PSEB Class 9 Hindi Chapter 17 Kaise Bachein Upbokta Dhokadhdhi Se (कैसे बचें उपभोक्ता धोखाधड़ी से) Question Answers (Important)
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PSEB Class 9 Chapter 17 Kaise Bachein Upbokta Dhokadhdhi Se Textbook Questions
अभ्यास
(क) विषय-बोध
1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक या दो पंक्तियों में दीजिए-
(i) उत्पादक किस तरह ग्राहकों को प्रभावित करते हैं?
उत्तर– उत्पादक लुभावने और भ्रामक विज्ञापनों के माध्यम से ग्राहकों को प्रभावित करते हैं।
(ii) उपभोक्ताओं के अधिकारों के संरक्षण के लिए सरकार ने 1986 में कौन-सा कानून लागू किया?
उत्तर– उपभोक्ताओं के अधिकारों के संरक्षण के लिए सरकार ने 1986 में उपभोक्ता संरक्षण कानून लागू किया।
(iii) ग्राहकों को किस तरह अधिकारों के बारे में जागरूक किया जाता है?
उत्तर- ग्राहकों को रेडियो, टेलीविज़न और विज्ञापनों के माध्यम से उनके अधिकारों के बारे में जागरूक किया जाता है।
(iv) कितने रुपये तक के क्लेम के लिए उपभोक्ता जिला स्तर पर न्याय की गुहार लगा सकता है?
उत्तर- ₹20 लाख तक के क्लेम के लिए उपभोक्ता जिला स्तर पर न्याय की गुहार लगा सकता है।
(v) 20 लाख रुपये से अधिक के क्लेम के लिए उपभोक्ता को अपनी शिकायत कहाँ दर्ज करवानी चाहिए?
उत्तर– 20 लाख रुपये से अधिक के क्लेम के लिए उपभोक्ता को अपनी शिकायत राज्य उपभोक्ता संरक्षण आयोग में दर्ज करवानी चाहिए।
(vi) एक करोड़ रुपये से अधिक के क्लेम के लिए उपभोक्ता को अपनी शिकायत कहाँ दर्ज करवानी चाहिए?
उत्तर– एक करोड़ रुपये से अधिक के क्लेम के लिए उपभोक्ता को अपनी शिकायत राष्ट्रीय उपभोक्ता संरक्षण आयोग में दर्ज करवानी चाहिए।
(vii) उपभोक्ता को अपने अधिकारों के हनन की शिकायत कितने वर्षों के भीतर करनी चाहिए?
उत्तर– उपभोक्ता को अपने अधिकारों के हनन की शिकायत 2 वर्षों के भीतर करनी चाहिए।
(viii) क्या ग़रीबी रेखा से नीचे के कार्डधारक उपभोक्ता को शिकायत दर्ज करवाने के लिए फीस अदा करनी पड़ती है?
उत्तर- ग़रीबी रेखा से नीचे के कार्डधारक उपभोक्ता को शिकायत दर्ज करवाने के लिए कोई भी फीस अदा नहीं करनी पड़ती है।
(ix) उपभोक्ता अधिकांश तौर पर सामान खरीदते समय बिल क्यों नहीं लेते?
उत्तर– अधिकांश उपभोक्ता सामान खरीदते समय वैट बचाने के चक्कर में बिल न लेने के लिए तैयार हो जाते हैं। यही वजह होती है कि उन के पास खरीदी गई वस्तु का प्रमाण नहीं होता और वे शिकायत करने की दिशा में आगे नहीं बढ़ पाते।
(x) नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन नम्बर क्या है?
उत्तर– नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन नम्बर 1800114000 और 1915 है।
2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर तीन या चार पंक्तियों में दीजिए-
(i) उपभोक्ता किसे कहते हैं?
उत्तर– उपभोक्ता वह व्यक्ति होता है जो किसी वस्तु या सेवा को प्राप्त करने के बदले उसका मूल्य चुकाता है। रोज़मर्रा की ज़िंदगी में हम सभी कभी न कभी उपभोक्ता होते हैं। उपभोक्ता को सही वस्तु और सेवा पाने का अधिकार होता है। यदि उसे घटिया या गलत सेवा दी जाती है, तो वह शिकायत कर सकता है। उपभोक्ता संरक्षण कानून उपभोक्ता को सुरक्षा प्रदान करता है।
(ii) उपभोक्ता संरक्षण कानून 1986 के अनुसार उपभोक्ता के कौन-कौन से अधिकार हैं?
उत्तर- उपभोक्ता संरक्षण कानून 1986 के अनुसार उपभोक्ता को कई अधिकार प्राप्त हैं। इनमें सुरक्षा का अधिकार, सही जानकारी पाने का अधिकार और उत्पाद चुनने का अधिकार शामिल हैं। इसके अलावा सुनवाई का अधिकार और शिकायत निवारण का अधिकार भी उपभोक्ता को दिया गया है। उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार भी इस कानून का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा है।
(iii) उपभोक्ता से यदि नियत की गई कीमत से ज्यादा कीमत वसूली जाती है तो उसे क्या करना चाहिए?
उत्तर– यदि उपभोक्ता से एमआरपी से अधिक कीमत वसूली जाती है, तो यह उसके अधिकारों का उल्लंघन है। ऐसे में उपभोक्ता को बिल और अन्य प्रमाण सुरक्षित रखने चाहिए। वह उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कर सकता है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड या एयरपोर्ट पर भी एमआरपी से अधिक वसूली की शिकायत की जा सकती है। उपभोक्ता को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना चाहिए।
(iv) उपभोक्ता अपनी शिकायत ऑनलाइन किस तरह दर्ज करवा सकता है?
उत्तर– उपभोक्ता अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कराने के लिए consumerhelpline.gov.in वेबसाइट पर लॉग इन कर सकता है। वहाँ कंप्लेंट रजिस्ट्रेशन के विकल्प पर क्लिक करके आवश्यक जानकारी भरनी होती है। शिकायत दर्ज होने पर उपभोक्ता को एक शिकायत क्रमांक मिलता है। इसके बाद कार्यवाही की जानकारी ऑनलाइन और ईमेल के माध्यम से दी जाती है। यह प्रक्रिया सरल और सुविधाजनक है।
3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर छह या सात पंक्तियों में दीजिए-
(i) आयोग के पास उपभोक्ता के अधिकारों के उल्लंघन के किस-किस तरह के मामले आते हैं?
उत्तर- उपभोक्ता संरक्षण आयोग के पास उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन से जुड़े अनेक प्रकार के मामले आते हैं। कई बार दुकानदार एक्सपायरी डेट की दवाइयाँ बेच देते हैं। कभी उत्पाद पर गारंटी होने के बावजूद उपभोक्ता को सही सेवा नहीं मिलती। कुछ मामलों में तय वजन से कम सामान दिया जाता है। भ्रामक विज्ञापनों के द्वारा उपभोक्ताओं को गुमराह किया जाता है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड या एयरपोर्ट पर एमआरपी से अधिक कीमत वसूलने के मामले भी सामने आते हैं। कई बार एक ही फ्लैट दो लोगों को बेच दिया जाता है। बैंक बिना कारण खाते फ्रीज़ कर देते हैं। ऐसी सभी स्थितियाँ उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन मानी जाती हैं और आयोग में उनकी सुनवाई होती है।
(ii) उपभोक्ता को सामान खरीदते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
उत्तर- उपभोक्ता को सामान खरीदते समय बहुत सावधान रहना चाहिए। उसे केवल वही उत्पाद खरीदना चाहिए जिस पर एगमार्क या प्रमाणित चिह्न हो। उत्पाद पर बैच नंबर, पैकिंग की तारीख और एक्सपायरी डेट अवश्य जाँचनी चाहिए। उत्पाद का वजन, उत्पादक का नाम और पता भी देखना चाहिए। उपभोक्ता को हमेशा बिल लेना चाहिए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर शिकायत की जा सके। पैकेट खुले या फटे हुए नहीं होने चाहिए। गारंटी या वारंटी कार्ड पर दुकानदार के हस्ताक्षर करवाने चाहिए। विज्ञापन के बहकावे में आने के बजाय उत्पाद की गुणवत्ता परखनी चाहिए। इससे उपभोक्ता ठगी से बच सकता है।
(ख) भाषा बोध
1. निम्नलिखित शब्दों को शुद्ध करके लिखिए-
| अशुद्ध | शुद्ध | अशुद्ध | शुद्ध |
| दूकान | ________ | गराहक | ________ |
| व्यकती | ________ | विगयापन | ________ |
| नाममातर | ________ | पीड़त | ________ |
| अरोप | ________ | उलंघन | ________ |
उत्तर-
| अशुद्ध | शुद्ध | अशुद्ध | शुद्ध |
| दूकान | दुकान | गराहक | ग्राहक |
| व्यकती | व्यक्ति | विगयापन | विज्ञापन |
| नाममातर | नाममात्र | पीड़त | पीड़ित |
| अरोप | आरोप | उलंघन | उल्लंघन |
2. निम्नलिखित शब्दों का वर्णविच्छेद कीजिए-
| शब्द | वर्णविच्छेद |
| उपभोक्ता | _________________ |
| चिकित्सक | _________________ |
| विज्ञापन | _________________ |
| शिकायत | _________________ |
| ग्राहक | _________________ |
| उत्पादक | _________________ |
| आकर्षक | _________________ |
उत्तर-
| शब्द | वर्णविच्छेद |
| उपभोक्ता | उ +प् + अ + भ+ओ +क्+त्+आ |
| चिकित्सक | च्+इ +क्+इ +त् +स्+अ+क्+अ |
| विज्ञापन | व् +इ +ज्ञ +आ +प्+अ +न् +अ |
| शिकायत | श्+इ +क्+आ +य्+अ +त् +अ |
| ग्राहक | ग्+र्+आ +ह् +अ +क्+अ |
| उत्पादक | उ +त् +प्+आ +द्+अ +क्+अ |
| आकर्षक | आ+क्+अ +र्+ष +अ +क्+अ |
(ग) रचनात्मक अभिव्यक्ति
1. आप यह पाठ पढ़ने से पूर्व उपभोक्ता के अधिकारों के संरक्षण के बारे में क्या जानते थे? अपने शब्दों में लिखें।
उत्तर– इस पाठ को पढ़ने से पहले मुझे इतना ही पता था कि यदि कोई दुकानदार गलत सामान दे दे या ज़्यादा कीमत वसूल ले, तो शिकायत की जा सकती है। लेकिन मुझे यह स्पष्ट जानकारी नहीं थी कि उपभोक्ताओं के लिए अलग कानून है, उनके कई अधिकार हैं और शिकायत करने के लिए अलग-अलग आयोग बने हुए हैं। यह भी नहीं पता था कि बिना वकील के और ऑनलाइन भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।
2. क्या कभी आपके अधिकारों का हनन / उल्लंघन हुआ है? यदि हाँ, तो आपने उस स्थिति में क्या किया?
उत्तर– हाँ, एक बार मेरे साथ ऐसा हुआ जब मुझे दुकान से खराब गुणवत्ता का सामान मिला। मैंने दुकानदार को बिल दिखाकर शिकायत की और सामान बदलने को कहा। मेरी बात सुनकर दुकानदार ने सामान बदल दिया। इस अनुभव से मुझे समझ आया कि अगर उपभोक्ता अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो और बिल संभालकर रखे, तो वह अपने साथ हुई गलतियों का समाधान कर सकता है।
PSEB Class 9 Hindi Lesson 17 कैसे बचें उपभोक्ता धोखाधड़ी से सार-आधारित प्रश्न (Extract Based Questions)
निम्नलिखित गद्याँशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए व प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
1
रोज़मर्रा की जिंदगी में उपभोक्ताओं को ठगी व धोखाधड़ी का शिकार होना पड़ता है। कभी दवा की दुकान पर ऐक्सपायरी डेट क्रॉस कर चुकी दवा दे दी जाती है, तो कभी खरीदे गए उत्पाद पर गारंटी होने के बावजूद सही सर्विस नहीं दी जाती। कभी उत्पाद पर लिखे वज़न से कम वजन का सामान दे दिया जाता है, तो कभी चिकित्सक द्वारा मरीज का सही इलाज नहीं किया जाता। कभी लुभावने विज्ञापनों द्वारा ग्राहकों को प्रभावित किया जाता है और उत्पाद के बारे में उन्हें गलत जानकारी दी जाती है, जिस का खामियाजा अंततः ग्राहकों को ही भुगतना पड़ता है।
उपभोक्ताओं के अधिकारों के संरक्षण के लिए सरकार ने 1986 में उपभोक्ता संरक्षण कानून लागू किया। इस कानून के अनुसार, वह हर एक व्यक्ति उपभोक्ता है, जो किसी वस्तु या सेवा को पाने के बदले धन का भुगतान करता है। इस कानून के अनुसार उपभोक्ता के रूप में उसे कुछ अधिकार प्राप्त हैं। मसलन, सुरक्षा का अधिकार, जानकारी होने का अधिकार, उत्पाद चुनने का अधिकार सुनवाई का अधिकार, शिकायत निवारण का अधिकार, उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार।
1.रोज़मर्रा की ज़िंदगी में उपभोक्ताओं के साथ किस प्रकार की समस्या होती है?
(क) मनोरंजन की कमी
(ख) ठगी और धोखाधड़ी
(ग) शिक्षा की समस्या
(घ) रोजगार की समस्या
उत्तर– (ख) ठगी और धोखाधड़ी
2. उपभोक्ता संरक्षण कानून किस वर्ष लागू किया गया था?
(क) 1975
(ख) 1980
(ग) 1986
(घ) 1991
उत्तर– (ग) 1986
3. इस कानून के अनुसार उपभोक्ता कौन कहलाता है?
(क) जो वस्तु या सेवा के बदले पैसा देता है
(ख) जो सेवा देता है
(ग) जो केवल सामान बेचता है
(घ) जो विज्ञापन बनाता है
उत्तर– (क) जो वस्तु या सेवा के बदले पैसा देता है
4. उपभोक्ताओं के साथ किस प्रकार की धोखाधड़ी होती है?
उत्तर– उपभोक्ताओं को एक्सपायरी दवा, कम वजन का सामान, खराब सेवा और गलत विज्ञापनों के कारण धोखा झेलना पड़ता है।
5. उपभोक्ता संरक्षण कानून क्यों बनाया गया?
उत्तर– यह कानून उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करने और उन्हें धोखाधड़ी से बचाने के लिए बनाया गया।
2
इन सभी अधिकारों को पाने के लिए ग्राहक को जागना होगा व संगठित हो कर अपना संरक्षण करना होगा। एक ताजा अध्ययन के अनुसार देश के मात्र 20% ग्राहक ही उपभोक्ता संरक्षण कानून से अवगत हैं और केवल 42% ग्राहकों ने ही सुना है कि ऐसा कोई कानून भी हैं। हालांकि रेडियो व टेलीविज़न पर भी ग्राहकों को उन के अधिकारों के बारे में जागरूक करने हेतु अनेक विज्ञापन दिखाए व सुनाए जाते हैं।
स्वयं उपभोक्ता या कोई स्वैच्छिक उपभोक्ता संगठन इस बात के लिए अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है, जिस के अंतर्गत उपभोक्ता अधिकारों का हनन हुआ है।
शिकायतकर्ता सादे कागज़ पर निम्नलिखित जानकारी दे कर शिकायत दर्ज करा सकता है-
शिकायतकर्ता व विपक्ष का नाम और पता।
शिकायत से संबंधित तथ्य यानी अधिकारों का हनन कब व कहाँ हुआ।
शिकायत में लगाए गए आरोपों के समर्थन में ज़रूरी दस्तावेज़।
उस हरजाने या राहत का उल्लेख जो शिकायतकर्ता पाना चाहता है।
शिकायतकर्ता के हस्ताक्षर
उपरोक्त विवरण वाले कागज़ के साथ उपभोक्ता नाममात्र का न्यायालय शुल्क दे कर उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज करा सकता है।
1.उपभोक्ता को अपने अधिकार पाने के लिए क्या करना चाहिए?
(क) चुप रहना चाहिए
(ख) केवल सरकार पर निर्भर रहना चाहिए
(ग) जागरूक और संगठित होना चाहिए
(घ) दुकानदार की बात मान लेनी चाहिए
उत्तर– (ग) जागरूक और संगठित होना चाहिए
2. एक अध्ययन के अनुसार कितने प्रतिशत ग्राहक उपभोक्ता संरक्षण कानून से परिचित हैं?
(क) 10%
(ख) 20%
(ग) 42%
(घ) 60%
उत्तर– (ख) 20%
3. उपभोक्ता अधिकारों के हनन पर शिकायत कौन दर्ज कर सकता है?
(क) केवल वकील
(ख) केवल सरकार
(ग) केवल दुकानदार
(घ) स्वयं उपभोक्ता या उपभोक्ता संगठन
उत्तर- (घ) स्वयं उपभोक्ता या उपभोक्ता संगठन
4. उपभोक्ता अधिकारों के बारे में जागरूकता कैसे फैलाई जाती है?
उत्तर– रेडियो और टेलीविज़न पर दिखाए जाने वाले विज्ञापनों के माध्यम से उपभोक्ताओं को जागरूक किया जाता है।
5. उपभोक्ता शिकायत कैसे दर्ज कर सकता है?
उत्तर- उपभोक्ता सादे कागज़ पर आवश्यक जानकारी लिखकर और नाममात्र शुल्क देकर उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कर सकता है।
3
₹20 लाख तक के क्लेम के लिए उपभोक्ता जिलास्तर के उपभोक्ता संरक्षण आयोग में न्याय की गुहार करे और ₹20 लाख से अधिक के क्लेम के लिए राज्य उपभोक्ता संरक्षण आयोग में शिकायत दर्ज कराए। ₹1 करोड़ से अधिक के क्लेम के लिए वह राष्ट्रीय उपभोक्ता संरक्षण आयोग में शिकायत दर्ज कराए।
यह ध्यान रहे कि उपभोक्ता शिकायत अधिकारों के हनन के 2 वर्ष के भीतर ही करें। ज्यादातर मामलों में पीड़ित उपभोक्ता को वकील करने की ज़रूरत नहीं होती। वह चाहे तो खुद भी पैरवी कर सकता है। और तो और बीपीएल (बिलो पावर्टी लाइन) कार्डधारक को तो शिकायत दर्ज करने के लिए किसी तरह की फीस भी नहीं देनी होती।
कई बार दुकानदार अपने उत्पाद पर लेबल या स्टिकर लगा कर उसे बाजार भाव से ज्यादा कीमत पर बेचता है। ऐसा करना उपभोक्ता अधिकारों का हनन है। अगर आप को रेलवे स्टेशन, ट्रेन, एअरपोर्ट या बस स्टैंड पर किसी भी सामान को एमआरपी से अधिक कीमत पर बेचा जाता है, तो आप अपने उपभोक्ता अधिकारों का प्रयोग कर के शिकायत कर सकते हैं।
उपभोक्ताओं के अधिकारों के उल्लंघन के ऐसे मामले भी सामने आते हैं, जिन में कंपनियाँ आकर्षक ब्याज दर या कुछ समय में धन दोगुना करने की स्कीम का भ्रामक विज्ञापन देती हैं और उपभोक्ता उन के जाल में फँस कर नुकसान उठाता है।
कई बार एक ही फ्लैट 2-2 लोगों को आवंटित कर दिया जाता है और असली हकदार को लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ती है।
कई बार बैंक बिना कारण ग्राहक का अकाउंट फ्रीज़ कर देते हैं, जिस की वजह से ग्राहक को वित्तीय लेनदेन में कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
1. बीपीएल कार्डधारक को शिकायत दर्ज करते समय क्या लाभ मिलता है?
(क) कोई शुल्क नहीं देना पड़ता
(ख) वकील की मुफ्त सुविधा
(ग) तुरंत मुआवजा
(घ) केस स्वतः जीत जाता है
उत्तर- (क) कोई शुल्क नहीं देना पड़ता
2. ₹20 लाख तक के क्लेम के लिए उपभोक्ता को कहाँ शिकायत करनी चाहिए?
(क) राष्ट्रीय उपभोक्ता संरक्षण आयोग
(ख) राज्य उपभोक्ता संरक्षण आयोग
(ग) जिलास्तरीय उपभोक्ता संरक्षण आयोग
(घ) उच्च न्यायालय
उत्तर– (ग) जिलास्तरीय उपभोक्ता संरक्षण आयोग
3. उपभोक्ता को अधिकारों के हनन की शिकायत कितने समय के भीतर करनी चाहिए?
(क) 1 वर्ष
(ख) 2 वर्ष
(ग) 3 वर्ष
(घ) 5 वर्ष
उत्तर– (ख) 2 वर्ष
4. उपभोक्ता को वकील रखने की आवश्यकता क्यों नहीं होती?
उत्तर- क्योंकि अधिकतर मामलों में उपभोक्ता स्वयं ही उपभोक्ता फोरम में अपनी पैरवी कर सकता है।
5. उपभोक्ता किन परिस्थितियों में धोखाधड़ी का शिकार होता है?
उत्तर– जब कंपनियाँ भ्रामक विज्ञापन देती हैं, फ्लैट दो लोगों को बेच दिए जाते हैं या बैंक बिना कारण खाता फ्रीज़ कर देता है।
4
उपभोक्ता अगर सचेत रहें और सामान खरीदते समय निम्न बातों का ध्यान रखें तो ठगी का शिकार होने से बच सकते हैं-
उपभोक्ता केवल वही उत्पाद खरीदे जिस पर एगमार्क का लोगो हो। अगर एगमार्क वाले उत्पाद की गुणवत्ता सही नहीं पाई जाती, तो उत्पादक का लाइसेंस रद्द हो सकता है।
उत्पाद खरीदते समय उत्पाद पर बैच नंबर या लौट नंबर भी अवश्य जाँच लें।
पैकिंग की तारीख, उत्पाद का वज़न, किस तारीख से पहले प्रयोग उचित रहेगा, अवश्य देखें। इस के अलावा उत्पादक का नाम व पता भी अवश्य देखें।
अधिकांश उपभोक्ता वैट बचाने के चक्कर में बिल न लेने के लिए तैयार हो जाते हैं। यही वजह होती है कि उन के पास खरीदी गई वस्तु का प्रमाण नहीं होता और वे शिकायत करने की दिशा में आगे नहीं बढ़ पाते।
इसलिए कोई भी सामान खरीदते समय बिल लेना न भूलें।
उत्पाद विज्ञापन के आधार पर लेने की बजाय उस की गुणवत्ता परख कर लें।
उत्पाद खरीदते समय ध्यान रखें कि पैकेट खुले व फटे न हों।
उत्पाद के साथ मिलने वाले गारंटी / वारंटी कार्ड पर दुकानदार के हस्ताक्षर अवश्य करवा लें।
उपभोक्ता अगर चाहे तो इंटरनैट के ज़रिए कोर सेंटर में भी शिकायत कर सकता है। इस के लिए उपभोक्ता consumerhelpline.gov.in पर लॉग इन कर के कंप्लेंट रजिस्ट्रेशन पर एक क्लिक द्वारा अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है। शिकायत दर्ज होने के बाद उपभोक्ता को ऑनलाइन ही शिकायत क्रमांक प्राप्त हो जाता है और 72 घंटे के भीतर ही आगे की कार्यवाही संपादित की जाती है। दूसरे पक्ष को 14 दिन के भीतर उपभोक्ता की शिकायत दूर करने के निर्देश दिए जाते हैं। उपभोक्ता को ईमेल के जरिए संपादित कार्यवाही से भी अवगत कराया जाता है।
उपभोक्ता नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन नंबर 1800114000, 1915 पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। यह टोलफ्री नंबर है, जिस पर 9 बजे से 5.30 बजे तक शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
1.उपभोक्ता को कौन-सा उत्पाद खरीदना चाहिए?
(क) जो सस्ता हो
(ख) जो विज्ञापन में अच्छा दिखे
(ग) जिस पर एगमार्क का लोगो हो
(घ) जो दुकानदार बताए
उत्तर- (ग) जिस पर एगमार्क का लोगो हो
2. सामान खरीदते समय बिल लेना क्यों ज़रूरी है?
(क) टैक्स बचाने के लिए
(ख) दुकानदार को खुश करने के लिए
(ग) सामान सस्ता करने के लिए
(घ) खरीद का प्रमाण रखने के लिए
उत्तर- (घ) खरीद का प्रमाण रखने के लिए
3. उपभोक्ता ऑनलाइन शिकायत कहाँ दर्ज कर सकता है?
(क) रेलवे वेबसाइट पर
(ख) consumerhelpline.gov.in पर
(ग) बैंक की वेबसाइट पर
(घ) ई-कॉमर्स ऐप पर
उत्तर- (ख) consumerhelpline.gov.in पर
4. उपभोक्ता को पैकेट खरीदते समय क्या देखना चाहिए?
उत्तर– उपभोक्ता को पैकेट का वजन, पैकिंग तारीख, एक्सपायरी डेट और पैकेट का सही होना देखना चाहिए।
5. उपभोक्ता टोलफ्री नंबर पर कब शिकायत कर सकता है?
उत्तर– उपभोक्ता 9 बजे से 5.30 बजे तक टोलफ्री नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकता है।
PSEB Class 9 Hindi Lesson 17 कैसे बचें उपभोक्ता धोखाधड़ी से बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions)
1.प्रस्तुत पाठ का मुख्य उद्देश्य क्या है?
(क) व्यापार बढ़ाना
(ख) उपभोक्ताओं को अधिकारों की जानकारी देना
(ग) विज्ञापन का प्रचार
(घ) कानून की आलोचना
उत्तर- (ख) उपभोक्ताओं को अधिकारों की जानकारी देना
2. शिकायत कौन दर्ज कर सकता है?
(क) केवल वकील
(ख) केवल सरकार
(ग) केवल कंपनी
(घ) उपभोक्ता या उपभोक्ता संगठन
उत्तर– (घ) उपभोक्ता या उपभोक्ता संगठन
3. एक्सपायरी दवा देना किसका उदाहरण है?
(क) सेवा
(ख) सुविधा
(ग) उपभोक्ता धोखाधड़ी
(घ) जागरूकता
उत्तर- (ग) उपभोक्ता धोखाधड़ी
4. उपभोक्ता को अपने अधिकार पाने के लिए क्या करना चाहिए?
(क) चुप रहना चाहिए
(ख) जागरूक और संगठित होना चाहिए
(ग) केवल दुकानदार पर निर्भर रहना चाहिए
(घ) कुछ न करना चाहिए
उत्तर– (ख) जागरूक और संगठित होना चाहिए
5. ₹20 लाख तक की शिकायत कहाँ की जाती है?
(क) राष्ट्रीय आयोग
(ख) राज्य आयोग
(ग) जिला आयोग
(घ) उच्च न्यायालय
उत्तर– (ग) जिला आयोग
6. हेल्पलाइन पर शिकायत का समय क्या है?
(क) 9–5.30
(ख) 10–6
(ग) 24 घंटे
(घ) 8–4
उत्तर– (क) 9–5.30
7. राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर कौन-सा है?
(क) 100
(ख) 108
(ग) 1800114000
(घ) 112
उत्तर– (ग) 1800114000
8. दूसरे पक्ष को कितने दिनों में समाधान करना होता है?
(क) 7 दिन
(ख) 10 दिन
(ग) 30 दिन
(घ) 14 दिन
उत्तर- (घ) 14 दिन
9. शिकायत पर कार्यवाही कितने समय में शुरू होती है?
(क) 24 घंटे
(ख) 48 घंटे
(ग) 72 घंटे
(घ) 7 दिन
उत्तर– (ग) 72 घंटे
10. ऑनलाइन शिकायत के बाद क्या मिलता है?
(क) रसीद
(ख) शिकायत क्रमांक
(ग) बिल
(घ) नोटिस
उत्तर– (ख) शिकायत क्रमांक
11. गारंटी कार्ड पर क्या जरूरी है?
(क) ग्राहक का नाम
(ख) रंग
(ग) कीमत
(घ) दुकानदार के हस्ताक्षर
उत्तर- (घ) दुकानदार के हस्ताक्षर
12. किस आधार पर सामान नहीं खरीदना चाहिए?
(क) गुणवत्ता
(ख) आवश्यकता
(ग) विज्ञापन
(घ) उपयोग
उत्तर- (ग) विज्ञापन
13. बिल लेना क्यों जरूरी है?
(क) प्रमाण के लिए
(ख) टैक्स बचाने के लिए
(ग) दुकानदार को खुश करने के लिए
(घ) सामान बदलने के लिए
उत्तर– (क) प्रमाण के लिए
14. बैच नंबर किसलिए जरूरी है?
(क) सजावट
(ख) पहचान
(ग) छूट
(घ) प्रचार
उत्तर- (ख) पहचान
15. एगमार्क किससे जुड़ा है?
(क) कीमत
(ख) वजन
(ग) गुणवत्ता
(घ) रंग
उत्तर- (ग) गुणवत्ता
16. बैंक द्वारा खाता फ्रीज़ करना किस समस्या को जन्म देता है?
(क) वित्तीय कठिनाई
(ख) सुविधा
(ग) लाभ
(घ) सुरक्षा
उत्तर- (क) वित्तीय कठिनाई
17. एक फ्लैट दो लोगों को देना किसका उदाहरण है?
(क) सुविधा
(ख) धोखाधड़ी
(ग) सेवा
(घ) छूट
उत्तर- (ख) धोखाधड़ी
18. भ्रामक विज्ञापन का उद्देश्य क्या होता है?
(क) जानकारी देना
(ख) सेवा सुधार
(ग) शिक्षा देना
(घ) उपभोक्ता को फँसाना
उत्तर– (घ) उपभोक्ता को फँसाना
19. एमआरपी से अधिक कीमत लेना क्या है?
(क) वैध
(ख) सामान्य
(ग) अधिकारों का हनन
(घ) छूट
उत्तर- (ग) अधिकारों का हनन
20. ₹1 करोड़ से अधिक की शिकायत कहाँ की जाती है?
(क) जिला आयोग
(ख) राज्य आयोग
(ग) राष्ट्रीय आयोग
(घ) सर्वोच्च न्यायालय
उत्तर– (ग) राष्ट्रीय आयोग
PSEB Class 9 Hindi कैसे बचें उपभोक्ता धोखाधड़ी से प्रश्न और उत्तर (Extra Question Answers)
1.उपभोक्ता को कौन-कौन से अधिकार प्राप्त हैं?
उत्तर– उपभोक्ता को सुरक्षा, सही जानकारी, उत्पाद चुनने, शिकायत करने और उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार प्राप्त है।
2. उपभोक्ता संरक्षण कानून क्यों बनाया गया?
उत्तर– उपभोक्ता संरक्षण कानून उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करने के लिए बनाया गया है। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को ठगी, धोखाधड़ी, गलत जानकारी और खराब सेवाओं से बचाना तथा उन्हें न्याय दिलाना है।
3. उपभोक्ता को जागरूक और संगठित होने की आवश्यकता क्यों है?
उत्तर- क्योंकि जागरूक और संगठित होकर ही उपभोक्ता अपने अधिकारों की रक्षा कर सकता है।
4. शिकायत में क्या-क्या जानकारी दी जाती है?
उत्तर– शिकायत में शिकायतकर्ता और विपक्ष का नाम व पता दिया जाता है। इसके साथ घटना का पूरा विवरण, आरोपों से संबंधित आवश्यक दस्तावेज़, मांगी गई राहत या हरजाने का उल्लेख तथा शिकायतकर्ता के हस्ताक्षर भी शामिल होते हैं।
5. उपभोक्ता धोखाधड़ी से क्या तात्पर्य है?
उत्तर- जब ग्राहक को गलत, घटिया या भ्रामक जानकारी देकर नुकसान पहुँचाया जाता है, उसे उपभोक्ता धोखाधड़ी कहते हैं।
6. उपभोक्ता को जागरूक क्यों होना चाहिए?
उत्तर- उपभोक्ता को जागरूक इसलिए होना चाहिए ताकि वह अपने अधिकारों को भली-भाँति समझ सके। जागरूक उपभोक्ता धोखाधड़ी, गलत सेवाओं और भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ आवाज़ उठा सकता है और समय पर शिकायत दर्ज कर न्याय प्राप्त कर सकता है।
7. बिल न लेने से क्या नुकसान होता है?
उत्तर- बिल न लेने से उपभोक्ता के पास खरीदी गई वस्तु या सेवा का कोई प्रमाण नहीं रहता। ऐसी स्थिति में यदि ठगी या खराब सामान की शिकायत करनी हो, तो उपभोक्ता अपना दावा सही तरीके से साबित नहीं कर पाता।
8. ऑनलाइन शिकायत का लाभ क्या है?
उत्तर– ऑनलाइन शिकायत से उपभोक्ता घर बैठे ही आसानी से अपनी समस्या दर्ज कर सकता है। इससे शिकायत पर जल्दी कार्यवाही होती है और ई-मेल या संदेश के माध्यम से पूरी प्रक्रिया की जानकारी लगातार मिलती रहती है।
9. उपभोक्ता संगठन का क्या कार्य है?
उत्तर– उपभोक्ता संगठन उपभोक्ताओं की ओर से शिकायत दर्ज करते हैं और उनके अधिकारों की रक्षा करते हैं। वे लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करते हैं और न्याय दिलाने में सहायता भी करते हैं।
10. इस पाठ का मुख्य संदेश क्या है?
उत्तर- इस पाठ का मुख्य संदेश यह है कि उपभोक्ता को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक, सतर्क और संगठित रहना चाहिए। जागरूकता और सावधानी अपनाकर ही उपभोक्ता धोखाधड़ी से बच सकता है और अपने अधिकारों की प्रभावी रूप से रक्षा कर सकता है।