PSEB Class 9 Hindi Chapter 13 Himmat Aur Zindagi (हिम्मत और जिंदगी) Question Answers (Important)
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- Himmat Aur Zindagi Textbook Questions
- Himmat Aur Zindagi Extract Based Questions
- Himmat Aur Zindagi Multiple Choice Questions
- Himmat Aur Zindagi Extra Question Answers
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PSEB Class 9 Chapter 13 Himmat Aur Zindagi Textbook Questions
(क) विषय-बोध
1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक या दो पंक्तियों में दीजिए-
प्रश्न 1 – सुख का स्वाद किन लोगों को अधिक प्राप्त है ?
उत्तर – जो लोग सुख का मूल्य पहले चुकाते हैं, सुख का स्वाद उन लोगों को अधिक प्राप्त होता है।
प्रश्न 2 – लेखक के अनुसार किन लोगों के लिए आराम ही मौत है ?
उत्तर – जिन्हें आराम आसानी से मिल जाता है, उन लोगों के लिए आराम ही मौत है।
प्रश्न 3 – ‘त्यक्तेन भुंजीथाः’ का क्या अर्थ है ?
उत्तर – जीवन का भोग त्याग के साथ करो।
प्रश्न 4 – अकबर ने कितने वर्ष की उम्र में अपने पिता के दुश्मन को हराया था ?
उत्तर – अकबर ने तेरह वर्ष की उम्र में अपने पिता के दुश्मन को हराया था।
प्रश्न 5 – महाभारत का युद्ध किन-किन के मध्य हुआ था ?
उत्तर – महाभारत का युद्ध कौरवों और पाण्डवों के मध्य हुआ था।
प्रश्न 6 – महाभारत के युद्ध में पाण्डवों की जीत का क्या कारण था ?
उत्तर – महाभारत के युद्ध में पाण्डवों की जीत इसलिए हुई क्योंकि उन्होंने लाक्षाग्रह की मुसीबत और वनवास का संकट झेला था।
प्रश्न 7 – साहसी व्यक्ति की पहली पहचान क्या है ?
उत्तर – साहसी व्यक्ति की पहली पहचान यह है कि साहसी व्यक्ति तमाशा देखने वालों की चिंता नहीं करता। और वह उन सपनों में भी रस लेता है जिनके कोई व्यावहारिक अर्थ नहीं होते।
प्रश्न 8 – लेखक के अनुसार साधारण जीव कौन-से लोग हैं ?
उत्तर – लेखक के अनुसार जो आस-पड़ोस को देखकर चलते हैं और अपनी चाल समाज के अनुसार रखते हैं, वे साधारण जीव होते हैं।
प्रश्न 9 – लेखक ने किन्हें क्राँति करने वाले लोग कहा है ?
उत्तर – जो लोग अपने उद्देश्य की तुलना पड़ोसी के उद्देश्य से नहीं करते, लेखक ने उन्हें ही क्राँति करने वाले लोग कहा है।
2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर तीन या चार पंक्तियों में दीजिए-
प्रश्न 1 – लेखक के अनुसार नींद तथा भोजन का वास्तविक आनन्द किन्हें मिलता है ?
उत्तर – लेखक के अनुसार नींद का वास्तविक आनंद उन्हें मिलता है जो दिनभर धूप में थक कर वापस लौटता है तथा भोजन का आनंद उन्हें मिलता है जो कुछ दिन बिना खाये भी रह सकता है।
प्रश्न 2 – जीवन में असफलताएँ मिलने पर भी साहसी मनुष्य क्या करता है ?
उत्तर – जीवन में असफलताएँ मिलने पर भी साहसी मनुष्य घबराता नहीं और कठिनाइयों का साहस के साथ मुकाबला करता है तथा जीवन में आगे ही आगे बढ़ता रहता है।
प्रश्न 3 – महान् निश्चय व बड़े मौके पर कायरता दिखाने वाले व्यक्ति का जीवन कैसा होता है ?
उत्तर – जो व्यक्ति महान् निश्चय और किसी बड़े मौके पर कायरता दिखाता है, वह कभी भी सुखी नहीं रहता। क्योंकि उसकी आत्मा उसे हर समय तिरस्कृत करती रहती है।
प्रश्न 4 – जिंदगी में जोखिम से बचने के कारण क्या हानि होती है ?
उत्तर – जिंदगी में जोखिम से बचने के कारण व्यक्ति अपने ही जीवन के व्यर्थ फ़ेरों के बीच कैद हो जाता है। और उसे जिंदगी का कोई मज़ा नहीं मिलता।
3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर छह या सात पंक्तियों में दीजिए-
प्रश्न 1 – साहसी व्यक्ति के कोई पाँच गुण लिखिए।
उत्तर – साहसी व्यक्ति के गुण निम्नलिखित हैं –
(1) साहसी व्यक्ति इस बात की चिंता नहीं करता कि तमाशा देखने वाले उसके बारे में क्या सोच रहे हैं।
(2) साहसी व्यक्ति उन सपनों में भी रस लेता है जिनका कोई व्यावहारिक अर्थ नहीं होता।
(3) साहसी व्यक्ति कभी भी सपने उधार नहीं लेता।
(4) साहसी व्यक्ति सदा शेर की तरह अकेला ही अपनी राह पर चलता है।
(5) साहसी व्यक्ति कठिनाइयों से नहीं डरता।
प्रश्न 2 – निम्नलिखित पंक्तियों की व्याख्या कीजिए –
(i) जो लोग पाँव भीगने के ख़ौफ़ से पानी से बचते रहते हैं, समुद्र में डूब जाने का खतरा उन्हीं के लिए है। लहरों में तैरने का जिन्हें अभ्यास है वे मोती लेकर बाहर आयेंगे।
व्याख्या – लेखक कहता है कि इस संसार में जिन लोगों को अपने पांव भीगने का डर होता है उन्हें ही समुद्र में डूबने का खतरा होता है अर्थात् जो लोग कठिन परिस्थितियों को देखकर डर जाते हैं और उनसे संघर्ष नहीं करते वे जीवन में कभी भी सफल नहीं होते। क्योंकि लहरों में तैरने की जिन्हें आदत है, वे मोती लेकर ही बाहर आएंगे। अर्थात जो कठिनाइयों के डर से पीछे रहते हैं वे कभी सफलता प्राप्त नहीं कर सकते और जो लोग कठिनाइयों का सामना करते हैं उन्हें सफलता अवश्य मिलती है।
(ii) अगर रास्ता आगे ही आगे निकल रहा हो तो फिर असली मज़ा तो पाँव बढ़ाते जाने में ही हो है।
व्याख्या – उपरोक्त पंक्ति में लेखक आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा देता है कि जब जीवन आगे ही बढ़ता रहता है और यदि जीवन में आगे की तरफ कोई रास्ता निकलता हो तो हमें भी जीवन की तरह आगे बढ़ते जाना चाहिए। उस रास्ते पर आगे बढ़ने से ही असली आनंद प्राप्त होगा।
(iii) अरे ओ जीवन के साधको! अगर किनारे की मरी हुई सीपियों में ही तुम्हें संतोष हो जाए तो समुद्र के अंतराल में छिपे हुए मौक्तिक-कोष को कौन बाहर लाएगा ?
व्याख्या – लेखक जीवन की साधना करने वालों से यह भी कहते हैं अगर वे जीवन रूपी किनारे की छोटी-छोटी सफलता रूपी मरी हुई सपियों में ही ख़ुश हो जाएंगें तो जीवन रूपी समुद्र के बीच में छिपे हुए मोती के खाजने रूपी सफलता को कौन बाहर लाएगा। भाव यह है कि लेखक हमें केवल छोटी सफलताओं से ही संतुष्ट न होने को कहते हैं और बड़ी सफलताओं के लिए लगातार कोशिश करने को कहते हैं।
(iv) कामना का अंचल छोटा मत करो। जिंदगी के फल को दोनों हाथों से दबाकर निचौड़ो, रस की निर्झरी तुम्हारे बहाए भी बह सकती है।
उत्तर – लेखक साधकों को प्रेरणा दे रहा है कि हमें अपनी इच्छाओं के आँचल को छोटा नहीं समझना चाहिए। जिंदगी के फल को हमें अपने दोनों हाथों से दबा कर निचोड़ना चाहिए अर्थात हमें हिम्मत और साहस से कठिनाइयों को पार करना चाहिए, आनंद के झरने या नदियाँ हमारी हिम्मत और साहस के बल पर भी बह सकते है। अर्थात यदि हम हिम्मत और साहस से कठिनाइयों को पार करें तो हम भी जीवन के आनंद को प्राप्त कर सकते हैं।
(ख) भाषा-बोध
1. निम्नलिखित तत्सम शब्दों के तद्भव रूप लिखिए-
| तत्सम | तद्भव | तत्सम | तद्भव |
| पुष्प | ________ | रात्रि | __________ |
| ओष्ठ | ________ | गृह | __________ |
| मृत्यु | ________ | लाक्षा | __________ |
| हस्त | ________ | कर्म | __________ |
उत्तर –
| तत्सम | तद्भव |
| पुष्प | फूल |
| ओष्ठ | होठ |
| मृत्यु | मौत |
| हस्त | हाथ |
| रात्रि | रात |
| गृह | घर |
| लाक्षा | लाख |
| कर्म | काम |
- निम्नलिखित मुहावरों के अर्थ समझकर उन्हें वाक्यों में प्रयुक्त कीजिए-
| मुहावरा | अर्थ | वाक्य |
| दाँव पर लगाना | – कोई वस्तु बाजी पर लगाना | _________________ |
| पाँव बढ़ाना | – चाल तेज़ करना, जल्दी-जल्दी चलना, आगे बढ़ना | _________________ |
उत्तर –
| मुहावरा | अर्थ | वाक्य |
| दाँव पर लगाना | कोई वस्तु बाजी पर लगाना | जुए में युधिष्ठिर ने अपना सब कुछ दाँव पर लगा दिया था। |
| पाँव बढ़ाना | चाल तेज़ करना, जल्दी-जल्दी चलना, आगे बढ़ना | हमें कठिनाइयों का सामना करते हुए सफलता की ओर पाँव बढ़ाना चाहिए। |
3 निम्नलिखित शब्दों को शुद्ध करके लिखिए-
| अशुद्ध – | शुद्ध | अशुद्ध – | शुद्ध |
| रेगीस्तान – | ________ | सवाद – | ________ |
| सन्तुष्ट – | ________ | खुशबुदार – | ________ |
| आतमा – | ________ | संजम – | ________ |
| ज़रुरत – | ________ | चुनोती – | ________ |
| अवाज़ – | ________ | निरझरी – | ________ |
उत्तर –
| अशुद्ध | शुद्ध |
| रेगीस्तान | रेगिस्तान |
| सन्तुष्ट | संतुष्ट |
| आतमा | आत्मा |
| ज़रुरत | ज़रूरत |
| अवाज़ | आवाज़ |
| सवाद | स्वाद |
| खुशबुदार | खुशबूदार |
| संजम | संयम |
| चुनोती | चुनौती |
| निरझरी | निर्झरी |
4. निम्नलिखित वाक्यों में सही विराम चिह्न लगाइए-
1 – झुंड में चरना यह भैंस और भेड़ का काम है
उत्तर – झुंड में चरना, यह भैंस और भेड़ का काम है।
2 – यह आवाज़ उसे बराबर कहती रहती है तुम साहस नहीं दिखा सके तुम कायर की तरह भाग खड़े हुए
उत्तर – यह आवाज़ उसे बराबर कहती रहती है। तुम साहस नहीं दिखा सके। तुम कायर की तरह भाग खड़े हुए।
3 – अरे ओ जीवन के साधको तुम निचली डाल का फल तोड़कर लौटे जा रहे हो तो फिर फुनगी का वह लाल लाल आम किसके वास्ते है
उत्तर – अरे ओ जीवन के साधको ! तुम निचली डाल का फल तोड़कर लौटे जा रहे हो, तो फिर फुनगी का वह लाल आम किसके वास्ते हैं?
PSEB Class 9 Hindi Lesson 13 हिम्मत और जिंदगी सार-आधारित प्रश्न (Extract Based Questions)
1
जिंदगी के असली मज़े उनके लिए नहीं है, जो फूलों के नीचे खेलते और सोते हैं बल्कि फूलों की छाँह के नीचे अगर जीवन का कोई स्वाद छिपा है, तो वह भी उन्हीं के लिए है जो दूर रेगिस्तान से आ रहे हैं, जिनका कंठ सूखा हुआ, होंठ फटे हुए और सारा बदन पसीने से तर है। पानी में जो अमृत वाला तत्त्व है, उसे वह जानता है, जो धूप में खूब सूख चुका है, वह नहीं जो रेगिस्तान के वश में कभी पड़ा ही नहीं है।
सुख देने वाली चीजें पहले भी थीं और अब भी हैं। फर्क यह है कि जो सुखों का मूल्य पहले चुकाते हैं उनके मजे बाद में लेते हैं, उन्हें स्वाद अधिक मिलता है। जिन्हें आराम आसानी से मिल जाता है उनके लिए आराम ही मौत है।
जो लोग पाँव भीगने के ख़ौफ़ से पानी से बचते रहते हैं समुद्र में डूब जाने का खतरा उन्हीं के लिए है। लहरों में तैरने का जिन्हें अभ्यास है, वे मोती लेकर बाहर आएंगे।
प्रश्न 1 – जिंदगी के असली मज़े किसके लिए नहीं है ?
(क) जो सुख-सुविधाओं में रहते हैं
(ख) जो कठिनाइयों में रहते हैं
(ग) जो जोवन को खुल के जीते हैं
(घ) जो मुसीबतों को पार करते हैं
उत्तर – (क) जो सुख-सुविधाओं में रहते हैं
प्रश्न 2 – पानी में जो —————-वाला तत्त्व है, उसे वह जानता है जो धूप में खूब सूख चुका है, वह नहीं जो रेगिस्तान के वश में कभी पड़ा ही नहीं है।
(क) शीतलता
(ख) प्यास
(ग) अमृत
(घ) ठंडक
उत्तर – (ग) अमृत
प्रश्न 3 – पानी में जो अमृत वाला तत्त्व है, उसे कौन नहीं जानता है?
(क) जो रेगिस्तान के वश में कभी पड़ा हो
(ख) जो रेगिस्तान के वश में कभी नहीं पड़ा
(ग) जो हरियाली के वश में रहता हो
(घ) जो शीतलता के वश में कभी पड़ा हो
उत्तर – (ख) जो रेगिस्तान के वश में कभी नहीं पड़ा
प्रश्न 4 – जो सुखों का मूल्य पहले चुकाते हैं उनके मजे बाद में लेते हैं, उन्हें किसका स्वाद अधिक मिलता है?
(क) सुख
(ख) दुःख
(ग) किस्मत
(घ) धन
उत्तर – (क) सुख
प्रश्न 5 – लहरों में तैरने का जिन्हें अभ्यास है, वे ————-लेकर बाहर आएंगे।
(क) मछली
(ख) मोती
(ग) शैवाल
(घ) सिपि
उत्तर – (ख) मोती
2
चांदनी की ताज़गी और शीतलता का आनंद वह मनुष्य लेता है जो दिन भर धूप में थक कर लौटा है, जिसके शरीर को अब तरलाई की ज़रूरत महसूस होती है और जिसका मन यह जानकर सन्तुष्ट है कि दिन भर का समय उसने किसी अच्छे काम में लगाया है।
इसके विपरीत वह आदमी भी है जो दिन भर खिड़कियां बंद करके पंखों के नीचे छुपा हुआ था और अब रात में जिसकी सेज बाहर चाँदनी में लगाई गई है। भ्रम तो शायद उसे भी होता होगा कि वह चाँदनी के मज़े ले रहा है, लेकिन सच पूछिए तो वह खुशबूदार फूलों के रस में दिन-रात सड़ रहा है।
उपवास और संयम, ये आत्महत्या के साधन नहीं हैं। भोजन का असली स्वाद उसी को मिलता है, जो कुछ दिन बिना खाये भी रह सकता है। “त्यक्तेन भुंजीथा: जीवन का भोग त्याग के साथ करो”, यह केवल परमार्थ का ही उपदेश नहीं है, क्योंकि संयम से भोग करने पर जीवन से जो आनद प्राप्त होता है, वह निरा भोगी बन कर भोगने से नहीं मिल पाता।
बड़ी चीजें बड़े संकटों में विकास पाती हैं। बड़ी हस्तियाँ बड़ी मुसीबतों में पल कर कर दिया था, जिसका एकमात्र कारण यह था कि अकबर का जन्म रेगिस्तान में हुआ था और वह भी उस समय जब उसके बाप के पास कस्तूरी के एक नाफे को छोड़ कर और दौलत नहीं थी।
प्रश्न 1 – चांदनी की ताज़गी और शीतलता का आनंद कौन सा मनुष्य लेता है ?
(क) जो दिन भर धूप में थक कर लौटा है
(ख) जिसके शरीर को तरलाई की ज़रूरत महसूस होती है
(ग) जिसका मन यह जानकर सन्तुष्ट है कि दिन भर का समय उसने किसी अच्छे काम में लगाया है
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (घ) उपरोक्त सभी
प्रश्न 2 – किसे भ्रम होता होगा कि वह चाँदनी के मज़े ले रहा है?
(क) वह आदमी भी है जो दिन भर खिड़कियां बंद करके पंखों के नीचे छुपा हुआ था
(ख) वह आदमी जो दिन भर खिड़कियां बंद करके पंखों के नीचे छुपा हुआ था और अब रात में जिसकी सेज बाहर चाँदनी में लगाई गई है
(ग) वह आदमी भी है जिसकी सेज बाहर चाँदनी में लगाई गई है
(घ) केवल (क)
उत्तर – (ख) वह आदमी जो दिन भर खिड़कियां बंद करके पंखों के नीचे छुपा हुआ था और अब रात में जिसकी सेज बाहर चाँदनी में लगाई गई है
प्रश्न 3 – आत्महत्या के साधन क्या नहीं हैं?
(क) उपवास
(ख) संयम
(ग) केवल (क)
(घ) (क) और (ख) दोनों
उत्तर – (घ) (क) और (ख) दोनों
प्रश्न 4 – भोजन का असली स्वाद किसे मिलता है?
(क) जो कुछ दिन बिना खाये भी रह सकता है
(ख) जो कुछ दिन बिना खाये नहीं रह सकता
(ग) जो स्वयं भोजन पका सकता है
(घ) जो दूसरों की मेहनत को समझ सकता है
उत्तर – (क) जो कुछ दिन बिना खाये भी रह सकता है
प्रश्न 5 – बड़ी चीजें बड़े संकटों में ——————– पाती हैं।
(क) सुख
(ख) विकास
(ग) दुःख
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (ख) विकास
3
महाभारत में देश के प्रायः अधिकांश वीर कौरवों के पक्ष में थे। मगर फिर भी जीत पांडवों की हुई, क्योंकि उन्होंने लाक्षागृह की मुसीबत झेली थी, वनवास के जोखिम को पार किया था।
श्री विन्स्टन चर्चिल ने कहा है कि जिंदगी का सबसे बड़ा गुण हिम्मत है। आदमी के अन्य सारे गुण उसके हिम्मती होने से ही पैदा होते हैं।
जिंदगी की दो सूरतें हैं। एक तो यह कि आदमी बड़े-बड़े मकसद के लिए कोशिश करे, जगमगाती हुई जीत पर पंजा डालने के लिए हाथ बढ़ाये और अगर असफलतायें कदम-कदम पर जोश की रोशनी के साथ अंधियाली का जाल बुन रही हों, तब भी वह पीछे को पाँव न हटाये।
दूसरी सूरत यह कि वह उन ग़रीब आत्माओं का हमजोली बन जाए, जो न तो बहुत अधिक सुख पाती हैं और न जिन्हें बहुत अधिक दुःख पाने का संयोग है, क्योंकि ये आत्माएं ऐसी गोधूलि में बसती हैं जहाँ न तो जीत हँसती है और न कभी हार के रोने की आवाज़ सुनाई पड़ती है। इस गोधूलि वाली दुनिया के लोग बंधे हुए घाट का पानी पीते हैं, वे जिंदगी के साथ जुआ नहीं खेल सकते और कौन कहता है कि पूरी जिंदगी को दाँव पर लगा देने में कोई आनंद नहीं है?
अगर रास्ता आगे ही आगे निकल रहा हो तो फिर असली मजा तो पाँव बढ़ाते जाने में ही है।
प्रश्न 1 – महाभारत में देश के प्रायः अधिकांश वीर —————के पक्ष में थे।
(क) पांडवों
(ख) कौरवों
(ग) निष्पक्ष
(घ) बराबर
उत्तर – (ख) कौरवों
प्रश्न 2 – जिंदगी का सबसे बड़ा गुण हिम्मत है। किसका कथन है ?
(क) श्री विनसन चर्चिल
(ख) श्री विनटन चर्चिल
(ग) श्री विन्स्टन चर्चिल
(घ) श्री वितन चर्चिल
उत्तर – (ग) श्री विन्स्टन चर्चिल
प्रश्न 3 – जिंदगी की कितनी सूरतें हैं?
(क) एक
(ख) चार
(ग) तीन
(घ) दो
उत्तर – (घ) दो
प्रश्न 4 – अगर असफलतायें कदम-कदम पर जोश की रोशनी के साथ अंधियाली का जाल बुन रही हों, तब क्या करना चाहिए ?
(क) पाँव पीछे नहीं हटाने चाहिए
(ख) पाँव पीछे हटाने चाहिए
(ग) किस्मत पर छोड़ देना चाहिए
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (क) पाँव पीछे नहीं हटाने चाहिए
प्रश्न 5 – अगर रास्ता आगे ही आगे निकल रहा हो तो फिर असली मजा तो ————बढ़ाते जाने में ही है।
(क) हाथ
(ख) पाँव
(ग) मेहनत
(घ) जीवन
उत्तर – (ख) पाँव
4
जिंदगी से, अन्त में हम उतना ही पाते हैं जितनी कि उसमें पूंजी लगाते हैं। यह पूंजी लगाना जिंदगी के संकटों का सामना करना है, उसके उस पन्ने को उलट कर पढ़ना है जिसके सभी अक्षर फूलों से ही नहीं, कुछ अंगारों से भी लिखे गए हैं। जिंदगी का भेद कुछ उसे ही मालूम है जो यह जानकर चलता है कि जिंदगी कहीं भी खत्म न होने वाली चीज़ है।
अरे ओ जीवन के साधको! तुम निचली डाल का फल तोड़कर लौटे जा रहे हो, तो फिर फुनगी पर का वह लाल-लाल आम किसके वास्ते है?
अरे ओ जीवन के साधको! अगर किनारे की मरी हुई सपियों में ही तुम्हें संतोष हो जाए तो समुद्र के अन्तराल में छिपे हुए मौक्तिक-कोष को कौन बाहर लाएगा?
दुनिया में जितने भी मज़े बिखेरे गए हैं, उनमें तुम्हारा भी हिस्सा है। वह चीज़ भी तुम्हारी हो सकती है, जिसे तुम अपनी पहुँच के परे मान कर लौटे जा रहे हो।
कामना का आंचल छोटा मत करो। जिंदगी के फल को दोनों हाथों से दबा कर निचोड़ो, रस की निर्झरी तुम्हारे बहाए भी बह सकती है।
प्रश्न 1 – जिंदगी से, अन्त में हम उतना ही पाते हैं जितनी कि उसमें ————–लगाते हैं।
(क) हिम्मत
(ख) मेहनत
(ग) पूंजी
(घ) संतोष
उत्तर – (ग) पूंजी
प्रश्न 2 – जिंदगी का भेद किसे मालूम है ?
(क) जो यह जानकर चलता है कि जिंदगी कहीं भी खत्म न होने वाली चीज़ है
(ख) जो यह जानकर चलता है कि जिंदगी कहीं भी खत्म हो सकती है
(ग) जो यह जानकर चलता है कि जिंदगी में कभी भी कुछ हो सकता है
(घ) जो यह जानकर चलता है कि जिंदगी में मेहनत आवश्यक है
उत्तर – (क) जो यह जानकर चलता है कि जिंदगी कहीं भी खत्म न होने वाली चीज़ है
प्रश्न 3 – अगर किनारे की मरी हुई सपियों में ही तुम्हें संतोष हो जाए तो समुद्र के ——————- में छिपे हुए मौक्तिक-कोष को कौन बाहर लाएगा?
(क) अन्तराल
(ख) अंदर
(ग) नीचे
(घ) बाहर
उत्तर – (क) अन्तराल
प्रश्न 4 – मौक्तिक-कोष का क्या अर्थ है ?
(क) सीपियों का खजाना
(ख) मछलियों का खजाना
(ग) मोतियों का खजाना
(घ) समुद्र का खजाना
उत्तर – (ग) मोतियों का खजाना
प्रश्न 5 – फुनगी से क्या अभिप्राय है ?
(क) पेड़ की शाखा का मध्य भाग
(ख) पेड़ की शाखा का अग्र भाग
(ग) पेड़ की शाखा का पिछले भाग
(घ) पेड़ की शाखा का निचला भाग
उत्तर – (ख) पेड़ की शाखा का अग्र भाग
PSEB Class 9 Hindi Lesson 13 हिम्मत और जिंदगी बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions)
प्रश्न 1 – कौन-सी जिंदगी सबसे बड़ी होती है ?
(क) साहस के अभाव में
(ख) साहस से भरी
(ग) जनमत पर आधारित
(घ) समाज पर आधारित
उत्तर – (ख) साहस से भरी
प्रश्न 2 – साहसी जिंदगी कैसी होती है ?
(क) समाज पर आधारित
(ख) निडर और बेखौफ
(ग) जनमत पर आधारित
(घ) आलसी और ठंडी
उत्तर – (ख) निडर और बेखौफ
प्रश्न 3 – मनुष्यता को प्रकाश किस आदमी से मिलता है ?
(क) जो आदमी जनमत की सुनता है
(ख) जो पड़ोसी की चाल चलता है
(ग) जो आदमी जनमत की उपेक्षा करके जीता है
(घ) जो समाज की सुनता है
उत्तर – (ग) जो आदमी जनमत की उपेक्षा करके जीता है
प्रश्न 4 – जिंदगी की कितनी सूरतें हैं ?
(क) दो
(ख) चार
(ग) तीन
(घ) एक
उत्तर – (क) दो
प्रश्न 5 – जिंदगी का असली मजा किनके लिए नहीं है ?
(क) जो फूलों के नीचे खेलते हैं
(ख) जो फूलों के नीचे सोते हैं
(ग) केवल (क)
(घ) (क) और (ख) दोनों
उत्तर – (घ) (क) और (ख) दोनों
प्रश्न 6 – ‘हिम्मत और ज़िदगी’ पाठ के लेखक कौन हैं ?
(क) रामधारी सिंह दिनकर
(ख) सुमित्रानन्द पंत
(ग) सूर्यकांत त्रिपाठी निराला
(घ) महादेवी वर्मा
उत्तर – (क) रामधारी सिंह दिनकर
प्रश्न 7 – जिन्हें आराम आसानी से मिल जाता है उनके लिए आराम क्या है ?
(क) हराम
(ख) मौत
(ग) आनंद
(घ) ख़ुशी
उत्तर – (ख) मौत
प्रश्न 8 – समुद्र में से मोती लेकर बाहर कौन आता है ?
(क) जिन्हें किनारो में तैरने का अभ्यास होता है
(ख) जिन्हें समुद्र में तैरने का अभ्यास होता है
(ग) जिन्हें लहरों में तैरने का अभ्यास होता है
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (ग) जिन्हें लहरों में तैरने का अभ्यास होता है
प्रश्न 9 – किसका अंचल छोटा नहीं करना चाहिए ?
(क) जिंदगी
(ख) किस्मत
(ग) मेहनत
(घ) कामना
उत्तर – (घ) कामना
प्रश्न 10 – भैंस और भेड़ का क्या काम है?
(क) घास चरना
(ख) झुंड में चरना
(ग) अकेले रहना
(घ) सोना
उत्तर – (ख) झुंड में चरना
प्रश्न 11 – सिंह बिल्कुल अकेला होने पर ————— नहीं होता।
(क) खुश
(ख) उदास
(ग) प्रोत्साहित
(घ) शांत
उत्तर – (ख) उदास
प्रश्न 12 – साहसी मनुष्य क्या उधार नहीं लेता?
(क) काम
(ख) किस्मत
(ग) धन
(घ) सपने
उत्तर – (घ) सपने
प्रश्न 13 – बड़ी चीजें बड़े संकटों में क्या पाती हैं?
(क) विकास
(ख) धन
(ग) मुसीबत
(घ) पतन
उत्तर – (क) विकास
प्रश्न 14 – उपवास और संयम ये किसके के साधन नहीं हैं?
(क) परिश्रम
(ख) आत्महत्या
(ग) आम व्यक्ति
(घ) साधारणजन
उत्तर – (ख) आत्महत्या
प्रश्न 15 – जिन्दगी को ठीक से जीना हमेशा ही ————— झेलना है।
(क) जोखिम
(ख) ख़ुशी
(ग) दुःख
(घ) किस्मत
उत्तर – (क) जोखिम
प्रश्न 16 – “ज़िन्दगी का सबसे बड़ा गुण हिम्मत है” यह कथन किसका है ?
(क) अर्नाल्ड बेनेट
(ख) स्टालिन
(ग) अब्राहम लिंकन
(घ) विन्स्टन चर्चिल
उत्तर – (घ) विन्स्टन चर्चिल
प्रश्न 17 – महाभारत में देश के प्रायः अधिकांश वीर किनके पक्ष में थे ?
(क) पाँडवों
(ख) कौरवों
(ग) निष्पक्ष
(घ) बराबर
उत्तर – (ख) कौरवों
प्रश्न 18 – क्रांति करने वाले किस चाल से चलते हैं ?
(क) पड़ोसी की
(ख) मेहनत की
(ग) अपनी
(घ) समाज की
उत्तर – (ग) अपनी
प्रश्न 19 – चाँदनी की ताज़गी और शीतलता का आनन्द कैसा मनुष्य लेता है ?
(क) निर्धन
(ख) सुस्त
(ग) चालाक
(घ) परिश्रमी
उत्तर – (घ) परिश्रमी
प्रश्न 20 – चाँदनी की ताज़गी और शीतलता का आनन्द ——————-मनुष्य लेता है।
(क) परिश्रमी
(ख) धुप में बैठा
(ग) चालाक
(घ) घर के अंदर बैठा
उत्तर – (क) परिश्रमी
PSEB Class 9 Hindi हिम्मत और जिंदगी प्रश्न और उत्तर (Extra Question Answers)
प्रश्न 1 – जिंदगी को कौन लोग अच्छे से नहीं जान सकते और कौन अच्छे से जान पाते हैं ?
उत्तर – जिंदगी को अच्छे से वे लोग नहीं जान सकते, जो केवल सुखों या सुख सुविधाओं ने पलते हैं। बल्कि सुख-सुविधाओं में भी अगर जीवन का कोई सुख छिपा है, तो वह भी उन्हीं के लिए है या उन्हीं को उस सुख का अनुभव हो पाता है जो दूर रेगिस्तान से आ रहे हैं, अर्थात जो कठिनाइयों का सामना करके आ रहे हो , जिनका गला सूखा हुआ हो, होंठ फटे हुए और सारा शरीर पसीने से भीगा हुआ हो। पानी में जो अमृत वाला तत्त्व है, उसे वह जानता है, जो धूप में खूब सूख चुका है, वह कभी पानी का महत्व नहीं जान सकता, जिसने रेगिस्तान में कभी सफ़र न किया हो ।
प्रश्न 2 – सफलता किसे मिलती है?
उत्तर – जो लोग पाँव भीगने के डर से पानी से बचते रहते हैं उन्हें समुद्र में डूब जाने का खतरा होता है। क्योंकि लहरों में तैरने की जिन्हें आदत है, वे मोती लेकर ही बाहर आएंगे। अर्थात जो कठिनाइयों के डर से पीछे रहते हैं वे कभी सफलता प्राप्त नहीं कर सकते और जो लोग कठिनाइयों का सामना करते हैं उन्हें सफलता अवश्य मिलती है।
प्रश्न 3 – व्रत और नियंत्रण, ये खुद को ख़त्म करने का जरिया नहीं हैं। स्पष्ट कीजिए ?
उत्तर – व्रत और नियंत्रण, ये खुद को ख़त्म करने का जरिया नहीं हैं। बल्कि भोजन का असली स्वाद उसी को मिलता है, जो कुछ दिन बिना खाये भी रह सकता है। कहा भी गया है “त्यक्तेन भुंजीथा:” अर्थात “जीवन का भोग त्याग के साथ करो”, यह केवल दूसरों का भला करने के लिए दिया गया निर्देश नहीं है, क्योंकि नियंत्रण रख कर भोग करने पर जीवन से जो आनद प्राप्त होता है, वह केवल सुख भोगने वाला बन कर भोगने से नहीं मिल पाता। अर्थात यदि जीवन का आनंद लेना है तो नियंत्रण करना सीखना होगा।
प्रश्न 4 – जिंदगी की कितनी स्थितियाँ हैं ? पाठ के आधार पर लिखिए ?
उत्तर – जिंदगी की दो स्थितियाँ होती हैं। एक तो यह कि आदमी बड़े-बड़े उद्देश्यों के लिए कोशिश करे, जगमगाती हुई जीत को हासिल करने के लिए हाथ बढ़ाये और अगर असफलतायें कदम-कदम पर उसके हौंसले की रोशनी के साथ अँधेरे या असफलता का जाल बुन रही हों, तब भी वह अपने पाँव पीछे न हटाये।
दूसरी स्थिति यह है कि व्यक्ति उन ग़रीब आत्माओं का साथी बन जाए, जो अपने जीवन में न तो बहुत अधिक सुख प्राप्त करती हैं और न उन्हें बहुत अधिक दुःख से कोई सम्बन्ध होता है, क्योंकि ये आत्माएं ऐसी शाम में बसती हैं जहाँ न तो जीत हँसती है और न कभी हार के रोने की आवाज़ सुनाई पड़ती है। अर्थात वे लोग जो मुसीबतों का सामना करने से डरते हैं और ऐसे ही जीवन जी रहे हैं, उन्हें जीवन का असली आनंद देने की कोशिश करना भी व्यक्ति की जिंदगी का उद्देश्य हो सकता है। क्योंकि ऐसी शाम वाली दुनिया के लोग बंधे हुए घाट का पानी पीते हैं अर्थात बस बिना जोखिम उठाए जीवन जीते हैं, वे जिंदगी के साथ जुआ नहीं खेल सकते अर्थात कोई कठिन फैसला नहीं ले सकते और कौन कहता है कि पूरी जिंदगी को दाँव पर लगा देने में कोई आनंद नहीं है? क्योंकि अगर रास्ता आगे ही आगे निकल रहा हो तो फिर असली मजा तो पाँव बढ़ाते जाने में ही है। एक जगह ठहर कर जीवन का आनंद नहीं लिया जा सकता।
प्रश्न 5 – लेखक के अनुसार साहसी व्यक्ति की क्या पहचान है?
उत्तर – साहसी व् हिम्मती व्यक्ति की पहली पहचान है कि वह इस बात की चिन्ता नहीं करता कि तमाशा देखने वाले लोग या समाज के लोग उसके बारे में क्या सोच रहे हैं। जो व्यक्ति समाज की चिंता नहीं करता वह दुनिया की असली ताकत होता है। साहसी मनुष्य उन सपनों में भी आनंद खोज लेता है, जिन सपनों का कोई व्यवहारिक उद्देश्य भी नहीं होते। साहसी व्यक्ति कभी किसी के बल पर अपने सपने नहीं बुनता, वह अपने सपने अपने दम पर पूरा करने का प्रयास करता है। जिस प्रकार झुंड में चरना भैंस और भेड़ का काम है। सिंह तो बिल्कुल अकेला होने पर भी मग्न रहता है। अर्थात साधारण लोग सभी के साथ चलते हैं वे अकेले चलने का जोखिम नहीं उठाते परन्तु साहसी लोग अकेले चलना ही पसंद करते हैं।
प्रश्न 6 – जो व्यक्ति यह महसूस करता है कि किसी महान् निर्णय लेने के समय वह साहस से काम नहीं ले पाया था, वह कैसा महसूस करता है ?
उत्तर – जो व्यक्ति यह महसूस करता है कि किसी महान् निर्णय लेने के समय वह साहस से काम नहीं ले पाया था, जिंदगी की चुनौती को स्वीकार नहीं कर सका था, वह व्यक्ति कभी सुखी नहीं रह सकता। क्योंकि बड़े मौके पर साहस न दिखाने वाला व्यक्ति हमेशा अपनी आत्मा के भीतर एक आवाज को सुनता रहता है। एक ऐसी आवाज़ जिसे वही सुन सकता है और जिसे वह रोक भी नहीं सकता। यह आवाज़ उसे हमेशा कहती रहती है कि वह साहस नहीं दिखा सका, वह कायर की तरह भाग खड़ा हुए।
प्रश्न 7 – लेखक किस तरह साधकों को प्रेरित करते हैं ?
उत्तर – लेखक जीवन की साधना करने वालों से कहते हैं कि वे जीवन रूपी वृक्ष की निचली डाल का फल तोड़कर लौट रहे है, तो फिर जो लाल-लाल आम का फल या सफलता पेड़ की शाखा के अग्र भाग पर है वह जीवन रूपु वृक्ष ने किसके लिए रखा है। अगर वे जीवन रूपी किनारे की छोटी-छोटी सफलता रूपी मरी हुई सपियों में ही ख़ुश हो जाएंगें तो जीवन रूपी समुद्र के बीच में छिपे हुए मोती के खाजने रूपी सफलता को कौन बाहर लाएगा। हमें अपनी इच्छाओं के आँचल को छोटा नहीं समझना चाहिए। जिंदगी के फल को हमें अपने दोनों हाथों से दबा कर निचोड़ना चाहिए अर्थात हमें हिम्मत और साहस से कठिनाइयों को पार करना चाहिए, आनंद के झरने या नदियाँ हमारी हिम्मत और साहस के बल पर भी बह सकते है। अर्थात यदि हम हिम्मत और साहस से कठिनाइयों को पार करें तो हम भी जीवन के आनंद को प्राप्त कर सकते हैं।