Maharashtra State Board of Secondary and Higher Secondary Education Class 10 Hindi Chapter 1 Ud Chal, Haril (उड़ चल, हारिल) Question Answers (Important)
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- Ud Chal, Haril Textbook Questions
- Ud Chal, Haril Extract Based Questions
- Ud Chal, Haril Multiple Choice Questions
- Ud Chal, Haril Extra Question Answers
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Maharashtra State Board Class 10 Chapter 1 Ud Chal, Haril Textbook Questions
अभ्यास
स्वाध्याय
* सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए :-
(१) संजाल पूर्ण कीजिए:

(२) कृति पूर्ण कीजिए:

(३) उचित जोड़ियाँ ढूँढ़कर लिखिए:
| अ | आ |
| १. प्राण | _ _ _ _ _ _ |
| २. _ _ _ _ _ _ | पंख |
| ३. उषा | _ _ _ _ _ _ |
| ४. _ _ _ _ _ | पावन धूली |
उत्तर –
| अ | आ |
| १. प्राण | स्पंदन |
| २. अनथक | पंख |
| ३. उषा | प्राची |
| ४. तिनका | पावन धूली |
(४) चार ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर निम्न शब्द हों :
| प्राची: | _________________________ |
| उपहास : | _________________________ |
| अमरता : | _________________________ |
| हलचल : | _________________________ |
उत्तर –
| प्राची: | सूरज किस दिशा से उगता है ? |
| उपहास : | लज्जित शब्द का पर्यायवाची शब्द क्या है ? |
| अमरता : | हारिल के हाथों का तिनका किसका साधन है ? |
| हलचल : | हारिल अपने पंखों से आकाश में क्या मचा देगा ? |
(५) पद्य में प्रयुक्त प्रेरणादायी पंक्तियाँ लिखिए।
उत्तर –
मिट्टी निश्चय है यथार्थ, पर क्या जीवन केवल मिट्टी है ?
तू मिट्टी पर मिट्टी से उठने की इच्छा किसने दी है ?
आज उसी ऊर्ध्वंग ज्वाल का, तू है दुर्निवार हरकारा
दृढ़ ध्वज दंड बना यह तिनका, सूने पथ का एक सहारा !
(६) कविता की अंतिम दो पंक्तियों का अर्थ लिखिए ।
उत्तर –
उषा जाग उठी प्राची में, आवाहन यह नूतन दिन का
उड़ चल हारिल लिए हाथ में, एक अकेला पावन तिनका !
कवि हारिल पक्षी से कहता है कि पूर्व दिशा में सुबह जाग गई है और नाय दिन तुम्हें पुकार रहा है। इसलिए हे हारिल पक्षी अपने हाथ में उस अकेले पवित्र तिनके को ले कर अब अड़ चल। कहने का आशय यह है कि कवि नवयुवको से कहता है कि तुम्हारे जीवन में नई उम्मीद नई किरण जाग गई है और यह नए लक्ष्य की ओर संकेत है। इसलिए अपने छोटे से साधन के सहारे ही मेहनत करते हुए अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बढ़ते रहो।
(७) निम्न मुद्दों के आधार पर पद्य विश्लेषण कीजिए:
१. रचनाकार का नाम
२. रचना का प्रकार
३. पसंदीदा पंक्ति
४. पसंद होने का कारण
५. रचना से प्राप्त प्रेरणा
उत्तर –
१. रचनाकार का नाम – सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’
२. रचना का प्रकार – उड़ चल, हारिल
३. पसंदीदा पंक्ति – काँप न, यद्यपि दसों दिशा में, तुझे शून्य नभ घेर रहा है
रुक न यद्यपि उपहास जगत का, तुझको पथ से हेर रहा है !
४. पसंद होने का कारण – किसी भी परिस्थिति का सामना करने व् आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा
५. रचना से प्राप्त प्रेरणा – जीवन के रास्ते में चाहे कितनी भी कठिनाइयां आ जाए हमें उनसे घबराना नहीं चाहिए। जीवन की कठिनाइयों को स्वीकार करते हुए हारिल पक्षी की तरह हमें अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की जी तोड़ मेहनत करनी चाहिए।
उपयोजित लेखन
‘यदि मैं बादल होता……’ विषय पर लगभग सौ शब्दों में निबंध लिखिए।
उत्तर –
‘यदि मैं बादल होता……’ , तो मैं सब जीवों पर दया का भाव रखता। अर्थात मैं सभी स्थानों पर समान रूप से बारिश करता। मैं पहाड़ों, नदियों और खेतों में पानी पहुंचाता। जिन क्षेत्रों में अकाल पड़ा है, नदी, नाले, कुएँ और तालाब सब सुख गए है, वहाँ पानी अवश्य बरसाता। किसानों को खुश करता, क्योंकि यदि किसानों को पर्याप्त पानी मिलेगा, तो वे अच्छी फसलें पैदा करेंगे, वे भी धन-धान्य से संपन्न होंगे तथा देश को भी संपन्न करेंगे।
यदि मैं बादल होता तो मैं आकाश में उड़ता और धरती को छूता। मैं सूरज की तेज़ रोशनी को थोड़ा कम करता ताकि लोग ठंडक महसूस कर सकें। मुझे आकाश में रुई की तरह उड़ता देख बच्चे खुश हो जाते। वास्तव में यदि मैं सच में बादल हो जाऊं तो मेरे लिए बहुत जैव की बात होगी क्योंकि तब मैं किसी का नुक्सान नहीं होने दूंगा और सभी की प्यास बुझाने का प्रयास करूँगा।
Maharashtra State Board Class 10 Hindi Lesson 1 उड़ चल, हारिल सार-आधारित प्रश्न (Extract Based Questions)
निम्नलिखित गद्याँशों को ध्यानपूर्वक पढ़िए व प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
1 –
उड़ चल हारिल लिए हाथ में, यही अकेला ओछा तिनका
उषा जाग उठी प्राची में कैसी बाट, भरोसा किनका !
शक्ति रहे तेरे हाथों में छूट न जाय यह चाह सृजन की
शक्ति रहे तेरे हाथों में, रुक न जाय यह गति जीवन की !
प्रश्न 1 – कवि किसे उड़ने को कह रहा है ?
(क) नवयुवकों को
(ख) हारिल पक्षी को
(ग) उषा को
(घ) तिनके को
उत्तर – (ख) हारिल पक्षी को
प्रश्न 2 – ओछा शब्द का क्या अर्थ है ?
(क) तुच्छ
(ख) ओढ़ना
(ग) छाँव
(घ) अनोखा
उत्तर – (क) तुच्छ
प्रश्न 3 – कवि हारिल माध्यम से किसे प्रेरित करना चाह रहा है ?
(क) खुद को
(ख) नवयुवकों को
(ग) पक्षियों को
(घ) संसार को
उत्तर – (ख) नवयुवकों को
प्रश्न 4 – तिनका किसके लिए प्रयुक्त किया गया है ?
(क) घास
(ख) छोटा टुकड़ा
(ग) साधन
(घ) सुख
उत्तर – (ग) साधन
प्रश्न 5 – पद्यांश में कवि किस इच्छा की बात कर रहा है ?
(क) लक्ष्य प्राप्ति की
(ख) आकाश छूने की
(ग) उड़ने की
(घ) सृजन की
उत्तर – (घ) सृजन की
2 –
ऊपर-ऊपर-ऊपर-ऊपर, बढ़ा चीर चल दिग्मंडल
अनथक पंखों की चोटों से, नभ में एक मचा दे हलचल !
तिनका तेरे हाथों में है, अमर एक रचना का साधन
तिनका तेरे पंजे में है, विधना के प्राणों का स्पंदन !
प्रश्न 1 – दिग्मंडल का क्या अर्थ है ?
(क) दिशाओं का घेरा
(ख) दिशाओं का चक्कर
(ग) दिशाओं का समूह
(घ) दिशाओं का मंडल
उत्तर – (ग) दिशाओं का समूह
प्रश्न 2 – अनथक किसे कहा गया है ?
(क) हारिल को
(ख) हारिल के पंखों को
(ग) नवयुवकों को
(घ) नवयुवकों की सोच को
उत्तर – (ख) हारिल के पंखों को
प्रश्न 3 – कवि द्वारा अपने पंखों की चोटों से हारिल को कहाँ हलचल मचाने को कहा गया है ?
(क) नवयुवकों के जीवन में
(ख) अपने जीवन में
(ग) आकाश में
(घ) धरती पर
उत्तर – (ग) आकाश में(ग) आकाश में
प्रश्न 4 – हारिल के हाथों में जो तिनका है वही उसकी ——————–का माध्यम है।
(क) दिशा
(ख) रचना
(ग) जीवन
(घ) प्रेरणा
उत्तर – (ख) रचना
प्रश्न 5 – भले ही नवयुवकों के पास थोड़े कम साधन हो किन्तु उसके ——————– को जीवित रखने के लिए उतना ही काफी है।
(क) हुनर
(ख) जीवन
(ग) रचना
(घ) प्रेरणा
उत्तर – (क) हुनर
3 –
काँप न, यद्यपि दसों दिशा में, तुझे शून्य नभ घेर रहा है
रुक न यद्यपि उपहास जगत का, तुझको पथ से हेर रहा है !
तू मिट्टी था, किंतु आज मिट्टी को तूने बाँध लिया है
तू था सृष्टि किंतु स्रष्टा का, गुर तूने पहचान लिया है !
प्रश्न 1 – कवि हारिल पक्षी को क्या देखकर डरने से मना करता है ?
(क) दिशाओं को देखकर
(ख) खाली आकाश देख के
(ग) कठिनाइयों को देखकर
(घ) दूसरे पक्षियों को देखकर
उत्तर – (ख) खाली आकाश देख के
प्रश्न 2 – कवि हारिल पक्षी को किस चीज की परवाह किए बिना आगे बढ़ने को कहता है ?
(क) संसार की
(ख) नवयुवको की
(ग) कवि की
(घ) दिशाओं की
उत्तर – (क) संसार की
प्रश्न 3 – कवि पद्यांश में नवयुवकों को किस चीज से सतर्क कर रहा है ?
(क) सफलता के रास्ते में वे अकेले पड़ सकते हैं
(ख) संसार तुम्हारा उनका मजाक बना सकता है
(ग) संसार उन्हें रास्ते से भटकाने का प्रयास भी कर सकता है
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (घ) उपरोक्त सभी
प्रश्न 4 – कवि नवयुवकों को हर परिस्थिति में कैसा रहने को कहता है ?
(क) प्रेरित
(ख) अडिग
(ग) आगे
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (ख) अडिग
प्रश्न 5 – कवि अब नवयुवकों को साधारण व्यक्ति क्यों नहीं मानते ?
(क) क्योंकि उसने अपने गुणों को पहचान लिया है
(ख) क्योंकि वह लगातार आगे बढ़ रहा है
(ग) क्योंकि वह संसार की परवाह नहीं करता
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (क) क्योंकि उसने अपने गुणों को पहचान लिया है
4 –
मिट्टी से जो छीन लिया है, वह तज देना धर्म नहीं है
जीवन साधन की अवहेला, कर्मवीर का कर्म नहीं है !
तिनका पथ की धूल स्वयं तू, है अनंत की पावन धूली
किंतु आज तूने नभ पथ में, क्षण में बद्ध अमरता छूली !
उषा जाग उठी प्राची में, आवाहन यह नूतन दिन का
उड़ चल हारिल लिए हाथ में, एक अकेला पावन तिनका !
प्रश्न 1 – तज का क्या अर्थ है ?
(क) तेज
(ख) छोड़ना
(ग) चलना
(घ) भागना
उत्तर – (ख) छोड़ना
प्रश्न 2 – कवि के अनुसार हारिल का क्या धर्म नहीं है?
(क) मिट्ठी को छोड़ना
(ख) हार मानना
(ग) आगे बढ़ना
(घ) प्रेरित करना
उत्तर – (क) मिट्ठी को छोड़ना
प्रश्न 3 – कर्म करने वाला कभी जीवन के —————–का अपमान नहीं करता।
(क) कामों
(ख) परेशानियों
(ग) कठिन रास्तों
(घ) संसाधनों
उत्तर – (घ) संसाधनों
प्रश्न 4 – एक छोटी सी उम्मीद के सहारे नवयुवक अपने लक्ष्य को प्राप्त कर ————— बना सकते हैं।
(क) मिसाल
(ख) सफलता का रास्ता
(ग) ऊंचाइयों तक पहुँच
(घ) संसार को दिखा
उत्तर – (क) मिसाल
प्रश्न 5 – नवयुवकों के जीवन में नई उम्मीद नई किरण जाग गई है, यह किसकी ओर संकेत है?
(क) नए दिन की
(ख) नए लक्ष्य की
(ग) नए रास्ते की
(घ) नई सफलता की
उत्तर – (ख) नए लक्ष्य की
Maharashtra State Board Class 10 Hindi Lesson 1 उड़ चल, हारिल बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions)
प्रश्न 1 – हारिल के हाथों में क्या है?
(क) एक छोटा सा घास
(ख) एक छोटा सा तिनका
(ग) एक छोटा सा डंडा
(घ) एक छोटा सा साधन
उत्तर – (ख) एक छोटा सा तिनका
प्रश्न 2 – ‘उषा’ किसका प्रतीक है?
(क) नई आशा
(ख) सवेरे
(ग) किसी स्त्री
(घ) संध्या
उत्तर – (क) नई आशा
प्रश्न 3 – कवि ने ‘सुनहले प्राची’ किसे कहा है?
(क) सुनहरे रंग को
(ख) सुनहरी सुबह को
(ग) हारिल के पंखों को
(घ) पूर्व दिशा को
उत्तर – (घ) पूर्व दिशा को
प्रश्न 4 – ‘शून्य नभ’ किसका प्रतिक है?
(क) विपत्ति या अनिश्चितता का
(ख) खालीपन का
(ग) खाली आकाश का
(घ) उम्मीदों का
उत्तर – (क) विपत्ति या अनिश्चितता का
प्रश्न 5 – हारिल पक्षी किसका प्रतीक है?
(क) निरंतर प्रगतिशील या संघर्षशील युवा का
(ख) पक्षियों के समूह का
(ग) सफलता का
(घ) कठिनाइयों का
उत्तर – (क) निरंतर प्रगतिशील या संघर्षशील युवा का
प्रश्न 6 – तिनका —————————————– है, जो हारिल को प्रेरित करता है।
(क) सृजन का साधन
(ख) भाग्य के प्राणों का स्पंदन
(ग) केवल (ख)
(घ) (क) और (ख) दोनों
उत्तर – (घ) (क) और (ख) दोनों
प्रश्न 7 – ‘उड़ चल, हारिल’ कविता के रचयिता कौन हैं?
(क) हरिवंश राय बच्चन
(ख) सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय
(ग) गोस्वामी तुलसी दास
(घ) महादेवी वर्मा
उत्तर – (ख) सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय
प्रश्न 8 – कवि ने हारिल को क्या छोड़ कर उड़ने को कहा है?
(क) पावन धूलि (धरातल)
(ख) पावल नभ (आकाश )
(ग) शून्य नभ (खाली आकाश)
(घ) दसों दिशाओं
उत्तर – (क) पावन धूलि (धरातल)
प्रश्न 9 – ‘अनथक’ पंख का क्या अर्थ है?
(क) थकने वाले
(ख) न थकने वाले
(ग) कभी थकने वाले
(घ) थोड़ा थकने वाले
उत्तर – (ख) न थकने वाले
प्रश्न 10 – कवि हारिल को ——————– से न डरने के लिए कह रहे हैं।
(क) नवयुवकों
(ख) दसों दिशाओं
(ग) खली नभ
(घ) बाधाओं
उत्तर – (घ) बाधाओं
प्रश्न 11 – कविता में हारिल के पंखों को ‘पावन’ क्यों कहा गया है?
(क) क्योंकि हारिल संघर्षपूर्ण जीवन जीता है
(ख) क्योंकि हारिल अपनी मेहनत से (पावन धूलि से) ऊँचाई प्राप्त करता है
(ग) क्योंकि हारिल के पंख पवित्र और कर्मठ माने गए हैं
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (घ) उपरोक्त सभी
प्रश्न 12 – ‘प्राण का स्पंदन’ किसे कहा गया है?
(क़) पंख को
(ख) तिनके को
(ग) आकाश को
(घ) जीवन के उत्साह
उत्तर – (घ) जीवन की उत्साह
प्रश्न 13 – कवि ‘हारिल’ को क्या छोड़कर आगे बढ़ने के लिए कह रहे हैं?
(क) मोह-माया
(ख) पंख
(ग) तिनका
(घ) आकाश
उत्तर – (क) मोह-माया
प्रश्न 14 – हारिल – हरियाल पक्षी किस राज्य का राज्यपक्षी है ?
(क) उड़ीसा
(ख) महाराष्ट्र
(ग) हिमाचल
(घ) पश्चिम बंगाल
उत्तर – (ख) महाराष्ट्र
प्रश्न 15 – कविता में मज़ाक के लिए किस प्रर्यायवाची शब्द का प्रयोग किया गया है?
(क) परिहास
(ख) मसखरी
(ग) ठिठोली
(घ) उपहास
उत्तर – (घ) उपहास
प्रश्न 16 – दुर्निवार का क्या अर्थ है ?
(क) जिसे जल्दी न रोका जा सके
(ख) जिसे जल्दी रोका जा सके
(ग) जिसे जल्दी जाने दिया जा सके
(घ) जिसे जल्दी धोखा दिया जा सके
उत्तर – (क) जिसे जल्दी न रोका जा सके
प्रश्न 17 – कविता में अवहेला का क्या अर्थ है ?
(क) सफलता
(ख) रुकावट
(ग) अनादर
(घ) कठिनाइयां
उत्तर – (ग) अनादर
प्रश्न 18 – ‘भीति’ शब्द का अर्थ क्या है?
(क) हिम्मत
(ख) डर
(ग) जमीन
(घ) तेज
उत्तर – (ख) डर
प्रश्न 19 – ‘उड़ चल, हारिल’ कविता किस प्रकार की कविता है?
(क) हास्य कविता
(ख) प्रेरणादायक
(ग) शांत कविता
(घ) श्रृंगार प्रधान कविता
उत्तर – (ख) प्रेरणादायक
प्रश्न 20 – ‘उड़ चल, हारिल’ कविता का मूल संदेश क्या है?
(क) हार न मानना
(ख) कठिन परिस्थितियों में भी सृजन करते रहना
(ग) अनथक प्रयास करना
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (घ) उपरोक्त सभी
Maharashtra State Board Class 10 Hindi उड़ चल, हारिल प्रश्न और उत्तर (Extra Question Answers)
प्रश्न 1 – कवि हारिल पक्षी के माध्यम से नवयुवकों को किस तरह आगे बढ़ने को प्रेरित करता है?
उत्तर – कवि हारिल नामक पक्षी के माध्यम से देश के नवयुवकों को प्रेरित करते हुए कहता है कि भले ही उनके पास साधन कम हो परन्तु उन्हें हिम्मत के साथ आगे बढ़ते रहना चाहिए। समय रहते खुद पर भरोसा करके कठिनाइयों को पार करने की हिम्मत रखनी चाहिए। जीवन में आगे बढ़ते समय उनमें न तो रचनात्मकता की कमी होनी चाहिए और न ही जीवन की गति में कोई रुकावट आनी चाहिए। अर्थात हर परिस्थिति में आगे बढ़ने की हिम्मत रखनी चाहिए।
प्रश्न 2 – कवि हारिल के पंखों की चोट से आकाश में हलचल मचाने के द्वारा नवयुवकों को क्या प्रेरणा देना चाहते हैं ?
उत्तर – कवि हारिल पक्षी को उड़ते हुए ऊपर-ही-ऊपर बढ़ने और सभी दिशाओं के समूह को चीरते हुआ आगे बढ़ने और कभी न थकने वाले अपने पंखों की चोटों अर्थात आवाजों से पुरे आकाश में हड़बड़ी मचाने को कहते हैं। जिसके द्वारा कवि नवयुवको को प्रेरित करते हुआ कहते है कि उन्हें हर परिस्थिति को पार करते हुए अपने लक्ष्य की और बढ़ते जाना चाहिए। बिना हार माने लगातार मेहनत करते हुए सभी को अचंभित कर देना चाहिए। भले ही उसके पास थोड़े कम साधन हो किन्तु उसके हुनर को जीवित रखने के लिए उतना ही काफी है। एक छोटा सा साधन भी मूलयवान होता है।
प्रश्न 3 – कवि नवयुवको को संसार की किन परिस्थितियों से अवगत करवा रहा है ?
उत्तर – कवि हारिल पक्षी को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने के माध्यम से नवयुवकों से कहना चाहता है कि अपनी सफलता के रास्ते में वे अकेले पड़ सकते हो, संसार उनका मजाक बना सकता है, उन्हें रास्ते से भटकाने का प्रयास भी कर सकता है। परन्तु उन्हें अडिग रहना है क्योंकि वे पहले साधारण व्यक्ति थे परन्तु आज उन्होंने अपने गुणों को पहचान लिया है। और वे अब कुछ नया कर गुजरने का हुनर रखते हैं।
प्रश्न 4 – कवि हारिल, मिट्टी और स्रष्टा के माध्यम से नवयुवकों से क्या कहने का प्रयास कर रहा है ?
उत्तर – कवि हारिल पक्षी से नवयुवकों से कहते हैं कि यह सही है की हम सब मिट्टी से बने हैं लेकिन क्या केवल जीवन मिट्टी होना ही है। हमारी असली पहचान केवल शरीर नहीं बल्कि उससे कहीं अधिक है। हमारे अंदर जो कुछ कर गुजरने की इच्छा है वह कोई साधारण इच्छा नहीं है। आगे बढ़ने की चाह में छोटा सा सहारा भी लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होता है। हम चाहे जितनी तरक्की कर लें अपनी मिट्टी या पहचान को नहीं छोड़ सकते। जीवन को सुखमय बनाने के लिए काम पर विश्वास रखने वाला व्यक्ति कभी जीवन में मिलने वाली सुविधायों का अपमान नहीं करता। क्योंकि उसे अपनी मेहनत पर पूर्ण विश्वास होता है।
प्रश्न 5 – ‘उड़ चल, हारिल’ कविता का भावार्थ स्पष्ट कीजिए।
उत्तर – उड़ चल, हारिल’ कविता प्रेरणा और संघर्ष सिखाती है। कवि हारिल पक्षी को, जो अपने पंजों में तिनका लेकर उड़ता है, संबोधित करते हुए कहते हैं कि भले ही दिशाएं शून्य (खाली) हों और दुनिया उपहास (मजाक) करे, तुम्हें रुकना नहीं है। यह जीवन की चुनौतियों के बीच बिना रुके आगे बढ़ने का संदेश है। मिट्टी से उठकर आकाश की ऊंचाइयों को छूना ही जीवन है। तिनका ही सूने पथ में सहारे के रूप में एक “दृढ़ ध्वज-दंड” है। कविता नवयुवकों को कर्मवीर का संदेश देती है कि जीवन के साधनों की अवहेलना नहीं करनी चाहिए। चाहे कितनी भी कठिनाइयां आएं, निरंतर प्रगति की ओर बढ़ते रहना ही एक कर्मवीर का धर्म है।