लेखक, आशुतोष, लेखक की पत्नी और आशुतोष की माँ का चरित्र चित्रण  | Character Sketch of the Author, Ashutosh, the Author’s Wife and Ashutosh’s Mother from PSEB Class 9 Hindi Book Chapter 8 Pajeb

 

 

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लेखक का चरित्र-चित्रण (Character Sketch of the Author)

  1. भावुक और समझदार व्यक्ति- लेखक एक भावुक और सोचने-समझने वाला व्यक्ति है। वह बच्चों के मनोविज्ञान को समझने का प्रयास करता है और यह मानता है कि बच्चों से प्रेम और सहानुभूति के साथ व्यवहार करना चाहिए। वह स्वयं सोचता है कि अपराध के प्रति क्रोध नहीं, बल्कि करुणा होनी चाहिए और डर से बच्चे सुधरते नहीं हैं।
  2. स्नेही लेकिन अधिकार जताने वाला पिता- लेखक अपने पुत्र आशुतोष से बहुत प्रेम करता है। सच बोलने पर वह उसे गोद में उठाता है, उसकी प्रशंसा करता है और उसे ‘राजा बेटा’ कहता है। किंतु पिता होने के नाते वह अपने अधिकार का प्रयोग भी करता है और अनुशासन बनाए रखने के लिए कठोरता दिखाता है।
  3. शक करने वाला और क्रोधी- पाजेब खोने की घटना के बाद लेखक संदेह के घेरे में आ जाता है। वह बार-बार आशुतोष से पूछताछ करता है और जब स्पष्ट उत्तर नहीं मिलता तो क्रोधित हो जाता है। गुस्से में आकर वह बच्चे को डाँटता है, मारता है और कोठरी में बंद कर देता है। इससे उसका क्रोधी और अधीर स्वभाव सामने आता है।
  4. परेशान रहने वाला व्यक्ति- लेखक के भीतर निरंतर द्वंद्व चलता रहता है। एक ओर वह जानता है कि गुस्सा गलत है, दूसरी ओर वह उसी गुस्से का शिकार हो जाता है। वह स्वयं स्वीकार करता है कि उसका व्यवहार ठीक नहीं है, फिर भी परिस्थितियों में उलझकर वही करता है, जो उसे नहीं करना चाहिए।
  5. अपनी गलती समझने वाला और पश्चातापी- कहानी के अंत में जब यह स्पष्ट हो जाता है कि पाजेब चोरी हुई ही नहीं थी, तब लेखक को अपने व्यवहार पर गहरी ग्लानि होती है। वह समझ जाता है कि उसकी जल्दबाज़ी और संदेह ने बच्चे के मन को चोट पहुँचाई है। 

 

लेखक के चरित्र सम्बंधित प्रश्न (Questions related to the Character of the Author)

Q1. लेखक अधिकार जताने वाले  पिता कैसे साबित हुए ?
Q2. लेखक के चरित्र की मुख्य बातों को उजागर कीजिये। 

 

आशुतोष का चरित्र-चित्रण (Character Sketch of Ashutosh)

  1. मासूम और सरल बालक- आशुतोष एक छोटा, भोला और मासूम बच्चा है। पूरी कहानी आशुतोष पर आधारित है। वह किसी प्रकार की चालाकी या बुराई नहीं जानता। उसकी हरकतें स्वाभाविक बाल-स्वभाव को बताती हैं।
  2. डरपोक और संकोची स्वभाव- आशुतोष बड़ों की डाँट और कठोर व्यवहार से बहुत जल्दी डर जाता है। डर के कारण वह घबरा जाता है और उसकी बोलने की शक्ति जैसे रुक जाती है। कई बार वह सच जानता होता है, फिर भी भय और मानसिक दबाव के कारण उसे ठीक तरह से व्यक्त नहीं कर पाता। यही डर उसकी चुप्पी, उलझन और बार-बार बदलते उत्तरों का कारण बनता है, जिससे स्थिति और अधिक बिगड़ जाती है।
  3. सच्चा लेकिन कमजोर बालमन- आशुतोष स्वभाव से सच्चा बच्चा है और जान-बूझकर झूठ बोलना उसकी आदत नहीं है। वह सही बात कहना चाहता है, लेकिन बड़ों के दबाव, डाँट और डर के कारण उसका मन घबरा जाता है। घबराहट में वह ठीक से सोच नहीं पाता और उसके उत्तर बार-बार बदल जाते हैं। इसी मानसिक कमजोरी और भय के कारण उसकी सच्चाई भी संदेह के घेरे में आ जाती है, जिससे बड़ों को भ्रम होने लगता है और स्थिति और अधिक जटिल हो जाती है।
  4. भावुक स्वभाव- आशुतोष मन से अत्यंत कोमल और भावुक बच्चा है। बड़ों के कठोर शब्द, मार-डाँट और अपमान उसे भीतर से गहराई तक दुःख देते हैं। वह अपने दुःख को शब्दों में बता नहीं पाता और न ही खुलकर रो सकता है। उसके मन में पीड़ा चुपचाप जमा होती रहती है, जिससे वह और अधिक सहमा हुआ और मौन हो जाता है। यही संवेदनशीलता उसे कमजोर नहीं, बल्कि एक भोला और निष्कपट बनाती है।
  5. जिद्दी स्वभाव- कभी-कभी आशुतोष जिद करता है और चुप हो जाता है। यह उसकी असली हठ नहीं होती, बल्कि बड़ों के डर, डाँट और मानसिक दबाव का परिणाम होती है। वह अपनी बात साफ़-साफ़ कह नहीं पाता, इसलिए मौन और जिद उसके बचाव का साधन बन जाते हैं। यह व्यवहार उसके नासमझ बालमन और असुरक्षा को बताता है।
  6. बड़ों पर विश्वास करने वाला- आशुतोष अपने माता-पिता और बड़ों पर भरोसा करता है, लेकिन बार-बार अपमान और मार के कारण उसका विश्वास डगमगाने लगता है।

 

आशुतोष के चरित्र सम्बंधित प्रश्न (Questions related to the character of Ashutosh)

Q1. आशुतोष के डरपोक होने के कारण क्या मुसीबत आती है ?
Q2. आशुतोष का मन कैसा है?

 

लेखक की पत्नी और आशुतोष की माँ का चरित्र-चित्रण (Character Sketch of the Author’s Wife and Ashutosh’s Mother)

  1. स्नेहमयी और ममतामयी माँ- आशुतोष की माँ अपने बेटे से बहुत प्रेम करती है। वह उसके प्रति कोमल और भावुक है तथा उसे कठोर दंड देने के पक्ष में नहीं है। बच्चे की भावनाओं को समझना उसकी माँ की स्वाभाविक प्रवृत्ति है।
  2. पति के विचारों से प्रभावित- वह कई बार अपने पति की बातों से सहमत दिखाई देती है। पति के निर्णयों का विरोध खुलकर नहीं करती, बल्कि चुपचाप या सीमित शब्दों में अपनी राय रखती है। इससे उसका सरल और सहयोगी स्वभाव प्रकट होता है।
  3. प्रेम से सच निकलवाने वाली- जब लेखक दफ्तर चला जाता है, तब वह आशुतोष से प्यार और धैर्य के साथ बात करती है। डराने या धमकाने के बजाय स्नेह से पूछने पर बच्चा सब कुछ सच बता देता है। इससे स्पष्ट होता है कि वह बाल-मनोविज्ञान को अच्छी तरह समझती है।
  4. भावुक लेकिन व्यावहारिक- आशुतोष की माँ स्वभाव से भावुक है, पर वह केवल भावनाओं में बहने वाली नहीं है। वह बच्चे की गलती को समझने की कोशिश करती है और समस्या का हल ढूँढ़ने पर ज़ोर देती है। पाजेब की घटना में वह झगड़ा बढ़ाने के बजाय शांति बनाए रखना चाहती है और प्रेम से सच जानने का प्रयास करती है। उसका यह व्यवहार घर के वातावरण को संभालने और बच्चे के मन पर सकारात्मक प्रभाव डालने वाला है।
  5. आदर्श माँ का रूप- कहानी में आशुतोष की माँ एक आदर्श माँ के रूप में सामने आती है, जो प्रेम, धैर्य और समझदारी से बच्चे की समस्या सुलझाती है। लेखक की तुलना में उसका व्यवहार अधिक संतुलित और प्रभावी सिद्ध होता है।

 

लेखक की पत्नी और आशुतोष की माँ के चरित्र सम्बंधित प्रश्न (Questions related to the character of the Author’s Wife and Ashutosh’s Mother)

Q1. आशुतोष की माँ एक आदर्श माँ कैसे बानी ?
Q2. लेखक की पत्नी के चरित्र के बारे में लिखिए।