PSEB Class 9 Hindi Chapter 7 Panch Parmeshwar (पंच परमेश्वर) Question Answers (Important)
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- Panch Parmeshwar Textbook Questions
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- Panch Parmeshwar Multiple Choice Questions
- Panch Parmeshwar Extra Question Answers
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PSEB Class 9 Chapter 7 Panch Parmeshwar Textbook Questions
अभ्यास
(क) विषय-बोध
1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक या दो पंक्तियों में दीजिये-
प्रश्न 1 – जुम्मन शेख की गाढ़ी मित्रता किसके साथ थी?
उत्तर – जुम्मन शेख की गाढ़ी मित्रता अलगू चौधरी के साथ थी।
प्रश्न 2 – रजिस्ट्री के बाद जुम्मन का व्यवहार ख़ाला के प्रति कैसा हो गया था?
उत्तर – रजिस्ट्री के बाद जुम्मन का व्यवहार ख़ाला के प्रति बहुत अधिक निष्ठुर हो गया था। वह ख़ाला का थोड़ा भी ध्यान नहीं रखता था।
प्रश्न 3 – ख़ाला ने जुम्मन को क्या धमकी दी?
उत्तर – ख़ाला ने जुम्मन को पंचायत में जाने की धमकी दी।
प्रश्न 4 – बूढ़ी ख़ाला ने पंच किसको बनाया था?
उत्तर – बूढ़ी ख़ाला ने पंच अलगू चौधरी को बनाया था।
प्रश्न 5 – अलगू के पंच बनने पर जुम्मन को किस बात का पूरा विश्वास था?
उत्तर – अलगू के पंच बनने पर जुम्मन को पूरा विश्वास था कि फैसला उसी के पक्ष में होगा।
प्रश्न 6 – अलगू ने अपना फैसला किसके पक्ष में दिया?
उत्तर – अलगू के अपना फैसला बूढ़ी मौसी के पक्ष में दिया।
प्रश्न 7 – एक बैल के मर जाने पर अलगू ने दूसरे बैल का क्या किया?
उत्तर – एक बैल के मर जाने पर अलगू ने दूसरे बैल को समझू साहू को बेच दिया।
प्रश्न 8 – समझू साहू ने बैल का कितना दाम चुकाने का वादा किया?
उत्तर – समझू साहू ने बैल का दाम डेढ़ सौ रुपये चुकाने का वादा किया था।
प्रश्न 9 – पंच परमेश्वर की जय-जयकार किस लिए हो रही थी?
उत्तर – पंच परमेश्वर की जय-जयकार इसलिए हो रही थी क्योंकि अलगू चौधरी की ही तरह जुम्मन ने निष्पक्ष रूप से फैसला सुनाया था।
2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर तीन-चार पंक्तियों में दीजिये-
प्रश्न 1 – जुम्मन और उसकी पत्नी द्वारा ख़ाला की ख़ातिरदारी करने का क्या कारण था?
उत्तर – जुम्मन और उसकी पत्नी इसलिए खाला की खातिरदारी कर रहे थे क्योंकि ख़ाला के पास कुछ जायदाद थी। क्योंकि ख़ाला का कोई निकट संबंधी भी नहीं था इसलिए वे दोनों उस जायदाद को अपने नाम करना चाहते थे। अंत में जुम्मन ने ख़ाला को बड़े-बड़े वादे करके वह जायदाद अपने नाम भी करवा ली थी।
प्रश्न 2 – बूढ़ी ख़ाला ने पंचों से क्या विनती की?
उत्तर – ख़ाला ने बड़े ही विनम्र भाव से पंचों से कहा कि तीन वर्ष पहले उसने अपनी सारी जायदाद अपने भानजे जुम्मन के नाम लिख दी थी। इसके बदले जुम्मन ने उम्र भर उसे रोटी, कपड़ा देने का वादा किया था। उसने साल भर जुम्मन के परिवार के साथ किसी तरह रो-धोकर दिन बिताए हैं। परन्तु अब उससे जुम्मन के साथ नहीं रहा जाता क्योंकि न वह पेट भर भोजन देता है और न ही तन ढकने को कपड़ा देता है। वह विधवा कचहरी नहीं जा सकती। इसलिए वह पंचों के फैसले पर पूर्ण विश्वास रखते हुए उनसे न्याय की विनती करती है।
प्रश्न 3 – अलगू ने पंच बनने के झमेले से बचने के लिए बूढ़ी ख़ाला से क्या कहा?
उत्तर – अलगू जुम्मन का मित्र था। दोनों में गहरी दोस्ती थी। वह अपनी दोस्ती को सरपंच बनकर बिगाड़ना नहीं चाहता था। इसलिए उसने बूढी ख़ाला से कहा कि वह जानती है कि उसकी जुम्मन से पक्की दोस्ती है।
प्रश्न 4 – अलगू चौधरी ने अपना क्या फैसला सुनाया?
उत्तर – अलगू चौधरी ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि दोनों पक्षों की बातें सुन कर यह न्यायसंगत है कि बूढ़ी ख़ाला को हर महीने खर्च दिया जाए। ख़ाला की जायदाद से इतना लाभ अवश्य ही होता है कि महीने का खर्च दिया जा सके। यदि जुम्मन को यह फैसला नामंजूर हो तो संपत्ति की वह रजिस्ट्री रद्द समझी जाए जिसमें ख़ाला ने अपनी जायदाद जुम्मन के नाम कर दी थी।
प्रश्न 5 – अलगू चौधरी से खरीदा हुआ समझू साहू का बैल किस कारण मरा?
उत्तर – समझू साहू ने अलगू चौधरी से बैल खरीदा और उसे अपनी इक्का गाड़ी में खूब जोतने लगा। पहले जहाँ वह दिन में सामान का केवल एक चक्कर लगाता था, अब वह तीन-तीन, चार-चार चक्कर लाने लगा। बैल के चारे तथा पानी की तरफ उनका कोई ध्यान नहीं था। भोजन, पानी के अभाव में और अधिक परिश्रम से बैल कमज़ोर होता जा रहा था। एक दिन अधिक बोझ उठाने के कारण वह रास्ते में ही गिर पड़ा और मर गया।
प्रश्न 6 – सरपंच बनने पर भी जुम्मन शेख अपना बदला क्यों नहीं ले सका?
उत्तर – सरपंच बनने पर जुम्मन शेख अपना बदला इसलिए नहीं ले सका क्योंकि जब वह सरपंच बना तो उनके दिल में सरपंच के उच्च स्थान की ज़िम्मेदारी का भाव उत्पन्न हो गया। उसे एहसास हुआ कि उनके मुख से निकलने वाला प्रत्येक वाक्य देव-वाक्य होगा। ऐसे में उसके मन में बुरे विचारों का कदापि समावेश नहीं होना चाहिए। ये सभी बातें उनके मन में घर कर गई जिस कारण मौका होते हुए भी वह अलगू से अपना बदला नहीं ले पाया।
प्रश्न 7 – जुम्मन ने क्या फैसला सुनाया?
उत्तर – जुम्मन ने अलगू के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा कि जब समझू ने अलगू से बैल खरीदा था, उस समय बैल एकदम स्वस्थ था। यदि उसी समय बैल के दाम दे दिए होते तो आज यह दिन न देखना पड़ता, बैल की मृत्यु बीमारी से न होकर, अत्यधिक परिश्रम व् भोजन-पानी के आभाव से हुई है। अतः समझू साहू को अलगू को बैल की कीमत देनी ही होगी। और बैल के साथ की गई क्रूरता की सज़ा से माफ़ी अलगू पर निर्भर करेगी।
प्रश्न 8 – ‘मित्रता की मुरझाई हुई लता फिर हरी हो गई’-इस वाक्य का क्या अभिप्राय है?
उत्तर – इस वाक्य का अभिप्राय है कि जुम्मन और अलगू की मित्रता जो दुश्मनी की कड़वाहट से मुरझा गई थी वह अब मन-मुटाव समाप्त हो जाने के बाद फिर से दोस्ती में बदल गईं। दोनों के दिलों में एक-दूसरे के प्रति जो ग़लत फहमियाँ थीं वे दूर हो गईं। इसलिए प्यार और विश्वास से मित्रता रूपी लता फिर से हरी हो गई।
3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर छह-सात पंक्तियों में दीजिये-
प्रश्न 1 – ‘पंच परमेश्वर’ कहानी का क्या उद्देश्य है?
उत्तर – ‘पंच परमेश्वर’ कहानी को एक आदर्शवादी कहानी कहा जा सकता है। इस कहानी के द्वारा लेखक ने समाज की उस धारणा को प्रस्तुत करना चाहा है जिसके अनुसार पंच में परमेश्वर का वास कहा जाता है। माना जाता है कि पंच के मुख से निकलने वाला प्रत्येक वाक्य एवं शब्द परमात्मा का शब्द होता है। पंच की कुर्सी पर बैठने वाला व्यक्ति न तो किसी का दोस्त होता है और न ही किसी का दुश्मन होता है। वह तो केवल न्याय का हितैषी होता है। उसके मन में स्वयं ही न्याय तथा अपने कर्तव्य के पालन की चिंता आ जाती है। अतः स्पष्ट है कि कहानी का उद्देश्य हमें न्याय संगत बनाना तथा किसी भी परिस्थिति में स्वार्थी न बनकर निष्पक्ष भाव से रहने तथा निर्णय लेने को कहती है।
प्रश्न 2 – अलगू, जुम्मन और ख़ाला में से आपको कौन-सा पात्र अच्छा लगा और क्यों?
उत्तर – अलगू, जुम्मन और ख़ाला में से मुझे अलगू अच्छा लगा क्योंकि ‘पंच परमेश्वर’ कहानी में वह एक ऐसा पात्र है जो अन्य पात्रों से एक दम अलग है। वह एक सच्चा मित्र है। उसमें कर्त्तव्य का पालन तथा अपने उत्तरदायित्व को निभाने की पूर्ण योग्यता है। उसे मित्र धर्म का पालन करना तो आता है लेकिन कर्त्तव्य के रास्ते में वह दोस्ती की परवाह न करते हुए फैसला बूढी ख़ाला के पक्ष में सुनाता है। वह अपने अधिकारों को भी जानता है। इसलिए झगड़ा न करते हुए, वह अपने बैल की कीमत समझू साहू से लेने के लिए पंचायत तक करता है। वह अपने गुणों तथा कर्मों के कारण इस कहानी का एक आदर्श पात्र है।
प्रश्न 3 – दोस्ती होने पर भी अलगू ने जुम्मन के खिलाफ फैसला क्यों दिया और दुश्मनी होने पर भी जुम्मन ने अलगू के पक्ष में फैसला क्यों दिया?
उत्तर – अलगू चौधरी कहानी में जुम्मन शेख का पक्का मित्र है किंतु जब वह न्याय करने के लिए सरपंच चुन लिया जाता है तो वह दोस्ती को पीछे रखकर सरपंच के कर्त्तव्य का पालन करता है। वह निष्पक्ष भाव से फैसला बूढ़ी ख़ाला के पक्ष में सुना देता है। जब से अलगू ने जुम्मन के विरोध में फैसला सुनाया तब से दोनों में मनमुटाव बढ़ता जाता है और जुम्मन इसका बदला लेना चाहता था। एक दिन जब वह अलगू और समझू साहू के झगड़े का निपटारा करने के लिए सरपंच बना तो पहले उसने अपना बदला लेने का मौका सोचा परन्तु सहसा उसे सरपंच के पद तथा कर्त्तव्य का ज्ञान हो आया। वह सोचने लगा कि सरपंच के मुख से निकलने वाला प्रत्येक वाक्य देववाणी के समान होता है। अत: वह सत्य के पथ से तनिक भी नहीं हटेगा। अन्ततः जुम्मन ने निष्पक्ष भाव से फैसला अलगू के पक्ष में फैसला सुना दिया।
प्रश्न 4 -अलगू के पंच बनने पर जुम्मन के प्रसन्न होने और जुम्मन के पंच बनने पर अलगू के निराश होने का क्या कारण था?
उत्तर – बूढ़ी ख़ाला तथा जुम्मन शेख के झगड़े का निपटारा करने के लिए जब बूढी ख़ाला ने अलगू चौधरी को सरपंच चुना तो जुम्मन बहुत खुश हो रहा था, क्योंकि अलगू चौधरी जुम्मन शेख का पक्का मित्र था। अब उसे पूर्ण विश्वास हो गया था कि फैसला उसी के पक्ष में आएगा। परन्तु कहानी के अंत में जब जुम्मन समझू साहू और अलगू चौधरी के झगड़े का निपटारा करने के लिए सरपंच चुना गया तो अलगू चौधरी इसलिए निराश हो गए क्योंकि उन्होंने पहले जुम्मन के विरोध में फैसला सुनाया था। उन्हें महसूस हो रहा था कि आज जुम्मन अवश्य ही उनसे बदला लेगा और फैसला समझू साहू के पक्ष में सुनाएगा।
(ख) भाषा-बोध
1. निम्नलिखित तत्सम शब्दों के तद्भव रूप लिखिए-
| तत्सम – | तद्भव | तत्सम – | तद्भव |
| मुख – | ____________ | गृह – | ____________ |
| पंच – | ____________ | मृत्यु – | ____________ |
| मित्र – | ____________ | संध्या – | ____________ |
| ग्राम – | ____________ | मास – | ____________ |
| उच्च – | ____________ | निष्ठुर – | ____________ |
उत्तर –
तत्सम – तद्भव
मुख – मुँह
पंच – पाँच
मित्र – मीत
ग्राम – गाँव
उच्च – ऊँचा
गृह – घर
मृत्यु – मौत
संध्या – शाम
मास – महीना
निष्ठुर – निठुर
2. विराम चिह्न
प्रेमचंद ने ठीक ही कहा है, “खाने और सोने का नाम जीवन नहीं है। जीवन नाम है सदैव आगे बढ़ते रहने की लगन का।”
उपर्युक्त वाक्य में हिंदी विराम चिह्नों में से ‘उद्धरण चिह्न’ का प्रयोग हुआ है।
किसी के द्वारा कहे गए कथन या किसी पुस्तक की पंक्ति या अनुच्छेद को ज्यों का त्यों उद्धृत करते समय दुहरे उद्धरण चिह्न का प्रयोग होता है।
पूर्ण विराम तथा अल्प विराम पिछली कक्षाओं में करवाए गए हैं।
निम्नलिखित वाक्यों में उपयुक्त स्थान पर उचित विराम चिह्न लगाएँ-
- जुम्मन ने क्रोध से कहा अब इस वक्त मेरा मुँह न खुलवाओ
- खाला ने कहा बेटा क्या बिगाड़ के डर से ईमान की बात न कहोगे
- अलगू बोले खाला तुम जानती हो कि मेरी जुम्मन से गाड़ी दोस्ती है।
- उन्होंने पान इलायची हुक्के तंबाकू आदि का प्रबंध भी किया था।
उत्तर –
- जुम्मन ने क्रोध से कहा, “अब इस वक्त मेरा मुँह न खुलवाओ”।
- ख़ाला ने कहा, “बेटा क्या बिगाड़ के डर से ईमान की बात न कहोगे?”
- अलगू बोले, “ख़ाला तुम जानती हो कि मेरी जुम्मन से गाढ़ी दोस्ती है”।
- उन्होंने पान, इलायची, हुक्के-तंबाकू आदि का प्रबंध भी किया था।
3. निम्नलिखित मुहावरों के अर्थ समझकर इनका अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए-
| मुहावरा | – अर्थ | वाक्य |
| मौत से लड़कर आना | मृत्यु न होना | ________________________ |
| कमर झुककर कमान होना | बूढ़ा हो जाना | ________________________ |
| दुःख के आँसू बहाना | दुःख के कारण रोना | ________________________ |
| मुँह न खोलना | चुप रहना | ________________________ |
| रात दिन का रोना | दुःखी रहना | ________________________ |
| राह निकालना | युक्ति निकालन | ________________________ |
| हुक्म सिर माथे पर चढ़ाना | बात मानना | ________________________ |
| मुंह खुलवाना | बात उगलवाना | ________________________ |
| कन्नी काटना | बचना | ________________________ |
| ईमान बेचना | बेईमान होना | ________________________ |
| मन में कोसना | मन में बुरा भला कहना | ________________________ |
| जड़ खोदना | बात को बार-बार कुरेदना | ________________________ |
| सन्नाटे में आना | स्तब्ध या सुन्न हो जाता | ________________________ |
| दूध का दूध पानी का पानी | पूरा-पूरा न्याय करना | ________________________ |
| जड़ हिलाना | नष्ट करना | ________________________ |
| तलवार से ढाल मिलना | शत्रुता के भाव से मिलना | ________________________ |
| आठों पहर खटकना | हमेशा बुरा लगना | ________________________ |
| मन लहराना | खुशी होना | ________________________ |
| लाले पड़ना | मुश्किल में पड़ना | ________________________ |
| मोल तोल करना | कीमत तय करना | ________________________ |
| लहू सूखना | अत्यधिक डर लगना | ________________________________ |
| नींद को बहलाना | जाग-जाग कर रात काटना | ________________________ |
| हाथ धो बैठना | गंवा बैठना | ________________________ |
| कलेजा धक्-धक् करना | व्याकुल होना | ________________________ |
| फूले न समाना | अत्यंत प्रसन्न होना | ________________________ |
| गले लिपटना | आलिंगन करना | ________________________ |
| मैल धुलना | दुश्मनी खत्म होना | ________________________ |
उत्तर –
| मुहावरा | अर्थ | वाक्य |
| मौत से लड़कर आना | मृत्यु न होना | जुम्मन अपनी ख़ाला को ताना मारते हुए कहता था कि वह मौत लड़कर आई है। |
| कमर झुककर कमान होना | बूढ़ा हो जाना | गाँव-गाँव घूमने के कारण बूढ़ी ख़ाला की कमर झुककर कमान हो गई थी। |
| दुःख के आँसू बहाना | दुःख के कारण रोना | गाँव में शायद ही बिरला ही होगा जिसके सामने खाला ने दुःख के आँसू न बहाए हों। |
| मुँह न खोलना | चुप रहना | अलगू ने कहा कि वह पंचायत में अवश्य आएगा परन्तु अपना मुँह न खोलेगा। |
| रात दिन का रोना | दुःखी रहना | जुम्मन के परिवार का अत्याचार अब बूढ़ी खाला के लिए दिन-रात का रोना हो गया था। |
| राह निकालना | युक्ति निकालना | जुम्मन के परिवार और बूढ़ी खाला के झगड़े को समाप्त करने के लिए पंचायत करने की राह निकाली गई। |
| हुक्म सिर माथे पर चढ़ाना | बात मानना | खाला ने पंचों से कहा कि वह पंचायत के हुक्म को सिर माथे पर चढ़ा लेगी। |
| मुंह खुलवाना | बात उगलवाना | अदालत में वकील तरह-तरह के प्रश्न करके कैदी का मुँह खुलवाना चाहते थे। |
| ईमान बेचना | बेईमान होना | बूढ़ी ख़ाला ने कहा कि दोस्ती के लिए क्या अलगू ईमान बेचना ठीक समझता है। |
| मन में कोसना | मन में बुरा भला कहना | जब बूढ़ी ख़ाला ने अलगू चौधरी को सरपंच चुना तो राम धन और जुम्मन के अन्य विरोधी लोग उसे मन ही मन कोसने लगे। |
| जड़ खोदना | बात को बार-बार कुरेदना | जुम्मन को हैरानी थी कि अलगू उसकी जड़ क्यों खोद रहा है। |
| सन्नाटे में आना | स्तब्ध या सुन्न हो जाना | अलगू को अपने विरोध में फैसला सुनने के बाद जुम्मन सन्नाटे में आ गया। |
| दूध का दूध पानी का पानी | पूरा-पूरा न्याय करना | अलगू ने अपना फैसला सुनाकर दूध का दूध पानी का पानी कर दिया। |
| जड़ हिलाना | नष्ट करना | अलगू के विरोध के बाद जुम्मन ने अलगू की जड़ हिलाने की ठान ली थी। |
| तलवार से ढाल मिलना | शत्रुता के भाव से मिलना | पंचायत के बाद जब जुम्मन और अलगू मिलते थे तो वे ऐसे मिलते थे जैसे तलवार से ढाल मिल रही हो। |
| आठों पहर खटकना | हमेशा बुरा लगना | जायदाद मिलने लाने पर खाला अब जुम्मन के परिवार को आठों पहर खटकने लगी थी। |
| मन लहराना | खुशी होना | पंचायत का फैसला सुनने पर खाला के मन में लहरा उठ गई। |
| लाले पड़ना | मुश्किल में पड़ना | नेता जी को एक-एक खेप के लाले पड़ रहे थे। |
| मोल तोल करना | कीमत तय करना | बैल को खरीदने के लिए अलगू ने खूब मोल-तोल किया। |
| लहू सूखना | अत्यधिक डर लगना | जुम्मन को सरपंच जानकार अलगू का लहू सूख गया था। |
| नींद को बहलाना | जाग-जाग कर रात काटना | मार्ग में बैल के मर जाने के कारण समझू साहू अपनी नींद को बहला रहे थे। |
| हाथ धो बैठना | गंवा बैठना | रात में सो जाने के कारण समझू साहू को धन की थैली से हाथ धो बैठना पड़ा। |
| कलेजा धक्-धक् करना | व्याकुल होना | डाकुओं के देख सबका कलेजा धक्-धक् करने लगा था। |
| फूले न समाना | अत्यंत प्रसन्न होना | जुम्मन को फैसला अपने पक्ष में सुनाता देखकर अलगू फूला न समा रहा था। |
| गले लिपटना | आलिंगन करना | अपनी गलती का अहसास होने पर जुम्मन अपने मित्र अलगू के गले लिपट गया। |
| मैल धुलना | दुश्मनी खत्म होना | जुम्मन और अलगू की आँखों से गिरने वाले आँसुओं ने दोनों के दिलों के मैल को धो दिया। |
PSEB Class 9 Hindi Lesson 7 पंच परमेश्वर सार-आधारित प्रश्न (Extract Based Questions)–
1 –
जुम्मन शेख और अलगू चौधरी में गाड़ी मित्रता थी। साझे में खेती होती थी। कुछ लेन-देन में भी साझा था। एक को दूसरे पर अटल विश्वास था। जुम्मन जब हज करने गए थे, तब अपना घर अलगू को सौंप गए थे और अलगू जब कभी बाहर जाते तो जुम्मन पर अपना घर छोड़ देते थे। उनमें न खान-पान का व्यवहार था, न धर्म का नाता केवल विचार मिलते थे। मित्रता का मूलमंत्र यही है।
जुम्मन शेख की एक बूढ़ी खाला (मौसी ) थी। उसके पास कुछ थोड़ी-सी मिलकियत थी परंतु निकट संबंधियों में कोई न था। जुम्मन ने लंबे-चौड़े वादे करके वह मिलकियत अपने नाम लिखवा ली। जब तक उसकी रजिस्ट्री न हुई थी, तब तक खालाजान का खूब आदर-सत्कार किया गया। हलवे पुलाव की वर्षा सी की गई पर रजिस्ट्री की मोहर ने इन खातिरदारियों पर मुहर लगा दी। जुम्मन की पत्नी करीमन रोटियों के साथ कड़वी बातों के कुछ तेज, तीखे सालन भी देने लगी।
प्रश्न 1 – जुम्मन शेख और अलगू चौधरी में —————– थी।
(क) गाड़ी शत्रुता
(ख) गाड़ी मित्रता
(ग) गाड़ी विश्वसनीयता
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (ख) गाड़ी मित्रता
प्रश्न 2 – जुम्मन शेख और अलगू चौधरी में गाड़ी मित्रता थी। यह कैसे सिद्ध होता है ?
(क) उनकी साझे में खेती होती थी। कुछ लेन-देन में भी साझा था।
(ख) एक को दूसरे पर अटल विश्वास था। जुम्मन जब हज करने गए थे, तब अपना घर अलगू को सौंप गए थे और अलगू जब कभी बाहर जाते तो जुम्मन पर अपना घर छोड़ देते थे।
(ग) उनमें न खान-पान का व्यवहार था, न धर्म का नाता केवल विचार मिलते थे।
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (घ) उपरोक्त सभी
प्रश्न 3 – किसके पास कुछ थोड़ी-सी मिलकियत थी परंतु निकट संबंधियों में कोई न था।
(क) बूढ़ी खाला
(ख) जुम्मन
(ग) अलगू
(घ) समझू
उत्तर – (क) बूढ़ी खाला
प्रश्न 4 – जुम्मन ने लंबे-चौड़े वादे करके अपने नाम क्या लिखवा ली?
(क) अलगू की मिलकियत
(ख) करीमन की मिलकियत
(ग) खाला की मिलकियत
(घ) समझू की मिलकियत
उत्तर – (ग) खाला की मिलकियत
प्रश्न 5 – कब तक खालाजान का खूब आदर-सत्कार किया गया?
(क) जब तक करीमन की मिलकियत जुम्मन के नाम नहीं हो गई
(ख) जब तक अलगू की मिलकियत जुम्मन के नाम नहीं हो गई
(ग) जब तक समझू की मिलकियत जुम्मन के नाम नहीं हो गई
(घ) जब तक खाला की मिलकियत जुम्मन के नाम नहीं हो गई
उत्तर – (घ) जब तक खाला की मिलकियत जुम्मन के नाम नहीं हो गई
2 –
अलगू चौधरी सरपंच हुए। रामधन मिश्र और जुम्मन के दूसरे विरोधियों ने बुढ़िया को मन में बहुत कोसा।
अलगू चौधरी बोले, “शेख जुम्मन ! हम और तुम पुराने दोस्त हैं। जब काम पड़ा, तुमने हमारी मदद की है और हम भी जो कुछ बन पड़ा, तुम्हारी सेवा करते रहे हैं मगर इस समय तुम और बूढ़ी खाला, दोनों हमारी निगाह में बराबर हो। तुमको पंचों से जो कुछ अर्जार्ज करनी हो, करो।”
जुम्मन को पूरा विश्वास था कि अब बाजी मेरी है। अलगू यह सब दिखावे की बातें कर रहा है। अतएव शांत चित्त होकर बोले, “पंचो, तीन साल हुए, खालाजान ने अपनी जायदाद मेरे नाम लिख दी थी। मैंने उन्हें ता-हयात खाना-कपड़ा देना कबूल किया था। ख़ुदा गवाह है, आज तक मैंने खालाजान को कोई तकलीफ नहीं दी। मैं उन्हें अपनी माँ के समान समझता हूँ। उनकी ख़िदमत करना मेरा फर्ज़ है; मगर औरतों में जरा अनवन रहती है, इसमें मेरा क्या बस है? खालाजान मुझसे माहवार खर्च अलग माँगती हैं। जायदाद जितनी है, वह पंचों से छिपी नहीं। उससे इतना मुनाफ़ा नहीं होता कि माहवार खर्च दे सकूँ।”
अलगू चौधरी को हमेशा कचहरी से काम पड़ता था। अतएव वह पूरा कानूनी आदमी था। उसने जुम्मन से जिरह शुरू की एक-एक प्रश्न जुम्मन के हृदय पर हथौड़े की चोट की तरह पड़ता था। रामधन मिश्र इन प्रश्नों पर मुग्ध हुए जाते थे। जुम्मन चकित थे कि अलगू को हो क्या गया। अभी यह अलगू मेरे साथ बैठा हुआ कैसी-कैसी बातें कर रहा था। इतनी ही देर में ऐसा कायापलट हो गया कि मेरी जड़ खोदने पर तुला हुआ है न मालूम कब की कसर यह निकाल रहा है? क्या इतने दिनों की दोस्ती कुछ भी काम न आवेगी?
प्रश्न 1 – रामधन मिश्र और जुम्मन के दूसरे विरोधियों ने बुढ़िया को मन में क्यों कोसा?
(क) जुम्मन से माफी मांगने पर
(ख) अलगू चौधरी के सरपंच चुनने पर
(ग) अलगू चौधरी को बुरा कहने पर
(घ) समझू साहू के सरपंच चुनने पर
उत्तर – (ख) अलगू चौधरी के सरपंच चुनने पर
प्रश्न 2 – जुम्मन को अलगू की कौन सी बात दिखावे की लग रही थी?
(क) अलगू चौधरी और शेख जुम्मन पुराने दोस्त हैं
(ख) जुम्मन और बूढ़ी खाला, दोनों अलगू की निगाह में बराबर है
(ग) केवल (क)
(घ) (क) और (ख) दोनों
उत्तर – (घ) (क) और (ख) दोनों
प्रश्न 3 – जुम्मन ने क्या बहाना बनाया जिससे उसे खाला को माहवार का खर्चा न देना पड़े ?
(क) जायदाद से इतना मुनाफ़ा नहीं होता कि माहवार खर्च दे सके
(ख) जायदाद बहुत कम है और खाला माहवार खर्च बहुत मांगती है
(ग) जायदाद अभी तक उसके नाम नहीं हुई है इसलिए वह खाला को माहवार का खर्च नहीं दे सकता
(घ) जायदाद से बहुत मुनाफ़ा होता है परन्तु वह खाला के सभी ख़र्चों में खत्म हो जाता है
उत्तर – (क) जायदाद से इतना मुनाफ़ा नहीं होता कि माहवार खर्च दे सके
प्रश्न 4 – एक-एक प्रश्न जुम्मन के हृदय पर हथौड़े की चोट की तरह क्यों पड़ता था?
(क) क्योंकि उसका हृदय बहुत नाजुक था
(ख) क्योंकि वह बहुत दयालु इंसान था
(ग) क्योंकि उसे अलगू से कठोरता की उम्मीद नहीं थी
(घ) क्योंकि उसे पंचायत पर पूरा भरोसा था
उत्तर – (ग) क्योंकि उसे अलगू से कठोरता की उम्मीद नहीं थी
प्रश्न 5 – जुम्मन क्यों चकित था ? कि अलगू को हो क्या गया। अभी यह अलगू मेरे साथ बैठा हुआ कैसी-कैसी बातें कर रहा था। इतनी ही देर में ऐसा कायापलट हो गया कि मेरी जड़ खोदने पर तुला हुआ है न मालूम कब की कसर यह निकाल रहा है? क्या इतने दिनों की दोस्ती कुछ भी काम न आवेगी?
(क) क्योंकि वह सोच नहीं पा रहा था कि अलगू उसके विरुद्ध क्यों जा रहा है
(ख) क्योंकि वह सोच नहीं पा रहा था कि अलगू का ऐसा कायापलट कैसे हो गया
(ग) क्योंकि वह सोच नहीं पा रहा था कि अलगू उसकी जड़ खोदने पर क्यों तुला हुआ है
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (घ) उपरोक्त सभी
3 –
अब अकेला बैल किस काम का? उसका जोड़ बहुत ढूँढ़ा गया पर न मिला। तो निश्चय हुआ कि इसे बेच डालना चाहिए। गाँव में एक समझू साहू थे, वे इक्का-गाड़ी हाँकते थे। गाँव से गुड़-घी लादकर मंडी ले जाते, मंडी से तेल-नमक भर लाते और गाँव में बेचते। इस बैल पर उनका मन लहराया। उन्होंने सोचा, यह बैल हाथ लगे तो दिनभर में बेखटके तीन खेप हों। आजकल तो एक ही खेप में लाले पड़े रहते हैं। बैल देखा, गाड़ी में दौड़ाया, मोल-तोल किया और उसे लाकर द्वार पर बाँध ही दिया। एक महीने में दाम चुकाने का वादा ठहरा चौधरी को भी गरज थी ही, घाटे की परवाह न की।
समझू साहू ने नया बैल पाया, तो लगे उसे रगेदने वह दिन में तीन-तीन, चार-चार खेपें करने लगे। न चारे की फ़िक्र थी न पानी की बस खेपों से काम था। मंड़ी ले गए, वहां कुछ रूखा भूसा सामने डाल दिया। बेचारा जानवर अभी दम भी न लेने पाता था कि फिर जौत दिया । इक्के का जुआ देखते ही बैल का लहू सूख जाता था। एक-एक पग चलना दूभर था। हड्डियाँ निकल आई थीं परंतु था वह पानीदार मार की बरदाशत न थी।
प्रश्न 1 – अलगू बैल का जोड़ा क्यों ढूँढ रहा था ?
(क) क्योंकि एक बैल भाग गया था
(ख) क्योंकि एक बैल मर गया था
(ग) क्योंकि एक बैल चोरी हो गया था
(घ) क्योंकि एक बैल कमजोर हो गया था
उत्तर – (ख) क्योंकि एक बैल मर गया था
प्रश्न 2 – बैल का जोड़ा न मिलने पर क्या निश्चय हुआ ?
(क) दूसरे बैल को भगा दिया जाए
(ख) दूसरे बैल को मार दिया जाए
(ग) दूसरे बैल को बेच दिया जाए
(घ) दूसरे बैल को दान कर दिया जाए
उत्तर – (ग) दूसरे बैल को बेच दिया जाए
प्रश्न 3 – दूसरा बैल किसे बेचा गया ?
(क) समझू साहू
(ख) अलगू चौधरी
(ग) जुम्मन शेख
(घ) झगड़ू साहू
उत्तर – (क) समझू साहू
प्रश्न 4 – समझू साहू ने बैल को देखकर क्या सोचा ?
(क) यह बैल हाथ लगे तो दिनभर में बेखटके तीन खेप हों
(ख) यह बैल हाथ लगे तो दिनभर में बेखटके चार खेप हों
(ग) यह बैल हाथ लगे तो दिनभर में बेखटके दो खेप हों
(घ) यह बैल हाथ लगे तो दिनभर में बेखटके पांच खेप हों
उत्तर – (क) यह बैल हाथ लगे तो दिनभर में बेखटके तीन खेप हों
प्रश्न 5 – समझू साहू के साथ नए बैल का क्या हाल था ?
(क) उससे दिन में तीन-तीन, चार-चार खेपें लगवाई जाती
(ख) उसके खाने व् पिने का कोई ध्यान नहीं रखता था
(ग) कमजोरी के कारण उसकी हड्डियाँ निकल आई थीं
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (घ) उपरोक्त सभी
4 –
पंचों ने दोनों पक्षों से सवाल-जवाब करने शुरू किए। बहुत देर तक दोनों दल अपने-अपने पक्ष का समर्थन करते रहे। यह तो सब चाहते ही थे कि समझू को बैल का मूल्य देना चाहिए परंतु दो महाशय इस कारण रिआयत करना चाहते थे कि बैल के मर जाने से समझ की हानि हुई । सभ्य व्यक्ति समझू को दंड भी देना चाहते थे, जिससे फिर किसी को पशुओं के साथ ऐसी निर्दयता करने का साहस न हो। अंत में जुम्मन ने फ़ैसला सुनाया-
“अगलू चौधरी और समझू साहू ! पंचों ने तुम्हारे मामले पर अच्छी तरह विचार किया। समझू को उचित है कि बैल का पूरा दाम दें। जिस वक्त उन्होंने बैल लिया, उसे कोई बीमारी न थी। अगर उसी समय दाम दे दिए जाते, तो झगड़ा ही खत्म हो जाता। बैल की मृत्यु केवल इस कारण हुई कि उससे बड़ा कठिन परिश्रम लिया गया और उसके दाने – चारे का कोई अच्छा प्रबंध न किया गया।”
प्रश्न 1 – उपरोक्त पद्यांश में किन दो पक्षों की बात हो रही है ?
(क) जुम्मन-अलगू
(ख) अलगू-समझू
(ग) जुम्मन -समझू
(घ) रामधन – जुम्मन
उत्तर – (ख) अलगू-समझू
प्रश्न 2 – दो महाशय इस कारण समझू को रिआयत करना चाहते थे?
(क) कि बैल के मर जाने से समझू की हानि हुई
(ख) कि बैल के मर जाने से समझू बहुत दुखी है
(ग) कि वह बैल ही समझू की आमदनी का साधना था
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (घ) उपरोक्त सभी
प्रश्न 3 – सभ्य व्यक्ति समझू को दंड क्यों देना चाहते थे ?
(क) ताकि किसी को पशुओं के साथ ऐसी निर्दयता करने का साहस न हो
(ख) क्योंकि उनकी समझू से दुश्मनी थी
(ग) क्योंकि वे समझू को सबक सिखाना चाहते थे
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (क) ताकि किसी को पशुओं के साथ ऐसी निर्दयता करने का साहस न हो
प्रश्न 4 – अंत में जुम्मन ने फ़ैसला सुनाया-
(क) समझू को बैल का आधा दाम देना होगा
(ख) समझू को अलगू से माफी मांगनी होगी
(ग) समझू को बैल का पूरा दाम देना होगा
(घ) समझू को बैल का जोड़ा अलगू को देना होगा
उत्तर – (ग) समझू को बैल का पूरा दाम देना होगा
प्रश्न 5 – बैल की मृत्यु किस कारण हुई ?
(क) उससे बड़ा कठिन परिश्रम लिया गया
(ख) उसके दाने – चारे का कोई अच्छा प्रबंध न किया गया
(ग) केवल (ख)
(घ) (क) और (ख) दोनों
उत्तर – (घ) (क) और (ख) दोनों
PSEB Class 9 Hindi Lesson 7 पंच परमेश्वर बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions)
प्रश्न 1 – ‘पंच परमेश्वर’ कहानी के लेखक का क्या नाम है ?
(क) मुनि प्रेमचंद
(ख) मुंशी प्रेमचंद
(ग) मुंशी लालचंद
(घ) मुनि लालचंद
उत्तर – (ख) मुंशी प्रेमचंद
प्रश्न 2 – अलगू चौधरी की किसके साथ पक्की मित्रता थी ?
(क) समझू साहू
(ख) रामधन
(ग) जुम्मन शेख
(घ) झगड़ू साहू
उत्तर – (ग) जुम्मन शेख
प्रश्न 3 – बूढी खाला की क्या झुककर कमान हो गई थी?
(क) कमर
(ख) हड्डियाँ
(ग) बाजू
(घ) पैर
उत्तर – (क) कमर
प्रश्न 4 – रामधनमिश्र तथा अन्य पंचों ने किसके नीति-परायण फैसले की प्रशंसा की?
(क) अलगू चौधरी के
(ख) जुम्मन शेख़ के
(ग) समझू साहू के
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (क) अलगू चौधरी के
प्रश्न 5 – कितने रुपयों से हाथ धो लेना अलगू चौधरी के लिए आसान नहीं था?
(क) ढ़ाई सौ रुपए से
(ख) दो सौ रुपए से
(ग) डेढ़ सौ रुपए से
(घ) तीन सौ रुपए से
उत्तर – (ग) डेढ़ सौ रुपए से
प्रश्न 6 – “समझू ने बैल को जान-बूझकर मारा है, अतएव उनसे दंड लेना चाहिए।” किसका वाक्य था ?
(क) अलगू
(ख) रामधन
(ग) जुम्मन
(घ) पंचायत
उत्तर – (ख) रामधन
प्रश्न 7 – पंच की जुबान से कौन बोलता है?
(क) पंचायत
(ख) जुम्मन
(ग) अलगू
(घ) खुदा
उत्तर – (घ) खुदा
प्रश्न 8 – समझू साहू ने नया _______ पाया, तो लगे उसे रगेदने।
(क) गाड़ी
(ख) बैल
(ग) इक्का
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (ख) बैल
प्रश्न 9 – “क्या बिगाड़ के डर से ईमान की बात न कहोगे।” किसका वाक्य है ?
(क) रामधन
(ख) जुम्मन
(ग) अलगू
(घ) मौसी
उत्तर – (घ) मौसी
प्रश्न 10 – बूढ़ी खाला ने किसे सरपंच बनाया?
(क) अलगू चौधरी को
(ख) रामधनमिश्र को
(ग) समझू साहू को
(घ) झगड़ साहू को
उत्तर – (क) अलगू चौधरी को
प्रश्न 11 – समझू साहू का नया बैल एक दिन में कितनी खेप में जोतने से मर गया?
(क) पहली
(ख) दूसरी
(ग) तीसरी
(घ) चौथी।
उत्तर – (घ) चौथी
प्रश्न 12 – अलगू चौधरी पूरा कानूनी आदमी था क्योंकि उसे हमेशा किससे काम पड़ता था?
(क). पुलिस
(ख) नेता
(ग) कचहरी
(घ) कमेटी
उत्तर – (ग) कचहरी
प्रश्न 13 – जुम्मन की पत्नी का क्या नाम था?
(क) करीमन
(ख) ज़रीना
(ग) सकीना
(घ) महज़ीन
उत्तर – (क) करीमन
प्रश्न 14 – मौसी ने अपने नाम से की थोड़ी-सी ज़मीन जुम्मन के नाम क्यों कर दी थी?
(क) किंतु उसका कोई निकट संबंधी नहीं था
(ख) क्योंकि जुम्मन उसका भांजा था
(ग) क्योंकि जुम्मन ने उसकी देखरेख का वादा किया था
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (घ) उपरोक्त सभी
प्रश्न 15 – कब तक जुम्मन तथा उसके परिवार ने मौसी का खूब आदर-सत्कार किया?
(क) जब तक वह मर नहीं गई
(ख) जब तक ज़मीन की रजिस्ट्री नहीं हुई थी
(ग) जब तक वह पंचायत नहीं गई
(घ) जब तक उसने जुम्मन की पत्नी को बुरा भला नहीं सुनाया
उत्तर – (ख) जब तक ज़मीन की रजिस्ट्री नहीं हुई थी
प्रश्न 16 – जुम्मन पंचायत करने की धमकी का स्वर सुनकर मन ही मन खूब प्रसन्न क्यों था?
(क) क्योंकि उसे पूर्ण विश्वास था कि पंचायत में उसी की जीत होगी
(ख) क्योंकि वह स्वयं सरपंच था
(ग) क्योंकि सरपंच उसका ही मित्र अलगू था
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (क) क्योंकि उसे पूर्ण विश्वास था कि पंचायत में उसी की जीत होगी
प्रश्न 17 – जुम्मन शेख ने खाला को उम्र भर ___________देना स्वीकार किया था।
(क) महीने का खर्च
(ख) धन
(ग) रोटी कपड़ा
(घ) आदर-सत्कार
उत्तर – (ग) रोटी कपड़ा
प्रश्न 18 – अलगू के सरपंच बनने पर रामधन मिश्र और जुम्मन के अन्य विरोधी-जन बुढ़िया को अपने ________ कोसने लगे।
(क) मन ही मन
(ख) आप को
(ग) कर्म पर
(घ) भाग्य पर
उत्तर – (क) मन ही मन
प्रश्न 19 – फैसला सुनते ही जुम्मन सन्नाटे में क्यों आ गए?
(क) क्योंकि उसने सोचा था कि अलगू उसके हक़ में फैसला नहीं सुनाएगा
(ख) क्योंकि उसने सोचा था कि अलगू उसके हक़ में फैसला सुनाएगा
(ग) क्योंकि उसने सोचा था कि रामधन उसके हक़ में फैसला सुनाएगा
(घ) क्योंकि उसने सोचा था कि समझू साहू उसके हक़ में फैसला सुनाएगा
उत्तर – (ख) क्योंकि उसने सोचा था कि अलगू उसके हक़ में फैसला सुनाएगा
प्रश्न 20 – समझू साहू को कसूरवार मानते हुए अलगू को बैल की कीमत लेने का हकदार बताया। क्यों?
(क) क्योंकि जिस समय समझू साहू ने बैल खरीदा था। उस समय वह पूर्णत: स्वस्थ था।
(ख) क्योंकि बैल की मृत्यु का कारण बीमारी न होकर अधिक परिश्रम करना था
(ग) क्योंकि समझू साहू ने बैल के खाने-पीने का ध्यान नहीं दिया था जिससे वह कमजोर हो कर मर गया
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (घ) उपरोक्त सभी
PSEB Class 9 Hindi पंच परमेश्वर प्रश्न और उत्तर (Extra Question Answers)
प्रश्न 1 – जुम्मन शेख और अलगू चौधरी की मित्रता किस तरह की थी ?
उत्तर – जुम्मन शेख और अलगू चौधरी में बहुत गहरी मित्रता थी। वे दोनों खेती भी इकट्ठे ही करते थे। उनके कुछ लेन-देन में भी इकट्ठे ही हिसाब होता था। उन दोनों को एक – दूसरे पर दृढ़ व् पक्का विश्वास था। जुम्मन जब हज करने गए थे, तब वे अपने घर की जिम्मेदारी अलगू को सौंप कर गए थे और अलगू भी जब कभी बाहर जाते तो जुम्मन पर अपने घर की जिम्मेदारी छोड़ देते थे। उन दोनों में न उनका खान-पान का व्यवहार समान था और न ही उनका धर्म एक समान था। उनके केवल आपस में विचार मिलते थे। और मित्रता का मूख्य साधन या कुंजी यही है कि दो लोगों के विचार मिलने चाहिए।
प्रश्न 2 – जुम्मन शेख अपनी मौसी के साथ पहले कैसा व्यवहार करता था और बाद में उसके व्यवहार में क्यों परिवर्तन आया ?
उत्तर – जुम्मन शेख की एक बूढ़ी मौसी थी। उस मौसी के पास थोड़ी-बहुत सम्पति थी। परंतु उसके निकट संबंधियों अथवा परिवार में कोई भी नहीं था। इसलिए जुम्मन ने उस मौसी से लंबे-चौड़े वादे करके वह सम्पति अपने नाम लिखवा ली थी। जब तक उस सम्पति को कानूनी रूप से जुम्मन के नाम नहीं लिखवा दिया गया, तब तक खालाजान अथवा मौसी का खूब आदर-सत्कार किया गया। परन्तु जैसे ही सम्पति को कानूनी रूप से जुम्मन के नाम लिखवा दिया गया तब मौसी के सारे आदर-सत्कार भी ख़त्म हो गए। जुम्मन की पत्नी करीमन मौसी को रोटियों के साथ कड़वी बातों के कुछ तेज, तीखे साग आदि की मसालेदार तरकारी भी देने लगी। मौसी की हालत देख कर भी अनदेखा करते हुए जुम्मन शेख का व्यवहार भी कठोर हो गया।
प्रश्न 3 – मौसी को किस तरह के ताने सुनने को मिलते थे ? और तानों से तंग आकर मौसी ने क्या निर्णय लिया ?
उत्तर – बेचारी मौसी को हमेशा ऐसी बातें सुननी पड़ती थीं जैसे – बुढ़िया न जाने कब तक जिएगी! दो-तीन बीघे बंजर भूमि क्या दे दी, उसके मोल में तो मानो खाला ने सभी को खरीद ही लिया है! दाल में यदि तड़का न हो तो मौसी से रोटियाँ नहीं खाई जाती! जितना रुपया मौसी के पेट में झोंक चुके, उतने से तो अब तक गाँव खरीद लेते! कहने का अभिप्राय यह है कि हर दिन मौसी को इसी तरह के ताने सुनने पड़ते थे। कुछ दिन तो मौसी ने सुना और सहन किया, परंतु जब मौसी से ताने सहन नहीं हो पा रहे थे, तब उन्होंने जुम्मन से इसकी शिकायत की। परन्तु जुम्मन ने अपनी पत्नी अथवा घर की मालकिन के व्यवहार में दखल देना उचित नहीं समझा। अंत में परेशान हो कर एक दिन मौसी ने जुम्मन से कहा कि अब उन लोगो के साथ उनका गुजारा नहीं होगा। वे मौसी को रुपये दे दिया करें, जिससे वे अपना भोजन स्वयं पका कर खा लेंगीं। परन्तु जुम्मन की आनाकानी देखकर मौसी बिगड़ गई, और उन्होंने पंचायत करने की धमकी दी।
प्रश्न 4 – जुम्मन मौसी के पंचायत जाने की बात पर क्यों हँस दिया ?
उत्तर – जुम्मन मौसी के पंचायत जाने की बात पर ऐसे हँस दिया, जैसे कोई शिकार हिरन को जाल की तरफ जाते देखकर मन-ही-मन हँसता है। क्योंकि वह जानता था कि मौसी पंचायत जाती है, तो पंचायत में किसकी जीत होगी, इस विषय में जुम्मन को कुछ भी शक नहीं था। आसपास के गाँवों में ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं था, जिस पर जुम्मन ने कृपा न हो अर्थात जुम्मन ने हर किसी को अपना ऋणी बना रखा था। ऐसा कोई भी नहीं था, जो जुम्मन को अपना शत्रु बनाने की हिम्मत कर सकता था। किसी में इतना बल नहीं था, जो जुम्मन का सामना कर सके। और आसमान से देवदूत तो पंचायत में फैसला करने आयेंगे नहीं, जो सच्चाई सामने लाएँ। इसी कारण जुम्मन को पंचायत का कोई डर नहीं था।
प्रश्न 5 – मौसी ने पंचायत में अपनी बात किस तरह रखी ?
उत्तर – मौसी ने पंचायत में बताया कि तीन साल हो गए है, कि उसने अपनी सारी जायदाद अपने भानजे जुम्मन के नाम लिख दी थी। इसे तो सभी लोग जानते ही होंगे। उस जायदाद के बदले जुम्मन ने उसे सारी उम्र रोटी-कपड़ा देना मंजूर किया था। सालभर तो उसने जुम्मन के परिवार साथ रो-धोकर काटा पर अब उससे रात-दिन का रोना सहा नहीं जाता। जुम्मन के घर न तो उसे भर पेट रोटी मिलती है, न ही शरीर का कपड़ा। वह निस्सहाय विधवा है। न्यायालय के चक्कर नहीं लगा सकती। पंचायत के अलावा और किससे वह अपना दुख सूना सकती है। पंच लोग जो रास्ता निकाल देंगे, वह उसी रास्ते पर चलने को तैयार है। वह पंचों का हुक्म बिना किसी बहस के मान लेगी।
प्रश्न 6 – अलगू ने सरपंच बनने से क्यों मना किया और मौसी की इस पर क्या प्रतिक्रिया थी ?
उत्तर – अलगू मौसी और जुम्मन के झगडे में नहीं फँसना चाहता था। इसलिए वह बहाने बनाने लगा। वह बोला कि मौसी तुम जानती हो कि उसकी और जुम्मन की पक्की दोस्ती है। परन्तु मौसी ने गंभीर स्वर में कहा कि बेटा, दोस्ती के लिए कोई अपना ईमान नहीं बेचता। पंचों के दिल में ख़ुदा बसता है। पंचों के मुँह से जो बात निकलती है, वह ख़ुदा की तरफ से निकलती है। अर्थात मौसी ने अगलू पर पूरा विश्वास दिखाया। अतः सभी की सहमति से पंचायत में अलगू चौधरी सरपंच घोषित हुए।
प्रश्न 7 – जुम्मन ने अपना पक्ष पंचायत में किस तरह पेश किया ?
उत्तर – जुम्मन को पूरा विश्वास था कि अब बाजी उसी की है। अलगू उसके विरोध बातें लोगों को दिखाने के लिए कर रहा है ताकि किसी को कोई संदेह न हो। इसलिए वह शांत मन से अपनी बात रखते हुए बोले कि पंचो, तीन साल हुए, खालाजान ने अपनी जायदाद उसके नाम लिख दी थी। उसके बदले में उसने मौसी को पूरी उम्र खाना-कपड़ा देना मंजूर किया था। ख़ुदा इस बात का साक्षी है कि आज तक उसने खालाजान को कोई तकलीफ नहीं दी। वह मौसी को अपनी माँ के समान समझता है। उनकी सेवा करना उसका फर्ज़ है परन्तु औरतों में जरा अनवन रहती है, इसमें वह कुछ नहीं कर सकता। खालाजान उससे हर महीने का खर्च अलग माँगती हैं। मौसी की जायदाद जितनी है, वह पंचों से छिपी हुई नहीं है। उससे इतना फायदा नहीं होता कि वह मौसी को हर महीने खर्च दे सके।
अर्थात जुम्मन ने स्वयं को निर्दोष और मौसी को ही घर की अनबन का कारण सिद्ध करने का प्रयत्न किया।
प्रश्न 8 – अलगू ने किस तरह सरपंच की भूमिका निभाई और उसका व्यवहार देख कर जुम्मन की क्या प्रतिक्रिया थी ?
उत्तर – अलगू चौधरी को हमेशा न्यायलय से काम पड़ता ही रहता था। इसलिए वह पूरा कानूनी आदमी बन गया था। उसने जुम्मन से बहस शुरू कर दी। उसके द्वारा पूछे गए एक-एक प्रश्न जुम्मन के हृदय पर हथौड़े की चोट की तरह पड़ता था। क्योंकि उसने अलगू से यह उम्मीद नहीं की थी। जुम्मन हैरान हो गया था कि अलगू को हो क्या गया है। अभी कुछ समय पहले अलगू उसके साथ बैठा हुआ कैसी-कैसी बातें कर रहा था। और इतनी ही देर में ऐसा परिवर्तन हो गया कि वह उसकी जड़ खोदने पर तुला हुआ है अर्थात अलगू जुम्मन की चालाकी को सभी के सामने लाने का प्रयत्न कर रहा था। जुम्मन को लग रहा था जैसे अलगू उससे किसी समय का बदला ले रहा है। वह सोच में पड़ गया कि क्या इस समय उसकी और अलगू की इतने दिनों की दोस्ती कुछ भी काम नहीं आएगी। अर्थात जुम्मन को संदेह हो रहा था कि अलगू उससे कोई बदला ले रहा है और आज पंचायत में वह उसका साथ नहीं देगा।
प्रश्न 9 – अलगू के जुम्मन विरोधी फैसले ने दोनों की दोस्ती में क्या परिवर्तन लगा ?
उत्तर – अलगू के जुम्मन विरोधी फ़ैसले ने अलगू और जुम्मन की दोस्ती की जड़ हिला दी। अब वे साथ-साथ बातें करते हुए नहीं दिखते थे। ऐसा लग रहा था जैसे उनके इतने पुराने मित्रता रूपी वृक्ष को सत्य के एक झोंकें ने मिटा दिया। उनकी मित्रता तो मानों बालू की ही जमीन पर खड़ी थी। अर्थात केवल सत्य का साथ देने के कारण जुम्मन ने अलगू से मित्रता मानों तोड़ दी थी। उनमें अब सभ्य व्यवहार का अधिक व्यवहार होने लगा। एक-दूसरे का अधिक आदर-सत्कार करने लगे। वे दोनों मिलते-जुलते जरूर थे, परन्तु अब वे मित्रता के भाव से नहीं बल्कि तलवार से ढाल जैसे अर्थात शत्रुता के भाव से मिलते थे।
प्रश्न 10 – बैल के मरने का मुख्य कारण क्या था ?
उत्तर – समझू साहू को नया बैल मिल गया था, तो वह उसे खूब दौड़ाने लगा। वह दिन में तीन-तीन, चार-चार चक्कर लगाने लगा। उसे न तो बैल ले चारे की फ़िक्र थी न पानी की, उसे तो बस चक्करों से मतलब था। वह उसे मंड़ी ले जाता, वहां कुछ रूखा भूसा उसके सामने खाने को डाल देता। बेचारे जानवर को अभी थोड़ा सा भी आराम नहीं मिल पाता था कि उसे फिर से गाड़ी में जौत दिया जाता था। एक-एक कदम चलना उसके लिए मुश्किल हो जाता था। अच्छी देखभाल न मिलने व् कठिन परिश्रम के कारण उसकी हड्डियाँ निकल आई थीं परंतु फिर भी उस पर बिना रहम किए काम करवाया जाता था। एक दिन चौथे चक्कर में साहू जी ने दो गुना बोझा लाद दिया। दिनभर का थका हुआ जानवर, अब पैर भी नहीं उठा पा रहा था। फिर भी कोड़े की मार खाकर कुछ दूर तक दौड़ा और फिर धरती पर गिर पड़ा, और इस बार वह ऐसा गिरा कि फिर नहीं उठा। अर्थात वहीँ पर गिरते ही बैल की जान चली गई।