश्न 4 – वार्ड में कुल कितने बच्चे थे?
(क) बारह
(ख) चौदह
(ग) तरह
(घ) ग्यारह
उत्तर – (क) बारह

प्रश्न 5 – ऑपरेशन के बाद होश में आते ही महेश क्या चिल्लाया ?
(क) मम्मी-मम्मी
(ख) पापा-पापा
(ग) क्राइस्ट
(घ) हे ईश्वर
उत्तर – (क) मम्मी-मम्मी

2 –
पौने सात बजे ख़ामोश वार्ड में केवल पाँच नंबर वाले महेश की हिचकी भरी मम्मी-मम्मी की रट सुनाई दे रही थी। इस वक्त अक्सर वायुमंडल में गहरी उदासी छाई रहती। चुपचाप बैठे हुए बच्चे वार्ड में आते-जाते डॉक्टर, नर्स, वार्ड ब्वॉय व मेहतरानी को देख शायद इसी सोच में डूब जाते कि फिर 24 घंटों के बाद अपने घरवालों का मुँह देख सकेंगे।
सात बजे मरींडा व मांजरेकर नाम की दो नसें वार्ड में आई। मरीजों के बिस्तर ठीक करती आपस में धीरे-धीरे बातचीत करती हुई जैसे ही चार नंबर बिस्तर पर पहुँची तब मरींडा ने मांजरेकर से कहा, “देखो, कैसे इस बच्चे ने अपना मुँह चादर में छुपा लिया है। रोज शाम को छह बजे जैसे ही इसके पिता मिलकर जाते हैं वैसे ही यह बच्चा चद्दर में मुँह छुपाकर रोना शुरू कर देता है।”
मांजरेकर बोली, “इट्स सैड ।”
चौथे नंबर का बिस्तर सही करती मरींडा बच्चे से बोली, “देखो, तुम्हारा पलंग कितनी अच्छी जगह पर रखा हुआ है, खिड़की के पास अरे, खिड़की के बाहर तो देखो, आसमान दिख रहा है।” और उसने उसके मुँह से चद्दर हटा दी। बच्चे ने नैपकिन उठाकर आँखें पोंछों और मरींडा का कहा मानकर खिड़की के बाहर देखने लगा।
पाँच नंबर का बिस्तर ठीक करते हुए मांजरेकर ने कहा, “यह बच्चा तो मम्मी को पुकारता हुआ इतना रोया है कि मन ही विचलित हो गया। देखो न अभी भी कैसे काँप रहा है।”

प्रश्न 1 – किस वक्त अक्सर अस्पताल के वायुमंडल में गहरी उदासी छाई रहती थी?
(क) पौने छः बजे
(ख) पौने सात बजे
(ग) पौने आठ बजे
(घ) पौने नौ बजे
उत्तर – (ख) पौने सात बजे

प्रश्न 2 – चुपचाप बैठे हुए बच्चे वार्ड में आते-जाते डॉक्टर, नर्स, वार्ड ब्वॉय व मेहतरानी को देख शायद इसी सोच में डूब जाते कि फिर _____ घंटों के बाद अपने घरवालों का मुँह देख सकेंगे।
(क) 14
(ख) 12
(ग) 24
(घ) 18
उत्तर – (ग) 24

प्रश्न 3 – मरींडा व मांजरेकर नाम की दो नसें क्या करती हुई आपस में धीरे-धीरे बातचीत कर रही थी ?
(क) मरीजों के बिस्तर ठीक करती हुई
(ख) मरीजों को दवाई देती हुई
(ग) मरीजों को सूप पिलाती हुई
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (क) मरीजों के बिस्तर ठीक करती हुई

प्रश्न 4 – मांजरेकर को कौन सी बात सुनकर बुरा लगा ?
(क) पांच नंबर बिस्तर वाला बच्चा अपने पिता को याद करते हुए चादर में छुप कर रोता है
(ख) नौ नंबर बिस्तर वाला बच्चा अपने पिता को याद करते हुए चादर में छुप कर रोता है
(ग) चार नंबर बिस्तर वाला बच्चा अपने पिता को याद करते हुए चादर में छुप कर रोता है
(घ) एक नंबर बिस्तर वाला बच्चा अपने पिता को याद करते हुए चादर में छुप कर रोता है
उत्तर – (ग) चार नंबर बिस्तर वाला बच्चा अपने पिता को याद करते हुए चादर में छुप कर रोता है

प्रश्न 5 – किस बिस्तर का बच्चा मम्मी को पुकारता हुआ इतना अधिक रोया है कि सबका मन ही विचलित हो गया?
(क) पाँच नंबर
(ख) तीन नंबर
(ग) नौ नंबर
(घ) दो नंबर
उत्तर – (क) पाँच नंबर

 

PSEB Class 10 Hindi Lesson 10 नर्स बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions)

प्रश्न 1 – सरस्वती अस्पताल में किसके पास थी?
(क) अपने पोते महेश
(ख) अपने बेटे महेश
(ग) अपने बेटे रमेश
(घ) अपने नाती महेश
उत्तर – (ख) अपने बेटे महेश

प्रश्न 2 – महेश कितने साल का था ?
(क) दो
(ख) पांच
(ग) चार
(घ) छः
उत्तर – (घ) छः

प्रश्न 3 – दूसरे सभी बच्चों से मिलने आए उनके रिश्तेदार छह बजते-बजते जा चुके थे, और ————- बज जाने पर भी सरस्वती वहीं महेश के पास बैठी थी।
(क) पौने छह
(ख) सवा छह
(ग) साढ़े छह
(घ) सवा सात
उत्तर – (ख) सवा छह

प्रश्न 4 – सरस्वती ने किसे सुझाव दिया कि अब वह महेश को कोई कविता या कहानी सुनाए, तब तक वह अस्पताल से निकल जाएगी?
(क) नौ नंबर बेड वाले बच्चे से
(ख) चार नंबर बेड वाले बच्चे से
(ग) एक नंबर बेड वाले बच्चे से
(घ) पांच नंबर बेड वाले बच्चे से
उत्तर – (क) नौ नंबर बेड वाले बच्चे से

प्रश्न 5 – चुपचाप बैठे हुए बच्चे वार्ड में किसे आते-जाते देखते थे ?
(क) डॉक्टर, नर्स
(ख) नर्स, वार्ड ब्वॉय
(ग) सफाई करने वाली महिला
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (घ) उपरोक्त सभी

प्रश्न 6 – चार नंबर बिस्तर वाला बच्चा किसे याद करके रोता रहता था ?
(क) अपनी माँ को
(ख) अपने पिता को
(ग) अपने भाई को
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (ख) अपने पिता को

प्रश्न 7 – कौन सा बच्चा चद्दर में मुँह छुपाकर रोना शुरू कर देता था?
(क) चार नंबर बिस्तर वाला बच्चा
(ख) नौ नंबर बिस्तर वाला बच्चा
(ग) एक नंबर बिस्तर वाला बच्चा
(घ) पांच नंबर बिस्तर वाला बच्चा
उत्तर – (क) चार नंबर बिस्तर वाला बच्चा

प्रश्न 8 – चौथे नंबर का बिस्तर ठीक करते हुए मरींडा ने उस बच्चे को अच्छा महसूस करवाने के लिए क्या कहा ?
(क) उसका पलंग बहुत अच्छी जगह पर रखा हुआ है
(ख) उसका पलंग बिलकुल खिड़की के पास में
(ग) खिड़की से बाहर देखने पर आसमान भी दिखता है
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (घ) उपरोक्त सभी

प्रश्न 9 – मांजरेकर के द्वारा कहे गए शब्द कि ‘मरने तक का समय नहीं होता’ का क्या अर्थ है ?
(क) वे बहुत काम करते हैं
(ख) उन्हें बहुत सताया जाता है
(ग) वे बहुत ज्यादा व्यस्त होते हैं
(घ) उन्हें कोई काम नहीं होता
उत्तर – (ग) वे बहुत ज्यादा व्यस्त होते हैं

प्रश्न 10 – वार्ड में बच्चों के लिए किस तरह का इंतजाम था?
(क) बारह पलंग और हर पलंग के पास एक छोटी-सी अलमारी, जिसे साइड टेबल की तरह भी प्रयोग में लिया जाता था। उस छोटी अलमारी के ऊपर पर पानी का गिलास व जग रखा होता था।
(ख) सब बच्चों के बिस्तर बिलकुल एक जैसे थे, हर बिस्तर पर जिस दिशा में बच्चे सोते थे, वहां भूरे रंग का कंबल एक ही तरीके से लिपटा हुआ था।
(ग) कोई भी किसी से अलग नहीं था, सभी बारहों बच्चे ही एक जैसे लग रहे थे।
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (घ) उपरोक्त सभी

प्रश्न 11 – किसके आने पर कई बच्चों के चेहरे पर मुस्कान छा गई?
(क) सिस्टर सुसान के
(ख) सिस्टर मांजरेकर के
(ग) सिस्टर मरींडा के
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (क) सिस्टर सुसान के

प्रश्न 12 – नौ नंबर बेड वाले बच्चे ने ऑपरेशन के बाद किसको याद किया था ?
(क) अपने पिता को
(ख) अपनी माँ को
(ग) ईश्वर (ईसा मसीह) को
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (ग) ईश्वर (ईसा मसीह) को

प्रश्न 13 – सिस्टर सुसान महेश का दिल बहलाने के लिए किसकी बात सुनाती है ?
(क) अपनी शादी की
(ख) अपने बचपन की
(ग) अपने पिता की
(घ) अपने बेटे की
उत्तर – (घ) अपने बेटे की

प्रश्न 14 – सिस्टर सूसान के वार्ड में आते ही बच्चों के चेहरे पर _______ छा जाती थी।
(क) मुस्कान
(ख) पीड़ा
(ग) घबराहट
(घ) नींद
उत्तर – (क) मुस्कान

प्रश्न 15 – सात बजे वार्ड में कितनी नर्से आईं?
(क) तीन
(ख) एक
(ग) दो
(घ) कोई भी नहीं
उत्तर – (ग) दो

प्रश्न 16 – बेटे के पलंग तक पहुँचते-पहुँचते सरस्वती के किस तरह के विचारों की लम्बी पंक्तियों ने समय को लंबा कर दिया था।
(क) उसके बेटे ने उसके बिना रात कैसे बिताई होगी
(ख) आज वह उसे किस तरह छोड़कर आ पाएगी
(ग) कल उसे अस्पताल में अपने बेटे को रोता हुआ ही छोड़कर आना पड़ा था
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (घ) उपरोक्त सभी

प्रश्न 17 – दूसरे दिन सरस्वती को लग रहा था कि महेश आज भी रोएगा परन्तु आज महेश ने उसे _______ जाने को कहा।
(क) खुशी-ख़ुशी
(ख) रोते-रोते
(ग) जल्दी-जल्दी
(घ) घबराते हुए
उत्तर – (क) खुशी-ख़ुशी

प्रश्न 18 – सरस्वती ने सुसान की तुलना किससे की?
(क) ईश्वर
(ख) मदर टेरेसा
(ग) सोनपरी
(घ) माँ
उत्तर – (ग) सोनपरी

प्रश्न 19 – “पति बहुत ईर्षालु होते हैं।” यह किसका कथन था ?
(क) सिस्टर सुसान के
(ख) सिस्टर मांजरेकर के
(ग) सिस्टर मरींडा के
(घ) सरस्वती के
उत्तर – (क) सिस्टर सुसान के

प्रश्न 20 – सुसान में अपने बबलू के लिए सरस्वती द्वारा लाया गया उपहार क्यों नहीं लिया?
(क) क्योंकि उसका कोई बेटा ही नहीं था
(ख) क्योंकि वह सरस्वती से उपहार नहीं लेना चाहती थी
(ग) क्योंकि वह उपहार उसे अच्छा नहीं लगा
(घ) क्योंकि वह बाद में लेने चाहती थी
उत्तर – (क) क्योंकि उसका कोई बेटा ही नहीं था

PSEB Class 10 Hindi नर्स प्रश्न और उत्तर (Extra Question Answers)

प्रश्न 1 – सरस्वती की परेशानी का क्या कारण था?
उत्तर – सरस्वती को समझ में नहीं आ रहा था कि वह अपने छह साल के छोटे से बेटे को किस तरह समझाए कि वह उसके पास अस्पताल में नहीं रह सकती। अस्पताल के नियमों से अनजान उसका छोटा सा बच्चा तो उससे रोता हुआ बस बार-बार उसे छोड़ कर न जाने की विनती कर रहा था। बच्चे के बार-बार कहने पर सरस्वती भी एक लंबी साँस लेकर बेटे के पलंग के पास रखे हुए स्टूल पर बैठ गई। और बेटे के गालों पर हाथ फिरते हुए समझाने लगी कि वार्ड में और भी तो कितने सारे बच्चे हैं, क्या उन में से किसी की मम्मी उनके पास रुकी हुई है? परन्तु महेश अपने छोटे से शरीर को अकड़ाता हुआ बोला कि चाहे किसी की भी मम्मी वहाँ न हो पर उसे नहीं जाने देगा। महेश की जिद्द से सरस्वती परेशान हो गई थी।

प्रश्न 2 – सरस्वती ने अस्पताल से बाहर जाने की क्या तरकीब निकाली ?
उत्तर – अस्पताल वाले सरस्वती को दो बार कह चुके थे कि मरीज से मिलने का उसका समय पूरा हो गया है, अब वह बाहर जाए। महेश के वार्ड में कुल बारह बच्चे थे। दूसरे सभी बच्चों से मिलने आए उनके रिश्तेदार छह बजते-बजते जा चुके थे, और सवा छह बज जाने पर भी सरस्वती वहीं महेश के पास बैठी थी। सरस्वती ने जब इधर-उधर निगाहें दौड़ा के देखा, तो उसने पाया कि सभी बच्चे महेश को ही देखे जा रहे थे। सरस्वती को कुछ देर पहले ही नौ नंबर बेड वाला बच्चा बताकर गया था कि ऑपरेशन के बाद जैसे ही महेश को होश आया था, महेश जोर-जोर से “मम्मी… मम्मी” पुकारता हुआ चिल्लाया था। सरस्वती को याद आया कि वह नौ नंबर वार्ड वाला बच्चा समझदार है और दूसरे बच्चों से थोड़ा बड़ा भी है। वह शायद 10 साल का होगा। सरस्वती को लगा कि शायद अब वही बच्चा उसकी मदद कर सकता है इसलिए वह उसके पास जाकर बोली कि वह महेश के पास आकर थोड़ी देर बातें करें। जिससे मौक़ा देखकर वह महेश को बिना बताए चुपके से अस्पताल से बाहर जा सके।

प्रश्न 3 – नौ नंबर वाला बच्चा महेश को कैसे समझाने की कोशिश कर रहा था ?
उत्तर – वार्ड में नौ नंबर वाला बच्चा महेश को समझाने की कोशिश कर रहा था कि यदि वह ज्यादा चिल्लाएगा तो उसे ज्यादा दर्द होगा। परन्तु महेश उसकी किसी भी बात को नहीं सुन रहा था। वह सिर्फ बार-बार मम्मी-मम्मी ही पुकार रहा था। वार्ड में नौ नंबर वाले बच्चे को अचानक याद आया कि महेश की मम्मी ने उसे महेश को कहानी सुनाने के लिए कहा था, इसलिए वह महेश से कहने लगा कि यदि वह रोना बंद करेगा तो वह उसे एक कहानी सुनाएगा। परन्तु महेश ने बड़ी रुष्टता से जवाब दिया कि उसे कोई कहानी नहीं सुननी। परेशान हो कर दो-चार मिनट बाद ही नौ नंबर वाला बच्चा वापिस अपने बिस्तर पर चला गया।

प्रश्न 4 – मरींडा व मांजरेकर नाम की दो नसें वार्ड में क्या बात कर रही थी?
उत्तर – जैसे ही सात बजे मरींडा व मांजरेकर नाम की दो नर्सें वार्ड में आई। वे मरीजों के बिस्तर ठीक करते हुए आपस में धीरे-धीरे बातचीत कर रही थी और जैसे ही वे चार नंबर बिस्तर पर पहुँची तब मरींडा ने मांजरेकर से कहा कि इस चार नंबर बिस्तर वाले बच्चे ने अपना मुँह चादर में छुपा रखा है। यह रोज शाम को अपने पिता से मिलता है और छह बजे जैसे ही वे चले जाते हैं, वैसे ही यह बच्चा चद्दर में मुँह छुपाकर रोना शुरू कर देता है। यह सुनकर मांजरेकर को बहुत बुरा लगा। पाँच नंबर का बिस्तर ठीक करते हुए मांजरेकर ने उस बिस्तर पर लेटे बच्चे के बारे में मरींडा को बताया कि वह बच्चा तो मम्मी को पुकारता हुआ इतना रोया था कि सभी का मन विचलित हो गया था। मांजरेकर की बातें सुनकर मरींडा कहने लगी कि उन्हें रोज़ इन बच्चों के पास बैठकर प्यार और अपनेपन से बातें करनी चाहिए। मांजरेकर ने कहा कि अस्पताल में तो उन्हें मरने तक का समय नहीं होता अर्थात अस्पताल में वे बहुत ज्यादा व्यस्त होते हैं, वे इन बच्चों के साथ बैठकर बातें करने का समय कैसे निकाल सकतीं हैं।

प्रश्न 5 – चौथे नंबर के बिस्तर वाले बच्चे को अच्छा महसूस करवाने के लिए मरींडा ने क्या किया ?
उत्तर – चौथे नंबर का बिस्तर ठीक करते हुए मरींडा उस बच्चे को अच्छा महसूस करवाने के लिए वह बच्चे से कहती है कि उसका पलंग बहुत अच्छी जगह पर रखा हुआ है, बिलकुल खिड़की के पास में। और खिड़की से बाहर देखने पर आसमान भी दिखता है। उसे चादर हटा कर बाहर देखना चाहिए। और ऐसा कहते हुए उसने बच्चे के मुँह से चद्दर हटा दी। बच्चे ने भी रुमाल उठाकर आँखें पोछी और मरींडा का कहना मानकर खिड़की के बाहर देखने लगा।

प्रश्न 6 – वार्ड किस तरह का था ?
उत्तर – वार्ड में बारह पलंग और हर पलंग के पास एक छोटी-सी अलमारी, जिसे साइड टेबल की तरह भी प्रयोग में लिया जाता था। उस छोटी अलमारी के ऊपर पानी का गिलास व जग रखा होता था। सब बच्चों के बिस्तर बिलकुल एक जैसे थे, हर बिस्तर पर जिस दिशा में बच्चे सोते थे, वहां भूरे रंग का कंबल एक ही तरीके से लिपटा हुआ था। कोई भी किसी से अलग नहीं था, सभी बारह बच्चे ही एक जैसे लग रहे थे।

प्रश्न 7 – सिस्टर सुसान के वार्ड में आने पर क्या हुआ ?
उत्तर – जैसे ही आठ बजे सिस्टर सुसान वार्ड में आई, कई बच्चों के चेहरे पर मुस्कान छा गई। एक और नौ नंबर वाले बच्चे तो उसके स्वागत के लिए बिस्तर पर उठकर बैठ गए थे। सिस्टर ने भी उनकी ओर हाथ हिलाया और फिर सभी बच्चों का तापमान देख कर, उसकी जानकारी इकठ्ठा करती हुई सभी को दवा की खुराक पिलाने लगी।

प्रश्न 8 – नौ नंबर बेड वाले बच्चे ने सुसान को क्या बताया ? और सुसान ने क्या प्रतिक्रिया दी ?
उत्तर – सूसान जब नौ नंबर बेड के पास पहुँची, तो उस पर लेटा बच्चा सिस्टर सूसान से कहने लगा कि जो बच्चा पाँच नंबर पर है, वह सारा दिन मम्मी मम्मी कहकर रोया है। अपने बारे में वह कहता है कि जिस दिन उसका ऑपरेशन हुआ था उसने तो ईश्वर (ईसा मसीह) को याद किया था। अर्थात उसे समझ नहीं आ रहा था कि महेश ईश्वर को याद करने के बजाए अपनी माँ को क्यों याद कर रहा है ? सिस्टर सूसान ने उसे एक कैप्सूल और गोली दी और उसे समझाया कि पाँच नंबर अर्थात महेश अपनी माँ को ही क्राइस्ट अर्थात ईश्वर समझता होगा। यह बात नौ नंबर बाले बच्चे को समझ नहीं आई। सुसान ने आठ नंबर वाले बिस्तर की तरफ बढ़ते हुए नौ नंबर वाले बच्चे को अभी के लिए गुड नाइट कहा और दिलासा दिया कि वह उसे बाद में समझाएगी।

प्रश्न 9 – सुसान ने महेश को कैसे अच्छा महसूस करवाया ?
उत्तर – सिस्टर सुसान सभी बच्चों को दवाई देते हुए पाँच नंबर बेड पर पहुँची। टेबल पर दवाइयों की ट्रे रख कर उन्होंने थर्मामीटर उठाते हुए महेश से कहा की कोई-कोई बच्चा उन्हें बहुत तंग करता है। परंतु वह तो उसे अच्छा बच्चा लग रहा है, वह तो उन्हें तंग नहीं करेगा न ! सूसान ने फिर से महेश से बात करते हुए उसका नाम पूछा। और अपने बेटे का नाम भी महेश ही बताया। और कहा की वह बहुत छोटा सा है। जितनी महेश की बाँह है ना, बस वह उतना ही है। वह सिर्फ तीन महीने का है, और सुसान को बहुत परेशान करता है। सूसान, महेश का हाथ अपने हाथ में ले लेती है और बताती है कि अभी जब वह अस्पताल आ रही थी , तब उसका बेटा बहुत रोया। वह अपने बेटे को बच्चे संभालने वाली महिला की गोदी में देकर अस्पताल चली आई। सूसान की बातें सुनकर महेश सूसान के छोटे बेटे बबलू की हरकतों का अंदाजा लगाते हुए पूछ बैठता है कि वह और क्या करता है? सूसान महेश को सूप पिलाती हुई अपने बेटे के बारे में उसे और बताती है कि बोलना तो उसे आता ही नहीं है, फिर भी न जाने कैसी-कैसी आवाजें निकालता है और गाल फुलाता है। सूसान अपने गालों को फुलाती हुई बबलू की नकल करते हुए उसकी जैसी आवाजें निकालने की कोशिश करने लगी। सुसान की हरकतों को देखते हुए महेश को हँसी आ गई।

प्रश्न 10 – दूसरे दिन सरस्वती क्या सोच-विचार कर रही थी ?
उत्तर – दूसरे दिन शाम के चार बजते ही सरस्वती अस्पताल के गेट तक पहुँच गई। पिछले कल उसके बेटे महेश का ऑपरेशन सफल हुआ था, इस बात की उसे संतुष्टि तो थी, परंतु उसके बेटे ने उसके बिना रात कैसे बिताई होगी, यह सोचते ही वह घबरा गई। क्योंकि पिछले दिन उसे अस्पताल में अपने बेटे को रोता हुआ ही छोड़कर आना पड़ा था। आज वह उसे किस तरह छोड़कर आ पाएगी, यह सोचते ही उसके माथे पर पसीना निकल आया। अर्थात वह परेशान हो गई। बेटे के पलंग तक पहुँचते-पहुँचते उसके विचारों की लम्बी पंक्तियों ने समय को मानो लंबा कर दिया था। अर्थात आज उसे अस्पताल के गेट से महेश के पलंग तक पहुँचने में अधिक समय लगा।

प्रश्न 11 – दूसरे दिन महेश के व्यवहार में क्या अंतर् आया ?
उत्तर – दूसरे दिन सरस्वती ने महेश को प्यार करते हुए उसका हाल पूछा। महेश ने भी माँ के गले में अपनी बाँहें डालते हुए माँ का स्वागत किया और अपने पापा के बारे में पूछा। माँ ने उसे बताया कि उसके पापा भी थोड़ी देर में आ जाएँगे। फिर महेश अपनी माँ से सवाल करने लगा कि जब वह उसके पास आ रही थीं तो क्या उसकी छोटी बहन मोना रो रही थी ? सरस्वती ने लंबी साँस छोड़ते हुए नहीं में उत्तर दिया और कहा कि वह उसे पास वाले राजू के घर छोड़कर आई है। वो उसे खेल खिलाते हैं इसलिए वह नहीं रोती। इस पर महेश अपनी बहन मोना को अच्छी बताता है। जो उसकी माँ उसे छोड़कर आई। तब भी वह नहीं रोई परंतु महेश सिस्टर सूसान का बेटे के बारे में सरस्वती को बताता है। छह बजे जब परिचितों के जान का समय हुआ और सभी जाने लगे, तब सरस्वती का मन घबराने लगा। वह स्टूल से उठते हुए महेश को प्यार करती हुई बोली कि छह बज गए हैं, अब वह जा रही है। महेश ने भी उसे जल्दी जाने को कहा और मोना को राजू के घर से जल्दी ले आने को कहा। कहने का अभिप्राय यह है कि सरस्वती को लग रहा था कि महेश आज भी रोएगा परन्तु आज महेश ने उसे खुशी-ख़ुशी जाने को कहा।

प्रश्न 12 – 13 दिन बाद जब महेश घर आया तो उसने क्या-क्या किया ?
उत्तर – 13 दिन बाद महेश को जब अस्पताल से छुट्टी मिली, तो वह घर आकर अपनी छोटी बहन मोना और पड़ोस के दोस्तों से ऐसे मिला जैसे न जाने कितने वर्षों बाद घर लौटा हो। सारा दिन ख़ुशी से बिताते हुए वह शाम होते-होते यह भी भूल चुका था कि वह 13 दिन बाद अस्पताल से घर आया है।

प्रश्न 13 – सरस्वती को सुसान से मिलने से पहले कैसा महसूस हो रहा था ?
उत्तर – सरस्वती ना तो अस्पताल को भूली थी और ना ही उस सिस्टर सूसान को जिसने उसके बेटे को अस्पताल में माँ की कमी महसूस नहीं होने दी थी। उसने सुसान से मिलने का सोचा। अस्पताल जाते हुए ऐसे अजीब सी ख़ुशी महसूस हो रही थी। बारह दिन से जिस स्त्री के प्रति उसके दिल में आभार भरा था, आज उसके सामने पहुँच कर वह अपने मन की भावना उसे कैसे बताएगी? वह उससे कैसे बात करेगी, क्या बोलेगी, वह इसी उलझन में थी। वह सोच रही थी कि वह उसे कहेगी कि उसका दया भाव के लिए धन्यवाद। या वह बोलेगी, कि उसकी जिंदगी हमेशा रोशन रहे। या वह उससे कहेगी कि वह उस मौसम की तरह है जिसमें हर जगह फूलों से भर जाती है। उसके आँगन में हमेशा फूल खिलते रहें। अर्थात सरस्वती सुसान के सामने अपनी ख़ुशी और उसका आभार व्यक्त करने के लिए शब्दों का चयन नहीं कर पा रही थी।

प्रश्न 14 – सरस्वती को सुसान के बारे में चौकाने वाली क्या बात पता चली ?
उत्तर – सरस्वती ने सिस्टर सुसान को फूलों का गुच्छा दिया और उसके बेटे बबलू के लिए गिफ़्ट भी दिया। सूसान ने सरस्वती से कहा कि वह रंग-बिरंगे सुंदर फूलों वाला गुलदस्ता तो ख़ुशी से ले रही है। बाक़ी यह जो गिफ़्ट लाई है वह किसी ऐसी स्त्री को दे , जिसका कोई बबलू हो। क्योंकि उसका तो कोई बबलू है ही नहीं, उसने तो अभी शादी भी नहीं की है। अर्थात सुसान ने केवल महेश को अच्छा महसूस करवाने के लिए अपनी शादी और बेटे की झूठी कहानी सुनाई थी।